लाइव, फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप: क्या अमेरिका जाएगी ईरान की टीम?

साल 2026 का फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप जून-जुलाई में अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में संयुक्त रूप से आयोजित हो रहा है.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप: क्या अमेरिका जाएगी ईरान की टीम?

    ईरान युद्ध के दौरान मारे गए बच्चों की तस्वीरों के साथ ईरानी फ़ुटबॉल टीम के खिलाड़ी (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, ईरान युद्ध के दौरान मारे गए बच्चों की तस्वीरों के साथ मार्च महीने में तुर्की में एक मैच से पहले ईरानी फ़ुटबॉल टीम के खिलाड़ी (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के खेल मंत्री ने कहा है कि देश की फ़ुटबॉल टीम विश्व कप में भाग लेने के लिए जाएगी या नहीं, इसका फ़ैसला सरकार या सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को करना है.

    साल 2026 का फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप जून-जुलाई में अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में संयुक्त रूप से आयोजित हो रहा है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़ ईरान के खेल मंत्री अहमद डोन्यामाली ने कहा है कि इस मामले में “टीम को न भेजने का फ़ैसला हो सकता है.” लेकिन उन्होंने इस पर निश्चित रूप से टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

    ईरान के खेल मंत्री ने यह भी कहा, "राष्ट्रीय टीम के लिए मई के तीसरे सप्ताह में एक शिविर की योजना बनाई गई है, जो क़रीब एक सप्ताह तक चलेगा.''

    उन्होंने कहा, ''अगर खिलाड़ियों के लिए सुरक्षा की स्थिति ठीक रहती है और मेजबान देश (अमेरिका) शरारतपूर्ण और जोखिम भरी हरकतें करना बंद कर देता है, तो उचित निर्णय लिया जाएगा."

    फ़ीफ़ा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने पिछले बुधवार को कहा था कि ईरान 2026 विश्व कप में "निश्चित रूप से भाग लेगा. हमें उम्मीद है कि तब तक शांतिपूर्ण स्थिति होगी, जिससे निश्चित रूप से इसमें मदद मिलेगी."

    उन्होंने कहा था, "ईरान को आना चाहिए. वे अपने लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने क्वालीफाई कर लिया है और खिलाड़ी खेलना चाहते हैं."

  2. ईरानी सेना का दावा- अमेरिकी नाकाबंदी तोड़कर उसका टैंकर दक्षिणी बंदरगाह में घुसा, ट्रंप ने ये कहा

    दक्षिणी ईरान का एक बंदरगाह (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, दक्षिणी ईरान का एक बंदरगाह (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान की सेना ने दावा किया है कि अमेरिकी नाकाबंदी तोड़कर एक ईरानी टैंकर दक्षिणी बंदरगाह में प्रवेश कर गया है.

    ईरान की आधिकारिक न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए और ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने इस दावे को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किए हैं.

    बीबीसी फ़ारसी के मुूताबिक़ सेना ने एक बयान में कहा, "अमेरिकी नेवी की आतंकवादी सेना की कई चेतावनियों और धमकियों के बावजूद अरब सागर से गुज़रने के बाद ईरानी तेल टैंकर पूरी सुरक्षा के साथ कल रात ईरानी क्षेत्रीय जल में प्रवेश कर गया."

    इस बयान में दावा किया गया है कि यह टैंकर (सिली सिटी) अपनी सेना और नौसेना की मदद के साथ आगे बढ़ा और कुछ घंटों से ईरान के दक्षिणी बंदरगाहों में से एक पर रुका हुआ है.

    इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने थोड़ी ही देर पहले ट्रुथ सोशल पर एक ताज़ा पोस्ट में कहा, "ईरान ने कई बार सीज़फ़ायर को तोड़ा है."

    हालाँकि उन्होंने अपनी पोस्ट में किसी घटना का ज़िक्र नहीं किया है.

    इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना की केंद्रीय कमान 'सेंटकॉम' ने कल एक संक्षिप्त बयान में कहा था कि ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी शुरू होने के बाद से, "अमेरिकी सेना ने 27 जहाज़ों को ईरानी बंदरगाहों से दूर रहने या वापस लौटने के लिए मजबूर किया है."

