एमएच-370: दस साल पहले लापता हुआ था मलेशियाई विमान, पीड़ित परिवारों को किस बात की आस

अपने बेटे के लिए संदेश लिखने के बाद रोते हुए ली एरीयू
इमेज कैप्शन, अपने बेटे के लिए संदेश लिखने के बाद रोते हुए ली एरीयू
    • Author, जोनाथन हेड
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़, कुआलालंपुर
  • प्रकाशित

ली एरीयू को पिछले एक दशक से दो शब्द परेशान कर रहे हैं- 'संपर्क टूट गया'.

ये तीन शब्द मलेशिया एयरलाइंस ने उन्हें तब कहे थे जब फ्लाइट MH-370 लापता हो गई थी. इसी विमान में ली के बेटे यानलिन भी यात्रा कर रहा थे.

ली कहते हैं, "सालों से मैं पूछ रहा हूं कि 'संपर्क टूट गया' से आपका आशय क्या है? मुझे ऐसा लगता है कि यदि आपका किसी से संपर्क टूट जाता है, तो आपको उनसे फिर से जुड़ने में सक्षम होना चाहिए."

ली एरीयू और उनकी पत्नी लियू शुआंगफेंग बीजिंग के दक्षिण में स्थित एक गांव में रहते हैं और खेती-बाड़ी करते हैं.

इस दंपति ने यह समझने के लिए काफी संघर्ष किया है कि एमएच-370 का लापता होना, विमानन इतिहास के सबसे बड़े रहस्यों में से एक कैसे बन गया है.

एमएच-370 के लापता होने की 10वीं सालगिरह कुआलालंपुर में मनाई गई
इमेज कैप्शन, एमएच-370 के लापता होने की 10वीं सालगिरह कुआलालंपुर में मनाई गई

एमएच-370 की उड़ान

आठ मार्च 2014 को कुआलालंपुर से बीजिंग तक की नियमित उड़ान के लिए पायलट ने उड़ान भरने के एक घंटे से भी कम समय में मलेशिया के एयर ट्रैफिक कंट्रोल को गुड नाइट कहा था.

इस विमान में 227 यात्री और चालक दल के 12 सदस्य सवार थे. उस समय यह बोइंग 777 विमान वियतनामी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाला था.

इसके बाद अचानक विमान की दिशा बदल गई. उसके सभी इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन बंद हो गए. यह वापस मुड़ गया, पहले मलेशिया के ऊपर और फिर सुदूर दक्षिणी हिंद महासागर की ओर. उसके बाद यह मान लिया गया कि विमान का ईंधन खत्म हो गया है.

लापता विमान की खोज का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे महंगा खोज अभियान करीब चार साल तक चला, लेकिन उसका कोई पता अब तक नहीं लगा है.

हजारों समुद्र विज्ञानियों, एयरोनॉटिकल इंजीनियरों और शौकिया जासूसों ने उड़ान के अपूर्ण आंकड़ों पर गौर किया है. इससे इन लोगों ने यह पता करने की कोशिश की कि विमान ने अपनी यात्रा कहां खत्म की.

इस विमान में सवार लोगों के परिजनों के लिए बीते 10 साल दुख के रहे हैं. वे विमान की खोज को जारी रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. वे यह पता लगाना चाहते हैं कि एमएच-370 के साथ आखिर हुआ क्या था और क्यों हुआ था.

ली ने इस अभियान को समर्थन देने के लिए दुनिया भर में यात्राएं कीं. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी जमापूंजी को यूरोप, एशिया और मेडागास्कर के समुद्र तटों की यात्रा पर खर्च कर दी, जहां लापता विमान का कुछ मलबा मिला.

उनका कहना है कि वह उस जगह की रेत को महसूस करना चाहते थे, जहां उनका बेटा बहकर गया होगा.

ली एरीयू

ली और उनकी पत्नी की उम्र करीब 60 साल है. यह दंपति चीन के हेबेई प्रांत के एक गांव में रहता है. उनकी कमाई का अधिकांश हिस्सा बच्चों की पढ़ाई पर खर्च हो जाता था. यात्रा करने के लिए उनके पास कभी पैसे नहीं होते थे.

यानलिन अपने गांव में यूनिवर्सिटी जाने और विदेश में नौकरी पाने वाले पहले व्यक्ति थे. वो मलेशिया में एक टेलीफोन कंपनी के लिए काम कर रहे थे.

