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फ़्रांस के गृह मंत्री ने इससे पहले बताया था कि देशभर में 135 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. वहीं, पेरिस में पुलिस ने हथियार और गैस मास्क ज़ब्त किए हैं.
रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल
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फ़्रांस के कई शहरों में शनिवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं. देशभर में हज़ारों लोग प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं.
पेरिस पुलिस के मुताबिक़, देशव्यापी प्रदर्शनों के तहत आज राजधानी पेरिस में 1 लाख 10 हज़ार लोगों ने मार्च निकाला. पुलिस ने बताया कि पूरे शहर में हालात ज़्यादातर "शांत" रहे.
लियोन और मार्सेई समेत कई शहरों में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. वहीं, बोर्डो में कुछ लोगों को एक दुकान के बाहर लगे लकड़ी के तख्ते उखाड़ते और बैरिकेड बनाते देखा गया.
हालांकि, पेरिस में मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़, अब तक पिछले प्रदर्शनों के दौरान हुई अफ़रा-तफ़री जैसे हालात नहीं बने हैं.
मध्य पेरिस में प्रदर्शन कर रही एक महिला ने बीबीसी से कहा कि जब तक फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों प्रदर्शनकारियों की बात नहीं सुनते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेंगे.
26 साल की ज़ेली ने कहा कि लोग सड़कों पर इसलिए उतरे हैं, क्योंकि वे "बहुत निराश" हैं और मैक्रों के सत्ता में आने के बाद से "बहुत कुछ बर्दाश्त कर रहे हैं".

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उन्होंने कहा, "वे हमें चुप रखते हैं. वे हमारा पैसा लेते हैं, हम पर बहुत ज़्यादा टैक्स लगाते हैं और हम कुछ कह भी नहीं सकते."
उन्होंने कहा, "आज हम सड़कों पर हैं, क्योंकि अब बहुत समय हो गया है और बहुत कुछ बर्दाश्त कर लिया है."
फ़्रांस के गृह मंत्री ने इससे पहले बताया था कि देशभर में 135 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. वहीं, पेरिस में पुलिस ने हथियार और गैस मास्क ज़ब्त किए हैं.
स्थानीय न्यूज़पेपर ले पेरिसियन के मुताबिक़, स्ट्रासबर्ग में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झड़पें हुईं. वहीं, नैंसी में कई अनधिकृत मार्च निकाले जाने के दौरान वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया.
आज के ये प्रदर्शन पिछले सप्ताह के आखिर में हुए दंगों और लूटपाट की घटनाओं के बाद हो रहे हैं. उन घटनाओं में 2,700 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

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हूती विद्रोहियों का दावा है कि सऊदी अरब की ओर से शनिवार को यमन की राजधानी सना पर किए गए हवाई हमलों में 11 लोगों की मौत हो गई.
हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले टीवी चैनल अल-मसीरा ने सऊदी अरब की ओर से सना पर कई हवाई हमले किए जाने की ख़बर दी है.
चैनल के मुताबिक़, एक घर पर हुए हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.
रिपोर्ट के मुताबिक़, सना में सीमेंट फ़ैक्ट्री के मज़दूरों के एक आवासीय भवन पर अलग से हमला हुआ. इस हमले में छह महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए.
इससे पहले, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा था कि उसने अपने शहरों की ओर दागी गई दो मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया.
2022 में हुए संघर्षविराम के बाद, यमन में गृहयुद्ध थम गया था. हालांकि, मध्य पूर्व में बढ़ते संकट के बीच जुलाई में यह संघर्ष एक बार फिर भड़क उठा.

