पाकिस्तान का नाम लिए बगैर बोले जयशंकर, रूस ने मुश्किल वक्त में दिया भारत का साथ

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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत और रूस के संबंधों को लेकर कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की नींव 1950 के दशक से ही मज़बूत रही है.
62वीं म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने कहा कि बदलते समय के साथ भारत-रूस संबंधों का दायरा भी व्यापक हुआ.
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, "भारत और रूस के ऐतिहासिक रूप से बहुत अच्छे रिश्ते रहे हैं, ख़ासकर 1950 के दशक से. उस इतिहास को भुलाया नहीं गया है... हमारे लिए सोवियत संघ, एक ऐसा देश था जो कई तरह से हमारे साथ खड़ा रहा, जब हमारी सुरक्षा और हमारी क्षेत्रीय अखंडता पर ख़तरा था."
उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा, "ऐसे समय में जब दुनिया के ज़्यादातर देश हमारे पड़ोस में एक सैन्य शासन का समर्थन करना पसंद कर रहे थे, रूस एक ऐसा देश था जिसके साथ हमारे बहुत अच्छे रिश्ते थे."
उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध 'दुर्भाग्यपूर्ण संघर्ष' बताते हुए कहा, "इस संघर्ष पर हमारा रुख़ बिल्कुल साफ़ रहा है कि हम इसका अंत देखना चाहते हैं. इसके लिए बातचीत और कूटनीति की ज़रूरत होगी. इस मामले में बातचीत होनी ज़रूरी है."
एस जयशंकर ने कहा कि भारत युद्ध को रुकवाने के लिए दोनों देशों से बातचीत कर चुका है.











