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आसिम मुनीर पहुंचे तेहरान, क्या पाकिस्तान फिर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू करा पाएगा?
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में नाकाम रही बातचीत के बाद अब ऐसे कई संकेत मिले हैं जिसके बाद माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच फिर से बातचीत शुरू हो सकती है.
इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल असीम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नक़वी एक प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान पहुंचे हैं.
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान सरकार के आधिकारिक एक्स अकाउंट से इस दौरे की तस्वीरें भी शेयर की गई हैं.
वहीं दूसरी ओर ईरान ने यह भी धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने नाकाबंदी की तो युद्धविराम तोड़ा जा सकता है. ये दौरा अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है.
मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर शुरू हो सकती है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने भी कहा है कि रविवार को बातचीत नाकाम होने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों का आदान-प्रदान एक पाकिस्तानी मध्यस्थ के ज़रिए "जारी" है.
हालांकि, इसके बावजूद दोनों देशों के बीच होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों के आने-जाने को लेकर संशय बना हुआ है.
ईरान की धमकी, ट्रंप का इंटरव्यू
ईरान ने कहा है कि अमेरिका नाकेबंदी जारी रखता है और ईरानी जहाज़ों के लिए असुरक्षा पैदा करता है तो युद्धविराम तोड़ा जा सकता है.
ख़ातम अल अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा, "अगर अमेरिका अपनी नाकेबंदी जारी रखता है और ईरान के व्यापारिक जहाज़ों और तेल टैंकरों के लिए असुरक्षा पैदा करता है, तो यह युद्धविराम तोड़ने की शुरुआत होगी."
अली अब्दुल्लाही ने कहा, "अमेरिका ऐसा करता रहा तो ईरान की सेना फ़ारस की खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर में किसी भी तरह का आयात-निर्यात नहीं होने देगी."
गौरतलब है कि अमेरिका की ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी सोमवार से शुरू हुई थी. बुधवार को अमेरिकी सेना ने कहा कि पहले 24 घंटे में कोई जहाज़ नाकाबंदी पार नहीं कर पाया जबकि ओमान की खाड़ी में छह व्यापारिक जहाज़ों को वापस लौटना पड़ा.
वहीं, ईरान की नई धमकियों से पहले रिकॉर्ड किए गए फ़ॉक्स न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना ज़्यादा जानकारी दिए कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट "खुल रहा है" और "जहाज़ वापस आ रहे हैं."
ईरान के मामले में ट्रंप ने कहा कि "हमारा काम अभी ख़त्म नहीं हुआ है", लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि युद्ध ख़त्म होने के "बहुत क़रीब" है और अमेरिका ईरान के साथ "बड़ी डील" कर सकता है.
ईरान और अमेरिका क्या दे रहे संकेत
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान एक पाकिस्तानी मध्यस्थ के ज़रिए "जारी" है.
उन्होंने कहा कि ईरान का रुख़ "स्पष्ट रूप से रखा गया है और बाद के संपर्कों में दोहराया गया है."
उन्होंने कहा था कि ऐसी "संभावना है" कि ईरान पाकिस्तान के एक प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी करेगा, जो इस्लामाबाद में पहले हुई बातचीत की आगे की कड़ी होगी और इसमें ईरान और अमेरिका के रुख़ पर "विस्तृत बातचीत" शामिल होगी.
इसी बीच आसिम मुनीर और मोहसिन नक़वी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा है.
बक़ाई ने ईरान द्वारा परमाणु हथियार बनाने के अमेरिकी दावों को खारिज किया और ज़ोर देकर कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम "शांतिपूर्ण" है.
साथ ही बक़ाई ने ये भी कहा कि ईरान को अपनी ज़रूरतों के आधार पर "यूरेनियम संवर्धन जारी रखने में सक्षम होना चाहिए", लेकिन "संवर्धन के प्रकार और स्तर पर बातचीत की संभावना है."
वहीं अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम को बढ़ाने पर बातचीत जारी है.
यह युद्धविराम अगले हफ्ते 22 अप्रैल को ख़त्म होने वाला है.
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "अमेरिका ने युद्धविराम बढ़ाने पर औपचारिक रूप से सहमति नहीं दी है."
उन्होंने कहा, "किसी समझौते तक पहुंचने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बातचीत जारी है."
इससे पहले एएफ़पी समाचार एजेंसी ने ईरानी सरकारी मीडिया के हवाले से कहा था कि युद्धविराम बढ़ाने की ख़बरों की पुष्टि नहीं हुई है.
ट्रंप के मिले-जुले संदेश का मतलब
बर्न्ड डेबुसमैन जूनियर
व्हाइट हाउस से रिपोर्टिंग
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ युद्ध और उसके अंत के रास्ते को लेकर विरोधाभासी बयान दे रहे हैं.
बुधवार को फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मौजूदा दो हफ्ते के युद्धविराम के बीच युद्ध "खत्म होने के बहुत करीब" है.
लेकिन उसी इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत दिया कि आगे और हमले हो सकते हैं.
उन्होंने आगे कहा, "अगर मैं अभी पीछे हट जाऊं, तो उन्हें उस देश को फिर से बनाने में 20 साल लग जाएंगे. और हमारा काम अभी ख़त्म नहीं हुआ है."
"देखते हैं क्या होता है. मुझे लगता है कि वे बहुत बुरी तरह से समझौता करना चाहते हैं."
इसी तरह यह भी स्पष्ट नहीं है कि दो हफ्ते का युद्धविराम बढ़ाया जाएगा या नहीं, इस पर भी अलग-अलग खबरें हैं.
जहां एसोसिएटेड प्रेस ने रिपोर्ट किया है कि मध्यस्थ दो हफ्ते के युद्धविराम को बढ़ाने के करीब पहुंच रहे हैं, वहीं व्हाइट हाउस ने अभी तक इससे दूरी बनाई हुई है.
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बीबीसी को भेजे गए बयान में कहा, "अमेरिका ने युद्धविराम बढ़ाने पर औपचारिक सहमति नहीं दी है."
"समझौते तक पहुंचने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है."
फिलहाल ऐसी कोई उम्मीद नहीं है कि ट्रंप आज कैमरे पर दिखाई देंगे, हालांकि वे ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर सकते हैं या फोन कॉल कर सकते हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.