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इसराइल के हमले में हेल्मा बाल-बाल बचीं, लेकिन पूरा परिवार मारा गया
- Author, परहम घोबाडी
- पदनाम, वरिष्ठ संवाददाता, बीबीसी फ़ारसी
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
एक टूट चुके अपार्टमेंट की मद्धम रोशनी में, बचावकर्मी टूटे कंक्रीट और मुड़े हुए लोहे के बीच आगे बढ़ते हैं. फिर उन्हें एक छोटा सा शरीर मिलता है.
18 महीने की हेल्मा को मलबे से बाहर निकाला जाता है.
"मैं तुम्हें बाहर निकालूंगा, मेरी प्यारी," एक बचावकर्मी धीरे से कहता है. कुछ ही पलों बाद उसे ज़िंदा बाहर ले जाया जाता है.
जब उत्तरी ईरान के शहर तबरिज़ में एक हवाई हमला उसके घर पर हुआ, तब हेल्मा सो रही थी.
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वह अब भी अपने पायजामे में थी और अपने परिवार के फ्लैट की 10वीं मंज़िल के मलबों के नीचे दब गई थी.
जब तक बचावकर्मी उसके पास पहुंचे, वह अकेली ज़िंदा बची थी. उसके माता-पिता, भाई और बहन, उसका पूरा नज़दीकी परिवार ख़त्म हो चुका था.
अस्पताल में उसके बिस्तर के पास इंटरव्यू देते हुए एक चचेरे भाई ने कहा, "उसकी एक बड़ी बहन और एक भाई था. वे सभी शहीद हो गए और सिर्फ़ हेल्मा बची है. उन्होंने कौन सा गुनाह किया था?"
उसके बचाव की फ़ुटेज जल्दी ही ईरानी मीडिया में वायरल हो गई. अस्पताल की उसकी एक तस्वीर, जिसमें पंख लगाकर एडिट किया गया था वो सड़कों पर बिलबोर्ड पर दिखाई दी.
सेंसरशिप और इंटरनेट बंद होने की वजह से ईरान से बाहर आने वाली जानकारी सीमित है. ऐसे में हेल्मा की कवरेज ने देश में हो रहे हवाई हमलों की एक दुर्लभ झलक पेश की है.
'ईरान की बच्ची'
ईरानी सरकारी मीडिया ने इस हमले का इस्तेमाल उस चीज़ को सामने लाने के लिए किया है जिसे वह "अमेरिकी–ज़ायोनी" आक्रामकता बताता है. और हेल्मा का बचना और उसकी चोट, इस नैरेटिव के केंद्र में है.
उसके परिवार के अंतिम संस्कार में, शोक में डूबे लोगों ने फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए दुख और चुनौती दोनों व्यक्त किए.
एक महिला ने कहा, "अब हम सब हेल्मा की मां हैं." इसके बाद कुछ लोगों ने हेल्मा को "ईरान की बच्ची" बताया. लेकिन उसकी कहानी में उससे इतर भी कुछ है जिसकी चर्चा ईरान में है.
पिता आईआरजीसी के कर्नल
हेल्मा के पिता, हामिद मिर्ज़ादेह, का संबंध देश की सेना से जोड़ा गया है. उनकी क़ब्र की तस्वीरें उन्हें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) का एक कर्नल बताती हैं.
इसराइल के एक थिंक-टैंक 'अल्मा' ने रिपोर्ट किया कि वह ईरान की मिसाइल फ़ोर्स में कमांडर थे. हेल्मा का मामला इस जंग के तरीक़ों और दोनों पक्षों के रवैये पर चल रही बहस को एक मानवीय चेहरा देता है.
अमेरिका और इसराइल कहते हैं कि वे सैनिकों को निशाना बनाते हैं, न कि आम नागरिकों को.
अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के तहत, संघर्ष में शामिल सभी पक्षों को नागरिक ढांचों और सैन्य लक्ष्यों के बीच अंतर करना चाहिए.