  3. अमेरिका-ईरान शांति वार्ता: चीन ने कहा, 'पाकिस्तान को हमारा पूरा समर्थन है'

    इसहाक़ डार और चीनी राजदूत जियांग ज़ैडोंग

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार ने चीनी राजदूत से मुलाक़ात की है

    अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के नए दौर को लेकर संभावनाओं और सवालों के बीच पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार ने चीन के राजदूत से मुलाक़ात की है.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया है कि इस्लामाबाद में चीन के राजदूत ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के प्रयासों के लिए पाकिस्तान को चीन के "पूरे समर्थन" का इज़हार किया है.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि देश के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने क्षेत्र के घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए चीनी राजदूत जियांग ज़ैडोंग से मुलाक़ात की.

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, “इस मुलाक़ात के दौरान ज़ैडोंग ने अमेरिका- ईरान के बीच क्षेत्र और उससे बाहर भी स्थायी शांति और स्थिरता के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने के पाकिस्तान के लगातार प्रयासों की सराहना की.''

    मंगलवार, 21 अप्रैल को ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ईरान पाकिस्तान में अमेरिका के साथ शांति वार्ता में शामिल होने पर विचार कर रहा है.

    वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसीके मुताबिक़, मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने फ़ारसी भाषा में लिखा, "आईआरजीसी ने इसराइल और अमेरिका को थका दिया है, जिससे उन्हें मजबूर होकर युद्धविराम की मांग करनी पड़ी है."

    उसके थोड़ी देर पहले ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा कि ईरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच बातचीत को स्वीकार नहीं करेगा.

    सोमवार को ही ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान ने अभी तक अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने का कोई फ़ैसला नहीं किया है.

  4. असम की अदालत ने 2018 में दो युवकों की मॉब लिंचिंग मामले में 20 को दोषी ठहराया, दिलीप कुमा शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए

    अभिजीत नाथ अपने दोस्त निलोत्पल दास के साथ कार्बी आंगलोंग घूमने गए थे

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    इमेज कैप्शन, असम के कार्बी-आंगलोंग ज़िले में साल 2018 में भीड़ ने दो युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    असम के नगांव स्थित ज़िला एवं सत्र न्यायालय ने क़रीब 8 साल पहले हुए दो युवकों की पीट-पीटकर हत्या करने के एक मामले में 20 लोगों को दोषी ठहराया है.

    जज डी महंता की अदालत ने सोमवार के अपने फ़ैसले में 20 लोगों को हत्या, गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने, दंगा और अन्य अपराधों का दोषी ठहराया है.

    कोर्ट ने इस मामले में 25 अन्य लोगों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष उनके ख़िलाफ़ मामला साबित करने में विफल रहा.

    भीड़ के हाथों हत्या की यह घटना 8 जून 2018 की है. गुवाहाटी के रहने वाले 30 साल के अभिजीत नाथ अपने दोस्त निलोत्पल दास (29 साल) के साथ कार्बी आंगलोंग घूमने गए थे.

    इस दौरान वहां के स्थानीय लोगों ने "बच्चा चोरी" के शक में इन दोनों युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी. जिस इलाक़े में यह घटना हुई थी वह आदिवासी बहुल इलाक़ा है, लिहाज़ा इस मामले में एक ही गांव के लोग शामिल थे.

    असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उस समय घटना की वजह के बारे में बीबीसी से कहा था कि उस समय वहां 'सोपा धोरा' अर्थात चाइल्ड लिफ्टर्स की बात को लेकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर काफ़ी अफ़वाहें फैलाई जा रही थीं.

    भीड़ के हाथों मारपीट की घटना के वीडियो क्लीप सोशल मीडिया पर आने के बाद पूरे राज्य में लोगों ने अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर किया था.

    लोगों ने दोनों युवकों के लिए इंसाफ़ की मांग करते हुए पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया था.

