किम जोंग उन के बाद कौन बनेगा उत्तर कोरिया का नेता

किम जोंग उन
    • Author, एलिस्टेयर कोलमैन
    • पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया अपने देश में सबकुछ ठीक होने का संदेश प्रसारित कर रही है लेकिन दुनिया के दूसरे हिस्सों में उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की सेहत को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. उनके गंभीर रूप से बीमार होने के साथ साथ उनकी मौत को लेकर भी अफवाहों का बाज़ार गर्म है.

उनके स्वास्थ्य को लेकर अटकलों का ये दौर 15 अप्रैल के बाद शुरू हुआ है, क्योंकि किम इस दिन अपने दादाजी और उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग के जन्मदिवस समारोह में शामिल नहीं हुए.

दक्षिण कोरिया और अमरीकी सरकारों ने कहा है कि उत्तर कोरिया में ऐसी कोई असमान्य गतिविधि नहीं देखी गई है जिससे ये अंदाजा लगाया जा सके कि किम जोंग उन गंभीर रूप से बीमार हैं या उनकी मौत हो चुकी है. लेकिन जब तक इस पहलू पर उत्तर कोरिया की सरकारी नियंत्रण वाली मीडिया कोई घोषणा नहीं करती तब तक किम जोंग उन को लेकर अफवाहों का दौर जारी रहेगा.

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अगर ये अफवाह सही हों तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि किम जोंग उन की जगह उत्तर कोरिया की सरकार का मुखिया कौन बनेगा?

ऐसे ही कुछ दावेदारों पर एक नजर-

किम यो जोंग

किम यो जोंग

उत्तर कोरिया में किम जोंग उन की छोटी बहन किम यो जोंग को देश के नए नेता की पहली पसंद के तौर पर देखा जाता रहा है.

31 साल की किम यो जोंग की पढ़ाई लिखाई अपने भाई की तरह पश्चिमी देश स्विटजरलैंड में हुई है. वे पोलित ब्यूरो की सदस्य हैं और देश के सबसे महत्वपूर्ण प्रचार एवं आंदोलन विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर भी हैं.

उन्हें किम जोंग उन की 'सीक्रेट डायरी' के तौर पर भी मशहूरी मिली हुई है. माना जाता है कि किम जोंग उन के रोजाना के कामकाज में उनकी अहम भूमिका होती है. यह भी कहा जाता है कि वह अपने भाई को नीतिगत मुद्दों पर भी सलाह देती हैं. किम यो जोंग उस कथित 'माउंट पैक्टु ब्लडलाइन' की सदस्य भी हैं जिसे किम इन सुंग के सीधे वंशज के तौर पर देखा जाता है और जिनकी उत्तर कोरिया की राजनीति में अहम भूमिका है.

ब्रीफ़िंग के दौरान किम जोंग उन की बहन छिपकर झांकती हुई नज़र आईं
इमेज कैप्शन, ब्रीफ़िंग के दौरान किम यो जोंग छिपकर झांकती हुई नज़र आईं

लेकिन यह भी माना जाता है कि वह हर बात में जल्दबाजी दिखाती हैं जिसके चलते उनसे गलतियां होने की आशंका ज्यादा होती है.

पिछले दिनों किम जोंग उन और डोनाल्ड ट्रंप की हनोई में हुई मुलाकात के वक्त छिपकर झांकती हुई उनकी तस्वीर के चलते किम जोंग उन की किरकिरी भी हुई थी. वैसे किम यो जोंग कोई पहली बार इस तरह का व्यवहार नहीं कर रही थीं.

लेकिन एक सवाल यह भी है कि क्या उत्तर कोरिया महिला नेतृत्व के लिए तैयार है? उत्तर कोरिया की राजनीतिक और सामाजिक सेटअप में महिलाओं की अहम भूमिका है लेकिन ताकतवर जगहों पर उनकी मौजूदगी बेहद कम है.

ऐसे में क्या किम परिवार की सदस्य होने के चलते वह पितृसत्तात्मक समाज की चुनौती से पार पा जाएंगी?

किम जोंग चोल

किम जोंग चोल

किम जोंग उन के बड़े भाई हैं किम जोंग चोल. उनके पिता ने उन्हें ही उत्तर कोरिया के भविष्य के नेता के तौर पर प्रमोट किया था लेकिन बाद में किम जोंग चोल ने सेना और राजनीति को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखाया तो किम जोंग उन को उनकी जगह दी गई.

किम जोंग चोल भी सावर्जनकि तौर पर दिखाई नहीं देते हैं. उन्हें 2015 में लंदन में देखा गया था जब वे अपने आदर्श गिटारिस्ट इरिक कैलपटन के रॉयल अलबर्ट हॉल में आयोजित कंसर्ट में नजर आए थे.

लेकिन उन्हें देश के नेता के तौर पर कमान मिलेगी, इसकी संभावना बेहद कम है.

किम प्योंग इल

किम प्योंग इल

पूर्व नौकरशाह किम प्योंग इल किम जोंग उन के चाचा हैं यानी उत्तर कोरिया के दूसरे सुप्रीम लीडर किम जोंग इल के सौतले भाई.

