पत्रकार की 'जलाकर हत्या', मंत्री पर आरोप

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समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि उत्तर प्रदेश के मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के ख़िलाफ़ एक पत्रकार को कथित तौर से जला देने के आरोप में एफ़आईआर दर्ज की गई है.

शाहजहांपुर ज़िले के इस मामले में पांच अन्य लोगों के ख़िलाफ़ भी प्राथिमिकी दर्ज हुई है.

पीटीआई ने पुलिस के हवाले से कहा है कि सरकार में पिछड़ी जाति कल्याण मामलों के मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश राय और चार दूसरे लोगों के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया है.

इनके ख़िलाफ़ जगेंद्र सिंह को जलाकर मार देने का मुक़दमा दर्ज किया गया है.

'छापे के दौरान लगाई गई आग'

मंत्री पर ग़ैरक़ानूनी खनन और भूमि हथियाने का आरोप एक पोस्ट में लगाया गया था.
इमेज कैप्शन, मंत्री पर ग़ैरक़ानूनी खनन और भूमि हथियाने का आरोप एक पोस्ट में लगाया गया था.

एफ़आईआर में हत्या, आपराधिक साज़िश, धमकाने और अशांति फ़ैलाने के इरादे से किसी को बेइज्ज़त करने जैसी धाराओं का उल्लेख है.

जगेंद्र सिंह के परिवार का कहना है कि उन्होंने मंत्री के ख़िलाफ़ ग़ैर क़ानूनी खनन और ज़मीन हथियाने का आरोप लगाता हुआ एक फ़ेसबुक पोस्ट किया था.

परिवार ने आरोप लगाया कि शाहजहांपुर के सदर बाज़ार इलाक़े में एक जून को उनके घर पर मारे गए छापे के दौरान जगेंद्र सिंह के बदन में आग लगा दी गई.

इसके बाद पत्रकार को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उनकी मौत हो गई.

रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि जगेंद्र सिंह ने पुलिस के एक आला अधिकारी को पूरे मामले के बारे में दो दिनों पहले बताया था.

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