    लोगों की नाराज़गी को देखते हुए इस घटना के संबंध में मामला दर्ज होने के बाद, उसी साल सितंबर में 48 लोगों के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल किया गया था.

    इनमें से तीन नाबालिग पाए गए, इसलिए यह मामला बाक़ी 45 लोगों के ख़िलाफ़ चलाया गया.

  5. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने कहा, 'यह इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट है'

    अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी से कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल

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    इमेज कैप्शन, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के कार्यकारी निदेशक फ़ातिह बिरोल ने ईरान युद्ध की वजह से आए ऊर्जा संकट पर गंभीर चिंता जताई है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हमलों के बाद शुरू हुई जंग ने अब तक का सबसे भीषण ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है.

    अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फ़ातिह बिरोल ने फ़्रांस इंटर रेडियो पर प्रसारित एक इंटरव्यू में कहा, "यह वास्तव में इतिहास का सबसे बड़ा संकट है."

    ईरान युद्ध के बाद से होर्मुज़ सट्रेट से जहाज़ों का गुज़रना लगभग बंद पड़ा है. इस युद्ध से पहले दुनिया भर में तेल और गैस सप्लाई का क़रीब 20 फ़ीसदी हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से होकर सप्लाई होता रहा है.

    इसके अलावा ईरान युद्ध के दौरान खाड़ी के क्षेत्र में कई देशों के ऊर्जा ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है. युद्ध के दौरान कई संयंत्रों को हुए नुक़सान को पूरी तरह ठीक करने में कुछ महीनों से लेकर कुछ साल तक का वक़्त लग सकता है.

    बिरोल ने पहले कहा था कि वो वर्तमान ऊर्जा स्थिति को साल 1973, 1979 और 2022 के संकटों से कहीं अधिक ख़राब मानते हैं.

    साल 1973 के अरब-इसराइल युद्ध के बाद एक बड़ा तेल संकट पैदा हुआ था. जबकि साल 1979 में ईरान में इस्लामिक क्रांति के वक़्त भी यह संकट पैदा हुआ था.

    वहीं साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भी यूरोपीय देशों में ऊर्जा का बड़ा संकट पैदा हुआ था.

    युद्ध शुरू होने के बाद, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने तेल की बढ़ती क़ीमतों का मुक़ाबला करने के लिए वैश्विक रणनीतिक भंडार से अभूतपूर्व रूप से 40 करोड़ बैरल तेल जारी किया है.

    अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का मुख्यालय पेरिस में है. यह ऊर्जा बाज़ार में आंकड़े, विश्लेषण और नीति निर्माण पर 31 सदस्य देशों और इससे जुड़े ग़ैर-सदस्य देशों को सलाह देती है.

  6. आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स के आयुष म्हात्रे टूर्नामेंट से हुए बाहर, जानिए वजह

    आयुष म्हात्रे

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    इमेज कैप्शन, दाएं हाथ के बल्लेबाज़ आयुष म्हात्रे को शनिवार को हैदराबाद के ख़िलाफ़ मैच के दौरान चोट लगी थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    आईपीएल की चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) टीम ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने खिलाड़ी आयुष म्हात्रे के बारे में ताज़ा जानकारी दी है.

    सीएसके ने बताया है, “18 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ मैच के दौरान बैटिंग करते समय बाईं हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के कारण आयुष म्हात्रे आईपीएल 2026 के बाक़ी मैचों से बाहर हो गए हैं."

    दाएं हाथ के बल्लेबाज़ आयुष म्हात्रे को शनिवार को हैदराबाद के ख़िलाफ़ मैच के दौरान चोट लगी थी. उस वक़्त आयुष 12 गेंद पर 30 रन बनाकर खेल रहे थे और अच्छी फ़ॉर्म में नज़र आ रहे थे.

    सीएसके ने अपनी एक्स पोस्ट में बताया है कि आयुष की चोट ठीक होने में 6-12 हफ़्तों का समय लगेगा.

