लाइव, चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों पर योगी आदित्यनाथ ने ये कहा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव आयोग की भूमिका पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है.

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रौनक भैड़ा

  1. चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों पर योगी आदित्यनाथ ने ये कहा

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
    इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने देश में सबसे अधिक शासन किया, लेकिन वह लगातार चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव आयोग की भूमिका पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है.

    योगी आदित्यनाथ ने सवाल उठाया है कि विपक्षी दल चुनाव हारते हैं तभी ईवीएम या चुनाव आयोग को क्यों ज़िम्मेदार ठहराते हैं.

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "कांग्रेस और विपक्षी दलों का नज़रिया हमेशा से अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुँचाने, लोकतांत्रिक मूल्यों को कमज़ोर करने की हर उस साज़िश का हिस्सा रहे हैं, जिसके कारण दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नुकसान पहुँच सके."

    "यह आश्चर्यजनक है कि देश का मुख्य विपक्षी दल और यूपीए गठबंधन से जुड़े अन्य दलों की वर्तमान हरकतें और उनकी बयानबाज़ी अत्यंत ग़ैर-ज़िम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुँचाने वाले हैं... एसआईआर को लेकर इन्होंने लगातार भ्रम फैलाया है. ऐसा पहली बार नहीं है, जब एसआईआर हुआ है, इससे पहले भी चुनाव आयोग ये करता रहा है."

    उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने देश में सबसे अधिक शासन किया, लेकिन वह लगातार चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है. ये विपक्षी दल चुनाव जीत जाएँ तो इनका पुरुषार्थ है, जबकि जनता इन्हें नकार देती है तो ये चुनाव आयोग और ईवीएम को ज़िम्मेदार ठहराते हैं. इनको खुद इस पर विचार करना चाहिए."

    दरअसल, अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू की कई फ़ैसलों में असहमति रही है.

    जिसके बाद विपक्ष ज्ञानेश कुमार पर मनमाने तरीक़े से फ़ैसले लेने का आरोप लगा रहा है.

    वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग की है. सीजेपी ने इस्तीफ़ा नहीं देने पर 2 अक्तूबर को देशव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है.

  2. भारत-वेस्टइंडीज़ के बीच पहला वनडे आज, कोहली पर सबकी निगाहें

    विराट कोहली
    इमेज कैप्शन, मैच के लिए टॉस दोपहर 1:30 बजे होगा (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच तीन मैचों की वनडे सिरीज़ का पहला मुक़ाबला आज (रविवार) तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफ़ील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा.

    आगामी चैंपियंस ट्रॉफ़ी की तैयारियों के लिहाज़ से यह वनडे सिरीज़ भारत और वेस्टइंडीज़, दोनों के लिए अहम मानी जा रही है.

    सिरीज़ में भारतीय टीम की कमान युवा बल्लेबाज़ शुभमन गिल संभाल रहे हैं, जबकि वेस्टइंडीज़ की कप्तानी अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज़ शाई होप के हाथों में है.

    इस मैच से पहले पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज़ विराट कोहली ने कहा है कि अब वो बाहरी उम्मीदों की चिंता किए बग़ैर खुलकर खेलना चाहते हैं. इसलिए सबकी नज़रें उन पर टिकी होंगी.

    मैच का टॉस दोपहर 1:30 बजे होगा, जबकि मुक़ाबला दोपहर 2 बजे से शुरू होगा.

    दोनों टीमों के स्क्वॉड

    भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल, ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औक़िब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर

    वेस्टइंडीज़: शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टी, शेरफ़ेन रदरफ़ोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, अमीर जांगू, मैथ्यू फ़ोर्ड, रोस्टन चेज़, गुडाकेश मोती, अल्ज़ारी जोसेफ़, जायडेन सील्स, शमर जोसेफ़, ज्वेल एंड्रयू, विटेल लॉव्स, कीमो पॉल

  3. असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग के किस फ़ैसले को गलत ठहराते हुए कहा- मैंने शुरू से इसका विरोध किया

    असदुद्दीन ओवैसी
    इमेज कैप्शन, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वो शुरू से ही एसआईआर का विरोध करते रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. साथ ही उन्होंने कहा है कि एसआईआर ग़लत फ़ैसला था.

    असदुद्दीन ओवैसी ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "मैं शुरू से ही एसआईआर का विरोध करता रहा हूं. मेरा मानना है कि एसआईआर को लेकर लिया गया फ़ैसला ग़लत था, लेकिन हम क्या कर सकते थे? सुप्रीम कोर्ट ने इसे सही ठहराया."