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नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने शनिवार को बयान जारी कर बताया कि 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में ईरानी पार्लियामेंट के स्पीकर शामिल नहीं होंगे.
दूतावास ने मुताबिक़, "कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ इस बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे."
हालांकि, ईरान का संसदीय प्रतिनिधिमंडल बैठक में हिस्सा लेगा. आगामी 26 और 27 अक्तूबर को दिल्ली में ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक होने वाली है.
ग़ालिबाफ़ को ईरान की सत्ता संरचना और अमेरिका के साथ चल रहे हालिया रणनीतिक घटनाक्रमों में एक बेहद प्रभावशाली और ताकतवर चेहरा माना जाता है
दूतावास ने कहा कि ब्रिक्स के सदस्य के तौर पर ईरान इस समूह के शिखर सम्मेलनों और बैठकों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है.
बयान के मुताबिक़, "ईरान का प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत और विचार-विमर्श जारी रखेगा."
ईरानी दूतावास ने इस बैठक की मेज़बानी और इसके लिए की गई व्यवस्थाओं को लेकर भारत सरकार का आभार जताया.

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले एक युवक की सऊदी अरब में गुरुवार रात मौत हो गई.
परिवार वालों के मुताबिक, यह घटना दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती लड़ाकों के मिसाइल और ड्रोन हमले के दौरान हुई.
शुक्रवार देर रात युवक की मौत की जानकारी परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार में मातम पसर गया.
बांसगांव थाना क्षेत्र के किशनपुर बगही गांव के रहने वाले हरिश्चंद्र पांडेय के बेटे कमलेश पांडेय साल 2022 में रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे.
वह दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के भीतर चलने वाली बस सेवा में ड्राइवर थे. परिजनों के मुताबिक, कुछ महीने पहले वह छुट्टियों पर घर आए थे. इसके बाद वह वापस सऊदी अरब चले गए थे.
कमलेश के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और माता-पिता हैं.
चार भाइयों में कमलेश दूसरे नंबर पर थे. उनके पिता किसान हैं.
कमलेश के एक भाई अंडमान और निकोबार में नौकरी करते हैं, जबकि दो भाई खेती-किसानी में पिता का हाथ बंटाते हैं.
परिजन कमलेश के शव के घर पहुंचने का इंतज़ार कर रहे हैं. उन्हें प्रशासन की कार्रवाई का भी इंतज़ार है.
कमलेश के भाई ने बताया कि 21 अक्तूबर को रात 10 बजे उनकी वॉट्सऐप पर कमलेश से बात हुई थी. इससे पहले कमलेश ने परिवार के अन्य सदस्यों से भी वीडियो कॉल पर बात की थी.

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बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ़ पर हमले के मामले में इंदौर से एक और अभियुक्त को गिरफ़्तार किया गया है.
इससे पहले इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन और दिल्ली से चार अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया था.
इंदौर के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया, "हमले की जांच में इंदौर कनेक्शन सामने आने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच और इंदौर क्राइम ब्रांच ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया. इस दौरान इंदौर के परदेशीपुरा पुलिस थाना क्षेत्र से 22 साल के प्रांजल ठाकरान नाम के संदिग्ध को हिरासत में लिया गया."
उन्होंने बताया कि प्रांजल मूल रूप से सोनीपत का रहने वाला है. वह पांच दिन पहले अपने भाई के इलाज के लिए इंदौर आया था.
पुलिस की आठ सदस्यीय टीम ने मिलकर यह ऑपरेशन पूरा किया. इसमें मुंबई क्राइम ब्रांच के दो और इंदौर क्राइम ब्रांच के छह सदस्य शामिल थे.

