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टी 20 में न्यूज़ीलैंड का 3-0 से सफ़ाया कर भारत ने टेस्ट सिरीज़ के लिए भरी हुंकार
तीन टी-20 मैचों की सिरीज़ के शुरुआती दो मैच जीतकर भारतीय टीम न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ पहले ही सिरीज़ अपने नाम कर चुकी थी पर उसने अपनी जीत की लय टूटने नहीं दी. भारत ने रविवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डंस मैदान में खेले गए तीसरे और आख़िरी मैच में भी न्यूज़ीलैंड को 73 रन से करारी मात दी.
इसके साथ ही भारत ने अपनी ज़मीन पर खेले गए इस सिरीज़ में न्यूज़ीलैंड का 3-0 से सफ़ाया कर दिया.
न्यूज़ीलैंड के सामने जीत के लिए 185 रनों का लक्ष्य था लेकिन उसकी पूरी पारी अक्षर पटेल और हर्षल पटेल की घातक गेंदबाज़ी के कारण 17.2 ओवर में ही केवल 111 रन पर ढेर हो गई. अक्षर पटेल ने केवल नौ रन देकर तीन और हर्षल पटेल ने 26 रन देकर दो विकेट हासिल किए.
पहली बार टी-20 प्रारूप में भारत के पूर्णकालिक कप्तान बने रोहित शर्मा और टीम के नए कोच और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड की जुगलबंदी अपनी पहली परीक्षा में कामयाब रही. ख़ासकर तब जब विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी खिलाड़ी इस सिरीज़ से बाहर थे.
इसके बावजूद नए खिलाड़ियों विशेषकर हर्षल पटेल ने अपने प्रदर्शन से सबको बेहद प्रभावित किया. इस शानदार जीत के बाद भारतीय टीम ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ शुरू होने वाली दो टेस्ट मैच की सिरीज़ के लिए भी हुंकार भर दी. हालांकि पहले टेस्ट मैच की कमान अजिंक्य रहाणे सँभालेंगे.
गप्टिल के सिवा बाक़ी सब फ़्लॉप
कुछ ही दिनों पहले खेले गए आईसीसी टी-20 विश्व कप के फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारने वाली न्यूज़ीलैंड का प्रदर्शन इस सिरीज़ में ऐसा रहेगा ऐसा किसी ने भी नहीं सोचा था. शायद नियमित कप्तान केन विलियम्सन का आराम लेना इसका एक कारण हो सकता है.
रविवार को जब न्यूज़ीलैंड जीत के लिए 185 रनों की तलाश में उतरी तो सलामी बल्लेबाज़ मार्टिन गप्टिल के अलावा बाक़ी बल्लेबाज़ 'आया राम गया राम' ही साबित हुए. स्कोरकार्ड भी यही बताता है. मार्टिन गप्टिल ने केवल 36 गेंदों पर चार चौके और चार छक्के की मदद से 51 रन बनाए लेकिन आठ बल्लेबाज़ तो दहाई के अंक तक भी नहीं पहुँचे. गप्टिल के अलावा टिम सैफ़र्ट ने 17 और लॉकी फ़र्ग्युसन ने 14 रन बनाए.
अक्षर पटेल ने तोड़ी न्यूज़ीलैंड की कमर
न्यूज़ीलैंड ने अपनी पारी की शुरुआत मार्टिन गप्टिल और डेरेल मिचेल के साथ की. दोनों ने 2.1 ओवर में 21 रन बनाकर दमदार शुरुआत भी की लेकिन इसके बाद वह ऐसे उखड़े कि जमे ही नहीं. इसी स्कोर पर अक्षर पटेल ने मिचेल को हर्षल पटेल के हाथों लपकवाया. उन्होंने केवल पाँच रन बनाए.
इसके बाद अक्षर पटेल ने अगले बल्लेबाज़ मार्क चैपमेन को विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों स्टंप कराकर चलता किया. वो तो अपना खाता भी नहीं खोल सके. फ़िर अक्षर पटेल ने ग्लेन फ़िलिप्स को भी आते ही डगआउट की राह दिखाई. वो बोल्ड हुए. फ़िलिप्स भी कोई रन नहीं बना सके. अब अक्षर पटेल के खाते में तीन विकेट थे और न्यूज़ीलैंड का स्कोर केवल 30 रन था.
इसके बाद भी न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ नहीं संभले. शायद जीत के लिए 185 रन जैसे बड़े स्कोर को हासिल करने की हड़बड़ी और तेज़ी से रन बनाने की कोशिश उन्हें ले डूबी.
विकेट पर आते ही बिना सोचे समझे बड़े शॉट खेलना उन्हें भारी पड़ा और भारतीय खिलाड़ियों ने भी शानदार फिल्डिंग करते हुए उनके कैच पकड़े. इससे पहले न्यूज़ीलैंड ने कई कैच तो छोड़े ही, साथ ही ख़राब फील्डिंग भी की जैसा अमूमन वो नहीं करती.
