बिहार: तीन साल की बच्ची से रेप के आरोप में दो गिरफ़्तार, 'सूखे नशे' पर भी छिड़ी बहस

    • Author, सीटू तिवारी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, पटना से
  • पढ़ने का समय: 7 मिनट

(इस लेख में ऐसे विवरण हैं जो कुछ पाठकों को विचलित कर सकते हैं)

बिहार की राजधानी पटना से सटे इलाक़े परसा में तीन साल की एक बच्ची से रेप के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस ने बताया है कि दो अभियुक्तों में से एक बच्ची का सगा चाचा है.

सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "ये घटना सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रतीत होता है. साक्ष्यों के आधार पर दो व्यक्तियों की गिरफ़्तारी की गई है."

पुलिस ने बताया कि बच्ची का मेडिकल टेस्ट कराया गया है लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं आई है.

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सिटी एसपी ने बताया, "घटनास्थल बच्ची के घर के पीछे स्थित खेत है. एफ़एसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य इकट्ठे किए हैं. बच्ची का मेडिकल कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट आनी बाक़ी है."

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक ये घटना तीन अप्रैल की रात तक़रीबन 8 बजे की है.

बच्ची की मां ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "मेरी दोनों बच्चियां घर के अंदर सो रही थीं. हम सिर्फ़ पानी लाने के लिए पांच मिनट के लिए बाहर गए थे. उसी दौरान लाइट कट गई. अंधेरे में बच्ची का चाचा उसको उठा ले गया. मैं जब घर वापस आई तो देखा बच्ची ग़ायब है."

वो बताती हैं, "हल्ला मचाया तो गांव वाले जमा हुए और बच्ची को ढूंढने लगे. कई घंटों बाद बच्ची को मछली पालने वाले एक आदमी ने देखा. वो अपने तालाब पर गया हुआ था. उसे किसी के रोने की आवाज़ लगी तो उसने टॉर्च जलाकर चोर-चोर का शोर किया. मेरी बच्ची वहीं मिली. वो ख़ून में लथपथ थी."

बच्ची की मां ने आरोप लगाया है कि बच्ची का चाचा 'सूखा नशा' यानी गांजा, चरस या स्मैक का सेवन करता है.

बच्ची के पिता सफ़ाईकर्मी हैं और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं. दोनों ही माता-पिता पढ़े-लिखे नहीं हैं.

बच्ची के पिता बताते हैं, "मैं घर से बाहर गया हुआ था. घर वापस आया तो मालूम चला कि ऐसा हो गया है. उसके बाद सभी ने खोजा. बच्ची मिली तो उसका शरीर नोंचा हुआ था. हम लोग पांच भाई हैं, मज़दूरी करके पेट पालते हैं. लक्ष्मण (अभियुक्त) ही कुछ नहीं करता. उसकी अभी शादी नहीं हुई है."

बच्ची मिलने के बाद पुलिस को स्थानीय लोगों ने फ़ोन किया जिसके बाद बच्ची को एम्स पटना में भर्ती कराया गया.

गांव वालों ने क्या बताया

बच्ची की मां का आरोप है, "उसने सुई (नशे) के लिए मेरी बच्ची को बेच दिया है."

अस्पताल में बच्ची को देखने आए एक रिश्तेदार कहते हैं, "उसके चाचा ने कुछ ग़लत काम बच्ची के साथ नहीं किया है. उसने बच्ची को दूसरे आदमी को दे दिया."

ये गांव जिस पंचायत का हिस्सा है, उसके मुखिया कहते हैं, "चाचा तो पुल पर बैठा हुआ था. उसको जब लोगों ने डराया-धमकाया तो उसने बताया कि उसने किसी दूसरे को बच्ची को दे दिया है. जिसके बाद हम लोगों ने भागने की कोशिश कर रहे जितेन्द्र पासवान को पकड़ कर पुलिस को दिया."

"हम लोगों ने इस घटना में 4 लोगों के शामिल होने का शक ज़ाहिर किया है जिसमें से पुलिस ने दो को पकड़ा है. लेकिन एक विकलांग को पुलिस ने छोड़ दिया है. चौथे आदमी का नाम हम लोगों को मालूम नहीं है."

सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार से इस घटना में चाचा की भूमिका के बारे में जब हमने सवाल किया तो उनका कहना था, "प्राथमिक तौर पर उनकी संलिप्तता सामने आई है. जांच जारी है."

बच्ची की हालत

इस मामले में पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की है.

पटना सदर-टू के एसडीपीओ रंजन कुमार ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "इस मामले में दो अभियुक्तों पर एफ़आईआर दर्ज हुई है. गांव वाले कई लोगों के नाम ले रहे हैं लेकिन हमें ऐसा कोई प्रारंभिक साक्ष्य नहीं मिला है."

