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लाइव, युद्धविराम के बाद भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीयों को क्या सलाह दी?

ईरान में स्थित भारतीय दूतावास ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है. दूतावास ने भारतीयों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ देने के लिए कहा है.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. स्पेशल प्रोग्राम: पाकिस्तान की मध्यस्थता से ईरान-अमेरिका के बीच सीज़फ़ायर, ट्रंप की डेडलाइन क्यों बदली?

  2. युद्धविराम के बाद भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीयों को क्या सलाह दी?

    ईरान में स्थित भारतीय दूतावास ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है. दूतावास ने भारतीयों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ देने के लिए कहा है.

    एडवाइज़री में कहा गया है, "हाल की घटनाओं को देखते हुए, ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें. यह काम दूतावास के साथ मिलकर और दूतावास की ओर से बताए गए तरीक़ों से ही करें."

    दूतावास ने स्पष्ट किया, "फ़िर से साफ़ तौर पर कहा जाता है कि दूतावास से बात किए बिना किसी भी अंतरराष्ट्रीय ज़मीनी सीमा की तरफ़ जाने की कोशिश न करें."

    दूतावास ने आपातकालीन नंबर भी जारी किए हैं:

    मोबाइल नंबर: +989128109115, +989128109102, +989128109109, +989932179359

    ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in

  3. ईरान-अमेरिका युद्धविराम के बाद भारतीय शेयर बाज़ार में उछाल, कच्चे तेल की क़ीमतें भी गिरीं

    अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ़्ते के युद्धविराम के एलान के बाद आज यानी 8 अप्रैल को भारत के शेयर बाज़ार में तेज़ी देखने को मिली है.

    बुधवार को सेंसेक्स 3000 अंक यानी 3.95% चढ़कर 77,600 पर कारोबार कर रहा है. दूसरी ओर, निफ़्टी भी 9000 अंक यानी 3.80% चढ़कर है 24,000 पर पहुंच चुका है.

    सबसे अधिक ख़रीदारी ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में हो रही है. निफ़्टी का ऑटो और रियल्टी इंडेक्स 5% के आसपास ऊपर है.

    सरकारी बैंकों के इंडेक्स और मेटल इंडेक्स में भी 3% से ज़्यादा तेज़ी है.

    इसके अलावा, कच्चे तेल की क़ीमतें 13% नीचे आ गई हैं. ब्रेंट क्रूड गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल पर आ चुका है.

    अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने से पहले कच्चे तेल की क़ीमत क़रीब 70 डॉलर प्रति बैरल थीं. हालांकि, बाद में ये 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं.

    ग़ौरतलब है कि मध्य पूर्व में चल रही जंग के कारण भारत का शेयर बाज़ार बीते कई दिनों से मुश्किल दौर से गुज़र रहा था. लेकिन सीज़फ़ायर के एलान के साथ ही स्थिति सुधरती हुई दिख रही है.

  4. युद्धविराम के बाद ईरान में कैसा माहौल, तस्वीरों में देखें

    अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम का एलान कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फ़ील्ड मार्शल को युद्धविराम के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया है.

    ईरान ने युद्धविराम के लिए 10 शर्तें बताई थीं. ईरानी विदेश मंत्री का दावा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार करने की घोषणा की है.

    इस बीच युद्धविराम के बाद ईरान में कैसा माहौल है, उसकी तस्वीरें सामने आई हैं:

  5. ट्रंप ने कहा, 'ईरान के पुनर्निर्माण में अमेरिका भी करेगा मदद'

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम के बाद कहा है कि ईरान अब पुनर्निर्माण कर सकता है, जिसके लिए अमेरिका भी मदद करेगा.

    डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "दुनिया में शांति के लिए आज बड़ा दिन है. ईरान भी ऐसा ही चाहता है, क्योंकि अब बहुत हो गया. बाकी सब भी यही चाहते हैं."

    "अमेरिका, होर्मुज़ स्ट्रेट में ट्रैफ़िक की समस्या के समाधान के लिए मदद करेगा. बहुत सारे अच्छे क़दम उठाए जाएंगे, ख़ूब पैसा बनेगा."

    उन्होंने कहा, "ईरान अब दोबारा निर्माण शुरू कर सकता है. हम हर तरह का सामान लेकर तैयार रहेंगे और वहीं मौजूद रहेंगे ताकि सब कुछ ठीक से हो. मुझे भरोसा है कि ऐसा ही होगा. जैसे अमेरिका में हो रहा है, वैसे ही यह मिडिल ईस्ट का सुनहरा समय हो सकता है."

    गौरतलब है कि ईरान ने जंग के दौरान कहा था कि उसके जो ढांचे हमले में नष्ट हुए हैं, उसके लिए वह मुआवज़े की मांग करेगा. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे ईरान के पुनर्निर्माण में आर्थिक मदद करेंगे या नहीं.

