डीलिमिटेशन के ख़िलाफ़ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने फहराया काला झंडा
डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने काला झंडा फहराकर डीलिमिटेशन के फ़ैसले का विरोध किया है. केंद्र सरकार के इस फ़ैसले का विरोध करने के लिए उन्होंने अपने समर्थकों के साथ काले कपड़े भी पहन रखे थे.
इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित डीलिमिटेशन विधेयक की कॉपी में आग लगाकर भी अपना विरोध जताया.
केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है.
इससे पहले मंगलवार को सांसदों को तीन ड्राफ़्ट बिल (मसौदा विधेयक) भेजे गए हैं, उनमें दो बड़े ऐतिहासिक बदलाव प्रस्तावित हैं- पहला, लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करना और दूसरा, संसद के निचले सदन यानी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करना.
लोक सभा सीटों की संख्या 850 करने के मामले को दक्षिण भारत के कई राज्य भेदभावपूर्ण बता रहे हैं. डीलिमिटेशन का सबसे मुखर विरोध करने वालों में डीएमके शामिल है.
डीएमके का आरोप है कि इससे दक्षिण भारतीय राज्यों की केंद्र की राजनीति में ताक़त कम होगी.
विपक्षी दलों का आरोप है कि इससे उत्तर भारत के राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ेगी, जहाँ बीजेपी तुलनात्मक तौर पर ज़्यादा ताक़तवर है और इससे उसके लिए केंद्र में सरकार बनाना आसान हो जाएगा.