  7. 'दूसरे दौर की वार्ता के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद नहीं गया', ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया, ग़ोन्चेह हबीबीज़ाद, बीबीसी फ़ारसी

    प्रतिनिधिमंडल

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    इमेज कैप्शन, पहले दौर की वार्ता के लिए मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ पाकिस्तान गए थे (यह तस्वीर 16 अप्रैल 2026 की है)

    ईरान की सरकारी मीडिया ने अपने टेलीग्राम पोस्ट में कहा है कि अब तक ईरान से कोई भी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद नहीं गया है.

    टेलीग्राम पोस्ट में उन मीडिया रिपोर्ट्स को 'अफ़वाह' बताया जिनमें ईरानी प्रतिनिधिमंडल के जाने या जाने की तारीख़ को लेकर दावा किया गया है.

    साथ ही इसमें ईरानी अधिकारियों का पुराना रुख़ दोहराया गया है. इन अधिकारियों में संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ भी शामिल हैं.

    उन्होंने पहले कहा था, "तेहरान किसी भी बातचीत को धमकी के साये में स्वीकार नहीं करता."

    दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कह दिया था कि उनका प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जाएगा.

  8. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  9. पाकिस्तान में बातचीत की तैयारियों के बीच ईरान के राजदूत ने क्या कहा?

    रज़ा अमीरी मुक़द्दम

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    पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान की संभावित बातचीत को लेकर तैयारियां चल रही हैं. इसी बीच पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रज़ा अमीरी मुक़द्दम का बयान आया है.

    रज़ा अमीरी मुक़द्दम ने एक्स पर लिखा है, "यह बात सब जानते हैं कि जिस के पास बड़ी सभ्यता है, वह धमकी से डरकर और दबाव में बातचीत नहीं करेगा. यह एक अहम इस्लामी और धार्मिक सिद्धांत है. काश अमेरिका इसे समझ पाता."

    ईरान ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि वह अमेरिका से बात करने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जाएगा या नहीं.

    लेकिन अमेरिकी मीडिया का दावा है कि उप राष्ट्रपति जेडी वेंस आज यानी मंगलवार को इस्लामाबाद के लिए रवाना होंगे.

    गौरतलब है कि पाकिस्तान ईरान के बंदरगाहों पर से अमेरिकी नाक़ाबंदी हटवाने का प्रयास कर रहा है, ताकि बातचीत संभव हो सके.

  10. ईरान के सबसे बड़े सैन्य मुख्यालय के कमांडर ने अमेरिका के लिए क्या कहा?

    आईआरजीसी

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    इमेज कैप्शन, मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने कहा कि आईआरजीसी ने इसराइल और अमेरिका को थका दिया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने टेलीग्राम पर ईरान के सबसे बड़े सैन्य मुख्यालय के एक कमांडर का बयान साझा किया है.

    फ़ार्स के मुताबिक़, मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने फ़ारसी भाषा में लिखा, "आईआरजीसी ने इसराइल और अमेरिका को थका दिया है, जिससे उन्हें मजबूर होकर युद्धविराम की मांग करनी पड़ी है."

    उन्होंने कहा, "सशस्त्र बल झूठ बोलने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अनुमति नहीं देंगे कि वह ज़मीनी हालात की झूठी कहानियां बनाएं, ख़ासकर होर्मुज़ स्ट्रेट के मुद्दे पर."

    यह साफ़ नहीं है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद जाएगा या नहीं.

    बीबीसी की दक्षिण एशिया संवाददाता अज़ादेह मोशीरी लिखती हैं कि ईरान के अंदर राजनीतिक तनाव है, जहां कट्टरपंथी वार्ताकारों पर दबाव डाल रहे हैं कि वे कूटनीति की बजाय टकराव का रास्ता चुनें.

  11. लेखिका मधु किश्वर पर केस दर्ज हुआ, घर पहुंची चंडीगढ़ पुलिस

    मधु किश्वर

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    इमेज कैप्शन, चंडीगढ़ के सेक्टर-26 पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई है (फ़ाइल फ़ोटो)

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक लेखिका मधु किश्वर पर सोशल मीडिया पर झूठी और फ़र्ज़ी जानकारी फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है.

    उनके घर पर चंडीगढ़ पुलिस भी पहुंची है.

