ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में दमदार वापसी से ऐसे बनाया दबदबा

ऋषभ पंत
इमेज कैप्शन, भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट मैच में प्रभावी बल्लेबाज़ी की
    • Author, विमल कुमार
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

लंबे अंतराल के बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ख़ूब सुर्ख़ियाँ बटोर रहे हैं.

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ चेन्नई टेस्ट में पंत ने जिस तरह बल्लेबाज़ी की, उसने भारतीय टीम में उनकी उपयोगिता साबित कर दी है.

पंत की सफलता से सबसे ज़्यादा ख़ुश नज़र आ रहे हैं कप्तान रोहित शर्मा.

एक बार इंटरव्यू के दौरान रोहित शर्मा ने ऋषभ पंत की बल्लेबाज़ी को लेकर अपनी राय रखी थी.

उन्होंने कहा था कि वे चाहते हैं कि ऋषभ पंत जैसा खेलते हैं, वैसा ही खेलें. रोहित शर्मा ने इंटरव्यू के दौरान ये भी स्वीकार किया था कि ऋषभ जिस तरह की बल्लेबाज़ी करते हैं, उसमें वो विफल भी हो सकते थे. लेकिन उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी में भरोसा रखा.

ऋषभ पंत जानते थे कि उनकी बल्लेबाज़ी स्टाइल में रिस्क है, लेकिन वे अपने गेम को बदलना नहीं चाहते थे. रोहित शर्मा के मुताबिक़ ऋषभ टीम की स्थिति को समझते हुए ही खेलते हैं.

इंटरव्यू के दौरान रोहित ने कहा था, “ऋषभ पंत को बैटिंग के दौरान गेम की स्थिति पता होती है. बैटिंग के दौरान मैच दोनों तरफ़ जा सकता है, वे कोशिश करते हैं कि मैच हमारी तरफ़ कैसे आए और सामने वाली टीम की तरफ़ कैसे नहीं जाना चाहिए. उनके प्रदर्शन से टीम को रिज़ल्ट भी मिले हैं. वे पहली गेंद से सामने वाले गेंदबाज़ पर प्रेशर डालने की कोशिश करते हैं. उसमें ऋषभ पंत को सफलता मिली है और टीम को भी सफलता मिली है.’’

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
इमेज कैप्शन, बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ बेहतरीन पारी

मैच
इमेज कैप्शन, मैच में ऋषभ पंत और शुभमन गिल की बल्लेबाज़ी ने सभी का ध्यान खींचा

629 दिनों के अंतराल के बाद पंत ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ चेन्नई से दोबारा टेस्ट क्रिकेट में वापसी की, तो सबसे ज़्यादा ख़ुश होने वाले खिलाड़ियों में कप्तान रोहित शर्मा शामिल थे.

पहली पारी में पंत ने अच्छी शुरुआत तो की थी, लेकिन अर्धशतक भी नहीं बना पाये थे.

लेकिन, दूसरी पारी में टीम इंडिया ने महज़ 67 रन पर तीन विकेट खो दिये थे, तब पंत क्रीज़ पर आए और शुभमन गिल के साथ मिलकर 167 रनों की ऐसी साझेदारी की, जिसने मैच का नतीजा तय कर दिया.

अपनी शतकीय पारी के दौरान ऋषभ पंत ने अपने आदर्श और अतुलनीय महेंद्र सिंह धोनी के साथ एक फ़ॉर्मेट की तुलनात्मक बहस में खुद को आगे कर दिया है.

जैसे कि कहावत है कि 'गुरु गुड़ और चेला चीनी' हो गया. ऐसे में शायद गुरु धोनी को पंत की इस कामयाबी पर नाज़ हो.

क्योंकि, धोनी को 6 टेस्ट शतक बनाने के लिए 144 पारी खेलनी पड़ी थी, जबकि पंत ने ये कमाल महज़ 58 पारी में कर दिखाया है.

इतना ही नहीं पंत के 6 शतकों में से दो इंग्लैंड, एक ऑस्ट्रेलिया, एक साउथ अफ्रीका और भारत में आए हैं.

