स्पेसएक्स का स्टारशिप रॉकेट 26 सैटेलाइट को ऑर्बिट में स्थापित कर वापस लौटा
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इमेज कैप्शन, एलन मस्क ने पूरी तरह से दोबारा इस्तेमाल करने वाले रॉकेट को विकसित करने का दावा किया है
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने सोमवार को अपने दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले सुपर हेवी-स्टारशिप रॉकेट को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने में क़ामयाबी हासिल की है.
यह स्टारशिप रॉकेट पृथ्वी की कक्षा में क़रीब तीन घंटे बिताने के बाद प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन हुआ है.
हालांकि स्पेसएक्स ने अपनी लाइवस्ट्रीम में कहा कि इस बार स्टारशिप की समुद्र में लैंडिंग पिछले परीक्षणों की तरह 'काफ़ी आसान' नहीं रही.
स्टारशिप के समुद्र में उतरने के कुछ ही देर बाद लाइवस्ट्रीम में आग का एक बड़ा गोला दिखाई दिया.
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इमेज कैप्शन, स्प्लैशडाउन के समय आग का गोला देखा गया
इस मिशन को क़रीब 10 घंटे तक चलना था, लेकिन स्पेसएक्स की टीम ने इसे तय समय से पहले ही ख़त्म करने का फ़ैसला किया.
स्टारशिप ने अगली पीढ़ी के 26 स्टारलिंक वी3 सैटेलाइट्स को उनकी कक्षा में तैनात किया. ये सैटेलाइट्स पहले से मौजूद उस समूह में शामिल हो गए हैं, जो धरती पर ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा मुहैया कराता है.
इससे पहले, एक इंजन में आई ख़राबी के बाद इंजीनियरों को यह फ़ैसला करना था कि रॉकेट को कक्षा में भेजा जाए या नहीं. लेकिन बाद में इसे लॉन्च करने का फ़ैसला लिया गया.
स्पेसएक्स, इस स्टारशिप को 'अब तक विकसित किया गया दुनिया का सबसे ताक़तवर लॉन्च व्हीकल' बताती है.
कंपनी का दावा है कि भविष्य में यह चालक दल और सामान को 'पृथ्वी की कक्षा, चंद्रमा, मंगल और उससे आगे' तक ले जाएगा.
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने कहा, 'आज कुछ लोग हमें दुनिया की चौथी महाशक्ति मानते हैं'
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इमेज कैप्शन, मोजतबा ख़ामेनेई की फ़ाइल फ़ोटो
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई का एक संदेश सुप्रीम लीडर की वेबसाइट पर प्रकाशित हुआ है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इस संदेश में "तेल उद्योग के राष्ट्रीयकरण और अमेरिकी तख्तापलट से जुड़ी घटनाओं" के साथ-साथ इराक़ के साथ हुए युद्ध का भी ज़िक्र है.
संदेश में कहा गया है कि देश "अब उस स्थिति में पहुंच गया है, जब हमलावर ख़ुद इस्लाम के योद्धाओं के हमलों से बचने की कोशिश कर रहे हैं और युद्ध छोड़ने की भीख मांग रहे हैं."
उन्होंने कहा, "आज कुछ लोग हमें दुनिया की चौथी महाशक्ति मानते हैं. हालांकि, न्याय स्थापित करने के मामले में ईरान दुनिया की पहली शक्ति है."
लंबे लिखित संदेश के एक दूसरे हिस्से में उन्होंने कहा, "मैं ईरान के प्रिय लोगों के सेवक के रूप में घोषणा करता हूं कि वह दौर बीत चुका है, जब हमारा दुश्मन लौटना चाहता था. वह दौर कभी वापस नहीं आएगा."
अपने पिता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के उत्तराधिकारी बनने के बाद से मोजतबा ख़ामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं. उनके नेतृत्व में अब तक उनकी ओर से कोई ऑडियो या वीडियो संदेश भी जारी नहीं किया गया है.
