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'पहली ही गेंद पर सूर्यवंशी का विकेट चटकाने का प्लान था' आईपीएल में ड्रीम डेब्यू करने वाले प्रफुल्ल हिंगे को जानिए
क्रिकेट के कई दीवानों ने भी सोमवार की रात से पहले दाएं हाथ के इस तेज़ गेंदबाज़ के बारे में बहुत कुछ नहीं सुना होगा.
सोमवार को इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में मुक़ाबला था सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच.
ज़ाहिर है जब चर्चा बेहतरीन फॉर्म में चल रहे राजस्थान रॉयल्स के ओपनर्स वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल की हो तो ऐसे में प्रफुल्ल हिंगे पर तो मैच से पहले शायद ही किसी की नज़र गई हो.
लेकिन सनराइजर्स के कप्तान ईशान किशन के दिमाग़ में कुछ और ही प्लानिंग चल रही थी. उन्होंने गेंद ऐसे बॉलर को थमा दी जो आईपीएल में अपनी डेब्यू कर रहा था वो भी विस्फोटक समझी जाने वाली जायसवाल-सूर्यवंशी की जोड़ी के सामने.
लेकिन उसके बाद जो हुआ उसे देखकर लगा कि क्रिकेट फ़ैंस इस गेंदबाज़ से जितने अनजान थे उतने ही अनजान राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज़ भी थे. ऐसा लगा जैसे प्रफुल्ल हिंगे की गेंदबाज़ी को लेकर उन्होंने भी ज़्यादा प्लानिंग नहीं की थी.
उन्होंने अपने पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर ज़बरदस्त फॉर्म में चल रहे वैभव सूर्यवंशी, चौथी गेंद पर ध्रुव जुरैल और आख़िरी गेंद पर प्रिटोरियस को आउट करके राजस्थान रॉयल्स को ऐसा झटका दिया कि वो पूरे मैच तक इससे उबर नहीं सकी.
सनराइज़र्स हैदराबाद ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवरों में 6 विकेट पर 216 रन बनाए. जवाब में राजस्थान रॉयल्स की टीम 19 ओवर में 159 रन बनाकर आउट हो गई और 57 रन से मैच हार गई. प्रफुल्ल ने अपने पहले ही आईपीएल मैच में 4 ओवर में 34 रन देकर 4 विकेट लिए. ख़ास बात ये रही कि उन्होंने 13 डॉट गेंदें भी डाली.
'सूर्यवंशी का विकेट मेरा बेस्ट विकेट था'
मैच के बाद अपने परफॉर्मेंस के बारे में बात करते हुए प्रफुल्ल ने कहा, "मैंने कहीं लिखा था कि मैं जब पहला मैच खेलूंगा तो चार या पांच विकेट पक्का लूंगा. पावरप्ले में जितना दबदबा बना सकता हूं, उतना बनाऊंगा. मैं इस पर यकीन करता हूं कि सोची गई चीज़ें कई बार सच साबित होती हैं."
अपने क्रिकेटिंग सफ़र के बारे में बात करते हुए 24 साल के हिंगे ने कहा, "13 साल की उम्र में मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया. मुझे नहीं पता था कि लेदर बॉल क्रिकेट क्या होता है. मैंने अपने पिता से क्लब जॉइन कराने को कहा, लेकिन उन्होंने कहा कि मैं बहुत छोटा हूं. लेकिन फिर वो मुझे वहां ले गए, और उसके बाद मैं लगातार खेलता रहा."
प्रफुल्ल ने यह अवॉर्ड अपने परिवार को समर्पित किया.
प्रफुल्ल ने कहा, "वैभव सूर्यवंशी का विकेट मेरा बेस्ट विकेट था. वह फॉर्म में था और मैंने कुछ लोगों से कह भी रखा था कि मैं उसे पहली ही गेंद बाउंसर डालकर आउट करूंगा. मैं बस उसे आउट करना चाहता था. वरुण भाई (हमारे बॉलिंग कोच वरुण एरोन) ने इसकी प्लानिंग में मेरी मदद की, तो उनका धन्यवाद."
ईशान किशन ने भी तारीफ़ों के पुल बांधे
मैच के बाद सनराइज़र्स हैदराबाद के कप्तान ईशान किशन ने प्रफुल्ल हिंगे के बारे में कहा, "आपको यह भी देखना होता है कि उनके अंदर कितनी भूख और मोटिवेशन है. वे पूरे सीज़न गेंदबाज़ी कोच वरुण एरोन के साथ मेहनत कर रहे थे. साथ ही अनुभवी खिलाड़ियों से लगातार बात भी कर रहे थे. अपने घरेलू मैदान पर उन्हें मौका देना ज़रूरी था और आज यह बिल्कुल सही फ़ैसला साबित हुआ.
उन्होंने आगे कहा, "मैं इस जीत से बहुत खुश हूं. सबसे ज़्यादा खुशी इस बात की है कि गेंदबाज़ों से हम जो चाहते थे-यानी अपने प्लान पर खुलकर अमल करना, उन्होंने बिल्कुल वैसा ही किया. इसका पूरा श्रेय गेंदबाज़ों को जाता है."
ईशान किशन ने इस मैच में कप्तानी पारी खेलते हुए सिर्फ़ 44 गेंदों पर 6 छक्कों और 8 चौकों के साथ 91 रन बनाए.
नागपुर में जन्में हिंगे ने अक्तूबर 2024 में विदर्भ के लिए अपना फ़र्स्ट-क्लास डेब्यू किया था और पिछले रणजी ट्रॉफी सीज़न में वह टीम के नियमित गेंदबाज़ रहे. उन्होंने 11 पारियों में 26.37 की औसत से 16 विकेट लिए.
उन्होंने अपना इकलौता टी-20 मैच दिसंबर 2025 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में आंध्र प्रदेश के ख़िलाफ़ था, जिसमें उन्होंने 23 रन देकर 1 विकेट लिया.
हिंगे फ़ास्ट बॉलर हैं और उन्होंने करीब 13 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था.
वह खुलकर कह चुके हैं कि उनके आदर्श पैट कमिन्स हैं जो सनराइज़र्स के नियमित कप्तान भी हैं, और वह उनके साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना चाहते थे.
कुल मिलाकर हिंगे अब तक 10 फ़र्स्ट-क्लास मैचों में 27 विकेट और 6 लिस्ट-ए मैचों में 5 विकेट ले चुके हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित