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ट्रंप के ईरान के बारे में कहे अपशब्दों की अमेरिका के अंदर भी तीखी आलोचना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर ईरान को चेतावनी दी. ट्रुथ सोशल पर रविवार को उन्होंने ईरान के बड़े पावर प्लांट और पुलों पर हमले की धमकी दी.
उन्होंने ईरान से होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने को कहा और ऐसा ना करने पर बेहद बुरे परिणाम भुगतने की वॉर्निंग दी.
धमकी और चेतावनी वो पहले भी देते रहे हैं लेकिन इस बार ट्रंप ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया उसे लेकर दुनिया भर में बहस शुरू हो गई है.
वो अपशब्द हम यहां नहीं लिख सकते लेकिन लोग कह रहे हैं कि एक राष्ट्रपति का ऐसी भाषा इस्तेमाल करना 'शर्मनाक' है.
ईरान ने उनके इस बयान की आलोचना की. ईरान की सेंट्रल मिलिट्री कमांड के अब्दोल्लाही आलियाबादी ने ट्रंप की धमकी के बारे में कहा, "ये हताशा से भरी, असंतुलित और मूर्खतापूर्ण हरकत है."
ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता मेहदी तबातबाई ने कहा, कि "होर्मुज़ स्ट्रेट तभी दोबारा पूरी तरह खोला जाएगा, जब जहाज़ों से वसूले जाने वाले ट्रांज़िट टोल का एक हिस्सा युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा."
'ट्रंप कर रहे हैं बेसिर-पैर की बातें'
ईरान ही नहीं अमेरिका के अंदर भी ट्रंप के इस बयान की और इसमें इस्तेमाल की गई भाषा की आलोचना हो रही है.
वर्मोंट से सीनेटर और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए दो बार उम्मीदवार रह चुके बर्नी सैंडर्स ने एक्स पर लिखा, "ईरान युद्ध शुरू होने के एक महीने बाद ईस्टर संडे को अमेरिका के राष्ट्रपति ऐसा बयान देते हैं. यह बेसिर पैर की बातें मानसिक रूप से असंतुलित एक व्यक्ति कर रहा है. कांग्रेस को तुरंत एक्शन लेना होगा. इस युद्ध को फ़ौरन ख़त्म किया जाए."
न्यू मेक्सिको से डेमोक्रेट सांसद मेलिनी स्टेंसबरी ने लिखा, "राजा निर्वस्त्र है. 25वें संशोधन को लागू करने का समय अब आ गया है. कांग्रेस और कैबिनेट को अब कार्रवाई करनी चाहिए."
अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन में राष्ट्रपति को 'पद के लिए अक्षम' मानते हुए उनकी शक्तियाँ उपराष्ट्रपति को सौंपने का प्रस्ताव है.
ट्रंप ने ये पोस्ट ईरान में एक अमेरिकी एफ़-15 ईगल विमान गिराए जाने के बाद पोस्ट किया. "इस विमान के लापता क्रू मेंबर को एक नाटकीय रेस्क्यू मिशन में बचा लिया गया और उन्हें गंभीर हालत में क़ुवैत के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया."
एक और डेमोक्रेट सांसद एमि बेरा ने लिखा, "मेरे रिपब्लिकन सहयोगी भी यह बात जानते हैं. अब समय आ गया है कि वे कुछ साहस दिखाएँ और इस असंवैधानिक युद्ध को छेड़ने की उनकी क्षमता पर लगाम लगाने के लिए हमारा साथ दें."
मैसाचुसेट्स से डेमोक्रेट सांसद जिम मैकगवर्न ने इसे 'मानसिक विक्षिप्तता' बताया.
उन्होंने लिखा, "अमेरिका के राष्ट्रपति को मदद लेने की ज़रूरत है. उनका व्यवहार पूरी तरह नियंत्रण से बाहर और बेहद ख़तरनाक है."
बार-बार डेडलाइन बदलते ट्रंप
अपने ताज़ा बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 6 अप्रैल तक होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने को कहा है. लेकिन ईरान युद्ध के दौरान वो कई बार अपनी डेडलाइन बदल चुके हैं.
21 मार्च को उन्होंने ईरान को 48 घंटों के अंदर होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने की धमकी दी थी.
इसके दो दिन बाद, उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच "बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत" हुई है, और उन्होंने ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचों पर होने वाले हमलों को पाँच दिनों के लिए टाल दिया.
हालांकि ईरान ने ऐसी किसी बातचीत से इनकार किया था.
उन्होंने 27 मार्च को कहा कि वह ऊर्जा संयंत्रों पर हमला 10 दिनों के लिए टाल देंगे. उन्होंने दावा किया कि 'ईरानी सरकार ने इसका अनुरोध किया था'. इस तरह से उनकी नई डेडलाइन बढ़कर 6 अप्रैल हो गई.
'राष्ट्रपति पद के अयोग्य'
अमेरिका की वरिष्ठ डेमोक्रेट सीनेटर पैटी मरे ने ट्रंप के इस बयान पर लिखा, "यह एक गंभीर तौर पर अस्वस्थ व्यक्ति है, जो सत्ता के घमंड में ख़तरनाक युद्ध अपराधों की धमकी दे रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति को हमारे सैनिकों को ख़तरे में भेजने के बारे में इस तरह की भाषा नहीं बोलनी चाहिए. रिपब्लिकन नेताओं को डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर इस युद्ध को तुरंत ख़त्म करना चाहिए."
ओरेगन से डेमोक्रेट सीनेटर जैफ़ मर्कले ने लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप की ईस्टर के मौके पर दी गई गाली-गलौज भरी यह धमकी-जिसमें ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे, जैसे बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमला करने की बात कही गई, एक हताश और नैतिक रूप से दिवालिया व्यक्ति के शब्द हैं. कई विशेषज्ञ मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत ऐसे हमले युद्ध अपराध माने जा सकते हैं. हमारे सैन्य नेताओं से बस इतना याद रखने की अपील है: युद्ध अपराध करने के आदेशों को मानने से इनकार करना आपकी क़ानूनी ज़िम्मेदारी है."
मैरीलैंड से डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस वेन होलन ने ट्रंप को राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य बताया.
वहीं अरिज़ोना से डेमोक्रेट सांसद यास्मीन अंसारी ने लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति का व्यवहार एक असंतुलित व्यक्ति जैसा है, और वह हमारे देश के साथ-साथ पूरी दुनिया की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा बन गए हैं."
सिर्फ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ही नहीं बल्कि ट्रंप की ही रिपब्लिकन पार्टी से भी उनके ख़िलाफ़ आवाज़ें उठ रही हैं.
ट्रंप की पूर्व सहयोगी और रिपब्लिकन नेता मार्जरी टेलर ग्रीन ने इस बयान के बाद राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी आलोचना की है.
एक लंबे एक्स पोस्ट पर उन्होंने लिखा, "ईस्टर की सुबह राष्ट्रपति ट्रंप ने यह पोस्ट किया. उनके प्रशासन में जो भी लोग खुद को ईसाई बताते हैं, उन्हें घुटनों के बल बैठकर भगवान से माफ़ी मांगनी चाहिए, राष्ट्रपति की पूजा करना बंद करना चाहिए और ट्रंप की इस कथित सनक में दखल देना चाहिए. मैं आप सबको और उन्हें जानती हूं. वह अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और आप सभी इसमें बराबर के भागीदार हैं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.