"हम लोगों ने बच्ची को जो तस्वीरें दिखाई हैं, उसमें से बच्ची ने दो अभियुक्तों की पहचान की है जो हमारी गिरफ़्त में हैं. बच्ची होश में है और वो बातचीत करने पर प्रतिक्रिया दे रही है. हम लोगों ने इस केस में साइंटिफ़िक सैंपलिंग भी कर ली है."

एम्स के इमरजेंसी वॉर्ड में भर्ती बच्ची रह-रहकर रोती है. उसकी मां उसे शांत रखने की कोशिश करती हैं.

वहीं उसके पिता चुप ही रहते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वो सदमे में हैं.

एम्स प्रशासन के मीडिया विंग ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "बच्ची का ट्रीटमेंट चल रहा है. जल्द ही उनके इलाज के बारे में मीडिया को सूचना दी जाएगी."

बिहार में सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

मुसहर समुदाय के साथ कई दशक से काम कर रहीं पद्मश्री सुधा वर्गीज़ ने भी बच्ची और गांव वालों से मुलाकात की है.

सुधा वर्गीज़ बताती हैं, "जब मैं गई तो बच्ची मां का दूध पी रही थी. बच्ची से मैंने बात करने की कोशिश की लेकिन वो कुछ बोली नही. एक नर्स ने मुझे बताया कि बच्ची को रिकवर करने में समय लगेगा. लेकिन आप सोचिए कि जब बतौर समाज हम तीन साल की एक बच्ची को सुरक्षित नहीं रख सके तो फिर कौन सुरक्षित है?"

वो आरोप लगाती हैं, "मेरा मानना है कि उसके चाचा ने पूरी प्लानिंग के तहत ये काम किया है. नीतीश सरकार ने शराबबंदी तो कर दी लेकिन सूखे नशे का क्या असर समाज पर हो रहा है, उसको देखने वाला कोई नहीं है."

इस घटना का दूसरा अभियुक्त जितेन्द्र पासवान घटना के चार दिन पहले से ही घर नहीं आ रहा था. लगातार नशे में रहने के चलते उसका अपने परिवार वालों से लगातार झगड़ा होता था.

जितेन्द्र पासवान के तीन बच्चे हैं. सामाजिक कार्यकर्ता प्रतिमा कुमारी का कहना है कि थाने में उन्होंने जितेन्द्र से बात की थी.

प्रतिमा कुमारी की संस्था दलित महिला विकास मंच राज्य भर में दलितों के ख़िलाफ़ हिंसा पर काम करती है.

प्रतिमा ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "परसा थाने में जब ये दोनों अभियुक्त थे तो मैंने इन लोगों से पूछा कि इन लोगों ने ऐसा क्यों किया? इस सवाल पर लड़की का चाचा तो कुछ नहीं बोला लेकिन जितेन्द्र ने कहा कि उस पर नशे का असर था."

बिहार में नशे का कारोबार

इस पूरी घटना में एक महत्वपूर्ण मसला 'सूखे नशे' का भी है. साल 2016 में राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू हुई थी. बिहार विधानमंडल के बजट सत्र में भी पक्ष विपक्ष दोनों ही तरफ़ से राज्य में इसके बढ़ते प्रभाव पर चिंता ज़ाहिर की थी.

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट देखें तो साल 2015 में गांजा 14.37 किलोग्राम और हेरोइन 1.12 किलोग्राम ज़ब्त हुई थी. साल 2023 में गांजा 7153, हशीश 93.45 और हेरोइन 14.88 किलोग्राम ज़ब्त हुई थी.

वहीं साल 2024 में कोकीन 4.20, गांजा 18356, हशीश 194.64 और हेरोइन 53.35 किलोग्राम ज़ब्त हुई थी.

इस मामले में दोनों ही अभियुक्त, परिवार के आरोप के मुताबिक़ नशे के आदी हैं.

प्रतिमा कुमारी कहती हैं, "छोटी बच्चियों के साथ परिवार के लोग ही इस तरह का जघन्य अपराध करें ऐसा मानसिक विकृति के बिना संभव नहीं है. 'सूखा नशा' मानसिक विकृति को बढ़ा रहा है, इंटरनेट पर ये लोग पोर्न देख रहे हैं और ये सब चीज़ें इनके सामूहिक मनोरंजन का विषय बन गई हैं. जिसका नतीजा इस तरह की घटनाओं के तौर पर हम देखते हैं."

बिहार पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 में दुष्कर्म के 1438 मामले, 2021 में 1439, 2022 में 1629, 2023 में 1824 और साल 2024 में 2205 मामले दर्ज हुए हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित

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