ईरानी अधिकारियों ने इसकी वजह "सुरक्षा" संबंधी चिंताओं को बताया है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान का कहना है कि वह इस्लामी गणराज्य के नेता से दो बार मिल चुके हैं.
दिल्ली एसआईआर में जिन वोटरों को नोटिस मिला उनके घर जाएंगे बीएलओ
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इमेज कैप्शन, दिल्ली में करीब 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस के लिए चिह्नित किया गया है (सांकेतिक तस्वीर)
चुनाव आयोग ने बताया है कि दिल्ली में एसआईआर की प्रक्रिया में जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, बीएलओ उनके घर जाएंगे.
चुनाव आयोग ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा है कि अब सुनवाई के लिए मतदाताओं को एआरओ/एईआरओ कार्यालय जाने की ज़रूरत नहीं होगी.
दरअसल दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेसिव रिवीज़न यानी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटे हैं.
दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेसिव रिवीज़न यानी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कई जानी-मानी हस्तियों के नाम उन मतदाताओं की सूची में शामिल हैं, जिन्हें चुनाव अधिकारियों ने नोटिस जारी किए हैं.
इनमें पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और विदेश सचिव विक्रम मिस्री समेत कई नाम हैं.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, दिल्ली में करीब 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस के लिए चिह्नित किया गया है.
दिल्ली गैंगरेप: डीयू की स्टूडेंट्स ने किया विरोध प्रदर्शन
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इमेज कैप्शन, दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट्स ने बारिश शुरू होने के बाद भी विरोध प्रदर्शन जारी रखा
दिल्ली में छात्राओं ने सोमवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से फैकल्टी ऑफ आर्ट्स तक 'हम आज़ाद हैं सॉलिडैरिटी मार्च' में हिस्सा लिया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, बारिश के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय की स्टूडेंट्स ने कालकाजी गैंगरेप के बाद महिला सुरक्षा को लेकर नॉर्थ कैंपस स्थित मिरांडा हाउस कॉलेज तक विरोध मार्च निकाला.
पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक़, बीते सोमवार शाम को 17 साल की एक नाबालिग अपने 17 वर्षीय मित्र के साथ कालकाजी मंदिर दर्शन के लिए आई थी.
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इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने भी सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में हाल में सामने आए रेप के मामलों का स्वतः संज्ञान लिया
ज्वाइंट सीपी सदर्न रेंज विजय कुमार ने बताया, "लड़का और लड़की पहले मंदिर गए और फिर आस्था कुंज पार्क में गए. तीन लोग उनके पास आए और ख़ुद को पुलिसकर्मी बताया."
"उन्होंने पुलिस और वकीलों जैसी भाषा में बात करते हुए कहा कि तुम नाबालिग हो, कुछ गलत कर रहे हैं और तुम्हारे ख़िलाफ़ मामला दर्ज हो सकता है. इसके बाद उन्होंने लड़के को पकड़ लिया और लड़की के साथ बारी-बारी से रेप किया."
राहुल गांधी ने इस इलाक़े के बारे में कहा, 'एक को छोड़ सारे वोट काटे, ज्ञानेश कुमार तो जाएंगे..'
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी दिल्ली में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं.
राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं. एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ़ एक नाम बचा, बाक़ी 727 नाम काट दिए गए."
"ये लोग दशकों से यहाँ रह रहे हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली चुनावों में वोट डाल चुके हैं. 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे, पर ये कहीं नहीं गए, यहीं हैं."
दरअसल दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेसिव रिवीज़न यानी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटे हैं.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, दिल्ली में करीब 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस के लिए चिह्नित किया गया है.
राहुल गांधी ने एक वीडियो शेयर कर बताया कि वे आज (सोमवार) इनकी झुग्गी में गए और "सीधे इन्हीं से सुना कि चुनाव आयोग ने इनके साथ क्या किया है."
उनका कहना है, "एसडीएम से फ़ोन पर मैंने यही कहा कि मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई रिश्ता नहीं है. ख़ुद सीईसी ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि 'हाउस नंबर-0 बेघरों के लिए है' फिर भी 727 लोगों का नाम काट दिया गया."