भारत के अक्षर पटेल ने चार ओवर में केवल नौ रन देकर तीन विकेट लिए और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. उनके अलावा हर्षल पटेल ने 26 रन देकर दो, युज़वेंद्र चहल ने 26 रन देकर एक, दीपक चाहर ने भी 26 रन देकर एक और वेंकटेश अय्यर ने 12 रन देकर एक विकेट हासिल किया.
कप्तान और ईशान की ज़ोरदार शुरुआत
इससे पहले न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला ख़ुद ही सही साबित करते हुए केवल 31 गेंदों पर पाँच चौके और तीन छक्कों की मदद से 56 रन बनाए. उन्होंने ईशान किशन के साथ पारी की शुरुआत की.
ईशान किशन ने भी अपने कप्तान का पूरा साथ देते हुए 21 गेंदों पर छह चौकों के सहारे तेज़तर्रार 29 रन बनाए. इन दोनों बल्लेबाज़ों ने पहले विकेट के लिए 6.2 ओवर में ही 69 रन जोड़कर न्यूज़ीलैंड के सभी ख़ासकर तेज़ गेंदबाज़ों की लय बिगाड़ दी. इस स्कोर पर ईशान किशन मिचेल सैंटनर की गेंद पर विकेटकीपर टिम सैफ़र्ट के हाथों कैच आउट हुए.
जब न्यूज़ीलैंड के तेज़ गेंदबाज़ फ़र्ग्युसन पारी का छठा ओवर लेकर आए तब भारत का स्कोर बिना किसी नुक़सान के 49 रन था. लेकिन इसके बाद लम्बी छलांग लगाकर स्कोर 69 रन पर पहुँच गया. फ़र्ग्युसन के इस ओवर की पहली गेंद पर रोहित शर्मा ने एक्स्ट्रा कवर पर दनदनाता चौका मारा.
अगली गेंद पर एक रन लेकर उन्होंने स्ट्राइक ईशान किशन को दे दी. ईशान किशन ने भी उनकी गेंद पर चौका जड़ दिया. इसके बाद दोबारा स्ट्राइक मिलने पर रोहित शर्मा ने पाँचवीं गेंद पर स्कॉयर लेग पर छक्का और छठी गेंद पर मिड विकेट पर चौका मारा.
रोहित का 150वां छक्का और सैंटनर के 3 झटके
फ़र्ग्युसन की गेंद पर रोहित शर्मा ने जब छक्का मारा तो उनके ख़ाते में एक ख़ास उपलब्धि जुड़ गई. यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका 150वां छक्का था. मार्टिन गप्टिल के बाद ऐसा करने वाले रोहित टी-20 में दुनिया के दूसरे बल्लेबाज़ हैं.
इसके बाद सातवाँ ओवर स्पिनर मिचेल सैंटनर ने किया. उन्होंने दूसरी ही गेंद पर ईशान किशन का विकेट लिया. इसके बाद आख़िरी गेंद पर नए बल्लेबाज़ सूर्यकुमार यादव को भी बिना कोई रन बनाए चलता कर दिया. सूर्यकुमार सैंटनर की गेंद पर ड्राइव लगाते हुए मिड ऑफ पर खड़े गप्टिल के हाथों कैच आउट हो गए. भारत का ये दूसरा विकेट 71 रन पर गिरा.
इसके बाद भारत को तीसरा झटका भी बहुत जल्दी लगा जब विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत केवल चार रन बनाकर सैंटनर की ही गेंद पर डेरेल मिचेल के हाथों कैच हुए. अब भारत का स्कोर तीन विकेट खोकर 83 रन था.
भारत के 100 रन 11वें ओवर में पूरे हुए. सैंटनर के इसी ओवर में रोहित शर्मा ने चौका लगाकर अपना 26वां टी-20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया.
इसके साथ ही इस प्रारूप में वो 30 बार अर्धशतक या उससे अधिक रनों की पारी खेलने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज़ बन गए. इसमें उनके चार शतक भी शामिल है. उनके अलावा विराट कोहली ने 29 बार ये कारनामा किया है.
रोहित के बाद नहीं लड़खड़ाया मध्यक्रम
अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद रोहित शर्मा अधिक देर तक विकेट पर नहीं टिक सके और स्पिनर ईश सोढ़ी की गेंद पर उन्हीं को कैच दे बैठे. उन्होंने 31 गेंदों पर पाँच चौके और तीन छक्कों की मदद से 56 रन बनाए. जब रोहित शर्मा आउट हुए तब भारत का स्कोर चार विकेट खोकर 103 रन था.
अक्सर देखा गया है कि अगर रोहित शर्मा और उनके जोड़ीदार सस्ते में निपट जाएं तो मध्यक्रम भी लड़खड़ा जाता है. वैसे इस मैच में तो भारत को अच्छी शुरुआत मिल चुकी थी.