    मधु किश्वर और कुछ अन्य सोशल मीडिया यूज़र्स के ख़िलाफ़ चंडीगढ़ सेक्टर-26 पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई है. यह केस भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज हुआ है.

    एएनआई ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें मधु किश्वर के घर पुलिस की टीम नज़र आ रही है.

    एसएचओ सरिता रॉय ने एएनआई को बताया, "19 अप्रैल को सेक्टर-26 थाने में एक एफ़आईआर दर्ज की गई है. यह एक वीडियो से जुड़ा मामला है जिसे ट्वीट किया गया था. मधु किश्वर पर इसे रीट्वीट करने का आरोप है. हम उन्हें नोटिस देने आए थे. उन्हें थाने में हाज़िर होने का नोटिस दिया गया है. कल की तारीख दी गई है."

    मधु किश्वर का दावा है कि सोमवार देर रात को भी उनके यहां पुलिस पहुंची थी. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "हमारे सिक्योरिटी गार्ड ने अभी बताया कि पांच पुलिसकर्मी मेरे ऑफ़िस पहुंचे हैं. चूंकि मैं वीडियो शूट कर रही थी, इसलिए मैंने उनसे थोड़ी देर इंतज़ार करने को कहा."

    उन्होंने लिखा, "लेकिन इतनी देर रात आना ठीक संकेत नहीं है. मुझे पता है कि किसी महिला को, ख़ासकर वरिष्ठ नागरिक को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता. देखते हैं मेरे लिए क्या नया 'सरप्राइज़' रखा गया है."

    उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "क़ानून के मुताबिक़ पुलिस रात में और सूरज निकलने से पहले महिलाओं के घर नहीं जा सकती. इसलिए मैंने फ़ोन पर उस टीम की अधिकारी से बात की. उन्होंने बताया कि उनकी टीम मेरे खिलाफ चंडीगढ़ में दर्ज हुई एफ़आईआर का नोटिस देने आई है. मैंने साफ़ कहा कि उन्हें क़ानून का पालन करना चाहिए और सुबह आना चाहिए."

    पीटीआई के मुताबिक़, "चंडीगढ़ पुलिस ने सोमवार को बताया कि 19 अप्रैल को शहर के एक शख़्स ने शिकायत दी थी. शिकायत में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने फ़र्ज़ी और भ्रामक पोस्ट और वीडियो क्लिप्स फैलाए हैं, जिनमें अश्लील शब्द और सामग्री भी थी."

  12. 'आज पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे जेडी वेंस', अमेरिकी मीडिया का दावा

    जेडी वेंस

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    इमेज कैप्शन, इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत में भी जेडी वेंस अमेरिका के प्रतिनिधि के तौर शामिल हुए थे (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी मीडिया का कहना है कि उप राष्ट्रपति जेडी वेंस मंगलवार को पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे.

    अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट एक्सियोस ने तीन अमेरिकी सूत्रों के हवाले से कहा है कि जेडी वेंस मंगलवार को अमेरिका में सुबह होने तक निकल जाएंगे.

    सीएनएन को सूत्रों ने बताया कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दूसरा दौर बुधवार को इस्लामाबाद में होना है.

    जबकि ईरान ने इस बातचीत में शामिल होने को लेकर तस्वीर साफ़ नहीं की है.

    कुछ समय पहले व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक संदेश एक्स पर साझा किया.

    संदेश में कहा गया है, "अगर ट्रंप प्रशासन के दौरान कोई समझौता होता है, तो यह सिर्फ़ इसराइल या मध्य पूर्व में ही नहीं, बल्कि यूरोप, अमेरिका और हर जगह शांति, सुरक्षा और सुरक्षित माहौल की गारंटी देगा."

  13. पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक को सऊदी अरब से मिले एक अरब डॉलर

    शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान को सऊदी अरब से पहली किस्त में दो अरब डॉलर मिले थे (फ़ाइल फ़ोटो: शहबाज़ शरीफ़)

    पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक को सऊदी अरब के वित्त मंत्रालय से एक अरब अमेरिकी डॉलर मिले हैं.