राहुल गांधी ने लिखा, "यह एसआईआर नहीं, वोट चोरी का तरीक़ा है. जिनके पास पहले ही सबसे कम ताक़त है, उनसे उनकी इकलौती ताक़त छीनी जा रही है. ज्ञानेश कुमार तो जाएँगे, पर जिस सिस्टम ने उनसे यह करवाया, उसका हिसाब भी होगा."
नगीना सांसद चंद्रशेखर ने बीएसपी प्रमुख मायावती के आरोपों का दिया जवाब
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इमेज कैप्शन, चंद्रशेखर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाना लोकतंत्र में सभी का अधिकार है
आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने बीएसपी प्रमुख मायावती के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है.
चंद्रशेखर ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "बहन जी ने आज की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में चुनाव आयोग, ईवीएम और नगीना लोकसभा चुनाव के संबंध में मेरे बारे में जो कहा, उसे मैंने सुना."
उन्होंने लिखा, "मुझे खुशी है कि जो लोग कभी कहते थे, 'कौन चंद्रशेखर?', उन्हें देश की जनता ने बता दिया कि चंद्रशेखर कौन है."
"नगीना की जनता ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव में मुझे 5,12,552 वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना. चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाना लोकतंत्र में सभी का अधिकार है."
चंद्रशेखर ने आगे लिखा, "मैं ख़ुद भी चुनाव प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता और मतपत्र से चुनाव की मांग करता रहा हूं. लेकिन नगीना के जनादेश को किसी षड्यंत्र से जोड़ने से उन लाखों मतदाताओं की भावना भी आहत होती है, जिन्होंने अपने विवेक से मतदान किया."
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग की थी.
साथ ही उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि नगीना के लोगों का मानना है कि "बीजेपी ने ईवीएम में धांधली करके चंद्रशेखर को जितवाया, जबकि उनका वहां पर कोई जनाधार नहीं है. अब चंद्रशेखर बीजेपी के इशारों पर काम कर रहे हैं, दलितों को उनके बहकावे में नहीं आना चाहिए."
केजरीवाल का बीजेपी पर आरोप- 'जेन ज़ी को थप्पड़ मार कर कहते हैं हमें रिश्ता बनाना है'
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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उस सड़क का दौरा किया है जहां रविवार को बीजेपी विधायक और दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक युवक को थप्पड़ मारा था.
केजरीवाल ने कहा, "ये सड़क कुछ ही दिन पहले बनी है. ये पूरी सड़क हाथ से उखड़ रही है. इस तरह की सड़क हमने कभी दिल्ली में बनते हुए नहीं देखी थी. ज़ाहिर तौर पर इसमें बहुत ज़्यादा भ्रष्टाचार हुआ है. पैसे कहां तक गए इसकी जांच होनी चाहिए."
उन्होंने कहा, "कल जब मंत्री जी को लोगों ने सड़क दिखाई तो उन्होंने इस लड़के (साहिब सिंह) को थप्पड़ मारा. मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि आप इस तरह से सरेआम लोगों को थप्पड़ नहीं मार सकते."
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "मोदी जी 12 बजे रात को रील बनाते हैं, भजन क्लबिंग में जाते हैं. कहते हैं कि हम जेन ज़ी से रिश्ता बनाएंगे."
"आप जेन ज़ी को थप्पड़ मारेंगे और कहेंगे कि हम रिश्ता बनाएंगे? इसलिए जेन ज़ी आपसे इतना नाराज़ हैं. जेन ज़ी को आप पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है."
केजरीवाल ने मांग की, "आप प्रवेश वर्मा को बर्खास्त कीजिए, उनको गिरफ़्तार कीजिए और जनता से माफ़ी मांगिए और जिन लोगों ने यह भ्रष्टाचार किया है उन्हें जेल भेजिए."