रोहित शर्मा के बाद श्रेयस अय्यर ने 20 गेंदों पर 25, वेंकटेश अय्यर ने 15 गेंदों पर 20, हर्षल पटेल ने केवल 11 गेंदों पर 18 और दीपक चाहर ने भी केवल आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 21 रन बनाकर जैसे न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ों की धज्जियाँ ही उड़ा दी. आख़िरकार भारत ने पूरे 20 ओवर खेलकर सात विकेट पर 184 रनों का बड़ा स्कोर बनाया.
न्यूज़ीलैंड की कमज़ोर तेज़ गेंदबाज़ी
न्यूज़ीलैंड के स्पिनर मिचेल सैंटनर ने केवल 27 रन देकर तीन और ईश सोढ़ी ने 31 रन देकर एक विकेट हासिल किया.
न्यूज़ीलैंड के तेज़ गेंदबाज़ अपेक्षाकृत महँगे साबित हुए. मिल्न ने 47 रन देकर एक, लॉकी फ़र्ग्युसन ने 45 रन देकर एक और ट्रेंट बोल्ट ने 31 रन देकर एक विकेट लिया. अपने पहले स्पेल में बोल्ट ने दो ओवर में 18, मिल्न ने दो ओवर में 20 और फ़र्ग्युसन ने तो दो ओवर में 30 रन ख़र्च कर दिए, जिससे भारत को बड़ा स्कोर बनाने में मदद मिली जिसके दबाव में बल्लेबाज़ी करते हुए न्यूज़ीलैंड की टीम बिखर गई.
मैच और सिरीज़ जीतने के बाद भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने विजेता ट्राफ़ी भी अपने हाथों में थामी. उन्हें प्लेयर ऑफ द सिरीज़ भी चुना गया. अपनी इस दोहरी ख़ुशी का इज़हार करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छी शुरुआत करना अहम होता है और मेरी सोच भी हमेशा यही रहती है.
'पूरी सिरीज़ में हमारा प्रदर्शन शानदार रहा'
रोहित शर्मा ने आगे कहा कि केएल राहुल आज टीम से बाहर थे जबकि वो शानदार फ़ॉर्म में थे. इस मैच के अलावा हमारे मध्य क्रम को बहुत अधिक बल्लेबाज़ी करने के अवसर नहीं मिले थे. हमारे स्पिनर ने पूरी सिरीज़ में शानदार काम किया. पहले आर अश्विन और अक्षर पटेल और अब चहल ने अच्छी वापसी की.
भारतीय कप्तान ने बताया कि वेंकटेश अय्यर को गेंदबाज़ी करते देखकर अच्छा लगा. पूरी दुनिया में टीमें अपनी बल्लेबाज़ी में गहराई रखती है ख़ासकर नम्बर आठ और नौ पर. हर्षल पटेल पटेल जब हरियाणा के लिए खेलते थे तो वो ओपनिंग करते थे. दीपक चाहर ने भी अच्छी बल्लेबाज़ी की.
वहीं मैन ऑफ द मैच बने अक्षर पटेल ने कहा कि पहले मैं विकेट लेने की कोशिश में तेज़ी से गेंद करने की कोशिश करता था लेकिन अब गति की विविधता पर ध्यान देता हूँ. यहां विकेट पर गेंद थोड़ा रूककर आ रहा था जिससे मुझे मदद मिली. इसके बाद मैंने बस उसी जगह टप्पा गिराने की कोशिश की.
उधर न्यूज़ीलैंड के मिचेल सैंटनर ने कहा कि भारत के गेंदबाज़ों ख़ासकर अक्षर पटेल ने बहुत शानदार गेंदबाज़ी की. भारत ने पूरी सिरीज़ में जिस तरह का खेल दिखाया इसके लिए वे श्रेय के हक़दार हैं. केएल राहुल और रोहित शर्मा ने जैसा दबाव हम पर बनाया उससे निकलना आसान नहीं था.
भारत की सबसे बड़ी जीत
टी-20 क्रिकेट में 73 रनों से न्यूज़ीलैंड की भारत के ख़िलाफ ये सबसे बड़ी हार रही. हालांकि रनों के अंतर के लिहाज से उनकी सबसे बड़ी हार साल 2910 में क्राइस्टचर्च में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 103 रनों की रही है.
कोच राहुल द्रविड़ भी टीम की कामयाबी से गदगद दिखे. उन्होंने कहा कि सिरीज़ जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है. न्यूज़ीलैंड के लिए ये आसान नहीं था कि विश्वकप फ़ाइनल खेलने के तीन दिन बाद ही केवल छह दिनों में तीन मैच खेलें. हमने इस सिरीज़ से बहुत कुछ सीखा और हम अब आगे देख रहे हैं.
अब भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ खेली जाएगी. पहला मैच गुरुवार 25 तारीख़ से कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में शुरू हो रहा है.
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