फ़्लाईदुबई के को-पायलट ने विमान को तेल अवीव एयरपोर्ट या किसी इमारत से टकराने की योजना बनाई थी: रिपोर्ट्स

फ़्लाईदुबई का विमान सऊदी अरब से यात्रियों को लेकर तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पहुंचा
(30 सितंबर 2026)
इमेज कैप्शन, फ़्लाईदुबई के दूसरे विमान से सऊदी अरब में फंसे यात्रियों को इसराइल लाया गया
    • Author, डेविड ग्रिटन
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 5 मिनट

अमेरिका और इसराइल की रिपोर्टों के मुताबिक़, फ़्लाईदुबई के विमान को हाईजैक करने की कोशिश के अभियुक्त को-पायलट की योजना विमान को तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट या शहर की किसी ऊंची इमारत से टकराने की थी.

रिपोर्टों के मुताबिक़, ओमान का रहने वाले इस अभियुक्त का किसी संगठन से नाता अभी साबित नहीं हुआ है, और वह इस काम को अकेले अंज़ाम देने का इरादा रखता था.

संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि को-पायलट ने पिछले बुधवार दुबई से तेल अवीव जा रही फ़्लाइट FZ1073 में "आतंकी हमला" करने की कोशिश की.

उसने कॉकपिट में रखी इमरजेंसी क्रैश ऐक्स से कैप्टन पर हमला किया और उन्हें घायल कर दिया. इसके बाद पायलट के किसी तरह कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने के बाद यात्रियों ने हमलावर को-पायलट को काबू में कर लिया. विमान में मौजूद दूसरे क्रू मेंबर ने विमान को सऊदी अरब में उतारा.

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि को-पायलट का "इस्लामिस्ट कट्टरपंथी विचारों के लिए ब्रेनवॉश" किया गया था. उन्होंने कहा कि कैप्टन, यात्रियों और दूसरे क्रू मेंबर ने "9/11 जैसी बड़ी तबाही" होने से रोक दिया.

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वीडियो कैप्शन, पीएम मोदी से बातचीत में कैप्टन स्मित ने बताया फ़्लाइट में क्या कुछ हुआ?

को-पायलट के बारे में और क्या जानकारी मिली?

फ़्लाईदुबई की फ़्लाइट के को-पायलट के बारे में और जानकारी सामने आई है. कई रिपोर्टों में उसका नाम हमाम अल-हमामी बताया गया है. यूएई में उससे पूछताछ जारी है और इसराइली अधिकारियों को जांच की जानकारी दी जा रही है.

इसराइली मीडिया ने जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने के बाद को-पायलट की योजना ये दिखाने की थी कि सब कुछ सामान्य है और इस तरह वह विमान को इसराइल की हवाई सीमा में ले जाता.

रिपोर्ट्स के मुताबिक को-पायलट की योजना बेन गुरियन एयरपोर्ट से विमान उतारने की मंज़ूरी हासिल करना और इसके बाद अपने इरादों को अंज़ाम देने की थी.

रिपोर्टों के मुताबिक़, इसके बाद वह 180 से ज़्यादा यात्रियों वाले बोइंग 737 मैक्स विमान को एयरपोर्ट या मध्य तेल अवीव की किसी ऊंची इमारत से टकराने की योजना बना रहा था. बताया गया है कि उसकी योजना 11 सितंबर 2001 के अमेरिका में हुए अल-क़ायदा के हमलों जैसी थी.

सूत्रों के मुताबिक़, उसके अकेले ही ऐसा करने की सबसे ज़्यादा संभावना थी. उसके किसी चरमपंथी संगठन या विदेशी सरकार के लिए काम करने की बात सामने नहीं आई है.

रिपोर्टों के मुताबिक़, को-पायलट ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया कि उसने पहले भी तेल अवीव जाने वाली एक फ़्लाइट को हाईजैक कर उसे क्रैश करने की योजना बनाई थी. लेकिन बाद में उसने यह इरादा छोड़ दिया, क्योंकि विमान में मौजूद एक व्यक्ति उसका परिचित था.

यूएई या इसराइल के अधिकारियों ने इस पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की.

यूएई के अटॉर्नी जनरल हमाद अल-शम्सी ने शनिवार को कहा कि जांच से घटना की पूरी जानकारी, मक़सद और इससे जुड़े किसी भी लिंक का पता चलेगा. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद इसके नतीजे जारी किए जाएंगे.

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वीडियो कैप्शन, फ़्लाईदुबई की फ़्लाइट में सवार पैसेंजर की मां ने क्या बताया

सुरक्षा में चूक को लेकर सवाल

इस घटना के बाद सुरक्षा में बड़ी चूकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. इनमें यह सवाल भी शामिल है कि फ़्लाईदुबई ने को-पायलट को नौकरी कैसे दी और इसराइली यात्रियों से भरे विमान को तेल अवीव ले जाने की उसे अनुमति कैसे मिली.

क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक़, ओमान की सरकारी एयरलाइन ओमान एयर ने को-पायलट को उड़ान भरने से रोक दिया था. चरमपंथी विचारों को लेकर चिंता के बाद उसे फ़्लाइट के बजाए एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़ी नौकरी दे दी गई थी.

अधिकारियों के मुताबिक़, बाद में यूएई की फ़्लाईदुबई ने उसे नौकरी दे दी. कंपनी की सामान्य सुरक्षा जांच में उसके बारे में चरमपंथ से जुड़े किसी संकेत की पड़ताल नहीं की गई.

30 सितंबर को फ़्लाईदुबई की फ़्लाइट FZ1073 में सवार यात्री बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उतरते हुए
इमेज कैप्शन, 30 सितंबर को फ़्लाईदुबई की फ़्लाइट FZ1073 में सवार यात्री बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उतरते हुए
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इसराइल के विमानन नियमों के मुताबिक़, उन देशों के नागरिक पायलट इसराइल जाने वाली उड़ान नहीं चला सकते जिनके इसराइल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं. ओमान भी ऐसे ही देशों में शामिल है.

क्षेत्रीय अधिकारियों ने रविवार को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि फ़्लाइट FZ1073 के उड़ान भरने से पहले यूएई के अधिकारियों ने इसराइल को यात्रियों और क्रू की सूची दी थी.

इसराइल की घरेलू सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने कहा कि विदेशी एयरलाइंस की ऐसी सूचियों की जांच की ज़िम्मेदारी परिवहन मंत्रालय की है.

लेकिन परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने कहा कि उनके मंत्रालय को यात्रियों और क्रू की सूची नहीं दी गई थी. उन्होंने कहा कि विदेशी एयरलाइंस की उड़ानों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी शिन बेट और विदेशों में खुफिया काम करने वाली एजेंसी मोसाद की है.

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख को इसराइल आने वाली विदेशी नागरिक उड़ानों की "सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं" की समीक्षा करने को कहा है.

ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी भी को-पायलट के ऑस्ट्रेलिया से संबंधों की जांच कर रहे हैं. स्थानीय मीडिया को सूत्रों ने बताया है कि उसने 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई की थी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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