इनकी नज़र से छिप कर कहां जाओगे

राथिका रामासामी
    • Author, मधु पाल
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
  • प्रकाशित

करियर चुनने में सबसे पहले लोग बात करते हैं डॉक्टर, इंजीनियर, आईएस ऑफ़िसर बनने कि लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके शौक बाकि लोगों से काफ़ी जुदा और हटकर होते हैं.

वन्यजीवों की फ़ोटोग्राफ़ी भी एक ऐसा ही अलहदा शौक है और जब इस शौक को एक लड़की अपनी करियर बना ले तो बात कुछ ख़ास हो जाती है.

राथिका रामासामी

चेन्नई की राथिका रामासामी को दूरदर्शन ने वर्ष 2009 में भारत की पहली महिला वन्य प्राणी फोटोग्राफर के तौर पर सम्मानित किया था.

राथिका ने कंप्यूटर इंजीनिरिंग की पढ़ाई की लेकिन उनका मन फोटोग्राफी में ही था और फ़ोटोग्राफ़ी भी सिर्फ वन्यजीवों से ज़ुड़ी.

राथिका रामासामी

बीबीसी से ख़ास बातचीत में राथिका रामासामी ने कहा,"वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर अपनी विषयवस्तु के लिए प्राकृतिक परिवेश में समय व्यतीत करता है.

यह एक ऐसा पेशा है, जिसमें वन्य जीवों, प्रकृति तथा संरक्षण के प्रति रुचि होने के साथ-साथ एक के बाद एक आने वाले विषयों के बारे में गहरी जानकारी होनी चाहिए.

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी वन्य जीवों के व्यवहार की बारीक समझ से जुड़ा क्षेत्र है, इसलिए आपको जानवरों के व्यवहार की बेहतर समझ होनी चाहिए, ताकि आपकी फोटो में उनकी हरकतों को खास तरीके से पेश किया जा सके.

राथिका रामासामी 12 साल से इस व्यवसाय से ज़ुड़ी हुई हैं और 2003 में जब उन्होंने इस व्यवसाय में कदम रखा था तब पुरुष भी उतने नहीं थे और आज की तारीख में भी सिर्फ 3 से 4 महिलाएं ही इस व्यवसाय में हैं.

राथिका रामासामी

राथिका कहती हैं, "वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी सिर्फ महिलाओ के लिए नहीं बल्कि पुरुषों के लिए भी उतना ही चुनौतीपूर्ण है क्योंकि दूसरी फोटोग्राफी उतनी मुश्किल नहीं होती हैं.

वहां आप आदेश दे सकते हैं और कई चीज़ों को अपने नियंत्रण में रख सकते हैं लेकिन वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी में कुछ भी आपके नियंत्रण में नहीं है. यहां न तो आप किसी को आदेश दे सकते हैं और ना ही आप उन से कुछ उम्मीद कर सकते हैं."

राथिका रामासामी

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के अपने कुछ कायदे कानून होते हैं जिन्हें आप नज़र अंदाज़ नहीं कर सकते.

कुछ ऐसे ही कायदे कानून के बारे में राथिका कहती हैं कि,"अगर आप शेर या चीते की तस्वीरें खीच रहे हैं तो आप को पहले ही हिदायत दे दी जाएगी कि गाड़ी से नीचे ना उतरें और अगर आप उतरे तो आपको जंगल से वापस भेज दिया जाएगा."

राथिका रामासामी

राथिका बताती हैं, "शेर से भी ज़्यादा खतरनाक जानवर हैं हाथी. इसलिए तस्वीरें खीचते वक़्त हमें इन सब बातों का बहुत ध्यान रखना पड़ता है.

हमें सभी जानवरों के बॉडी लैंग्वेज को अच्छी तरह समझना और परखना पड़ता हैं. कौन सा जनवार अभी क्या कर सकता हैं? कब वो किसी पर हमला करेगा?

कब वो किसी से प्यार और तो और कब वो किसी दूसरे जानवर से लड़ेगा? इन सबका पूरा ज्ञान होना ज़रूरी है.

इसके लिए हम बहुत सारी किताबों के साथ साथ बहुत सा वक़्त इन्ही जंगलो में गुज़ारना पड़ता है."

राथिका रामासामी

एक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर को एक अच्छी तस्वीर खींचने के लिए कभी कभी पूरा दिन लग जाता है तो कभी 10 दिन तो कभी पूरा महीना भी.

राथिका रामासामी

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी में जानवरों की तस्वीरों के अलावा पक्षियों की तस्वीरे लेना भी शामिल है और राथिका इसकी विशेषज्ञ हैं.

भारत में 1300 से भी ज़्यादा और विदेशो में 8000 से भी ज़्यादा खूबसूरत और अलग अलग तरह की चिड़िया हैं.

अब तक वो 1200 से अलग अलग तरह की चिड़ियों को अपने कैमरे में कैद कर चुकी हैं.

राथिका रामासामी

राथिका ने अब तक भारत के कई नेशनल पार्क से लेकर साउथ अफ्रीका, कीनिया, ऑस्ट्रेलिया और घाना के जंगलो का भी भ्रमण किया है.

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