दुनिया की सबसे अकेली व्हेल की खोज

    • Author, क्रिस बरन्यूक
    • पदनाम, बीबीसी अर्थ
  • प्रकाशित

अलग तरह का गाना गाने वाली एक ख़ास व्हेल ‘दुनिया की सबसे एकाकी व्हेल’ के नाम से चर्चित है.

शोधकर्ता मानते हैं कि ये हमसायों को पुकारती ऐसा गाना गाती है जो कोई और नहीं गा सकता, लेकिन उसके पास कोई नहीं आता.

वह अकेले ही प्रशांत महासागर के आरपार तैरती रहती है. फ़िहाल ये स्पष्ट नहीं कि वह नर है या मादा.

ये भी स्पष्ट नहीं कि वह किस प्रजाति की है, और अभी ज़िंदा है कि नहीं.

उसके गाने की मूल रिकॉर्डिंग अंतिम बार 2004 में की गई थी.

यह प्राणी जगत की सबसे बड़ी गुत्थियों में से एक है जिस पर क्राउड फ़ंडिग के ज़रिए एक फ़िल्म बनाई जा रही है.

युद्ध पोतों के सिग्लन खोजते हुए मिली व्हेल

पर हो सकता है कि हम इसके बारे में गलत तरीके से सोच रहे हैं.

ये भी हो सकता है कि उसका अस्वाभाविक गाना उसको अलग-थलग नहीं करता, उलटे, वह इसलिए इस तरीके से गाना गाती है ताकि उसके साथी इसे बेहतर सुन सकें या फिर वह पार्टनर की तलाश में, उसे रिझाने के लिए ऐसा कर रही हो.

इस कहानी की शुरुआत 1989 से होती है. अमरीकी नौसेना ने दुश्मनों के युद्ध पोतों का पता लगाने के लिए कई तरह के हाईड्रोफ़ोन्स लगाए थे जो सोसुस कहलाते हैं और अलग-अलग फ़्रीक्वेंसी के सिग्लन पकड़ते हैं.

उन्हें कई अजीब सिग्नल मिले जो सब व्हेल के गीत थे. ये सब ब्लू व्हेल की पुकारों जैसे थे. पर इनमें एक बड़ा अंतर था. एक व्हेल गाने के प्रमुख नोट्स 52 हर्ट्ज की फ़्रिक्वेंसी पर थे. मानव कान के लिए यह एक लो-बास नोट है, पर यह ब्लू व्हले की तुलना में काफी ऊंचा है, जो 10 से 40 हर्ट्ज के बीच गाती हैं.

समुद्री स्तनधारियों के शोधकर्ता बिल वाटकिंस ने मैसाच्युसेट्स के वुड्स होल ओश्नोग्राफी इंस्टीच्यूशंस में काम करते हुए सबसे पहले अमरीकी नौसेना की इन रिकॉर्डिंग्स के महत्व को समझा.

वाटकिंस के लिए 52 हर्ट्ज़ वाली व्हेल को ट्रैक करना एक जुनून बन गया.

जब 78 सैल का उम्र में उनकी 2004 में मृत्यु हुई तो उससे कुछ माह पहले ही उन्होंने व्हेल से संबन्धित अपनी रिकॉर्डिंग के 12 साल के काम को पूरा किया था.

उन्होंने जो पता लगाया वह आने वाले वर्षों में ख़ासी चर्चा का विषय बना और संभवत: आगे भी बनता रहेगा.

उन्होंने और उनके सहयोगियों के अनुसार, "शायद यह स्वीकार करना मुश्किल है कि इतने बड़े विशाल समुद्र में इस तरह की यह अकेला व्हेल है.

सालों तक व्यापक रूप से इसकी निगरानी के बाद भी इस तरह की विशेषताओं वाली सिर्फ एक ही आवाज, हर सीज़न में दर्ज की जा गई और हर सीजन में इसका स्रोत एक ही था.

इसी कारण ये यह एक बेहद रहस्यमयी कहानी बन गई. ये सब करने के लिए इस समर्पित वैज्ञानिक ने वर्षों तक गोपनीय सैनिक रिकॉर्डिंग्स की ख़ाक छानी और फिर अपना शोध तब प्रकाशित किया जब ये दस्तावेज़ गोपनीयता की श्रेणी से बाहर किए गए.

डॉक्यूमेंट्री के लिए क्राउड-फंडिंग

आम मीडिया ने फ़ैसला सुनाया कि यह अकेलेपन से ग्रस्त एक जीव की कहानी थी. 2013 में ब्रितानी टैबलॉइड द एक्स्प्रेस ने लिखा था कि अस्वाभाविक रूप से आवाज निकालने की वजह से वह व्हेल “प्यार पाने से वंचित रह गई”.

अब अमरीकी फ़िल्मकार जोश ज़ीमैन और अभिनेता एड्रियान ग्रेनिएर इस व्हेल पर क्राउड-फंडिंग से पैसे जुटाकर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

इस फिल्म की शुरुआत इस बात को बहुत मज़बूती से आगे बढ़ाती है कि “52” एक अकेला जीव है. पैसे एकत्र करने के लिए इस फिल्म का जो पोस्टर लगाया गया है, वो कहते है - “एकाकी व्हेल को है दोस्तों की ज़रूरत”. और लियोनार्डो डि काप्रिओ के फाउंडेशन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए 50 हजार डॉलर दिए हैं.

इस अभियान को पूरा करने के लिए 3 लाख डॉलर की राशि जुटाने का लक्ष्य रखा गया है.

