बैंगलुरू की सड़क पर एनाकोंडा?

बंगलुरू की सड़क पर बना एनाकोंडा
    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बैंगलोर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

एनाकोंडा को दक्षिण अमरीका में पाए जाने वाला एक निहायत ही ख़तरनाक सांप प्रजाति का माना जाता है.

लेकिन एनाकोंडा से सुकून भी मिल सकता है, यह बैंगलुरू के निवासियों ने बीते हफ़्ते समझा.

भारत की प्रौद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले इस शहर के नगर निगम को संदेश देने के लिए कला का सहारा लेना पड़ा और इसमें एनाकोंडा का इस्तेमाल किया गया.

संदेश यह था कि बैंगलुरू की सड़कों पर मौजूद तक़रीबन 2,000 गड्ढे एनाकोंडा से कम ख़तरनाक नहीं हैं.

मदद

बंगलुरू की सड़क पर बना एनाकोंडा

कलाकार पुष्पराज एम ने थर्मोकोल और प्लास्टर ऑफ़ पेरिस से एनाकोंडा बनाया और उसे एक बड़े गड्ढे में लगा दिया. शहर की व्यस्त सड़क पर बना यह एनाकोंडा लोगों को डराने के लिए काफ़ी था. पुष्पराज के पांच सहयोगियों ने इसमें उनकी मदद की.

बीच सड़क पर बने इन एनाकोंडा पर विवाद इसलिए भी हुआ कि नगर निगम का चुनाव होने वाला है.

पुष्पराज ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “एक ग़ैर सरकारी संगठन ने लोगों में जागरुकता बढ़ाने के लिए कुछ करने का प्रस्ताव हमें दिया तो एनाकोंडा का विचार सामने आया. हमने उसे ज़्यादा प्रभावी बनाने के लिए उसमें हाथ भी लगा दिया.”

प्रस्ताव

बंगलुरू की सड़क पर बना एनाकोंडा

सांसद राजीव चंद्रशेखर की पहल पर बने ग़ैर सरकारी संगठन नम्मा बैंगलुरू फाउंडेशन ने यह प्रस्ताव दिया और पुष्पराज ने अपने सहयोगियों के साथ मिल कर महज 24 घंटों में उसे सच कर दिखाया. पुष्पराज चित्र कला परिषद के लोक कला में ग्रैजुएट और बैंगलुरू विश्वविद्यालय के पोस्ट ग्रेजुएट हैं.

उन्होंने कहा, “हम बैंगलुरू की बदहाल सड़कों की ओर लोगों का ध्यान खींचना चाहते थे. बारिश में इन गड्ढों में पानी भर जाने से डेंगू और दूसरे रोगों की आशंका बढ़ गई. प्रशासन ने कोई ख़ास ध्यान नहीं दिया. हमने इस ओर ध्यान खींचने के लिए कला का सहारा लेने का फ़ैसला किया.”

बंगलुरू की सड़क पर बना एनाकोंडा

वृहत बैंगलुरू महानगर पालिका के प्रमुख विजय भास्कर टीएम ने इस पर खुशी जताई. उन्होंने बीबीसी से कहा, “ये कलाकृतियां नगर निगम के लोगों का ध्यान खींचने का अच्छा ज़रिया हैं. यह एनाकोंडा मुझे काफ़ी अच्छा लगा. सड़कों पर बने गड्ढों का मुद्दा तो है ही, हम इस ओर क़दम उठा रहे हैं.”

इसके लगभग छह हफ़्ते पहले कलाकार बादल ननजुंदस्वामी ने बैंगलुरू की सड़कों पर बने इन गड्ढों की ओर लोगों का ध्यान खींचने के लिए एक मगरमच्छ बनाया था.

ख़र्च

बंगलुरू की सड़क पर बना एनाकोंडा

चामराजेंद्र एकेडेमी ऑफ़ विजुअल आर्ट्स से कला की पढ़ाई करने वाले इस कलाकार ने बीबीसी से कहा, “सार्वजनिक जगह पर बने एक नल से बीते तीन महीनों तक लगातार पानी टपकता रहा और इससे लोगों को काफ़ी दिक्क़तों का सामना करना पड़ा. इस वजह से कुछ लोगों को चोटें भी आईं. इसके बाद मैंने मगरमच्छ का सहारा लिया.”

कला निर्देशक शशिधर हड़पा ने इस मगरमच्छ का इस्तेमाल किया था. ननजुंदस्वामी ने अपनी जेब से छह हज़ार रुपए ख़र्च कर इसे गड्ढे में लगाया था.

अगले दिन उस टपकते हुए नल को ठीक कर दिया गया.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>