एशियन गेम्स: विथ्या रामराज ने पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, कांस्य पदक जीता
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इमेज कैप्शन, जापान में चल रहे एशियन गेम्स में भारत ने अब तक 40 मेडल जीते हैं (फ़ाइल फ़ोटो विथ्या रामराज )
भारत की विथ्या रामराज ने एशियन गेम्स की महिला 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है. उन्होंने यह दूरी 54.75 सेकंड में पूरी की और अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया.
वह यूएई की मरियम करीम (54.31 सेकंड) और कजाकिस्तान की एडेलिना जेम्स (54.58 सेकंड) के बाद रहीं, जिन्होंने क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते.
जापान में चल रहे एशियन गेम्स में भारत ने अब तक 40 मेडल जीते हैं. इनमें 4 गोल्ड, 17 सिल्वर और 19 ब्रान्ज़ मेडल शामिल हैं.
इन खेलों में चीन पहले पायदान पर हैं. उसने 127 गोल्ड के साथ कुल 224 मेडल अपने नाम किए हैं.
वहीं जापान 39 गोल्ड और कुल 164 मेडल्स के साथ दूसरे स्थान पर है.
कार्टून: टीआरपी से भी ज़रूरी!
इमेज कैप्शन, मीडिया को लेकर मद्रास हाई कोर्ट की टिपण्णी पर आज का कार्टून
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
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इमेज कैप्शन, ज्ञानेश कुमार विपक्षी दलों के साथ ही सीजेपी के निशाने पर हैं
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में आरोप लगाया गया है कि वो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की मंज़ूरी के बिना चुनाव आयोग के नाम पर फ़ैसले ले रहे हैं.
लाइव लॉ ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग की गई है.
बार एंड बेंच के मुताबिक़ राकेश कुमार सिंह की याचिका में 'क्वो वारंटो' की रिट की मांग की गई है. इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त से यह बताने को कहा गया है कि उन्होंने किस अधिकार के तहत ऐसे फै़सले लिए और अब भी ले रहे हैं, जैसे कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत आयोग को मिले सामूहिक निर्णय लेने के अधिकार का इस्तेमाल वह अकेले करने के हकदार हों.
भारतीय संविधान के प्रावधानों के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट में 5 तरीके के रिट दायर किए जा सकते हैं. इनमें 'क्वो वारंटो' भी शामिल है.
यह रिट मुख्य रूप से तब जारी की जाती है जब कोई व्यक्ति बिना अधिकार के किसी सार्वजनिक पद पर क़ब्ज़ा कर लेता है.
भारत में चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं.
फिलहाल ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जबकि सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी दो अन्य चुनाव आयुक्त हैं.
जब तीनों के बीच किसी मुद्दे पर सहमति नहीं होती है, तो फै़सला बहुमत के आधार पर लिया जाना होता है.
हालांकि, अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की हाल की रिपोर्टों के मुताबिक़, ज्ञानेश कुमार ने दो चुनाव आयुक्तों की असहमति के बावजूद कई फैसले लिए.
सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न विवाद पर चुनाव आयोग को दिया ये निर्देश
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इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने के चुनाव आयोग के फ़ैसले पर 18 सितंबर को हैरानी जताई थी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग को तय समय में फ़ैसला करने को कहा है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दोनों गुटों में से किसे पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने का अधिकार है.
कोर्ट ने ममता बनर्जी की उस याचिका पर यह आदेश दिया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग से टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को अंतरिम रूप से फ्रीज़ करने के चुनाव आयोग के फै़सले को चुनौती दी थी.
बार एंड बेंच के मुताबिक़, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने दोनों गुटों को चार सप्ताह के भीतर इस मामले में अपनी दलीलें पूरी करने का निर्देश दिया.
चुनाव आयोग को निर्देश दिया गया है कि ऐसी दलीलें जमा होने के बाद तीन महीने के भीतर मामले पर अपना अंतिम फै़सला दे.
लाइव लॉ के मुताबिक़ इस तरह से दलीलें जमा करने और अंतिम इस पर अंतिम फ़ैसला करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कुल मिलाकर चार महीने का वक़्त तय कर दिया है.