जब विमान लापता हुआ था तो वे वीजा अपॉइंटमेंट के लिए चीन लौट रहे थे.

ली कहते हैं, "इस घटना के होने से पहले, हम कभी भी पास के शहर हान्डान भी नहीं गए थे."

अब वे एक अनुभवी यात्री हो गए हैं. वे अन्य परिवारों के साथ इस हादसे की 10वीं सालगिरह मनाने के लिए मलेशिया आए.

ग्रेस नाथन के पति की ओर से अपनी सास के लिए लिखा संदेश, जो विमान में सवार थीं
इमेज कैप्शन, ग्रेस नाथन के पति की ओर से अपनी सास के लिए लिखा संदेश, जो विमान में सवार थीं

चीनी परिवारों का मुआवजा लेने से इनकार

यानलिन उस उड़ान में सवार 153 चीनी यात्रियों में से एक थे. उनके माता-पिता करीब 40 चीनी परिवारों में से हैं, जिन्होंने मलेशियाई सरकार से सेटलमेंट पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है.

इन परिवारों ने एयरलाइन, विमान बनाने वाली कंपनी और अन्य पक्षों के खिलाफ चीन में कानूनी मामले दायर किए हैं.

जब एमएच-370 गायब हुआ तो ग्रेस नाथन ब्रिटेन में कानून की पढ़ाई की अंतिम परीक्षा दे रही थीं.

उनकी मां ऐनी भी उस विमान में थीं. आज वह मलेशिया में वकालत करती हैं. अब वो दो बच्चों की मां बन चुकी हैं.

कुआलालंपुर में आयोजित समारोह में विमान के कुछ टूटे हुए टुकड़े भी रखे थे. ये बरामद होने वाला एकमात्र भौतिक साक्ष्य था. इसमें पंख के कुछ हिस्से, जो लंबे समय तक समुद्र में डूबे रहने की वजह से टूट-फूट गए थे.

समारोह में आए लोगों में ब्लेन गिब्सन भी शामिल थे, जिन्होंने किसी दूसरे व्यक्ति की तुलना में एमए-370 के सबसे अधिक टुकड़े पाए हैं.

समारोह में विमान के मलबे को भी रखा गया था
इमेज कैप्शन, समारोह में विमान के मलबे को भी रखा गया

किसने खोजा लापता विमान का पहला मलबा

गिब्सन को एक शौकिया साहसी कह सकते हैं. वह इंडियाना जोन्स के जैसे कपड़े पहनते हैं.

वो कैलिफोर्निया में अपने पारिवारिक घर के बिकने से मिले पैसे से अपने शौक को पूरा करते हैं. वो दुनिया के हर देश में घूमना चाहते हैं.

वो कहते हैं, "जब मैं पहली सालगिरह के कार्यक्रम में शामिल हुआ तो मुझे पता चला कि तटरेखाओं पर तैरते हुए मलबे की खोज के लिए संगठित प्रयास नहीं किए गए हैं. उस समय पानी के नीचे खोज करने पर लाखों डॉलर खर्च किए जा रहे थे."

"उस समय मैंने सोचा कि शायद इस विमान का पहला टुकड़ा समुद्र तट पर चलते हुए किसी व्यक्ति को मिल जाएगा, लेकिन कोई भी ऐसा नहीं कर रहा था, इसलिए मैंने सोचा कि मैं ही इसे कर सकता हूं."

 ब्लेन गिब्सन

उस समय तक विंग का एक और बड़ा टुकड़ा, जिसे फ्लैपरॉन के नाम से जाना जाता था, रीयूनियन द्वीप पर पहले ही मिल चुका था. इससे इस बात की पुष्टि हुई कि एमएच-370 हिंद महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था.

विमान के जो हिस्से मिले थे वे सभी एमएच-370 के गायब होने के 16 महीने या उससे अधिक समय बाद खोजे गए थे, जो विभिन्न पूर्वी अफ्रीकी समुद्र तटों तक बहकर गए थे.

दक्षिणी हिंद महासागर की धाराओं के विश्लेषण से पता चला कि वे शायद वहीं से आए थे, जहां माना जाता था कि एमएच-370 समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था.