साउथ अफ़्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में 4 शतकों के अलावा पंत ने 2021 में मशहूर गाबा टेस्ट में 89 रनों की एक नाबाद पारी भी खेली थी, जिसे किसी भी टेस्ट शतक से कम करके नहीं आंका जा सकता है.

भरोसा

एम.एस. धोनी
इमेज कैप्शन, आईपीएल 2024 में चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मैच के दौरान एम.एस. धोनी.
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
दिनभर
Dinbhar: आवाज़ वही, अंदाज़ नया

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

एपिसोड

समाप्त

ये आंकड़ा भी सामने है कि अब तक अपने करियर में पंत ने 90 का आंकड़ा भी 6 मौक़े पर पार किया, लेकिन शतक नहीं पूरा कर पाए.

यानी अगर वो अपने चिर-परिचित बेफिक्र अंदाज़ में ना खेलकर रिकॉर्ड के नज़दीक पहुंचने पर संभल कर खेलते, तो शायद उनके नाम 12 शतक होते. ठीक उतने ही जितने की कप्तान रोहित के टेस्ट क्रिकेट में हैं.

शायद यही वजह है कि जब कुछ महीने बाद ऑस्ट्रेलिया का दौरा होना है, तो पूर्व महान कप्तान और क्रिकेट के बेहद सम्मानित जानकारों में से एक इयान चैपल ने पंत और बुमराह को 'तुरुप का इक्का' बताया है, ना कि विराट कोहली या रोहित शर्मा को, जिन्हें अक्सर कई पूर्व खिलाड़ी किसी सिरीज़ से पहले अपने आकलन में बताते रहे हैं.

दरअसल, पंत टेस्ट क्रिकेट के लिए एक विरले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने व्हाइट बॉल क्रिकेट में जलवा नहीं बिखेरा है.

बावजूद इसके, कप्तान रोहित को उनकी काबिलियत पर इतना भरोसा है कि उन्होंने सीधे टी20 वर्ल्ड कप टीम में पंत की एंट्री करवा दी, जबकि पंत कार दुर्घटना के कारण टीम से बाहर हो गए थे.

इसके बाद सिर्फ़़ आईपीएल 2024 में ही खेले थे. मुमकिन ये भी है कि पंत में कप्तान रोहित को अपने शुरुआती दौर वाला खिलाड़ी दिखाई देता हो.

रोहित का समर्थन

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा
इमेज कैप्शन, भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ शुरू होने से पहले चेन्नई में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया

एक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी रोहित पिछले एक दशक में उतार-चढ़ाव के दौर से गुज़रे हैं और अब एक परिपक्व खिलाड़ी के तौर पर शायद बेहतर समझ उनमें है कि पंत जैसे हुनरमंद खिलाड़ी को भारतीय क्रिकेट किस तरीक़े से संभाले और संजोए.

पंत अगर कार दुर्घटना के चलते क़रीब डेढ़ साल तक क्रिकेट से दूर नहीं रहते, तो शायद वो भविष्य के कप्तान के तौर पर दावेदारी में सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, केएल राहुल, जसप्रीत बुमराह और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों से आगे रहते.

सफेद गेंद में भले ही पंत को अभी लंबी दूरी तय करनी है और टेस्ट क्रिकेट की तरह स्वाभाविक तरीक़े से अपनी जगह पक्की करनी बाक़ी है, लेकिन लाल गेंद की क्रिकेट में वो दिग्गज खिलाड़ी का दर्जा बहुत कम वक़्त में हासिल कर चुके हैं.

अगर पंत चेन्नई की इस कामयाबी को घर में बचे और 4 टेस्ट (तीन न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़) में बरकरार रखते हैं, तो हो सकता है कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के उप-कप्तान भी वहीं हों. और कौन जाने, वहीं से उनके लिए भविष्य की टेस्ट कप्तानी की दावेदारी भी फिर से करवटें लेनी शुरू कर दे.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)