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) में शनिवार को प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स से मिलने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, प्रोफेसर और नॉन-टीचिंग स्टाफ़ पहुंचे.
प्रशासन ने छात्रों से प्रदर्शन ख़त्म करने की मांग की, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद सुरक्षा गार्डों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई.
जामिया के गार्ड प्रदर्शन स्थल पर लगे तिरपाल हटा रहे थे, जबकि स्टूडेंट्स धरना स्थल को बचाने की कोशिश कर रहे थे.
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की भीड़ और बढ़ गई.
दरअसल, जामिया में छात्र संघ के गठन और चुनाव कराने की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी छात्र यूनियन चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार प्रोफ़ेसर मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने एएनआई से बात करते हुए कहा, "मैं ख़ुद भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से बात करने गया था. छात्र संघ चुनाव कराने की उनकी मांग को लेकर मैंने उन्हें बताया कि संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए एक ड्राफ़्ट कमेटी पहले ही बना दी गई है."
"उन्होंने इसके लिए समय-सीमा पूछी. मैंने उनसे कहा कि वे जितनी जल्दी संविधान का मसौदा तैयार करेंगे, उतनी ही जल्दी चुनाव कराए जाएंगे. इस प्रस्ताव पर वे सहमत हो गए."
"इसके बाद उन्होंने पूछा, ‘सर, चुनाव कब होंगे?’ मैंने जवाब दिया कि चूंकि उन्होंने ख़ुद अपने प्रतिनिधियों को कमेटी में शामिल करते हुए संविधान का मसौदा तैयार करने का प्रस्ताव दिया है, इसलिए मसौदा मिलते ही चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी."
रजिस्ट्रार ने बाहरी नेताओं पर प्रदर्शन कर रहे जामिया के स्टूडेंट्स को उकसाने का आरोप भी लगाया.
वहीं, जामिया से एलएलएम कर रहे शकील ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “जामिया प्रशासन ने धरना स्थल पर पहुंचकर तोड़फोड़ की और छात्रों को उकसाने की कोशिश की.”
शकील ने बताया कि फिलहाल स्थिति समान्य है.

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जर्मनी के दक्षिणी राज्य बवेरिया में एडॉल्फ़ हिटलर के घर ‘केल्श्टाइनहाउस’ में शुक्रवार को आग लग गई.
इस दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है. इस इमारत को ‘ईगल्स नेस्ट’ के नाम से भी जाना जाता है.
ट्रॉनस्टाइन में आपातकालीन सेवा के अधिकारियों को शुक्रवार रात स्थानीय समय 9:15 बजे इस इमारत में आग लगने की सूचना मिली.
दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर देखा कि इमारत आग की लपटों से घिरी हुई थी.
पुलिस के मुताबिक़, दुर्गम इलाक़े के कारण आग बुझाने के काम में मुश्किलें आ रही थीं. शनिवार सुबह तक भी आग जल रही थी. मौके पर आपातकालीन सेवाओं के करीब 200 कर्मियों को तैनात किया गया था. घटना में किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है.
बेरश्टेसगाडेन शहर के ऊपर स्थित यह ठिकाना उन इमारतों में से एक था, जिनका इस्तेमाल नाज़ी तानाशाह हिटलर और उसके क़रीबी लोग दूसरे विश्व युद्ध के दौरान करते थे.
हिटलर और नाज़ी शासन के शीर्ष अधिकारियों ने 1941 में सोवियत संघ पर हमले की योजना बनाने के लिए पास स्थित अपने आवास ‘बर्गहॉफ़’ का इस्तेमाल किया था. इस पूरे परिसर को हिटलर के प्रमुख ठिकानों में से एक माना जाता था.

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पांच टी20 मैचों की सीरीज़ के दूसरे मैच में भारत ने न्यूज़ीलैंड को चार विकेट से हराकर सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली है.
भारत ने छह विकेट के नुक़सान पर 19.5 ओवर में 181 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया.
न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च में खेले जा रहे दूसरे टी20 मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए न्यूज़ीलैंड ने 20 ओवर में पांच विकेट के नुक़सान पर 180 रन बनाए. ग्लेन फिलिप्स ने 43 गेंदों में 77 रन बनाए. वहीं, बेवन जैकब्स ने 46 गेंदों पर 58 रन बनाए.
भारत की ओर से तिलक वर्मा ने सबसे ज़्यादा 51 रन बनाए. उन्होंने 26 गेंदों का सामना किया. वहीं, नमन धीर ने 17 गेंदों पर 31 रन बनाए.
न्यूज़ीलैंड की ओर से मिचेल सैंटनर ने चार विकेट लिए.

