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'कुछ देर पहले बेटी की आवाज़ सुनकर दिल ख़ुश था': हिमाचल प्रदेश में कॉलेज जा रही छात्रा की हत्या
- Author, सौरभ चौहान
- पदनाम, शिमला से बीबीसी हिन्दी के लिए
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
चेतावनी: इस कहानी में कुछ विवरण पाठकों को परेशान कर सकते हैं.
हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले के गोपालपुर पंचायत के तहत आने वाले नैन गांव के पास सोमवार सुबह क़रीब 9:15 बजे एक 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा सिया गुलेरिया की दिनदहाड़े बीच सड़क पर हत्या कर दी गई.
ज़िला पुलिस के मुताबिक़, इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है.
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्त ने फसल काटने वाली तेज़ दराती से पीड़िता के गले पर कई बार वार किए.
इस घटना ने पूरे हिमाचल प्रदेश में ग़ुस्से की लहर पैदा कर दी है. ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा, बस सुविधा की कमी और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
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मृतक छात्रा कौन थी?
सिया गुलेरिया नैन गांव की निवासी थी. वह सरकाघाट कॉलेज में वोकेशनल कोर्स की सेकंड ईयर की छात्रा थी. परिवार और स्थानीय लोगों के मुताबिक़, सिया एक होनहार, पढ़ाकू लड़की थी. वह अपनी मां और छोटी बहन का पूरा ध्यान रखती थी.
छोटी बहन ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है और सिया उसे कॉलेज में दाख़िला दिलाने की योजना बना रही थी.
सिया तीन बहनों में मंझली थी. परिवार में पिता जोगिंद्र गुलेरिया सोलन ज़िले के बद्दी में ट्रक ड्राइवर हैं. बड़ी बहन बद्दी में नौकरी करती है, जबकि मां और छोटी बहन घर पर रहती हैं. सिया न केवल पढ़ाई में अच्छी थी, बल्कि परिवार की आर्थिक मदद भी करती थी.
पिता का दर्द
बीबीसी न्यूज़ हिंदी से भावुक होकर बातचीत में सिया के पिता जोगिंद्र गुलेरिया ने रोते हुए बताया, "मेरी सिया से सुबह ही बात हुई थी. नौ बजे के क़रीब वह कॉलेज चली जाती थी. उसके बाद मैंने घर ख़र्च के लिए पैसे भेजे तो पत्नी को फ़ोन किया. सामने से जो बताया गया वो सुनकर मेरे पांव तले ज़मीन खिसक गई. कुछ देर पहले जिस बेटी की हंसी-ख़ुशी की आवाज सुनकर दिल खुश था, उसके साथ क्या हो गया. जो सपने में भी नहीं सोच सकता, वह हो गया."
जोगिंद्र गुलेरिया ने यह भी बताया कि सिया अपनी मां और छोटी बहन का बहुत ख़याल रखती थी. वह कहती थी कि छोटी बहन के 12वीं के पेपर ख़त्म होने के बाद उसे अपने साथ कॉलेज में दाख़िला दिलाएगी. कहती थी बहन को पढ़ाएगी, परिवार का ख़र्च भी उठाएगी.
सिया की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. पूरा परिवार सदमे में है. गांव वाले बताते हैं कि सड़क ख़राब होने और बस सेवा न होने के कारण सिया को पैदल मुख्य चौक तक जाना पड़ता था.
हत्या का क्रूर विवरण
स्थानीय पुलिस के मुताबिक़, सिया सुबह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी. गोपालपुर के नैन गांव के पास सुनसान जगह पर हमलावर ने उसे रोका. दराती से उस पर वार किया.
माना जा रहा है कि सिया ने ख़ुद को बचाने के लिए हाथ आगे किया. फिर अभियुक्त ने गले पर एक के बाद एक कई बार हमले किए जिसमें हाथ भी कट गया.
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज भेजा गया और इसके बाद मंगलवार सुबह सिया का अंतिम संस्कार गांव में किया गया.
सिया की सहेली कशिश, जो रोज़ उसके साथ कॉलेज जाती थी, उसने बताया कि वह हर रोज़ की तरह गोपालपुर कॉलेज जाने के लिए सिया का इंतज़ार माही गांव के बस स्टाप पर कर रही थी. दोनों मोबाइल फ़ोन पर बात कर रही थीं.
