वैभव सूर्यवंशी पर प्यार और प्रशंसा की बारिश पाकिस्तान में भी, प्यार से नाम भी बदला

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राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन के कारण सिर्फ़ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं.
15 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज़ की जबर्दस्त बल्लेबाज़ी और आक्रामक अंदाज़ की दुनियाभर के पूर्व क्रिकेटरों ने जमकर तारीफ़ की है. वैभव की चर्चा वर्ल्ड मीडिया में तो हो ही रही है, पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी कई लोग उनकी सराहना कर रहे हैं.
सचिन तेंदुलकर से लेकर वेस्टइंडीज़ के दिग्गज क्रिस गेल तक ने वैभव की प्रतिभा की सराहना की है. वैभव को तारीफ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से भी मिली है.
लेकिन प्रशंसा का यह सिलसिला अब सरहद पार कर चुका है.
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज़ मोहम्मद यूसुफ ने राजस्थान रॉयल्स के इस ओपनर की जमकर तारीफ़ की.
यूसुफ़ ने वैभव को निडर, विस्फोटक और ऊर्जा से भरपूर बल्लेबाज़ बताया, लेकिन साथ ही उनकी तुलना पाकिस्तान के पूर्व स्टार शाहिद अफ़रीदी से भी की. अफ़रीदी अपनी आक्रामक और बेखौफ बल्लेबाज़ी के लिए मशहूर थे.
यूसुफ ने एक्स पर लिखा है, "15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी मुझे युवा शाहिद अफ़रीदी की याद दिलाते हैं. निडर, विस्फोटक और ऊर्जा से भरपूर. वैभव का भविष्य उज्ज्वल है."
यूसुफ की टिप्पणी सकारात्मक थी, लेकिन कुछ भारतीय प्रशंसकों को वैभव की तुलना शाहिद अफ़रीदी से करना पसंद नहीं आया.

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मोहम्मद यूसुफ़ की तारीफ़ से असहमति
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस तुलना को लेकर मोहम्मद यूसुफ की आलोचना भी की.
मोहम्मद यूसुफ़ की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिनव राजपूत नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा है, ''पहले विराट कोहली की तुलना रणजी स्तर के बल्लेबाज़ बाबर आज़म से करके उनका अपमान किया गया. अब वैभव सूर्यवंशी की तुलना शाहिद अफ़रीदी से की जा रही है. जहाँ तक मुझे याद है, अफ़रीदी मूल रूप से एक गेंदबाज़ थे, जिनकी एक-दो विस्फोटक पारियां ज़रूर थीं लेकिन वैभव की बल्लेबाज़ी तकनीक, निरंतरता और मैच कंट्रोल उनसे बिल्कुल अलग स्तर पर दिख रहा है.''
पाकिस्तान के सीनियर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट अब्दुल ग़फ़ार ने एक्स पर लिखा है, ''मुझे नहीं लगता है कि वैभव महज 15 साल के हैं. घरेलू और आईपीएल क्रिकेट में जो कर रहे हैं, वह प्रभावशाली ज़रूर है, लेकिन असली परीक्षा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में होगी. फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनका औसत अभी सिर्फ़ 17 है. टैलेंट साफ दिखता है, लेकिन लंबी रेस के लिए तकनीक, निरंतरता और दबाव झेलने की क्षमता का टेस्ट अभी बाक़ी है. असल इम्तिहान अभी आना बाक़ी है.''

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बासित अली ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''अभी तो यह बच्चा है लेकिन मिस्टर यूनिवर्स बन गया. मैं तो इसे प्यार से बबलू बोलता हूँ भले आप सूर्यवंशी बोलते हैं. क्या बल्लेबाज़ी की है. 16 गेंद में 54 रन और जिस गेंद पर आउट हुआ है, वह थर्ड मैन पर अगर छक्का हो जाता तो गेल का रिकॉर्ड तो ख़त्म ही हो गया था. मुझे लगता है कि गेल का रिकॉर्ड ये बच्चा तोड़ देगा."
बासित अली ने कहा, ''मैं राहुल द्रविड़ के लिए तालियां बजा रहा हूँ. उसी ने सूर्यवंशी को राजस्थान रॉयल्स में एक करोड़ 10 लाख में ख़रीदवाया था. राहुल ने दुनिया को एक तोहफ़ा दे दिया है. यह किसी भी गेंदबाज़ को धो सकता है. जब यह बच्चा इंटरनेशनल खेलेगा तो पूरी दुनिया में छाएगा.''
''मैं तो इसे बबलू बोलता हूँ. बबलू क्योंकि है ही बबलू. अगर उसकी हरकतें आप देखें बबलू वाली है. खेलते रहो बबलू मियाँ. दुनिया के गेंदबाज़ आपसे डरेंगे. ईस्ट हो या वेस्ट सूर्यवंशी इज द बेस्ट. उसने हिला दिया सबको. वैसे वो छक्का होना चाहिए था. उसका 100 होना चाहिए. 100 से बढ़कर इनिंग्स खेली उसने. लेकिन वो 100 होता ना तो आज ही गेल का रिकॉर्ड टूट जाता. आने वाले दिनों में दुनिया पर यह बच्चा राज करेगा.''
इससे पहले पूर्व पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल ने कहा था कि वैभव सूर्यवंशी अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं और मौजूदा आईपीएल सीज़न ख़त्म होने के बाद उन्हें भारतीय टीम से बुलावा मिल सकता है.