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शुक्रवार को जॉर्डन के काराक प्रांत के हमूद में एक चर्च पर हथियारबंद लोगों की ओर से की गई गोलीबारी में सात लोगों की मौत हो गई और कम से कम 34 अन्य लोग घायल हो गए.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर इस हमले की निंदा की है.
भारत सरकार ने बयान जारी कर कहा, " भारत जॉर्डन के काराक में एक चर्च पर हुए जघन्य हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है. इस हमले में कई निर्दोष लोगों की दुखद मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए."
"हम इस हमले में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं."
भारत ने इस मुश्किल घड़ी में जॉर्डन के हाशमी साम्राज्य की सरकार और वहां के लोगों के साथ मज़बूती से खड़े होंने की बात कही है.

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बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली राहुल गांधी की रैली पर निशाना साधा है.
उन्होंने शनिवार को प्रेस कॉन्फ़्रेस कर कहा, ''राहुल गांधी बहुत सोच-समझकर सिख समुदाय की आहत भावनाओं पर नमक छिड़कने की कोशिश कर रहे हैं. वह एक नवंबर को ही अपनी रैली करने पर अड़े हैं और तारीख़ बदलने को तैयार नहीं हैं. हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.”
दरअसल, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद एक नवंबर से दिल्ली और देश के कुछ दूसरे हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे.
रविशंकर प्रसाद ने कहा, ''यह बताना और याद रखना ज़रूरी है कि मोदी सरकार ने सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं. करतारपुर साहिब कॉरिडोर को देखिए या गुरु गोबिंद सिंह के बेटों की शहादत को मान्यता देने की बात, जिन्हें ज़िंदा दीवार में चुनवा दिया गया था.''
उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि 1 नवंबर ही क्यों?
उन्होंने कहा, “आप अपनी रैली इसी तारीख़ को करने पर क्यों अड़े हुए हैं? आप क्या संदेश देना चाहते हैं? आपका संदेश बिल्कुल साफ़ है: 'हमें कोई परवाह नहीं है.''
उन्होंने सैम पित्रोदा के बयान का ज़िक्र करते हुए कहा, “याद कीजिए, उनके एक सहयोगी सैम पित्रोदा ने क्या कहा था.''
उन्होंने पूछा था, ''1984 की बात बार-बार क्यों उठाते रहते हैं? जो हुआ, सो हुआ.''

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न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च में खेले जा रहे दूसरे टी20 मैच में न्यूज़ीलैंड की टीम ने भारत को 181 रनों का लक्ष्य दिया है.
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए न्यूज़ीलैंड ने 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 180 रन बनाए. ग्लेन फिलिप्स ने 43 गेंदों में 77 रन बनाए. वहीं, बेवन जैकब्स ने 46 गेंदों पर 58 रन बनाए.
भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने सबसे ज़्यादा दो विकेट लिए.
फ़िलहाल भारतीय टीम चार ओवर में 37 रन बनाकर खेल रही है.
पांच मैचों की इस टी20 सीरीज़ में भारत 1-0 से आगे है.

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पाकिस्तान में रसोई गैस यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की क़ीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, देश के कई हिस्सों में एलपीजी की क़ीमत 600 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है. वहीं, 11.67 किलोग्राम वाले सिलेंडर की क़ीमत बढ़कर सात हज़ार रुपये हो गई है, जो पिछले हफ़्ते तक क़रीब 4,500 रुपये थी.
पाकिस्तान के फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स ने भी महंगाई के आंकड़ों में एलपीजी की क़ीमतों में तेज़ बढ़ोतरी की पुष्टि की है.
ब्यूरो के मुताबिक़, इस सप्ताह के अंत तक एलपीजी की क़ीमतों में पिछले सप्ताह की तुलना में 22.50 फ़ीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.
वहीं, पिछले साल अक्तूबर के इसी सप्ताह के मुक़ाबले क़ीमतें 107 फ़ीसदी तक बढ़ गई हैं.
पाकिस्तान में तेल और गैस क्षेत्र के नियामक प्राधिकरण ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी ने अक्तूबर महीने के लिए एलपीजी की आधिकारिक क़ीमत 279 रुपये प्रति किलोग्राम तय की है.
हालांकि, फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में एलपीजी 550 से 610 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा रही है.
नोट: ख़बर में रुपये का अर्थ पाकिस्तानी रुपये से है
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अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग ज़िले में प्रस्तावित 'सियांग अपर मल्टीपर्पज़ प्रोजेक्ट' के ख़िलाफ़ हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई.
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पासीघाट स्थित नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) के एक दफ़्तर में कथित तौर पर आग लगा दी.
ज़िला प्रशासन का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पासीघाट थाने में तोड़फोड़ की और पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी.
दरअसल अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी पर प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की क्षमता वाले 'सियांग अपर मल्टीपर्पज़ प्रोजेक्ट' का स्थानीय लोग बीते कई दिनों से विरोध कर रहे हैं.
इसी क्रम में शुक्रवार को आदि बाने केबांग यूनाइटेड, सियांग बांध प्रभावित क्षेत्र युवा संघ, सियांग स्वदेशी किसान मंच युवा शाखा और आदि गैलो वेलफ़ेयर सोसाइटी ने ईस्ट सियांग, सियांग और ऊपरी सियांग ज़िलों में 12 घंटे का बंद बुलाया था.
धरना प्रदर्शन करने सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी बांध-विरोधी कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग कर रहे थे.
इस बीच कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प शुरू हो गई है.
पुलिस के एक अधिकारी का आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए पत्थरबाज़ी शुरू कर दी जिससे माहौल बिगड़ गया.