समुद्र में लापता विमान के मलबे की खोज
इमेज कैप्शन, समुद्र में लापता विमान के मलबे की खोज

कैसे हुई विमान के मिले टुकड़ों की पहचान

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
दिनभर
Dinbhar: आवाज़ वही, अंदाज़ नया

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

एपिसोड

समाप्त

मलेशियाई जांचकर्ताओं के प्रमुख विश्लेषक असलम खान ने बताया कि उन्होंने टुकड़ों की पहचान कैसे की. कुछ हिस्सों के सीरियल नंबरों का विमान निर्माता के रिकॉर्ड से मिलान किया गया.

इसका मकसद इस बात को बिना किसी संदेह के पुष्ट करना था कि वे टुकड़े मलेशिया एयरलाइंस के बोइंग विमान के ही थे.

स्टैंसिल चिह्नों में इस्तेमाल किए गए विशिष्ट फॉन्ट को देखकर वे करीब-करीब निश्चित थे कि वे टुकड़े इसी से आए हैं. हिंद महासागर में कोई दूसरा बोइंग 777 विमान कभी भी दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ है.

जब तक फ्लैपेरॉन नहीं मिला था, तब तक विमान के वापस पलटने का एकमात्र सबूत मलेशिया और थाईलैंड के सैन्य रडार से मिला डाटा था. उसने विमान को मलय प्रायद्वीप के पश्चिम में उड़ते हुए देखा था.

तब एक ब्रिटिश कंपनी, इनमारसैट ने अपने एक उपग्रह और एमएच-370 के दक्षिण की ओर जाते समय हर घंटे होने वाली छह पिंग या "हैंडशेक" की एक श्रृंखला का पता लगाया. उस दौरान विमान पर अन्य सभी संचार उपकरण बंद कर दिए गए थे.

इस खोज अभियान में 26 देशों के 60 जहाज और 50 विमान शामिल थे. यह मार्च 2014 से जनवरी 2017 तक चला. इसे 2018 की शुरुआत में ओशन इन्फिनिटी नाम की एक निजी अमेरिकी कंपनी ने फिर से शुरू किया. इसमें समुद्र तल को स्कैन करने के लिए पानी के नीचे ड्रोन का उपयोग किया गया. यह करीब पांच महीने तक चला.

ठोस जानकारी की कमी ने कई कहानियों को भी हवा दी. इनमें से कुछ बहुत अद्भुत भी हैं कि एमएच-370 पर क्या हुआ था.

इसमें विमान को अगवा कर रूस ले जाने या डिएगो गार्सिया द्वीप पर स्थित अमेरिकी एयरबेस पर ले जाने और इसे मार गिराए जाने तक जैसी कहानियां शामिल हैं.

फ्रांसीसी पत्रकार फ्लोरेंस डी चांगी ने एक किताब लिखी है. वह एमएच-370 पर प्रकाशित 100 से अधिक किताबों में से एक है.

उनका कहना है कि विमान के मुड़ने और दक्षिण की ओर जाने की पूरी परिकल्पना फर्जी है.

उनका मानना ​​है कि जो मलबा मिला है वह एमएच-370 का नहीं है. वह जहाज पर मौजूद कार्गो पर सवाल उठाती हैं.

फ्लोरेंस डी चांगी ने अपनी किताब में लिखा है कि इस कार्गो के कारण ही दक्षिण चीन सागर के ऊपर अमेरिकी विमान ने उसे मार गिराया होगा.

ली एरीयू और उनकी पत्नी लियू शुआंगफेंग
इमेज कैप्शन, ली एरीयू और उनकी पत्नी लियू शुआंगफेंग

'व्हाई प्लेन्स वैनिश' बीबीसी की एक नई डॉक्यूमेंट्री है. इसमें दो फ्रांसीसी एयरोस्पेस विशेषज्ञ, जिनमें से एक अनुभवी पायलट हैं, उन्होंने मलेशियाई एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ अंतिम संपर्क के ठीक बाद दक्षिण चीन सागर के ऊपर बोइंग 777 के तेज मोड़ को फिर बनाने के लिए उड़ान सिम्युलेटर का उपयोग किया.

उन्होंने नतीजा निकाला कि यह केवल एक कुशल और अनुभवी पायलट द्वारा ही किया जा सकता था.

तथ्य यह है कि यह तब किया गया था जब एमएच-370 मलेशिया से वियतनाम के हवाई क्षेत्र की तरफ जा रहा था.

इससे पता चलता है कि पायलट इस पैंतरे को छिपाने की कोशिश कर रहा था. वह जानता था कि इससे वियतनामी एयर ट्रैफिक कंट्रोल को यह रिपोर्ट करने में कुछ समय लगेगा कि विमान ने उनसे अभी तक संपर्क नहीं किया है.

इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि विमान में सवार सभी लोग अज्ञात दबाव के कारण हुई ऑक्सीजन की कमी की वजह से बेहोश हो गए थे या अचानक भयावह आग या विस्फोट के कारण कम्युनिकेशन टूट गया और पायलटों को वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा, लेकिन सात घंटे तक दक्षिण की ओर लगातार उड़ान भरना, इसे बहुत ही असंभव बना देता है.

इसके बाद भी इस विचार को स्वीकार करना कठिन है कि पायलटों में से एक ने जानबूझकर विमान और उसके सभी यात्रियों को पानी में मौत के घाट उतार दिया. किसी भी पायलट का ऐसा कोई इतिहास नहीं था, जो इस तरह की कार्रवाई की व्याख्या कर सके.

मलेशियन एयरलाइन के विमान

क्या चाहते हैं पीड़ित परिवार

इन अटकलों ने पीड़ित परिवारों पर भारी असर डाला.

एमएच-370 पर इन फ्लाइट सुपरवाइजर पैट्रिक गोम्स की पत्नी जैक्विटा गोंजालेज कहती हैं, "मैं अपने सबसे बड़े दुश्मन के लिए ऐसी कामना नहीं करूंगी."

वो कहती हैं, "हम ऐसे उतार-चढ़ाव से गुजर रहे हैं. जब उन्होंने पहली बार खोज शुरू की तो हमने सुना कि उन्होंने कुछ देखा है. इससे हमारी उम्मीदें बढ़ गईं. फिर हमने सुना कि नहीं, यह एमएच-370 नहीं है. हम जमीन पर वापस आ गए. हर बार ऐसा लगता था मानो कोई हमारे ऊपर खड़ा हो और हमारी सांसें छीन ली हो."

इन परिवारों ने शुरू से ही मलेशिया की सरकार की आलोचना की. सबसे पहले सरकार की प्रारंभिक प्रतिक्रिया में सही से जानकारी न देने पर, उसके बाद एमएच-370 के सैन्य रडार ट्रैकिंग पर तुरंत कार्रवाई करने में विफल रहने पर और 2018 के मध्य में ओशन इन्फिनिटी का अंतिम ऑपरेशन खत्म होने के बाद, आगे की खोजों को अधिकृत करने में उसकी अनिच्छा के लिए.

ओशन इन्फिनिटी ने 'नो-फाइंड, नो-फी' यानी की कुछ मिलने के बाद ही फीस लेने के आधार पर फिर से खोज शुरू करने की पेशकश की है, लेकिन इसके लिए सरकार की मंजूरी जरूरी है.

मलेशिया के वर्तमान परिवहन मंत्री एंथनी लोके कुआलालंपुर में आयोजित 10वीं सालगिरह कार्यक्रम में शामिल हुए.

उन्होंने पीड़ित परिवारों से वादा किया कि वो लापता विमान को खोजने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.

एंथनी लोके ने घोषणा की कि वो इस साल के अंत में खोज फिर से शुरू करने की संभावना पर ओशन इन्फिनिटी से चर्चा कर रहे हैं.

ओशन इन्फिनिटी ने 2018 में 112,000 किमी इलाके को स्कैन किया था. इसमें गहरे पानी के नीचे की घाटियों जैसे कुछ बेहद चुनौतीपूर्ण इलाके शामिल थे.

पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे परिवहन मंत्री के नए वादे से उत्साहित हैं. उनका कहना है कि यह मलेशियाई सरकार में आया एक बहुत जरूरी बदलाव है, लेकिन वे सावधान भी हैं. उनकी उम्मीदें इससे पहले भी कई बार जगी हैं.

गोंजालेज कहती हैं, "मैं बस यही चाहती हूं कि विमान मिल जाए."

इस सालगिरह समारोह में संदेश लिखने के लिए एक बड़ा बोर्ड लगाया गया था. बड़े चीनी अक्षरों में यानलिन के लिए एक संदेश लिखने के लिए ली घुटने के बल बैठ गए और उनके आंसू बहने लगे.

उन्होंने लिखा था, ''बेटा, 10 साल हो गए. तुम्हारे माता-पिता यहां तुम्हें घर वापस लाने के लिए हैं. 3 मार्च, 2024."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)