    स्‍टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान ने आधिकारिक एक्‍स हैंडल पर पोस्‍ट करते हुए लिखा, "सऊदी अरब के वित्त मंत्रालय से एक अरब अमेरिकी डॉलर मिले हैं. यह रकम 20 अप्रैल 2026 को बैंक के खाते में आई है."

    आगे लिखा, "यह हाल ही में सऊदी अरब के साथ हुए तीन अरब डॉलर के समझौते की दूसरी किस्‍त है. पहली किस्‍त दो अरब डॉलर की थी, जो 15 अप्रैल 2026 को बैंक को मिल चुकी है."

    इससे पहले गुरुवार को ही पाकिस्‍तानी केंद्रीय बैंक ने सऊदी अरब से दो अरब अमेरिकी डॉलर की राशि मिलने की पुष्टि की थी.

    यह राशि ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बना हुआ है.

    गौरतलब है कि सऊदी अरब ने पाकिस्तान के लिए अपनी पांच अरब डॉलर की जमा सुविधा को तीन वर्ष के लिए बढ़ा दिया था.

    इसके अलावा, अलग से तीन अरब डॉलर जमा करने का भी आश्वासन दिया था.

  14. 'अमेरिका से बातचीत करने पर विचार कर रहा ईरान', वरिष्ठ अधिकारी ने किया दावा

    इस्लामाबाद

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता को लेकर तैयारियां हो रही हैं

    ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ईरान पाकिस्तान में अमेरिका के साथ शांति वार्ता में शामिल होने पर विचार कर रहा है.

    यह बात तब सामने आई है जब पाकिस्तान ने कोशिश की थी कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से नाकाबंदी हटा ले.

    बीबीसी अरबी के मुताबिक़, ईरानी अधिकारी ने कहा, "अभी कोई अंतिम फ़ैसला नहीं लिया है, लेकिन सकारात्मक रूप से विचार किया जा रहा है. पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, अमेरिकी नाकाबंदी ख़त्म करने और ईरान की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कोशिशें कर रहा है."

    दरअसल, ईरान चाहता है कि होर्मुज़ स्ट्रेट पर उसका कंट्रोल हो और यह बात समझौते का भी हिस्सा हो, ताकि युद्ध फिर शुरू न हो.

    जबकि दूसरी ओर, अमेरिका चाहता है कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर रोक लगे और होर्मुज़ स्ट्रेट पर भी उसका नियंत्रण न हो.

    इस बीच, पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता को लेकर तैयारियां हो रही हैं, अमेरिका इसके लिए तैयार है.

  15. ईरान ने बातचीत की संभावना के बीच कहा, 'मैदान-ए-जंग में नए पत्ते खोलने की तैयारी'

    मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़

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    इमेज कैप्शन, मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ अमेरिका के साथ पहले दौर की बातचीत में ईरान की ओर से शामिल हुए थे (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान ने कहा है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच बातचीत को स्वीकार नहीं करेगा.

    ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने एक्स पर लिखा, "ट्रंप घेराबंदी करके और युद्धविराम तोड़कर, इस बातचीत की मेज़ को अपनी कल्पना में आत्मसमर्पण की मेज़ बनाना चाहते हैं या फिर युद्ध को सही ठहराना चाहते हैं."

    ग़ालिबाफ़ ने कहा, "हम धमकियों के साये में बातचीत को स्वीकार नहीं करते. पिछले दो हफ़्तों से हमने मैदान-ए-जंग में नए पत्ते खोलने की तैयारी कर ली है."

    ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका के साथ पहले दौर की बातचीत में ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था. वो पाकिस्तान भी गए थे.

    अब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता के लिए तैयारियां हो रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनका प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जाएगा.

    लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा था कि हमने फ़िलहाल फ़ैसला नहीं लिया है.

  16. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई की सेहत को लेकर पूर्व मंत्री ने ये बताया

    मोजतबा ख़ामेनेई

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    इमेज कैप्शन, मोजतबा ख़ामेनेई 8 मार्च को सर्वोच्च नेता बने थे, लेकिन वो अभी तक सार्वजनिक रूप से नज़र नहीं आए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के एक पूर्व मंत्री ने दावा किया है कि सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई "पूरी तरह स्वस्थ" हैं.