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ईस्ट सियांग ज़िले के जन संपर्क अधिकारी मिडिंग मोड ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना के विरोध में कुछ स्थानीय लोगों ने शांतिपूर्ण धरना देने के लिए ज़िला प्रशासन से अनुमति मांगी थी. प्रदर्शनकारियों को दोपहर 2 बजे तक विरोध करने का समय दिया गया था. लेकिन वो शाम तक डटे रहे और नेशनल हाइवे को ब्लॉक कर दिया. हाइवे पर जब वाहनों का जाम लग गया तो मजिस्ट्रेट ने भीड़ को हटाने का आदेश दिया."
अधिकारी ने कहा,"जब दो बार चेतावनी देने के बाद भी प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हटे तो हल्के बल के प्रयोग से भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाज़ी की और एनएचपीसी के एक कार्यालय में आग लगा दी."
"प्रदर्शनकारियों ने थाने में भी तोड़-फोड़ की और पुलिस के कुछ वाहनों को फूंक दिया. हालांकि आज स्थिति बिलकुल सामान्य है. प्रशासन ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू की है."
जलविद्युत परियोजना पर मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा था कि एनएचपीसी की ओर से बनाया जाने वाला 11,200 मेगावाट का प्रस्तावित बांध, चीन में सियांग नदी के ऊपरी हिस्से पर बन रहे 60,000 मेगावाट के बांध से पैदा होने वाले ख़तरे का मुकाबला करने में मदद करेगा.
राज्य सरकार ने सियांग नदी के किनारे पारोंग, उगेन्ग और डाइटे-डाइमे इन तीन जगहों को शॉर्टलिस्ट किया है.

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ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की नेशनल प्रेसीडेंट नेहा बोरा ने शनिवार को कहा है कि वो पीस बॉन्ड साइन नहीं करेंगी.
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने नेहा बोरा की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने इस पीस बॉन्ड नोटिस को चुनौती दी थी.
नेहा बोरा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं पीस बॉन्ड साइन नहीं करूंगी. एक तरफ संविधान हमें अधिकार देता है, जिसमें विरोध करने का अधिकार भी शामिल है. दूसरी तरफ पीस बॉन्ड है. जिस तरीक़े से पीस बॉन्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसे साइन करना हमारे मौलिक अधिकारों के ख़िलाफ़ जाएगा."
उन्होंने कहा कि इस पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करना इस बात का संकेत होगा कि देश में किसी भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
नेहा बोरा ने कहा, "आइसा इस तरह की कार्रवाई को नॉर्मल नहीं बनने देगा. पीस बॉन्ड पहली नज़र में भले ही सामान्य दिखाई देता हो, लेकिन इसके ज़रिए प्रदर्शनकारियों से यह आश्वासन मांगा जाता है कि वे शांति भंग नहीं करेंगे."
नेहा बोरा ने सवाल उठाया कि ऐसे पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के क्या मायने हैं, जब इसका इस्तेमाल लोकतांत्रिक विरोध को रोकने के लिए किया जा सकता है.
गौरतलब है कि नेहा बोरा ने 16 अक्तूबर को हुए 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद एक जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड और एक ज़मानती देने के नोटिस को चुनौती दी थी.