  6. वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई का निधन, राहुल गांधी ने जताया दुख

    वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को निधन हो गया. उनके परिवार ने बताया कि उनकी उम्र 94 साल थी.

    पीटीआई के मुताबिक़, किदवई का निधन बुधवार सुबह नोएडा के मेट्रो अस्पताल में हुआ. उनके दामाद राजी उर रहमान किदवई ने बताया कि वह उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रही थीं.

    उन्होंने कहा कि उनका अंतिम संस्कार निज़ामुद्दीन कब्रिस्तान में शाम करीब 5 बजे किया जाएगा.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोहसिना किदवई के निधन पर दुख व्यक्त किया.

    उन्होंने एक्स पोस्ट पर लिखा, "पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद मोहसिना किदवई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. वे कांग्रेस पार्टी की एक अत्यंत वरिष्ठ और वफ़ादार नेता थीं, जिनका पूरा जीवन जनसेवा का उदाहरण रहा है."

    राहुल गांधी ने मोहसिना किदवई के लिए कहा, "अपनी सादगी, सौम्यता और गरिमापूर्ण राजनीतिक सफलता से उन्होंने देश की महिलाओं की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया. इस दुख की घड़ी में मैं शोकाकुल परिजनों और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं."

  7. इराक़ में किडनैप हुई महिला पत्रकार के बारे में अमेरिकी विदेश मंत्री ने दिया अपडेट

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जानकारी दी है कि इराक़ के बग़दाद में किडनैप हुई अमेरिकी महिला पत्रकार को रिहा कर दिया गया है.

    दरअसल, अमेरिकी फ़्रीलांस पत्रकार शैली किटलसन को क़ताइब हिज़्बुल्लाह नाम के एक संगठन ने 31 मार्च को अग़वा कर लिया था.

    क़ताइब हिज़्बुल्लाह ने मंगलवार को एलान किया था कि वह अमेरिकी पत्रकार शैली किटलसन को रिहा करेगा.

    इसके बाद बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शैली किटलसन की रिहाई की जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, "अमेरिकी विदेश विभाग एफबीआई, डिपार्टमेंट ऑफ़ वॉर, एजेंसियों के अमेरिकी कर्मचारियों, इराक़ी सुप्रीम जुडिशियल काउंसिल और इराक़ी साझेदारों का धन्यवाद करता है, जिन्होंने रिहाई में मदद की."

    "यह ट्रंप प्रशासन की अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और सलामती के लिए मज़बूत प्रतिबद्धता को दिखाता है, चाहे वे दुनिया में कहीं भी हों. राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी नागरिकों की ग़लत गिरफ़्तारी या अपहरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हम हर तरीका अपनाते रहेंगे ताकि अमेरिकियों को घर वापस लाया जा सके और ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा दी जा सके."

    उन्होंने लिखा, "हमें राहत है कि यह अमेरिकी (शैली किटलसन) अब आज़ाद है और हम उनकी इराक़ से सुरक्षित रुख़सती में मदद कर रहे हैं."

  8. अमेरिका और ईरान के युद्धविराम पर इसराइल की पहली प्रतिक्रिया आई, डैनियल डी सिमोन, यरूशलम

    इसराइल ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम के फ़ैसले को मान लिया है. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि लेबनान में युद्धविराम लागू नहीं होगा.

    इसराइल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "हम राष्ट्रपति ट्रंप के उस फ़ैसले का समर्थन करते हैं जिसमें ईरान पर हमले दो हफ़्तों के लिए रोकने की बात कही गई है, बशर्ते ईरान तुरंत होर्मुज़ स्ट्रेट खोले और अमेरिका, इसराइल और अन्य देशों पर हमले बंद करे."

    आगे कहा गया है, "इसराइल अमेरिका की उस कोशिश का समर्थन करता है जिसमें यह सुनिश्चित करना है कि ईरान अब परमाणु हथियार, मिसाइल या आतंक का ख़तरा न बने. न अमेरिका के लिए, न इसराइल के लिए, न ईरान के अरब पड़ोसियों के लिए और न ही दुनिया के लिए."

    "अमेरिका ने इसराइल को बताया है कि वह इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है. आने वाली बातचीत में इन लक्ष्यों को अमेरिका हमसे और हमारे क्षेत्रीय सहयोगियों से साझा करेगा."

    गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पोस्ट में बताया था कि 'लेबनान में भी युद्धविराम' लागू होगा.लेकिन इसराइल ने कहा है कि लेबनान में युद्धविराम लागू नहीं होगा.

  9. ईरान और अमेरिका के युद्धविराम पर इसराइल अब तक क्यों है ख़ामोश, डैनियल डी सिमोन, यरूशलम

    अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम का एलान कर दिया है, लेकिन अभी तक इसराइल ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    भले डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम का फ़ैसला ले लिया हो, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसमें इसराइल की सहमति है या नहीं.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पोस्ट में बताया कि 'लेबनान में भी युद्धविराम' लागू होगा.

