फ़्रांस में फिर धधकी हिंसा की आग, पेरिस समेत कई शहरों में लूटपाट, झड़पें और आगजनी

पेरिस में "जीवन यापन की उच्च लागत" के खिलाफ एक प्रदर्शन के दौरान, 'ला बैरिक' बार से धुआं उठता हुआ देखकर एक व्यक्ति उसका वीडियो बना रहा है.
इमेज कैप्शन, पेरिस के ला बैरिक बार में आग लगा दी गई
    • Author, जैक बर्जेस
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 7 मिनट

फ़्रांस में स्कूलों की बदहाली और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के ख़िलाफ़ शनिवार को भी प्रदर्शन जारी रहे और दिन में देशभर में हिंसा भड़क उठी.

फ़्रांस सरकार के मुताबिक़, क़रीब 5.5 लाख लोगों के सड़कों पर उतरने के बीच कम से कम 1,200 लोगों को गिरफ़्तार किया गया. सरकार ने इसे "हिंसा में बढ़ोतरी" बताया.

राजधानी पेरिस में शाम तक दंगा रोधी पुलिस के साथ बड़े पैमाने पर झड़पें हुईं. पुलिस ने भीड़ पर आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया.

राजधानी और दूसरे इलाक़ों में इमारतों में आग लगा दी गई. इनमें लिमोज भी शामिल है, जहां टाउन हॉल में लगी भीषण आग के कारण छत का एक हिस्सा ढह गया.

कई शहरों में लूटपाट शुरू हो गई. टाउन हॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ किए जाने की खबरें भी सामने आईं.

पेरिस में भी तोड़फोड़ और आगजनी

प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकोर्नू ने कहा कि हिंसा के दौरान 150 पुलिसकर्मी घायल हुए.

पेरिस में मुख्य मार्च दोपहर के दौरान काफ़ी हद तक शांतिपूर्ण दिखाई दिया.

युवाओं के एक समूह ने बीबीसी को बताया कि वे "शांतिवादी" हैं और "बस चीजों को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ भी नहीं बदल रहा है."

हालांकि, दिन बढ़ने के साथ कुछ समूहों ने सड़कों पर आग लगाई और वाहनों को जला दिया. इसमें शहर के केंद्र में प्लास द ला रिपब्लिक जैसे प्रमुख स्थान भी शामिल थे.

दुकानों में तोड़फोड़ कर सामान लूटा गया. कम से कम एक रेस्तरां आग में पूरी तरह जल गया. बीबीसी ने कुछ समूहों के बीच मारपीट होते भी देखा.

मध्य पेरिस में दंगा रोधी पुलिस को एक भीड़ की ओर बढ़ते और कई लोगों को डंडों से पीटते देखा गया.

ऐतिहासिक इमारत में आगजनी

पेरिस के प्लेस डे ला रिपब्लिक में जीवनयापन की लागत और ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और फ्रांसीसी पुलिस के बीच झड़पों में एक कार जल उठी.
इमेज कैप्शन, पेरिस के प्लेस डे ला रिपब्लिक में एक कार में आग लगा दी गई

ल्योन के मेयर ग्रेगोरी दूसे ने शहर के पर्यटन कार्यालय में आग लगाए जाने को शहर के लिए "एक त्रासदी" बताया.

उन्होंने बीएफएमटीवी से कहा, "इससे हमारा दिल टूट जाता है, क्योंकि यह एक बेहद प्रसिद्ध और ऐतिहासिक इमारत है."

स्थानीय पुलिस ने कहा कि "शत्रुतापूर्ण लोगों" ने दमकलकर्मियों को सुरक्षित तरीके से आग बुझाने से रोका.

दमकलकर्मियों ने लिमोज टाउन हॉल में लगी आग पर भी काबू पाने की कोशिश की. आग के कारण इमारत का एक हिस्सा ढह गया.

दक्षिण-पूर्वी शहर सेंट-एटियेन के मेयर रेजिस जुआनिको ने सोशल मीडिया पर कहा कि एक युवक का "ग्रेनेड से हाथ उड़ गया".

उन्होंने आगे कहा, "ऐसी त्रासदी कभी नहीं होनी चाहिए थी."

Hesham Elsherif/Anadolu via Getty Images
इमेज कैप्शन, पेरिस में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प

गृह मंत्रालय ने कहा कि प्रदर्शनों के दौरान राजधानी के कुछ हिस्सों और मार्सेई, रेनेस, टूलूज और आंजे समेत कई जगहों पर "नकाबपोश लोगों" ने "लक्षित हिंसक घटनाओं" को अंजाम दिया.

फ़्रांस में इमारतों को नुक़सान पहुंचने की खबरें सामने आईं. इनमें ग्रेनोबल, एविन्यों, पो, मॉनपेलिए और वालांस शामिल हैं.

पेरिस में कपड़ों और खाने-पीने के सामान की दुकानों में लूटपाट की गई, जबकि लील शहर में एप्पल स्टोर में घुसकर वहां का सामान निकाल लिया गया.