    ईरान ब्रॉडकास्टिंग के पूर्व प्रमुख और पर्यटन मंत्री रह चुके इज़्ज़तुल्लाह ज़रग़ामी ने एक्स पोस्ट में लिखा, "भरोसेमंद जानकारों का मानना है कि सुरक्षा कारणों से अभी ख़ामेनेई की तस्वीरें या ऑडियो जारी करना ठीक नहीं होगा."

    ज़रग़ामी ने लोगों से अपील की कि वे बेकार की बातों पर ध्यान न दें. यह इशारा उन लोगों की ओर था जो लंबे समय से मोजतबा ख़ामेनेई की सेहत को लेकर सवाल उठाते रहे हैं.

    मोजतबा ख़ामेनेई 8 मार्च को सर्वोच्च नेता बने थे, उसके बाद से उन्होंने कोई भाषण नहीं दिया है, न कैमरे पर आए हैं और न ही उनकी कोई हाल की तस्वीर जारी की गई है.

    हालांकि, पिछले 40 दिनों में कई बार लिखित बयान जारी किए, जिन्हें उनका बताया गया है. 20 अप्रैल को उन्होंने सुन्नी धर्मगुरुओं को धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनके पिता की मौत पर संवेदना जताई थी.

  17. टिम कुक छोड़ेंगे एप्पल का सीईओ पद, अब कौन संभालेगा कमान

    टिम कुक

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    इमेज कैप्शन, टिम कुक का लगभग 15 साल का कार्यकाल ख़त्म हो रहा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक अपने पद से इस्तीफ़ा देने जा रहे हैं.

    एप्पल ने घोषणा की है कि टिम कुक 1 सितंबर 2026 से कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के एग्ज़ीक्यूटिव चेयरमैन बनेंगे और जॉन टर्नस नए सीईओ होंगे. जॉन टर्नस फ़िलहाल हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं.

    स्टीव जॉब्स के बाद टिम कुक ने सीईओ का पद संभाला था. अब उनका लगभग 15 साल का कार्यकाल ख़त्म हो रहा है.

    भविष्य में कार्यकारी चेयरमैन के तौर पर टिम कुक कंपनी के कुछ कामों में मदद करेंगे, जैसे दुनिया भर के नीति-निर्माताओं से जुड़ना.

    वहीं, जॉन टर्नस 2001 में एप्पल की प्रोडक्ट डिज़ाइन टीम से जुड़े थे. 2013 में वे हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट बने.

    टर्नस ने 2021 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ़ हार्डवेयर इंजीनियरिंग के तौर पर एग्ज़ीक्यूटिव टीम जॉइन की. अब वो सितंबर के महीने से सीईओ का पद संभालेंगे.

  18. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाने को लेकर क्या कहा?, सोफिया फेरेरा सैंटोस

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि नाकाबंदी ईरान को पूरी तरह तबाह कर रही है (फ़ाइल फ़ोटो)

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी तब तक नहीं हटाएगा, जब तक ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हो जाता.

    ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब यह साफ़ नहीं है कि युद्ध ख़त्म करने के लिए दूसरे दौर की बातचीत होगी या नहीं.

    डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "नाकाबंदी ईरान को पूरी तरह तबाह कर रही है. वे हर दिन 500 मिलियन डॉलर गंवा रहे हैं, ऐसा लंबे समय तक चलना नामुमकिन है."

    दूसरी ओर, ईरान कह चुका है कि जब तक ईरान के बंदरगाहों से अमेरिकी नाकाबंदी नहीं हटाई जाएगी, तब तक बातचीत नहीं होगी.

    गौरतलब है कि पाकिस्तान की राजधानी में बैठक की संभावना को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. लेकिन बैठक में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने वाले उप राष्ट्रपति जेडी वेंस अभी तक वॉशिंगटन से रवाना नहीं हुए हैं.

    वहीं ईरान ने कहा है कि उसने अब तक यह तय नहीं किया है कि वह बैठक में शामिल होगा या नहीं.

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