सिया ने बताया कि वह दो मिनट में बस स्टॉप तक पहुंच जाएगी. इतने में उसके दो बार चीख़ने की आवाज़ सुनाई दी. घटनास्थल पर पहुंचकर देखा कि सिया ज़मीन पर ख़ून में लथपथ पड़ी थी.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बातचीत में कशिश ने बताया, "हम दोनों हर रोज़ साथ ही कॉलेज जाते थे. सिया नैन गांव से माही बस स्टॉप के लिए पैदल आती थी. आज तक भी कोई ऐसी बात नहीं हुई कि किसी ने तंग किया हो या कुछ कहा हो. घर से निकलते ही वह मुझे मोबाइल फ़ोन पर कॉल कर देती थी कि आ रही है."
"रोज़ की तरह ही मैंने उसे पूछने के लिए कॉल किया था. अब उसकी चीख़ कानों में सुनाई दे रही है. मुझे समझ नहीं आया कि उस पर हमला क्यों किया गया? क्यों उसे बेरहमी से मार डाला?"
अभियुक्त कौन है?
मंडी पुलिस ने हत्या के इस मामले में 35 वर्षीय विकास उर्फ रिशु पटियाल को गिरफ्तार किया है. वह गोपालपुर तहसील के माइना गांव का निवासी है और नैन गांव के पास ही रहता था.
अभियुक्त बद्दी में प्लंबर का काम करता था. उसके पास से आधार कार्ड बरामद हुआ है, जिससे उनके बारे में पुलिस को जानकारी मिली. पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार, विकास नशे का आदी है और चिट्टे (सिंथेटिक ड्रग) का सेवन करता है.
घटना के लगभग दो घंटे बाद ग्रामीणों ने अभियुक्त को घटनास्थल से क़रीब दो किलोमीटर दूर जंगल, खेतों और नाले के इलाक़े में छिपे हुए पकड़ लिया. संदिग्ध हालत में घूमते देख भीड़ ने अभियुक्त की जमकर पिटाई की और पुलिस के हवाले किया.
पुलिस की कार्रवाई
मंडी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने अभियुक्त की गिरफ्तारी की पुष्टि की.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बात करते हुए उन्होंने कहा, "जांच चल रही है. हत्या के पीछे का मक़सद पूछताछ और रिपोर्ट के बाद सामने आएगा. पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि क्या इसमें कोई और व्यक्ति शामिल है या आरोपी अकेला था."
प्रदेश महिला आयोग ने भी इस मामले में एसपी मंडी से रिपोर्ट तलब की है.
घटना की ख़बर फैलते ही पूरा गांव और आसपास का इलाक़ा सदमे में आ गया.
ग्रामीणों ने सरकाघाट-घुमारवीं हाइवे पर जाम लगा दिया. सोमवार की देर शाम भीड़ ने पुलिस के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की और न्याय की मांग की. "आरोपी को फांसी दो," के नारे लगे.
दो घंटे बाद डीएसपी संजीव के हस्तक्षेप से हाइवे खुला. मंगलवार सुबह 11 बजे तक इलाके के बाज़ार बंद रहे.
ग्रामीणों की चिंता
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने घटना को "दुःखद और अस्वीकार्य" बताया.
उन्होंने कहा, "एक सभ्य समाज में ऐसी घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है. दोषी को क़ानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी. हम शोकाकुल परिवार के साथ हैं."
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने घटना की गहरी निंदा की. उन्होंने पुलिस महानिदेशक से फ़ोन पर बात की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया.
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि गोपालपुर क्षेत्र में बस सुविधा पहले तीन बसों तक सीमित थी, लेकिन सरकार ने उन्हें बंद कर दिया. इसी वजह से छात्राओं को पैदल जाना पड़ता है, जो सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम है.
मंडी ज़िले से बीजेपी विधायक राकेश जम्वाल का कहना है कि सिया हत्याकांड ने देवभूमि हिमाचल की शांति को चुनौती दी है. यह घटना ग्रामीण इलाक़ों में युवाओं में नशे की बढ़ती समस्या और क़ानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाती है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.