    "चुनाव आयोग के फ़ैसले बहुमत के आधार पर होने चाहिए थे. देश को बताइए कि ये फ़ैसले किस बहुमत से लिए गए? आपको आज बताना था कि बहुमत से कितने फ़ैसले लिए गए. आपके दो चुनाव आयुक्तों ने असहमति के नोट दिए थे. अगर फ़ैसले बहुमत से नहीं लिए गए, तो उनकी क़ानूनी मान्यता क्या रह जाती है?"

    उन्होंने कहा, "एसआईआर की वजह से इस देश में ग़रीब सबसे ज़्यादा परेशान हो रहे हैं. दस्तावेज़ ढूंढने के लिए इधर-उधर भागने के कारण उनकी सम्मान को ठेस पहुंच रही है. इससे ग़रीबों पर इतना बड़ा बोझ पड़ रहा है कि मुझे समझ नहीं आता कि इसे कैसे संभाला जाएगा."

    ओवैसी ने कहा, "बीजेपी सरकार को उन लोगों की स्थिति के बारे में बताना चाहिए, जिनके नाम एसआईआर में नहीं आए. अब उन लोगों को देखिए, जिनके नाम छूट गए हैं- उनके बच्चों, बेटों, बेटियों या पोते-पोतियों का क्या होगा? वे अपने नाम कैसे जुड़वाएंगे? अगर उनके दादा-दादी या माता-पिता के नाम ही नहीं हैं, तो वे अपने परिवार का रिश्ता किसके साथ जोड़ेंगे?"

    वहीं, शनिवार को भारतीय चुनाव आयोग की बैठक में एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई फ़ैसले लिए गए.

    आयोग ने निर्देश दिया कि नोटिस पाए मतदाताओं के दस्तावेज़ बीएलओ घर जाकर जुटाएंगे और ईसीआईनेट पर अपलोड करेंगे, जबकि रैन बसेरों, मज़दूरों, ग़रीबों और बेघर लोगों के लिए विशेष सहायता केंद्र बनाए जाएंगे.

  4. रवि किशन से जुड़े वायरल वीडियो पर कांग्रेस ने क्या कहा

    रवि किशन
    इमेज कैप्शन, वीडियो में एक शख़्स पर फ़ोन पर कथित तौर रवि किशन से बात करता हुआ दिखाई दे रहा है और जलभराव की शिकायत कर रहा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद और अभिनेता रवि किशन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है.

    वीडियो में एक शख़्स फ़ोन पर कथित तौर पर रवि किशन से बात करता हुआ दिखाई दे रहा है और जलभराव की शिकायत कर रहा है.

    इस पर सामने से जवाब आता है, "सपा जॉइन कर लिए हो क्या?" हालाँकि, बीबीसी हिन्दी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.

    कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "बीजेपी पार्षद ने गोरखपुर के बीजेपी सांसद रवि किशन से इलाक़े में भयंकर जलभराव की शिकायत की. इस पर सांसद जी भड़क गए और बोले: सपा जॉइन कर लिए हो क्या?"

    उन्होंने कहा, "ज़रा सोचिए- जो लोग अपनी ही पार्टी के पार्षद की नहीं सुन रहे, वो आम जनता को क्या समझते होंगे! यही बीजेपी की घटिया मानसिकता है."

    आगे लिखा, "इन्हें जनता की तो रत्ती भर परवाह है नहीं, लेकिन अगर कोई सवाल पूछ ले तो ऐसी ओछी बातों पर उतर आते हैं. शर्म आनी चाहिए."

    इस मामले पर सांसद रवि किशन का बयान सामने नहीं आया है. उनकी प्रतिक्रिया आते ही उसे भी हम यहां शामिल करेंगे.

  5. ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका अपना रहा है ये रणनीति, वित्त मंत्री ने बताया

    स्कॉट बेसेंट
    इमेज कैप्शन, अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वॉशिंगटन ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए कई देशों के साथ काम कर रहा है.

    उन्होंने कहा कि उनके निर्देश पर कई देशों में प्रतिनिधिमंडल भेजे गए, ताकि ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए उन्हें राज़ी किया जा सके.

    बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मेरे निर्देश पर टीमों को दुनिया के अलग-अलग देशों में भेजा गया, ताकि वे वहाँ की सरकारों से बात करें और ईरानी शासन के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करें. इन कोशिशों का असर दिख रहा है."