ये इसे भी ज़रूरी बनाता है कि दोनों पक्ष, जितना संभव हो, घनी आबादी वाले इलाकों के भीतर या पास सैन्य ठिकाने बनाने से बचें.
लेकिन जब सैन्य ठिकाने अक्सर नागरिक इलाक़ों के भीतर होते हैं और सेना के कमांडर अपने परिवारों के साथ रहते हैं तब इस जंग में बड़ी संख्या में आम नागरिक भी निशाने पर आ जाते हैं.
ईरान की सरकार ने हताहतों के आंकड़े अपडेट नहीं किए हैं, लेकिन अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (एचआरएएनए) का अनुमान है कि जंग शुरू होने के बाद से ईरान में 3,500 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. इसमें लगभग 1,600 नागरिक और कम से कम 244 बच्चे शामिल हैं.
इसराइली वायुसेना का कहना है कि उसने 2,000 से ज़्यादा सैन्य और सरकारी कमांडरों को मारा है और जंग की शुरुआत से अब तक 10,000 से ज़्यादा हवाई हमले किए हैं.
अमेरिका का कहना है कि उसने भी लगभग इतनी ही संख्या में उड़ान मिशन पूरे किए हैं.
हेल्मा के पिता थे टार्गेट
इस मामले में ऐसा लगता है कि हेल्मा के पिता हामिद मिर्ज़ादेह ही निशाना थे. मिसाइल ने सटीकता से हमला किया और सीधे परिवार के अपार्टमेंट को निशाना बनाया.
एक सुरक्षा गार्ड ने स्थानीय टीवी स्टेशन को बताया कि "क़रीब 3.20 पर एक बड़ा धमाका हुआ."
हेल्मा के परिवार के अलावा, दो अन्य लोग भी घायल हुए. एक स्थानीय निवासी ने कहा, "सब कुछ अफरातफ़री में बदल गया था."
इसराइल डिफेंस फ़ोर्सेज़ ने बीबीसी को दिए एक बयान में कहा कि उसने "तबरिज़ में ईरानी आतंकवादी शासन के एक सैन्य टार्गेट पर हमला किया."
उसने जोड़ा, "आईडीएफ़ अंतरराष्ट्रीय क़ानून के अनुसार हमले करता है और नागरिकों और नागरिक ढांचे को होने वाले नुक़सान को कम करने के लिए सभी संभव क़दम उठाता है."
हेल्मा के पोस्टर सड़कों पर
मिर्ज़ादेह की मौत ईरान की सेना के लिए एक झटका होगी, लेकिन सरकारी मीडिया से जुड़े स्रोतों के अनुसार, इससे हेल्मा के शहर के कुछ लोगों का हौसला और मज़बूत हुआ है.
एक महिला ने परिवार के अंतिम संस्कार में फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी से कहा, "मैं अपने दुश्मनों से यह कहना चाहती हूं कि इन हत्याओं और उनके मौजूदा क़दमों से वे हमें और मज़बूत बना रहे हैं."
एक अन्य व्यक्ति ने कहा, "हम अपनी ज़मीन को छीनने नहीं देंगे. मैं ख़ुद राइफ़ल लेकर ख़ार्ग द्वीप जाऊंगा,"
ख़ार्ग द्वीप पर ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है. राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह खार्ग पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश कर सकते हैं.
कम से कम शारीरिक रूप से, हेल्मा इस हादसे से उबरती हुई दिखाई देती है. परिवार के सदस्यों के साथ उसकी बातचीत की फ़ुटेज में वह दौड़ती और खिलौनों से खेलती दिखती है.
यह पहली बार नहीं है जब ऐसे हमलों में ईरानी अधिकारियों के परिवार के सदस्य मारे गए हैं.
युद्ध सैनिक लड़ते हैं. लेकिन, जैसा कि हेल्मा की कहानी दिखाती है, इसकी क़ीमत अक्सर आम नागरिक और ख़ासकर बच्चे चुकाते हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित