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लाइव, अगर अमेरिकी पैदल फ़ौज आई तो ईरान की ये है तैयारी, ग़ालिबाफ़ ने बताया

अमेरिका के ज़मीनी हमले की चर्चाओं के बीच ईरान के एक शीर्ष नेता ने कड़ी चेतावनी जारी की है.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह और इफ़्तेख़ार अली

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. अगर अमेरिकी पैदल फ़ौज आई तो ईरान की ये है तैयारी, ग़ालिबाफ़ ने बताया

    अमेरिका के ज़मीनी हमले की चर्चाओं के बीच ईरान के एक शीर्ष नेता ने कड़ी चेतावनी जारी की है.

    ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा है कि लाखों ईरानी जनता अपने देश की रक्षा करने के लिए तैयार है.

    ग़ालिबाफ़ ने दो अप्रैल को एक्स पर अंग्रेज़ी में लिखा, “अभी, एक सप्ताह से भी कम समय में, देश भर में चल रहे एक शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान ने 70 लाख ईरानियों को आगे ला दिया है, जिन्होंने पहले ही कदम बढ़ाकर घोषणा कर दी है कि वे हथियार उठाने और हमारे राष्ट्र की रक्षा के लिए खड़े होने को तैयार हैं."

    ग़ालिबाफ़ ने 1980 के दशक में ईरान-इराक़ युद्ध में एक युवा लड़ाके के रूप में अपनी भागीदारी को याद करते हुए लिखा, “मैंने राइफ़ल उठाई और ईरान की रक्षा की लड़ाई में सीधे शामिल हो गया.”

    ईराक़ युद्ध में मारे गए अपने भाई हसन और उस जंग में मारे गए अन्य ईरानियों को श्रद्धांजलि देते हुए ग़ालिबाफ़ ने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो हर ईरानी, सैनिक बन जाएगा. हालांकि उन्होंने कहा कि ईरानी जंग के हिमायती नहीं है.

    उन्होंने जोड़ा, “घर आओगे तो पूरे परिवार से मिलना होगा. वो इंतज़ार में हैं और दृढ़ता से खड़े हैं. आ जाओ.”

    ग़ालिबाफ़ ईरान के सत्ता ढांचे में बहुत प्रभावशाली माने जाते हैं और पश्चिम मीडिया में अटकलें लगाई जा रही हैं कि संभावित संघर्षविराम पर बातचीत के लिए वो ट्रंप की पसंद हो सकते हैं.

  3. इसराइल में ईरान के नए हमलों की ख़बर, उधर क़तर और कुवैत में ड्रोन रोके गए

    इसराइल रक्षा बल (आईडीएफ़) ने कहा है कि ईरान की ओर से मिसाइल हमलों की एक नई लहर इसराइल पर दागी गई है.

    स्थानीय इसराइली और ईरानी मीडिया के अनुसार, इन हमलों की आवाज़ यरुशलम में भी सुनी गई.

    वहीं क़तर के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने गुरुवार को ईरान की ओर से किए गए हमले के दौरान सभी आने वाले ड्रोन को नष्ट किया है.

    कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने भी जानकारी दी है कि उसने पिछले 24 घंटों में दो मिसाइलों और 13 ड्रोन को रोका है.

  4. 'अमेरिका और इसराइल से मेरा संदेश साफ़ है', एंटोनियो गुटेरेस ने क्या कहा?

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बात करते हुए ईरान युद्ध को तुरंत रोकने और सभी पक्षों से संघर्ष विराम की अपील की है.

    उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया 'एक बड़े युद्ध के कगार पर' खड़ी है, जो पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले सकता है और इसके वैश्विक स्तर पर गंभीर असर होंगे.

    गुटेरेस ने बढ़ती महंगाई का ज़िक्र करते हुए कहा कि ऊर्जा और खाद्य क़ीमतों में उछाल से लोग पहले ही परेशान हैं.

    उन्होंने कहा, "जब होर्मुज़ स्ट्रेट दबाव में आता है, तो दुनिया के सबसे गरीब और कमज़ोर सांस नहीं ले पाते."

    उन्होंने विवादों को 'शांतिपूर्ण तरीके़' से सुलझाने की अपील की और कहा कि नागरिक ढांचे का सम्मान और संरक्षण किया जाना चाहिए.

    गुटेरेस ने कहा, "अमेरिका और इसराइल से मेरा संदेश साफ़ है, अब समय आ गया है कि इस युद्ध को रोका जाए, जो भारी मानवीय पीड़ा और गंभीर आर्थिक असर पैदा कर रहा है."

    उन्होंने ईरान से भी 'अपने पड़ोसियों पर हमले बंद करने' की अपील की.

  5. फ़्रांस के राष्ट्रपति की पत्नी पर ट्रंप ने ऐसा क्या कहा, जिस पर मैक्रों ने यह जवाब दिया

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर फ़्रांस पर निशाना साधा है और कहा है कि फ्रांस इस संघर्ष में पर्याप्त सहयोग नहीं कर रहा. उन्होंने फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की.

    ट्रंप ने बुधवार को कहा कि मैक्रों की पत्नी ब्रिजिट मैक्रों 'उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार करती हैं.'

    मैक्रों ने इन टिप्पणियों को 'अशोभनीय' और 'अनुचित' बताया और कहा कि वे इसका जवाब देना ज़रूरी नहीं समझते.

    रणनीतिक मुद्दों पर मैक्रों ने कहा कि ट्रंप प्रशासन लगातार विरोधाभासी संकेत दे रहा है.

    उन्होंने कहा, "बहुत ज़्यादा बातें हो रही हैं. हर दिशा में बातें जा रही हैं. लेकिन हमें स्थिरता, शांति और संतुलन की ज़रूरत है. यह कोई तमाशा नहीं है."

    मैक्रों ने यह भी कहा, "अगर आप गंभीर होना चाहते हैं, तो हर दिन पहले कही गई बात के उलट नहीं कह सकते."

  6. दिनभर- पूरा दिन,पूरी ख़बर: ट्रंप की 'पाषाण युग' वाली धमकी पर ईरान का जवाब

  7. आर्टेमिस-2 मिशन: अमेरिका अंतरिक्ष यात्री कहां तक पहुंचे?

    आधी सदी बाद पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन बुधवार को अमेरिका के फ़्लोरिडा से रवाना हुआ है. इस मिशन का नाम दिया गया है आर्टेमिस-2.

    आर्टेमिस-2 मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्री इस समय पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगा रहे हैं और चंद्रमा की ओर रवाना होने से पहले ज़रूरी जांच कर रहे हैं.

    अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक़ रहा, तो अंतरिक्ष यान आधी रात (जीएमटी) के आसपास पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर चंद्रमा की ओर बढ़ेगा.

    अंतरिक्ष यान के भीतर ठंड का माहौल बताया जा रहा है.

    इस 10 दिन के मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरेंगे नहीं, बल्कि उसके चारों ओर चक्कर लगाएंगे.

    माना जा रहा है कि वे पृथ्वी से अब तक किसी भी इंसान के मुक़ाबले ज़्यादा दूरी तक जा सकते हैं.

    यह पूरी यात्रा एक मिनीबस के आकार के अंतरिक्ष यान में की जा रही है.

  8. बांग्लादेश, श्रीलंका समेत इन पड़ोसी देशों को ऊर्जा की आपूर्ति पर भारत ने ये जानकारी दी

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत अपने पड़ोसी देशों को ऊर्जा आपूर्ति जारी रखे हुए है.

    प्रेस ब्रीफ़िंग में उन्होंने कहा, "बांग्लादेश को हम 2007 से ऊर्जा की आपूर्ति कर रहे हैं. हाल ही में हमने श्रीलंका को उनकी मांग पर 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद भी भेजे हैं."

    जायसवाल ने बताया कि नेपाल और भूटान के साथ भी भारत का ऊर्जा सहयोग जारी है.

    उन्होंने कहा, "मालदीव सरकार ने भी हमसे पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए, शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों आधार पर संपर्क किया है. इन अनुरोधों पर हमारी उपलब्धता और घरेलू ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए विचार किया जा रहा है."

  9. राघव चड्ढा की जगह डिप्टी लीडर की ज़िम्मेदारी मिलने पर आप सांसद अशोक कुमार ने क्या कहा?

    आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद अशोक कुमार मित्तल ने डिप्टी लीडर की ज़िम्मेदारी मिलने पर प्रतिक्रिया दी है.

    इससे पहले इस पद पर आप सांसद राघव चड्ढा थे.

    पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर इस बदलाव की कोई जानकारी नहीं दी गई है.

    गुरुवार को न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में अशोक कुमार मित्तल ने कहा, "राज्यसभा या लोकसभा में पार्टी के जो लीडर या डिप्टी लीडर होते हैं, समय-समय पर उनका बदलाव होता रहता है. राघव जी से पहले एनडी गुप्ता जी डिप्टी लीडर थे, आज मैं बना हूं, कल कोई और आएगा."

    उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी लोकतांत्रिक पार्टी है और वह समय-समय पर पार्टी के लोगों को ट्रेनिंग भी देना चाहती है और सभी की प्रतिभा को उभारने की कोशिश भी करती है. इसी कड़ी में पार्टी ने यह फ़ैसला लिया है ताकि मैं यह ज़िम्मेदारी निभाऊं और और सीख सकूं."

    उन्होंने कहा कि पार्टी में सब ठीक है.

  10. ईरान को 'पाषाण युग' में ले जाने के ट्रंप के बयान पर आज का कार्टून

  11. ट्रंप की 'पाषाण युग' की धमकी पर आईआरजीसी कमांडर ने क्या जवाब दिया

    ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के एक कमांडर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आने वाले हफ़्तों में हमले ईरान को 'पाषाण युग' में पहुंचा सकते हैं.

    आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स के कमांडर माजिद मूसावी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "आप ही अपने सैनिकों को उनकी कब्रों तक भेज रहे हैं, ईरान नहीं, जिसे आप पाषाण युग में धकेलना चाहते हैं."

    उन्होंने यह प्रतिक्रिया अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की उस पोस्ट के जवाब में दी, जिसमें ट्रंप के बयान को दोहराया गया था.

    मूसावी ने कहा, "हॉलीवुड जैसी कल्पनाओं ने आपके दिमाग़ को इतना प्रभावित कर दिया है कि आप अपने मात्र 250 साल के इतिहास के साथ 6,000 साल पुरानी सभ्यता को धमकी दे रहे हैं."

  12. ईरान को ट्रंप की धमकी पर चीन ने क्या प्रतिक्रिया दी?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आने वाले हफ़्तों में ईरान के ख़िलाफ़ बड़े हमले शुरू करने की धमकी के बाद चीन ने मध्य पूर्व में तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया है.

    चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "सैन्य समाधान समस्या का मूल रूप से हल नहीं कर सकते हैं और संघर्षों को बढ़ाना किसी भी पक्ष के हित में नहीं है."

    उन्होंने सभी पक्षों से 'सैन्य कार्रवाई तुरंत बंद करने' का आह्वान किया है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों के आवाजाही में रुकावट का मुख्य कारण 'ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका और इसराइल के अवैध सैन्य अभियान' हैं.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के मुद्दे पर बुधवार को क़रीब 19 मिनट का संबोधन दिया.

    इस दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आने वाले हफ़्तों में ईरान पर 'बड़ा हमला' करेगा और उसे 'पाषाण युग में पहुंचा देगा'.

  13. होर्मुज़ स्ट्रेट से किन जहाज़ों को गुज़रने दिया जाएगा, ईरान ने बताया

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों को गुज़रने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन शर्त यह है कि वे 'हमलावर पक्ष से जुड़े न हों'.

    टीवी चैनल न्यूज़रूम अफ़्रीका को दिए इंटरव्यू में बग़ाई ने कहा कि जहाज़ों को 'हमारे अधिकारियों के साथ ज़रूरी तालमेल के बाद' ही इस स्ट्रेट से गुज़रने दिया जाएगा.

    संघर्ष का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान 'युद्ध, बातचीत और युद्धविराम के दुष्चक्र' को बर्दाश्त नहीं करेगा.

    बग़ाई ने कहा, "उन्होंने (अमेरिका) कहा कि चलिए रुकते हैं, तो हम रुक गए और फिर नौ महीने बाद उन्होंने दोबारा शुरू कर दिया."

    गौरतलब है कि जून में ईरान और इसराइल के बीच 12 दिन तक चले संघर्ष के दौरान अमेरिका ने ईरान के कई परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे.

    उसके बाद बीते 28 फ़रवरी को इसराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया. मौजूदा संघर्ष को अब एक महीने हो चुके हैं.

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  14. देश में गैस और पेट्रोल-डीज़ल की आपूर्ति पर नितिन गडकरी ने क्या कहा

    केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष पर कहा है कि इससे भारत में 'आम आदमी को किसी प्रकार की तकलीफ़' नहीं है.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "सरकार ने बहुत प्रभावी क़दम उठाए हैं. कहीं गैस की कमी नहीं है, पेट्रोल-डीज़ल मिल रहा है. कठिनाइयां हैं, समस्याएं हैं फिर भी उसके बावजूद हमारी सरकार ने जो नीतियां अपनाई हैं उसके कारण आम आदमी को किसी प्रकार की तकलीफ़ नहीं है और लोगों में रोष नहीं है."

    उन्होंने कहा, "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हम हमारे ऊर्जा के संसाधनों का 86 फ़ीसदी आयात करते हैं, तो उसमें अड़चनें तो हैं क्योंकि हमारे देश की ताक़त तो 14 फ़ीसदी है. हम देश में इलेक्ट्रिक कार, स्कूटर और बसें ले आए हैं. 100 फ़ीसदी एथेनॉल की गाड़ियां हम लेकर आए हैं."

    उनका कहना है कि 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने का जो उद्देश्य हमने सामने रखा है उसके लिए 'आयात को कम करना, निर्यात को बढ़ाना' है.

    उन्होंने कहा, "जो पैसा बचेगा उसके कारण रोज़गार का निर्माण होगा. यही सोच है और उसी आधार पर हम आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं."

    नितिन गडकरी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत में कई गैस सिलेंडर एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं.

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  15. सऊदी अरब का दावा, देश पर दागे गए ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल नष्ट किए गए

    सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि देश ने ड्रोन से किए गए नए हमलों को नाकाम कर दिया है.

    प्रवक्ता के मुताबिक़, चार ड्रोन को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया गया.

    इससे पहले मंत्रालय ने बताया था कि देश के पूर्वी क्षेत्र की ओर आ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी रोका गया है.

    वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने संबोधन में धमकी देते हुए कहा कि अमेरिका आने वाले हफ़्तों में ईरान पर 'बड़ा हमला' करेगा और उसे 'पाषाण युग में पहुंचा देगा'.

    हालांकि ट्रंप की इस धमकी पर अमेरिका के कुछ सांसदों ने ट्रंप की कड़ी आलोचना की, जबकि कुछ नेताओं ने इसका समर्थन किया.

  16. ट्रंप के 19 मिनट के भाषण में नेटो का ज़िक्र नहीं, पहले कर चुके हैं गठबंधन से निकलने की बात

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के मुद्दे पर बुधवार को क़रीब 19 मिनट का संबोधन दिया. इस दौरान उन्होंने ईरान को धमकी देने समेत कई बातें कहीं.

    लेकिन इस भाषण में एक बड़ी बात नेटो का ज़िक्र न होना था. नेटो इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि बुधवार को ट्रंप ने 'द टेलीग्राफ़' को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि वह अमेरिका को इस गठबंधन से बाहर निकालने पर विचार कर रहे हैं.

    उन्होंने 'द टेलीग्राफ़' से कहा कि यह गठबंधन एक 'काग़ज़ी शेर' है. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह मध्य-पूर्व संघर्ष के बाद अमेरिका की सदस्यता पर दोबारा विचार करेंगे, तो उन्होंने कहा, "हाँ, मैं कहूंगा कि यह पुनर्विचार से भी आगे की बात है."

    ट्रंप के इस इंटरव्यू के बाद ख़बर आई कि नेटो के महासचिव मार्क रुटे अगले हफ़्ते वॉशिंगटन डीसी का दौरा करेंगे.

    बीबीसी से व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि अपने दौरे के दौरान रुटे व्हाइट हाउस जाएंगे. हालांकि समय को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है.

    वहीं, नेटो के एक प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया कि यह "पहले से तय दौरा" है.

  17. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  18. मध्य-पूर्व संघर्ष में मरने वालों की संख्या पाँच हज़ार के पार होने का दावा, किस देश में कितनी मौतें?

    अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध में मरने वालों की संख्या पाँच हज़ार से ज़्यादा हो गई है.

    यह जानकारी अलग-अलग एजेंसियों के ताज़ा आँकड़ों के आधार पर दी गई है, जिसे रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया है.

    बीबीसी इन आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाया है.

    ईरान: 3,519 मौतें

    अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन एचआरएएनए के अनुसार, ईरान में मारे गए लोगों में 1,598 आम नागरिक हैं, जिनमें कम से कम 244 बच्चे शामिल हैं.

    रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट ने शुक्रवार को कहा कि अब तक अमेरिकी-इसराइली हमलों में ईरान में कम से कम 1,900 लोगों की मौत हुई है और 20,000 लोग घायल हुए हैं. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इन आँकड़ों में चार मार्च को श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले में मारे गए कम से कम 104 लोग शामिल हैं या नहीं.