यह विवाद मई महीने में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजे आने के कुछ समय बाद तृणमूल कांग्रेस में हुए बंटवारे से जुड़ा है.
उस वक़्त मौजूदा नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के कई विधायक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी से अलग हो गए और उन्होंने टीएमसी का एक नया गुट बना लिया.
चुनाव आयोग ने फ़िलहाल ममता बनर्जी के गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' का नाम और 'फुटबॉल प्लेयर' का चुनाव चिह्न दिया है.
दूसरी ओर, पार्टी के बाग़ी गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' के नाम के साथ 'एनवलप' चुनाव चिह्न आवंटित किया गया.
पटना: पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे मेडिकल स्टूडेंट्स पर किया लाठी चार्ज
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इमेज कैप्शन, पटना में सोमवार को वाम दलों के अलावा मेडिकल स्टूडेंट्स ने भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया
पटना में बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज़ (बीयूएचएस) के मेडिकल स्टूडेंट्स ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया.
इस लाठीचार्ज में कुछ स्टूडेंट्स ने चोट लगने का आरोप लगाया है. इनकी मांग है कि 'बीयूएचएस के सत्र को नियमित किया जाए, रिज़ल्ट और अन्य समस्याओं को ठीक किया जाए.'
वहीं सोमवार को पटना में ही वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रदर्शन किया. पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट में बताया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति न होने के बाद भी कई फ़ैसले किए हैं.
इस ख़बर के बाद विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार को लेकर हमलावर हैं और उनके इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.
आशुतोष रांका ने कहा- 'ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना होगा, गेंद अब सीजेपी के पाले में'
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इमेज कैप्शन, आशुतोष रांका ने कहा है कि 'हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा नहीं दे देते'
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर मचे हंगामे के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा है कि सीजेपी पीछे हटने वाली नहीं है.
उन्होंने गुवाहटी में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "48 घंटे तक गेंद ज्ञानेश कुमार के कोर्ट में थी, अब गेंद सीजेपी के कोर्ट में है. हम 2 अक्तूबर से राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन शुरू करेंगे. हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा नहीं दे देते."
उन्होंने दावा किया कि सीजेपी पीछे हटने वाले लोगों में से नहीं है और सीजेपी अगर किसी चीज़ में हाथ डालती है तो जीतकर ही बाहर निकलती हैं.
आशुतोष रांका ने आरोप लगाया, "ज्ञानेश कुमार ने इस देश के 13 करोड़ लोगों के साथ धोखा किया है. उन्हें वोटर लिस्ट से बाहर किया. असम में भी विधानसभा (क्षेत्र) की सीमा फिर से निर्धारित की गई."
"एक-एक गांव के लोग तीन अलग-अलग विधानसभाओं में जाकर वोट डाल रहे हैं, केवल इसलिए कि हिमंत बिस्वा सरमा असम में चुनाव जीत सकें."
उन्होंने कहा, "इस तरह की धांधलीबाज़ी नहीं चलेगी. यह एक लोकतंत्र है. लोकतंत्र में सभी को वोट देने का संविधानिक अधिकार है और वो हक़ हम अपने लोगों को दिलाकर रहेंगे."
सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देने के लिए बीेत शनिवार यानी 26 सितंबर तक इस्तीफ़ा देने की मांग की थी और 2 अक्तूबर से देशव्यापी प्रदर्शन का अल्टिमेटम दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते रेप के मामलों पर पुलिस और प्रशासन के प्रति नाराज़गी जताई
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इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर से आने वाली रेप की ख़बरों पर चिंता जताई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में हाल में सामने आए रेप के मामलों का स्वतः संज्ञान लिया. इनमें एक पार्क में गैंगरेप और चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग के साथ यौन हमले का मामला शामिल है.
लाइव लॉ के मुताबिक़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बार-बार सामने आ रहे यौन अपराधों से जुड़ी ख़बरों से वे चिंतित हैं."