    "तुर्की और ओमान ने अपने देशों के लिए महान एयर की उड़ानें बंद करने का ऐलान किया. यूएई ने ईरानी एयरलाइनों की सभी उड़ानें रोक दी हैं. वहीं, यूएई और तुर्की के बड़े बैंकों ने ईरान के साथ लेन-देन बंद कर दिया है."

    उन्होंने लिखा, "ईरान के नेतृत्व ने भी युद्ध से अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को माना है. ईरानी मुद्रा रियाल की क़ीमत रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है. मैं ब्रिटेन, तुर्की, ओमान और यूएई की सरकारों का आभार व्यक्त करता हूं. हम साथ मिलकर काम करते रहेंगे, क्योंकि ईरान को अपने आतंकवादी एजेंडे को आगे बढ़ाने से रोकने के लिए अभी और काम करना बाकी है."

    स्कॉट बेसेंट ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट भी साझा की. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अधिकारी पिछले दो सप्ताह के दौरान 50 से ज़्यादा देशों के साथ तेहरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाने की योजना को लेकर चर्चा कर चुके हैं.

  6. संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस ने कहा, 'स्थाई सीट के लिए हमारा भारत को समर्थन'

    सर्गेई लावरोव
    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित करते हुए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी को रूस का समर्थन मिला है.

    संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित करते हुए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शनिवार को सुरक्षा परिषद में सुधार की वकालत की. साथ ही पश्चिमी देशों को अतिरिक्त स्थायी सीटें दिए जाने का विरोध किया.

    सर्गेई लावरोव ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के तहत पश्चिमी देशों, ख़ासकर जर्मनी और जापान को कोई अतिरिक्त सीट नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि वे अब सैन्यवाद और बदला लेने की राह पर बढ़ रहे हैं,” लावरोव ने कहा.

    लावरोव ने सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ़्रीका और लैटिन अमेरिका के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की ज़रूरत बताई.

    उन्होंने कहा, “हम एशिया, अफ़्रीका और लैटिन अमेरिका के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के पक्ष में हैं. हम स्थायी सीट के लिए ब्राज़ील और भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करते हैं.”

    रूस का यह रुख़ ऐसे समय सामने आया है, जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर सदस्य देशों के बीच लंबे समय से चर्चा जारी है.

    गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस के दौरान मॉरीशस ने भी सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया.

  7. ईरान वॉर के दौरान भारतीय नाविकों पर हुए हमलों को लेकर जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में क्या कहा?

    एस जयशंकर
    इमेज कैप्शन, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन दिया

    भारत ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया के नेताओं से कहा कि खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच व्यावसायिक जहाज़ों और नाविकों को निशाना बनाना "बिल्कुल अस्वीकार्य" है.

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की आम बहस में कहा, “इस साल हम खाड़ी क्षेत्र में एक संघर्ष देख रहे हैं, जिसने पहले से मुश्किल स्थिति को और गंभीर बना दिया है. हम लगातार जारी हिंसा को लेकर बेहद चिंतित हैं.”

    उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाज़ों और नाविकों को निशाना बनाना 'बिल्कुल अस्वीकार्य' है.

    जयशंकर ने कहा, "भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और व्यापार की आवाजाही को बिना रुकावट जारी रखने की अपील करता है."

    उन्होंने कहा कि समुद्री क्षेत्र में नई चुनौतियों ने ज़मीन पर पहले से मौजूद समस्याओं को और बढ़ा दिया है.

    जयशंकर ने कहा, “खाड़ी क्षेत्र में और लाल सागर से लेकर काला सागर तक व्यावसायिक जहाज़ों और नाविकों पर हमले हुए हैं. भारतीय नाविकों की भी जान गई है और दूसरे देशों के नाविकों की भी. यह पूरी तरह अस्वीकार्य है.”

    गौरतलब है कि अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के दौरान जहाज़ों पर हुए हमलों में कई भारतीय नाविकों की मौत हुई है.

  8. यूपी में भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में 13 लोगों की मौत, कई इलाकों में बाढ़ का ख़तरा

    यूपी बाढ़
    इमेज कैप्शन, पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश हुई

    उत्तर प्रदेश में शनिवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में 13 लोगों की मौत हो गई है.

    राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने समाचार एजेंसी एएनआई से इसकी पुष्टि की.

    उन्होंने कहा, "पिछले 48 घंटों से राज्य के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश हो रही है. इसका असर खास तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल से सटे जिलों में ज्यादा है. यह स्थिति चक्रवात असना के प्रभाव के कारण बनी है."

