जी हाँ, हमारे पूर्वज आदमखोर थे !

    • Author, मेलिस्सा होगनबूम
    • पदनाम, बीबीसी अर्थ
  • प्रकाशित

क्या हमारे पूर्वज नरभक्षी थे, आदमखोर थे? इसको लेकर अब तक कोई आम राय नहीं थी. लेकिन अब शक की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि इस बात के पुख्ता सबूत मिले गए हैं कि इंसानों के पूर्वज नरभक्षी थे.

एक नामचीन पुरातात्विक स्थल पर इंसानी शरीर के कटे और खाए हुए अवेशष मिले हैं. ये अवशेष सॉमरसेट की गफ़ केव में पाए गए हैं.

यहां पर आखिरी बार 1992 में खुदाई हुई थी. हालांकि शोधकर्ता अभी तक यहां से मिली इंसानी हड्डियों के अवशेषों का अध्ययन कर रहे हैं.

15,000 साल पुराने अवशेष

इन अवशेषों के रेडियोकॉर्बन अध्ययन के मुताबिक गुफा के अंदर इंसानों और जानवरों के अवशेष करीब 15 हज़ार साल पुराने हैं.

STY37728063इंसानी हाव-भाव को कितना समझता है घोड़ा?इंसानी हाव-भाव को कितना समझता है घोड़ा?घोड़े और इंसानों का रिश्ता हज़ारों साल पुराना है. चौंका देगा ये अध्ययन.2015-03-10T21:46:28+05:302015-03-19T15:08:01+05:302015-03-20T10:04:06+05:302015-03-20T10:04:04+05:30PUBLISHEDhitopcat2

लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूज़ियम की सिल्विया बेलो के मुताबिक नए नतीजे बेहद अहम हैं.

सिल्विया कहती है, "हमें इंसानी शरीर के काटे जाने, चबाए जाने, नोचे जाने, हड्डियों के कुचले जाने और तोड़े जाने के पक्के सबूत मिले हैं."

अगर इतने सबूत काफ़ी नहीं हों, तो इन अवशेषों पर इंसानी दांतों के निशान भी मिले हैं.

नरभक्षी होना आम बात

इन सबूतों से यह स्पष्ट होता है कि हमारे पूर्वजों के लिए आदमखोर होना या नरभक्षी होना एक सामान्य बात थी. मानव मस्तिष्कों के साथ भी छेड़छाड़ किए जाने क सबूत मिले हैं.

STY37495361इंसानों जितने समझदार वनमानुष देखे हैं?इंसानों जितने समझदार वनमानुष देखे हैं?ये वनमानुष कपड़े धोते हैं, नाव चलाते हैं और आरी तक चला लेते हैं.2015-02-24T14:10:44+05:302015-03-17T16:01:48+05:302015-03-20T14:01:16+05:302015-03-20T14:01:15+05:30PUBLISHEDhitopcat2

इस रिपोर्ट के सह-लेखक और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के सिमोन पारफ़िट कहते हैं, "उस दौर में इंसानों के अंतिम संस्कार किए जाने के उदाहरण कम ही हैं, यही वजह है कि हमें कई पुरातात्विक साइटों से इंसानी जीवाश्म मिले हैं."

इन जीवाश्मों के अध्ययन से शोधकर्ता अब ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उस दौर में इंसानों का नरभक्षी होना कितना आम था और यह बर्ताव कहाँ-कहाँ तक फैला हुआ था.

ये भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या मनुष्यों की चीर-फाड़ मौत के बाद उनके शरीर के साथ किए जाने वाले कर्मकांड का हिस्सा थी.

<italic><bold>अंग्रेज़ी में मूल <link type="page"><caption> लेख यहां </caption><url href="http://www.bbc.com/earth/story/20150416-our-ancestors-were-cannibals" platform="highweb"/></link>पढ़ें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी अर्थ</caption><url href="http://www.bbc.com/earth" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.</bold></italic>

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