आज़म ख़ान के बेटे अब्दुल्ला को दो पासपोर्ट मामले में मिली राहत, कोर्ट ने सुनाया यह फ़ैसला, गौरव गुलमोहर, बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

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समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल्ला आज़म को दो पासपोर्ट मामले में बड़ी क़ानूनी राहत मिली है. एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने निचली अदालत से सुनाई गई सात साल की सज़ा को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया है.
अब्दुल्ला आज़म समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म ख़ान के बेटे हैं. वह रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं.
अब्दुल्ला आज़म ने निचली अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी. इसी अपील पर सुनवाई के बाद अदालत ने शुक्रवार को फ़ैसला सुनाया.
अपीलकर्ता पक्ष के वकील नासिर सुल्तान ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "आकाश सक्सेना ने रामपुर के थाना सिविल लाइन में 30 जुलाई 2019 को एक एफ़आईआर दर्ज कराई थी. उसमें आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आज़म खां ने जाली दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग समय पर दो अलग-अलग पासपोर्ट जारी करा लिए और उनका आईडी के रूप में इस्तेमाल भी किया."
इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने पांच दिसंबर 2025 को मोहम्मद अब्दुल्ला आज़म खां को सात साल की सज़ा सुनाई थी.
उन्होंने बताया, "उस निर्णय के ख़िलाफ़ क्रिमिनल अपील रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट में दायर की गयी थी, जिसमें आज फ़ैसला आया है. इस फ़ैसले में नीचे की ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले को पलट दिया गया है और सज़ा को रद्द कर दिया गया है."
हालांकि इस मामले में राहत मिलने के बावजूद अब्दुल्ला आज़म फ़िलहाल जेल से बाहर नहीं आएंगे. दूसरे मामलों में भी वह सज़ा काट रहे हैं.
फ़ैसला सुनाए जाने के बाद समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने अदालत के बाहर जश्न भी मनाया. हालांकि अभियोजन पक्ष के पास इस फ़ैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने का विकल्प मौजूद है.




