    जबकि यहां पर इसराइल की सेना मौजूद है, जो कहती रही है कि लेबनान से तब तक नहीं हटेंगे जब तक हिज़्बुल्लाह का ख़तरा ख़त्म नहीं हो जाता.

    इसकी संभावना कम है कि इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू युद्धविराम को उसी तरह 'जीत' बताएंगे जैसे अमेरिका और ईरान बता रहे हैं.

    28 फ़रवरी को युद्ध का एलान करते हुए उन्होंने कहा था, "इस अभियान का लक्ष्य ईरान के आयतुल्लाह शासन के ख़तरे को ख़त्म करना है और यह अभियान तब तक चलेगा जब तक ज़रूरी होगा."

    हालात अभी ऐसे हैं कि ईरानी सेना अब भी ख़तरा पैदा करने में सक्षम है और शासन पूरी तरह मौजूद है.

    यरूशलम में अब भी मिसाइल अलर्ट और धमाकों की आवाज़ें सुनाई दी हैं. इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स ने कहा है कि ईरान से कई मिसाइलें दाग़ी गईं.

    अगर युद्ध का अंत उस '10-बिंदु प्रस्ताव' पर होता है जिसका ज़िक्र ट्रंप ने किया, तो यह ईरान की रणनीतिक जीत मानी जाएगी.

    संभव है कि नेतन्याहू की कैबिनेट के चरमपंथी सदस्य किसी भी युद्धविराम या युद्ध के अंत को मानने से इंकार कर दें. ख़ासकर, अगर इसमें लेबनान भी शामिल हो, जिससे चुनावी साल में उनके लिए राजनीतिक चुनौती पैदा हो सकती है.

  10. ईरान ने पाकिस्तान का शुक्रिया अदा करते हुए क्या घोषणा की?

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फ़ील्ड मार्शल को युद्धविराम के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया है.

    अब्बास अराग़ची ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बयान जारी किया. उन्होंने कहा, "ईरान की ओर से मैं अपने प्यारे भाइयों पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फ़ील्ड मार्शल मुनीर का युद्ध ख़त्म करने के प्रयासों के लिए धन्यवाद अदा करता हूं."

    "प्रधानमंत्री शरीफ़ ने भाईचारे की अपील की, अमेरिका ने 15 बिंदुओं वाला बातचीत का प्रस्ताव दिया और राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) ने ईरान के 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार करने की घोषणा की."

    अब्बास अराग़ची ने एलान करते हुए लिखा, "इन सबको ध्यान में रखते हुए, मैं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से यह घोषणा करता हूं कि-अगर ईरान पर हमले रोके जाते हैं, तो हमारी ताक़तवर सेना अपनी रक्षात्मक कार्रवाई बंद कर देगी. दो हफ़्तों की अवधि के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही ईरानी सेना के साथ तालमेल और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए संभव होगी."

    इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भी युद्धविराम होने पर अमेरिका और ईरान का शुक्रिया अदा किया था. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में आमंत्रित किया गया है.

  11. ट्रंप की डेडलाइन ख़त्म होने से ठीक 10 मिनट पहले पाकिस्तान ने किया युद्धविराम का एलान, शरीफ़ ये बोले

    अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम का एलान कर दिया है. उन्होंने बताया है कि इसके लिए पाकिस्तान की ओर से मध्यस्थता हुई थी. अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने युद्धविराम होने पर अमेरिका और ईरान का शुक्रिया अदा किया है.

    शहबाज़ शरीफ़ ने यह भी बताया है कि 10 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधि इस्लामाबाद आमंत्रित किए गए हैं, यहां अंतिम समझौते पर बातचीत होगी.

    डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर ईरान अमेरिका की शर्तें नहीं मानता है तो उस पर विनाशकारी हमले होंगे और उसे तबाह कर दिया जाएगा. उन्होंने ईरान को वॉशिंगटन के समयानुसार मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5.30 बजे) तक की डेडलाइन दी थी.

    इस डेडलाइन के ख़त्म होने से ठीक 10 मिनट पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर लिखा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ईरान और अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ तुरंत प्रभाव से लेबनान समेत हर जगह युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं."

    "मैं इस समझदारी भरे कदम का गर्मजोशी से स्वागत करता हूं और दोनों देशों के नेतृत्व को दिल से धन्यवाद देता हूं. साथ ही मैं उनके प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद में शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को आमंत्रित करता हूं ताकि सभी विवादों को खत्म करने के लिए अंतिम समझौते पर आगे बातचीत हो सके."

    उन्होंने लिखा, "दोनों पक्षों ने अद्भुत समझदारी और दूरदर्शिता दिखाई है, शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने में सकारात्मक रूप से जुड़े रहे हैं. हम सच्चे दिल से उम्मीद करते हैं कि इस्लामाबाद वार्ता स्थायी शांति हासिल करने में सफल होगी और आने वाले दिनों में और अच्छी खबरें साझा करने की इच्छा रखते हैं."

  12. नमस्कार!

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