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भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच शनिवार कोदूसरा टी-20 मुक़ाबला खेला जा रहा है. भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला लिया है.
भारतीय टीम ने दूसरे टी-20 मुक़ाबले के लिए 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल किया है. कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस के दौरान इसकी जानकारी दी.
हालांकि, इससे पहले हुए मुक़ाबले में सूर्यवंशी को मौका नहीं दिया गया था.
दोनों टीमों की प्लेइंग-11
भारत: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव
न्यूज़ीलैंड: फ़िन एलन, टिम सइफ़र्ट (विकेटकीपर), डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, बेवॉन जैकब्स, माइकल ब्रेसवेल, मिचेल सैंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, मैट हेनरी, जैकब डफी और लॉकी फ़र्ग्यूसन

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चैंबर ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली को स्थगित करने की अपील की है.
सीटीआई ने राहुल गांधी से 10 नवंबर के बाद इस रैली को आयोजित करने की अपील की है.
व्यापार संगठन ने आशंका जताई है कि रैली के चलते दिवाली के व्यस्त खरीदारी सीज़न में दिल्ली के कारोबार को हज़ारों करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है.
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा, "रैली से रामलीला मैदान के आसपास के थोक और ख़ुदरा बाज़ारों में व्यापार प्रभावित हो सकता है. धनतेरस और दिवाली से पहले बाज़ारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ जाती है. ऐसे में बड़े राजनीतिक आयोजन के कारण यातायात बाधित होने और आवाजाही पर पाबंदियां लगने से कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है."
गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन की यह रैली एसआईआर में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर है.
कांग्रेस ने कहा है कि यह इंडिया गठनबंधन की अब तक की सबसे बड़ी रैलियों में से एक होगी.

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अमेरिका के रक्षा विभाग ने चीनी भाषा और संस्कृति की शिक्षा देने वाले कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट्स को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा बताया है.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इन संस्थानों पर 'प्रोपेगेंडा सेंटर्स' के रूप में काम करने का आरोप लगाया है.
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अलग-अलग नामों से ऐसे दर्जनों केंद्र स्थापित किए गए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थानों का उद्देश्य 'इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की चोरी करना और अमेरिकी छात्रों की विचारधारा को प्रभावित' करना है.
हेगसेथ के मुताबिक़, अमेरिकी रक्षा विभाग इन सेंटर्स को व्यवस्थित तरीक़े से बंद करने की दिशा में काम कर रहा है.
वहीं, इस मामले पर वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ़्रेंचाइज़ी मुंबई इंडियंस ने केरोन पोलार्ड को टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया है.
वह महेला जयवर्धने की जगह पर इस ज़िम्मेदारी में नजर आएंगे.
पोलार्ड का जुड़ाव मुंबई इंडियंस से नया नहीं है, इससे पहले टीम के बैटिंग कोच की ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे.
मुंबई इंडियंस की को-ऑनर नीता अंबानी ने पोलार्ड की नियुक्ति पर ख़ुशी जताई. उन्होंने कहा कि पोलार्ड महज़ 22 साल की उम्र में मुंबई इंडियंस से जुड़े थे और पिछले 16 वर्षों में फ़्रेंचाइज़ी परिवार का अहम हिस्सा बन गए हैं.
उन्होंने कहा, "टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि उनका यह अनुभव टीम को आगे बढ़ाने और उसकी विरासत को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा."
मुंबई इंडियंस का हेड कोच बनाए जाने पर केरोन पोलार्ड ने इसे अपने लिए सम्मान की बात बताया. उन्होंने कहा कि मुंबई इंडियंस टीम उनके जीवन और करियर का अहम हिस्सा रही है.