    लेबनान: 1,318 मौतें

    लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, मरने वालों में 124 बच्चे शामिल हैं. इसराइल ने 2 मार्च को लेबनान पर हमले शुरू किए थे और तब से हिज़्बुल्लाह के 400 से अधिक लड़ाके मारे जा चुके हैं.

    अलग-अलग घटनाओं में कम से कम नौ लेबनानी सैनिक मारे गए हैं और यूएन पीस कीपिंग फ़ोर्स के तीन सैनिकों की भी मौत हुई है. ये तीनों सैनिक इंडोनेशिया के थे.

    इराक़: कम से कम 107 मौतें

    इराक़ के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मरने वालों में आम नागरिक, ईरान समर्थित शिया पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्स के सदस्य, अमेरिका समर्थित कुर्द पेशमर्गा लड़ाके, पुलिस और सेना के जवान शामिल हैं.

    इसके अलावा एक विदेशी क्रू सदस्य की भी मौत हुई, जो इराक़ी बंदरगाह के पास टैंकरों पर हुए हमले में मारे गए. साथ ही 'काउंटर टेररिज़्म ट्रेनिंग' दे रहे एक फ़्रांसीसी सैनिक की भी ड्रोन हमले में मौत हुई है.

    इसराइल: 19 मौतें

    इसराइल की एंबुलेंस सेवा के अनुसार, ईरान और लेबनान से दागी गई मिसाइलों से 19 लोगों की मौत हुई है. इसराइली सेना का कहना है कि दक्षिणी लेबनान में उसके 10 सैनिक भी मारे गए. इसके अलावा, 22 मार्च को सीमा के पास एक इसराइली किसान की भी मौत हुई, जब इसराइली सैनिकों से ग़लती से गोली चल गई.

    अमेरिका: 13 मौतें

    अमेरिकी सेना के अनुसार, इराक़ में एक सैन्य रिफ़्यूलिंग विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद छह सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है. वहीं ईरान में ऑपरेशन के दौरान सात अन्य सैनिक मारे गए.

    क्षेत्र के अन्य हिस्सों में मौतें

    संयुक्त अरब अमीरात (11), क़तर (7), कुवैत (7), वेस्ट बैंक (4), सीरिया (4), बहरीन (2), ओमान (2) और सऊदी अरब (2) में भी मौतें दर्ज की गई हैं.

  19. अमेरिकी रक्षा मंत्री के 'पाषाण युग' वाले पोस्ट पर ईरानी दूतावास ने दिया ऐसा जवाब

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को अपने संबोधन में धमकी देते हुए कहा कि अमेरिका आने वाले हफ़्तों में ईरान पर 'बड़ा हमला' करेगा और उसे 'पाषाण युग में पहुंचा देगा'.

    इसके बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक्स पर पोस्ट किया, "वापस पाषाण युग में."

    हेगसेथ के ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए भारत में मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट ने प्रतिक्रिया दी है.

    ईरानी कॉन्सुलेट जनरल ने लिखा, "पहले उन्होंने कहा कि ईरान को 'फिर से महान' बनाना है. अब अचानक उनका लक्ष्य 'पाषाण युग' हो गया है?"

    "मज़ेदार बात ये है कि जिन सभ्यताओं की जड़ें एकेमेनिड एम्पायर जैसी प्राचीन सभ्यताओं तक जाती हैं, वे 'फिर से' नहीं आतीं. वे बस होती हैं."

  20. 'हमारी नेवी होर्मुज़ से भारतीय टैंकरों को सुरक्षित निकाल रही है': राजनाथ सिंह

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि 'भारतीय नौसेना होर्मुज़ स्ट्रेट से भारतीय जहाज़ों को सुरक्षित निकाल रही' है.

    केरल के तिरुवनंतपुरम में 'सैनिक सम्मान सम्मेलन' को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने यह बात कही. उन्होंने यह भी कहा कि 'देश में पेट्रोल, डीज़ल और गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं' है.

    राजनाथ सिंह ने कहा, "कुछ लोग पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण कई तरह झूठ फैलाकर पैनिक फैलाना चाहते हैं. न तो देश में पेट्रोल-डीज़ल की कमी है, न तो कुकिंग गैस सिलेंडर की कमी है और भारत किसी भी ऊर्जा संकट से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है."

    उन्होंने कहा, "हमारी नेवी स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से भारतीय टैंकरों को सुरक्षित तरीक़े से निकाल रही है. हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी रोज़ अपने डिप्लोमैटिक स्किल्स का प्रयोग करते हुए भारतीयों के हितों की रक्षा कर रहे हैं."