बेंच ने इसके लिए जवाबदेही तय करने की जरूरत पर जोर दिया.
आदेश में पीठ ने दिल्ली के स्वरूप नगर में किशोरी के गैंगरेप और हत्या के मामले का ज़िक्र किया.
वहीं एक चलती स्लीपर बस में नाबालिग के साथ यौन हमले का ज़िक्र करते हुए कोर्ट ने इसकी तुलना साल 2012 की निर्भया घटना से की.
कोर्ट ने कहा कि इन घटनाओं से यह सवाल उठता है कि क्या निर्भया मामले के बाद से क़ानून लागू करने वाली व्यवस्थाओं ने कोई सार्थक सुधार किया है.
पीठ ने कहा, "दिल्ली-एनसीआर में यौन अपराधों की हाल की अन्य घटनाओं की ख़बरों के साथ इन घटनाओं को देखने पर कानून लागू करने वाली एजेंसियों और सार्वजनिक प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से बुनियादी सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में व्यवस्थित नाकामी स्पष्ट रूप से सामने आती है."
अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी का एलान- 2 अक्तूबर से 'जेल भरो आंदोलन' करेंगे
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इमेज कैप्शन, सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को दोहराया है (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने नए आंदोलन की घोषणा की है. सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने सोमवार को इसकी जानकारी साझा की.
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्टर जारी किया, जिसमें लिखा है कि 2 अक्तूबर को सीजेपी मुंबई स्थित शिवाजी पार्क में 'जेल भरो आंदोलन' करेगी.
अभिजीत दीपके ने पोस्ट में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को दोहराया है.
सीजेपी ने पहले ही ये एलान कर दिया था कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं देंगे तो 2 अक्तूबर से आंदोलन की शुरुआत होगी.
हालांकि, सीजेपी को मुंबई में आंदोलन करने की इजाज़त नहीं मिली है.
इसको लेकर भी दीपके ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि लोगों की आवाज़ दबाने की ऐसी कोशिशें स्वीकार नहीं की जाएंगी.
मायावती ने चंद्रशेखर पर निशाना साधते हुए कहा- ईवीएम से नहीं, बैलेट पेपर से हों चुनाव
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इमेज कैप्शन, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस की (फ़ाइल फ़ोटो)
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है.
मायावती ने कहा कि बीएसपी की यह मांग है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से चुनाव तुरंत बंद किया जाए.
मायावती ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, "देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर सभी का विश्वास दोबारा कायम हो सके इसके लिए बीएसपी की यह मांग है कि ईवीएम से चुनाव तुरंत बंद किया जाए और बैलेट पेपर से ही वोट डालने की प्रक्रिया शुरू हो. एसआईआर को लेकर जो भी भ्रांतियाँ फैली हुई हैं, उन्हें भी ज़रूर दूर किया जाए, जिससे लोकतंत्र की रक्षा हो सके."
उन्होंने कहा, "बीएसपी ने शुरू से ही ईवीएम के ज़रिये वोटिंग कराने का खुलकर विरोध किया है. बीएसपी ने ईवीएम से होने वाली चुनाव की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम प्रक्रिया को ख़त्म करने की जगह ईवीएम के साथ एक वीवीपैट मशीन लगाए जाने की प्रक्रिया लागू करने का आदेश दे दिया."
मायावती ने कहा, "इस वीवीपैट के लगाए जाने का कोई भी फ़ायदा नहीं हुआ क्योंकि ईवीएम मशीन से गिनती के दौरान सभी वीवीपैट के वोट नहीं गिने जाते हैं."
मायावती ने नगीना से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर पर भी निशाना साधा.
मायावती ने कहा, "नगीना के लोगों का मानना है कि बीजेपी ने ईवीएम में धांधली करके चंद्रशेखर को जितवाया, जबकि उनका वहां पर कोई जनाधार नहीं है. अब चंद्रशेखर बीजेपी के इशारों पर काम कर रहे हैं, दलितों को उनके बहकावे में नहीं आना चाहिए."
