दिल का दुश्मन तलाक!

तलाक
    • Author, जेम्स गैलाघर
    • पदनाम, स्वास्थ्य संपादक, बीबीसी न्यूज़ वेबसाइट
  • प्रकाशित

तलाकशुदा लोगों में दिल का दौरा पड़ने की आशंका शादी में बने रहने वाले लोगों की तुलना में ज़्यादा होती है.

15,827 लोगों के बीच कराए गए शोध में ये पता चला कि शादी से अलग होने का महिलाओं पर ज़्यादा बुरा असर पड़ता है.

अमरीकी शोधकर्ताओं ने पाया कि दोबारा शादी करने की सूरत में तलाकशुदा महिलाओं में दिल के दौरे का ख़तरा शायद ही कम होता है.

विज्ञान पत्रिका 'सर्कुलेशन' में छपे रिसर्च के मुताबिक तलाक की वजह से तनाव की समस्या पैदा हो जाती है और शरीर पर इसका लंबे समय तक असर पड़ता है.

अटैक का रिस्क

तलाक

ब्रिटिश हार्ट फ़ॉउंडेशन ने मांग की है कि तलाक के मामलों को दिल के दौरे के ख़तरे से जोड़े जाने से पहले और अधिक शोध किए जाएँ.

हम पहले से ही जानते हैं कि किसी करीबी की मौत की वजह से हृदयाघात की आशंका पहले ही बढ़ जाती है.

ड्यूक यूनीवर्सिटी की एक टीम भी तलाक के मामलों के अध्ययन के बाद ऐसे ही नतीजे पर पहुंची है.

साल 1992 से 2010 के बीच किए इस शोध में तीन तलाकशुदा लोगों में कम से कम एक पर इसका ख़तरा रहा है.

कई बार तलाक

दिल

जिन महिलाओं का एक बार तलाक हुआ है, उनमें से 24 फ़ीसदी को हार्ट अटैक का ख़तरा रहा है जबकि शादी में बने रहने वाली महिलाओं में इसका ख़तरा नहीं था.

जिन महिलाओं का कई बार तलाक हो चुका है, उनमें इसका ख़तरा 77 फीसदी तक रहता है.

पुरुषों के मामले में ये ख़तरा 10 फीसदी तक रहता है जबकि एक से अधिक तलाक के मामलों में ख़तरा 30 फीसदी तक बढ़ जाता है.

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