जमा की गई राशि का इस्तेमाल 2015 के जाड़े में 52 हर्ट्ज़ वाली व्हेल को खोजने के लिए शुरू होने वाले अभियान पर खर्च होगा.

उम्मीद है कि उसे खोजने के बाद कैमरे में कैद किया जाएगा. ज़मान का कहना है कि फिल्म के लिए बची हुई राशि के साथ और राशि का जुगाड़ अन्य स्रोतों से किया जाएगा.

उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी सही व्हेल को ढूंढ निकालना और उसको कैमरे में कैद कर लेना. इस तरह की कम फ्रीक्वेंसी वाली ज़ोरदार आवाज़ अपने स्रोत से सैकड़ों और कई बार हजारों मील तक सुनाई दे सकती है.

कई हैं आलोचक

लेकिन ज़मान की एक दूसरी कठिनाई भी है. कुछ व्हेल वैज्ञानिकों ने उनकी इस अप्रोच पर ही उंगली उठायी है.

एक आलोचक हैं न्यू यॉर्क स्थित कोर्नेल यूनिवर्सिटी के क्रिस्टोफर विल्स क्लार्क. उन्होंने 1993 में 52 हर्ट्ज़ की रिकॉर्डिंग की थी और कहते हैं कि यह उतना असंगत नहीं है जितना दिख रहा है.

कुछ अध्ययनों के अनुसार किसी विशेष क्षेत्र में रहने वाली व्हेल के समूह की अपनी भाषा होती है और जब आप इस पर गौर करते हैं तब 52 हर्ट्ज़ व्हेल अचरज में डालने वाली विशिष्ट व्हेल नहीं लगती है.

क्लार्क एवं अन्य कुछ लोग इस विचार को खारिज करते हैं कि 'सामान्य' ब्लू व्हेल 52 हर्ट्ज़ व्हेल को सुन या समझ नहीं सकती हैं, केवल इसलिए कि सामान्य ब्लू व्हेल कम फ्रीक्वेंसी वाली आवाज़ निकालती हैं.

वो कहते हैं, "यह विशिष्ट रूप से ब्लू व्हेल के जैसे ही गाती है". "ब्लू व्हेल्स, फिन व्हेल्स और और हम्पबैक व्हेल्स : ये सभी व्हेल्स इसे सुन सकती हैं, वो बहरी नहीं हैं, सिर्फ अलग हैं."

ये मामला इस बाते से और पेचीदा बनाता है कि इस व्हेल ने कई साल से 52 हर्ट्ज़ पर आवाज़ नहीं निकाली है. ऐसा कहना है जॉन हिल्डब्रांड का जो कैलिफ़ोर्निया के स्क्रिप्स इंस्टीच्यूशन ऑफ़ ओश्नोग्राफी में काम करते हैं.

व्हेल की आवाज धीरे-धीरे गहरी होती जा रही है और संभावना है कि इस समय यह 47 हर्ट्ज के आसपास होगी. हालांकि पिछले कई सालों से उसकी कोई आवाज रिकॉर्ड नहीं की गई है.

हिल्डरब्रांड के 2009 में प्रकाशित शोध के अनुसार, दुनिया भर में ब्लू व्हेल 1960 के दशक से ही गहरे पिच पर गाती रही हैं. यह 52 हर्ट्ज और ब्लू व्हेल के बीच किसी न किसी तरह के संबंध की ओर संकेत करता है.

वैज्ञानिक अमूमन व्हेल में एक माइक्रोफोने फिट कर देते हैं ताकि उनकी आवाज को रिकॉर्ड किया जा सके. पर यह कई बार पास की व्हेल की आवाज को भी रिकॉर्ड कर लेता है.

व्हेल के दिमाग में क्या चलता है?

इस बात का कोई सुराग नहीं है कि व्हेल के दिमाग में क्या चल रहा है. जैसे कि ज़मान का कहना है, 52 हर्ट्ज व्हेल अकेलापन महसूस कर सकती है, पर यह भी संभव है कि वह ऐसा कुछ नहीं महसूस कर रही हो.

मनुष्य अमूमन यह कल्पना करता है कि पशु भी आदमी की तरह ही भावनाओं को महसूस करते हैं. व्हेल एक जटिल और रहस्यमय प्राणी है.

यह कहना कि समुद्र में पानी के नीचे तैर रही व्हेल अकेलापन महसूस कर रही होगा, उसे हमारे तरह ही बना देता है. पर इस बारे में जब तक कोई ठोस सबूत न मिल जाए तब तक यह एक कल्पना ही है.

यह साक्ष्य तभी मिलेगा जब हम 52 हर्ट्ज को फिर से ढूंढ पाते हैं. वर्ष 2010 में कैलिफ़ोर्निया के समुद्र तट पर लगे सेंसर्स ने व्हेल की आवाज को दर्ज किया था और इसका पैटर्न भी वाट्किंस की रिकॉर्डिंग के पैटर्न की तरह ही था. इस रिकॉर्डिंग को हिल्डब्रांड के कहने पर एक इनटर्न ने खोजा और उनका कहना है कि वे इसे सुलझा पाएंगें.

फिल्म निर्माताओं से लेकर शोधकर्ता सब इसकी खोज में लगे हुए हैं और 52 हर्ट्ज व्हेल की वास्तविक प्रकृति का तभी पता चलेगा यदि इसे दोबारा खोजा जाता है.

<italic><bold>अंग्रेज़ी में <link type="page"><caption> मूल लेख</caption><url href="http://www.bbc.com/earth/story/20150415-the-loneliest-whale-in-the-world" platform="highweb"/></link> यहां पढ़ें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी अर्थ</caption><url href="http://www.bbc.com/earth" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.</bold></italic>

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>