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पाकिस्तान में वैभव होते तो क्या होता?
वैभव ने इसी आईपीएल में सिर्फ़ 35 गेंदों में शतक लगाकर टूर्नामेंट का सबसे तेज़ शतक बनाया था जबकि दूसरी सबसे तेज़ 50 का रिकॉर्ड भी उनके नाम है.
डेब्यू मैच में उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था.
अपने यूट्यूब शो गेमप्लान में अकमल ने कहा था, ''वैभव रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे हैं. उनके नाम पहले ही एक शतक है. मुझे लगता है कि आईपीएल के बाद भारत के आने वाले अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्हें मौक़ा मिलेगा. वह भारतीय टी-20 टीम का युवा खिलाड़ी बनेंगे. उन्होंने हर जगह ख़ुद को साबित किया है. अगर वह इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो उन्हें निश्चित रूप से मौक़ा मिलेगा."
पिछले महीने पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ़ करते हुए कहा था कि अगर ऐसा खिलाड़ी पाकिस्तान में होता, तो लोग उसे टीम से बाहर करने की बात करने लगते.

अपने यूट्यूब चैनल पर बासित अली ने कहा था, "14 साल का बच्चा वैभव सूर्यवंशी. जिस तरह उसने पहली ही गेंद पर छक्का मारा, वह बहुत बड़ी बात है."
उन्होंने कहा था, "सोचिए, अगर वह पहली गेंद पर छक्का मारने की कोशिश में आउट हो जाता, तो लोग क्या कहते? पाकिस्तान में लोग कहते, इसे बाहर फेंको.''
बासित अली ने भारतीय क्रिकेट सिस्टम की तारीफ़ करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ियों को इसी तरह आत्मविश्वास दिया जाता है, जिसका फ़ायदा बाद में दिखता है.
उन्होंने कहा था, "यही भरोसा खिलाड़ियों को दिया जाता है और बाद में वही काम आता है."
आईपीएल 2026 को अगर किसी एक खिलाड़ी के उदय के रूप में याद किया जाएगा, तो वह वैभव सूर्यवंशी ही होंगे. राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज़ ने इस सीज़न में कई रिकॉर्ड तोड़े हैं और 680 रन बनाकर ऑरेंज कैप की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं.

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दबाव का कोई असर नहीं
वैभव सूर्यवंशी की उपलब्धि का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि उन्होंने यह कारनामा किसी गली-मोहल्ले या जूनियर स्तर के क्रिकेट में नहीं किया.
उन्होंने यह सब इंडियन प्रीमियर लीग की चमक-दमक और भारी दबाव के बीच किया, जिसे भारत की सबसे लोकप्रिय खेल प्रतियोगिता माना जाता है.
आईपीएल में भारी निवेश वाली टीमें क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप टी-20 में आमने-सामने होती हैं. आईपीएल मैच शोर-शराबे, उत्साह और विशाल टीवी दर्शकों के बीच खेले जाते हैं. एक मैच लगभग उतने समय में ख़त्म हो जाता है, जितने में एक बेसबॉल मैच.
इसलिए आईपीएल के सुपरस्टार आमतौर पर वे बल्लेबाज़ होते हैं जो आक्रामक अंदाज़ में खेलते हैं, गेंदबाज़ों पर हमला बोलते हैं और जितनी जल्दी हो सके रन बटोरते हैं. वैभव सूर्यवंशी ने कई मायनों में साबित कर दिया है कि उन्हें समय बर्बाद करना पसंद नहीं है.
क्रिकेट की प्रसिद्ध वार्षिक पुस्तक विजडेन अलमनैक के संपादक लॉरेंस बूथ ने अमेरिकी अख़बार वाल स्ट्रीट जर्नल से कहा, "उनकी शॉट खेलने की क्षमता अपनी जगह है. एक परिपक्व खिलाड़ी की तरह बल्लेबाज़ी करना ही अपने आप में असाधारण है. लेकिन आईपीएल जैसे दबाव को मानो नकार देना एक अलग ही बात है."
भारत में क्रिकेट प्रशंसकों के लिए वैभव का उभार अचानक नहीं आया. नवंबर 2025 में, केवल 13 वर्ष की उम्र में, वह आईपीएल का कॉन्ट्रैक्ट पाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बनकर सुर्खियों में आए थे. उनकी प्रतिभा ने आईपीएल नीलामी में बोली की जंग छेड़ दी थी और राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें इस सीज़न के लिए अपनी टीम में शामिल करने के लिए लगभग 1.3 लाख डॉलर खर्च किए थे.
राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज़ी कोच विक्रम राठौर ने वैभव के 38 गेंदों पर 101 रन की पारी के बाद कहा था,"हमें पता था कि वह क्या कर सकता है और किस तरह के शॉट खेल सकता है. लेकिन इतनी बड़ी भीड़ के सामने, ऐसी परिस्थिति में और इतनी मज़बूत गेंदबाज़ी आक्रमण के ख़िलाफ़ ऐसा करना वास्तव में बहुत ख़ास था."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.




