    आयुक्त ने कहा, "अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और अलग-अलग माध्यमों से लोगों को अलर्ट किया गया है. प्रभावित जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री भी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, 17 लोग घायल भी हुए हैं. एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि राज्य के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई और कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ का मध्यम खतरा बना हुआ है.

    पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश हुई.

    भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं से खड़ी फसलों को नुक़सान पहुंचा और 117 मकान क्षतिग्रस्त हुए. पुलिस के मुताबिक़, अलग-अलग घटनाओं में मिट्टी की दीवार गिरने से पांच लोगों की मौत हुई.

    वहीं, तेज हवाओं और भारी बारिश के दौरान पेड़ उखड़ने से पांच लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हुए. लखीमपुर खीरी, अमेठी, बाराबंकी और गोरखपुर जिलों से लोगों के हताहत होने की ख़बर है.

    बारिश
    इमेज कैप्शन, लखनऊ में बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हुई दीवार

    लखनऊ के चैना गांव में मिट्टी के मकान की दीवार गिरने से एक परिवार के तीन लोग घायल हो गए. उन्हें मलबे से निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. कन्नौज में लगातार हो रही बारिश से 20 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए.

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार से शनिवार सुबह तक लखनऊ में 125.8 मिलीमीटर बारिश हुई.

    फ़र्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना और कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई.

    भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया था. रविवार को भी कई जगहों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.

  9. एस जयशंकर का पाकिस्तान पर तीखा हमला, कहा- "लगातार आतंकवाद फैलाने वाला देश"

    एस जयशंकर
    इमेज कैप्शन, जयशंकर ने पाकिस्तान या प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ का नाम लिए बगैर तीखा हमला बोला

    भारत ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के बयान पर कड़ा जवाब दिया.

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "लगातार आतंकवाद फैलाने वाला देश आतंकवाद को सामान्य बताने और उसके नतीजों से बचने की कोशिश करता है, तो यह स्वीकार नहीं किया जाएगा."

    दरअसल, एक दिन पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने न्यूयॉर्क में चल रही यूएन जनरल असेंबली में कहा था कि दक्षिण एशिया को 2025 जैसे संघर्ष से दोबारा बचाने के लिए कश्मीर मुद्दे का “न्यायपूर्ण और निष्पक्ष समाधान” ज़रूरी है.

    उन्होंने कहा था कि भारत का सिंधु जल संधि को स्थगित रखना कानूनी आधार नहीं रखता. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत पाकिस्तान के हिस्से के सिंधु नदी के पानी को रोकता, बाधित करता या मोड़ता है, तो इसे “युद्ध की कार्रवाई” माना जाएगा.

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का जवाब देते हुए कहा, “कल आतंकवाद को लगातार अंजाम देने वाले एक देश ने इस महासभा के सामने तथ्यों को ग़लत तरीके से पेश किया.”

    जयशंकर ने पाकिस्तान या प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ का नाम नहीं लिया.

    जयशंकर ने कहा, “हमें आतंकवाद के ख़िलाफ़ अपनी रक्षा करने का अधिकार है और हम इसका इस्तेमाल करेंगे.”

    उन्होंने कहा कि “दोस्ती और सद्भावना आतंकवाद के साथ नहीं चल सकते.”

    उन्होंने कहा, “ऐसी किसी समझ या रिश्ते पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है, जो आतंकवाद के साथ रहते हुए बनाए जाएं. आतंकवाद को अंजाम देने वाले को अपने तौर-तरीके बदलने होंगे.”

    जयशंकर ने दुनिया के नेताओं से कहा कि शांति के लिए लगातार बना हुआ एक बड़ा ख़तरा आतंकवाद है.

    उन्होंने कहा, “अगर किसी देश की तरफ़ से आतंकवाद को समर्थन दिया जाता है और उसका मक़सद सीमा पार तक फैला हुआ है, तो यह सीधे तौर पर वैश्विक व्यवस्था के ख़िलाफ़ है.”

    भारत ने ऐसे काम करने वाली सरकारों को जवाबदेह ठहराने की मांग की. जयशंकर ने कहा, “आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमारी ज़ीरो-टॉलरेंस की नीति में कोई ढील नहीं होनी चाहिए. ख़ास तौर पर आतंकवाद के वित्तीय स्रोतों को सामने लाना और उन पर रोक लगाना ज़रूरी है.”

    शहबाज़ शरीफ़ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान 2025 में भारत के साथ हुए संघर्ष में “समय पर दख़ल” देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को श्रेय दिया था.