बीबीसी वेरिफाई ने एक वीडियो की पुष्टि की, जिसमें ग्रेनोबल के शहर के केंद्र में एक संकरी सड़क पर नकाबपोश लोग पर्यटकों की ट्रेन चलाते हुए कम से कम तीन दंगा रोधी पुलिसकर्मियों की ओर बढ़ते दिखाई दिए.

क्यों शुरू हुए प्रदर्शन

प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पों के बीच फ्रांसीसी दंगा पुलिस जलते हुए बैरिकेड के पास से गुजर रही है.
इमेज कैप्शन, पेरिस में त्वरित कार्रवाई करने वाली दंगा पुलिस तैनात की गई.
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
दिनभर
Dinbhar: आवाज़ वही, अंदाज़ नया

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

एपिसोड

समाप्त

हाल के हफ़्तों में लाखों छात्रों ने देश के लीसी यानी माध्यमिक स्कूलों में कर्मचारियों की कमी और जर्जर सुविधाओं के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया है. इन स्कूलों में 15 से 18 साल के बच्चे पढ़ते हैं.

सितंबर के अंत से फ़्रांस के छात्रों ने बेहतर स्थितियों की मांग को लेकर देशभर के सैकड़ों हाई स्कूलों के दरवाज़े बंद कर दिए हैं. इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों के साथ झड़पें भी हुई हैं.

फ़्रांस के स्कूलों में ज्यादा निवेश की मांग को लेकर हाई स्कूल और विश्वविद्यालय के छात्रों के बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी हैं. देश के कुछ सबसे बड़े यूनियनों का गठबंधन भी उनके साथ शामिल हो गया है.

शनिवार को ट्रेड यूनियन के सदस्यों और दूसरे विरोध समूहों के शामिल होने से प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ गई.

इन समूहों में तथाकथित 'येलो वेस्ट' आंदोलन भी शामिल है. इस आंदोलन के सदस्यों ने 2018 से एक साल से ज्यादा समय तक जीवन-यापन की बढ़ती लागत के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था.

यह फ्रांस के इतिहास के सबसे लंबे समय तक चलने वाले विरोध आंदोलनों में से एक बन गया था.

फ़्रांस में विरोध प्रदर्शन और अशांति की घटनाएं नई नहीं हैं, लेकिन इस बार के प्रदर्शन ऐसे समय हो रहे हैं, जब देश गहरी राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर रहा है.

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अगले साल पद छोड़ देंगे. जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़, अप्रैल में होने वाला राष्ट्रपति चुनाव नेशनल रैली की नेता मरीन ले पेन और कट्टर वामपंथी पार्टी ला फ्रांस इंसूमिज के नेता जां-ल्यूक मेलांशों के बीच मुक़ाबले में बदल सकता है.

मेलांशों ने फ़्रांस में हुए प्रदर्शनों में हिस्सा लिया. बाद में उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ "टूट पड़ने" का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने लूटपाट और आगजनी की निंदा भी की.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अगले साल पद छोड़ देंगे
इमेज कैप्शन, फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अगले साल पद छोड़ देंगे

प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने उनकी टिप्पणियों को "खतरनाक और निंदनीय" बताया.

इससे पहले उन्होंने कहा था कि पुलिस को "बेहद तीव्र हिंसा" का सामना करना पड़ा.

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ समूह राष्ट्रपति चुनाव से पहले इन प्रदर्शनों को "अभ्यास" के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे. उन्होंने आगे कहा, "कोई भी हिंसा के जरिए अपना राजनीतिक एजेंडा नहीं थोपेगा."

ले पेन ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से उठाई गई "जायज मांगों को कट्टर वामपंथ ने बंधक बना लिया है". उन्होंने मेलांशों पर हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.

17 अक्टूबर, 2026 को फ्रांस के पेरिस में प्रदर्शनों के दौरान एक दुकान में लूटपाट की गई.
इमेज कैप्शन, शनिवार को प्रदर्शनों के दौरान पेरिस और अन्य शहरों में दुकानों में लूटपाट हुई.

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, "जिन लोगों ने प्रीफेक्चर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की, उन पर हमला किया और यहां तक कि हमारे टाउन हॉल में भी लूटपाट की, उनके खिलाफ़ मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें सजा दी जाएगी."

सरकार ने रियायतें देने की कोशिशें भी की हैं. शिक्षा मंत्री एडुआर गेफ्रे ने 8 अक्टूबर को एक टेलीविजन इंटरव्यू के दौरान 3,000 अतिरिक्त अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति का वादा किया.

हालांकि, विरोध प्रदर्शन जारी हैं और उनकी तीव्रता बढ़ गई है.

हमने इस लेख का अनुवाद करने में एआई की मदद ली है, जिसे मूल रूप से अंग्रेज़ी में लिखा गया था. बीबीसी के एक पत्रकार ने प्रकाशन से पहले इस अनुवाद की जांच की. हम एआई का उपयोग कैसे कर रहे हैं, इसके बारे में और जानें.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.