उत्तर कोरिया के पहले सुप्रीम लीडर किम इल सुंग के पुत्र के रूप में वे 'माउंट पैक्टु ब्लडलाइन' के सदस्य हैं. एक समय में उन्हें किम जोंग इल के लिए खतरा माना गया था लिहाजा किम प्योंग इल को चार दशकों तक विभिन्न यूरोपीय देशों में राजदूत के तौर पर तैनात कर उत्तर कोरिया से बाहर रखा गया.

किम प्योंग इल 65 साल की उम्र में रिटायर होने के बाद बीते साल प्योंगयांग लौट आए हैं. उनके नेतृत्व संभालने पर देश को सुरक्षित हाथों में माना जा सकता है.

चोय रेयोंग हे

चोय रेयोंग हे

वाइस मार्शल चोय रेयोंग हे, किम जोंग उन के दाहिने हाथ माने जाते हैं. इतना ही नहीं उत्तर कोरियाई संसद, सुप्रीम पीपल्स एसेंबली के प्रेसीडेंट भी हैं.

70 साल के चोय रेयोंग देश में सबसे शक्तिशाली शख्स के तौर पर देखा जाता है. किम जोंग उन को शीर्ष जगह को सुरक्षित करने में उनका अहम योगदान रहा है. ऐसे में किम जोंग उन ने उन्हें काफी सम्मान दिया है. 2012 में सत्ता संभालने के कुछ ही महीनों के बाद चोय रेयांग हे को एक साथ कई प्रमोशन मिले. इससे किम जोंग उन की नजर में उनकी अहमियत का अंदाजा होता है.

किम परिवार से अलग चोय देश के उन कुछ चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं जिनका नाम उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया में नियमित तौर पर देखने को मिलता है.

उत्तर कोरिया में किम परिवार के बाहर का सदस्य भी सरकार का मुखिया हो सकता है. ऐसे में चोय रेयोंग हे एक उपयुक्त दावेदार हो सकते हैं. किम जोंग उन की असमय विदाई से देश के सत्ता हस्तांतरण के सहज बदलाव के लिए भी चोय उपयुक्त साबित हो सकते हैं.

किम जेय रेयोंग

किम जेय रेयोंग

किम नाम होने के बाद भी उतर कोरिया के प्रधानमंत्री किम जेय रेयोंग किम परिवार के सदस्य नहीं है. दरअसल उत्तर और दक्षिण, दोनों कोरिया में किम एक आम नाम है.

2016 से पहले किम जेय रेयोंग के बारे में बहुत लोग नहीं जानते थे लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार सफलताएं हासिल की हैं. एक साल पहले वे उत्तर कोरियाई संसद पहुंचे और अचानक से एक महीने के भीतर ही उन्हें प्रधानमंत्री चुन लिया गया. उन्हें पोलित ब्यूरो की सदस्यता मिली और सेंट्रल मिलिटरी कमीशन में भी उन्हें जगह मिल गई.

किम जेय सत्तारूढ़ परिवार के सदस्य नहीं हैं लेकिन परिवार के उपयुक्त उम्मीदवार के सामने आने तक वे इस भूमिका के लिए उपयुक्त माने जा सकते हैं.

उत्तराधिकारी का चुनाव कैसे होगा?

1948 में स्थापना के बाद से ही उत्तर कोरिया पर किम परिवार के सदस्यों का शासन रहा है.

उत्तर कोरिया

देश में नए नेता की आधिकारिक घोषणा उत्तर कोरियाई संसद सुप्रीम पीपल्स एसेंबली ही करती है. लेकिन वर्कर्स पार्टी और उनके समर्थकों के प्रभुत्व वाली उत्तर कोरियाई संसद रबर स्टांप की तरह ही काम करती हैं. आधिकारिक घोषणा होने से महीनों या कहें सालों पहले नेता का चुनाव हो जाता है.

किम जोंग उन के पिता किम जोंग इल 1994 में उत्तर कोरिया के संस्थापक अपने पिता किम इल सुंग की मृत्यु के बाद नेता बने थे. उन्होंने अपने शासन के दौरान उत्तर कोरियाई राजनीति में किम परिवार की अहम भूमिका को सुनिश्चित कर दिया था.

उन्होंने इस तरह का मिथ बनाया कि कोरियाई सभ्यता को पालने वाले पवित्र ज्वालामुखी माउंट पैक्टु के महान परिवारों में किम परिवार शामिल हैं. इस मिथ से उन्होंने अपने परिवार को उस मुकाम तक पहुंचा दिया जहां से यह धारणा बन गई कि परिवार के लोगों का जन्म शासन करने के लिए हुआ है.

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किम इल सुंग ने किम जोंग इल को अपना उत्तराधिकारी चुना था. किम जोंग इल ने अपने बेटे किम जोंग उन को सत्ता सौंपी.

किम जोंग उन का अपना परिवार है. लेकिन अब तक उनके किसी बच्चे को सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा गया है. ना ही किसी को सत्ता संभालने के लिए तैयार किया गया है. सच्चाई यह है कि उत्तर कोरियाई जनता किम जोंग उन के बच्चों का नाम तक नहीं जानती.

उत्तर कोरिया में किम जोंग उन की जगह लेने के लिए किसी को संभावित नेता के तौर पर तैयार नहीं किया गया है. ऐसे में किम की असमय विदाई से एक वैक्यूम पैदा होगा जिसे भरना बेहद मुश्किल होगा.

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