प्रवेश वर्मा के थप्पड़ विवाद पर ये बोले मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी
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इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को कहा कि बीजेपी-आरएसएस 'हिंसा पर उतारू हैं' और दिल्ली के मंत्री युवाओं को थप्पड़ मार रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर 'सत्ता के अहंकार' में होने का आरोप लगाया है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को कहा कि बीजेपी-आरएसएस 'हिंसा पर उतारू हैं' और दिल्ली के मंत्री युवाओं को थप्पड़ मार रहे हैं.
दरअसल, हाल ही में दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वो एक शख़्स को थप्पड़ मारते हुए नज़र आए.
इस मामले पर खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "विपक्ष पर ईडी-सीबीआई और जनता पर थप्पड़-लाठी-गोली! मोदी जी की बीजेपी लोगों के सवालों से इतना घबरा गई है कि नाराज़ फूफा, दिमाग़ी नक्सल और आंदोलनजीवी जैसे अपशब्द भी अब फीके पड़ रहे हैं."
उन्होंने लिखा, "तानाशाह बीजेपी-आरएसएस सीधे हिंसा पर उतारू है. दिल्ली के मंत्री युवाओं को थप्पड़ मार रहे हैं. अमित शाह की निगरानी में जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज हुआ. उससे पहले किसानों को मोदी मंत्री पुत्र ने गाड़ी से कुचला. केंद्रीय मंत्री ने 'गोली मारो' वाली बात कही. किसान आंदोलन में रबर बुलेट चली, 750 किसानों की जान गई. गुजरात के ऊना में दलितों पर कोड़े बरसाए, पर न्याय अब तक नहीं मिला."
खड़गे ने लिखा, "सत्ता का अहंकार जब चरम पर होता है तो जनता का सार्वजनिक दमन और अपमान आदत बन जाती है. बीजेपी-आरएसएस वाले केवल नीतियों से ही लोकतंत्र नहीं कुचल रहे, अब लाठी-डंडे तान कर जनता पर सीधे प्रहार कर रहे हैं."
इससे पहले राहुल गांधी ने भी इस मामले पर प्रवेश वर्मा की आलोचना की थी.
उन्होंने एक्स पर लिखा था, "दिल्ली की बीजेपी सरकार के एक मंत्री वीडियो में एक नौजवान को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं. उसका गुनाह? वो वीडियो बना रहा था. मंत्री के सामने सड़क खोदकर दिखाई जा रही थी, और उसके हाथ में कैमरा था. ये उस सत्ता का चेहरा है जिसे अब वोटर से डर लगना बंद हो गया है."
इस पर प्रवेश वर्मा ने जवाब दिया, "राहुल जी आप रहने दो भाई, आपको कुछ नहीं पता."
प्रवेश वर्मा ने अपने वायरल वीडियो पर सफ़ाई भी दी थी. वर्मा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के एक कार्यकर्ता ने उनके परिवार के ख़िलाफ़ 'अभद्र भाषा' का इस्तेमाल किया था.
प्रवेश वर्मा ने कहा, "ऐसी स्थिति में आवेश में आकर मैंने वही किया, जो कोई भी व्यक्ति कर सकता है."
ट्रंप के इस फ़ैसले के बाद बढ़ीं कच्चे तेल की क़ीमतें
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इमेज कैप्शन, कच्चे तेल की क़ीमतों में क़रीब 2 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है (फ़ाइल फ़ोटो: डोनाल्ड ट्रंप)
ब्रेंट क्रूड ऑयल की क़ीमतों में सोमवार को क़रीब 2 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसके साथ ही ब्रेंट की क़ीमत 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई.
दरअसल, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को ख़ारिज किया, जिसमें सात दिनों के भीतर होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की बात कही गई थी.
ट्रंप के इस फ़ैसले की वजह से ही तेल की क़ीमतों में उछाल आया है.
हालांकि, इस बीच ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध "बहुत जल्द" ख़त्म हो जाएगा.
ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्ध समाप्त होने के बाद तेल की क़ीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी.