अमेरिका-ईरान शांति वार्ता: चीन ने कहा, 'पाकिस्तान को हमारा पूरा समर्थन है'

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अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के नए दौर को लेकर संभावनाओं और सवालों के बीच पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशहाक़ डार ने चीन के राजदूत से मुलाक़ात की है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया है कि इस्लामाबाद में चीन के राजदूत ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के प्रयासों के लिए पाकिस्तान को चीन के "पूरे समर्थन" का इज़हार किया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि देश के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशहाक़ डार ने क्षेत्र के घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए चीनी राजदूत जियांग ज़ैडोंग से मुलाक़ात की.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, “इस मुलाक़ात के दौरान ज़ैडोंग ने अमेरिका- ईरान के बीच क्षेत्र और उससे बाहर भी स्थायी शांति और स्थिरता के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने के पाकिस्तान के लगातार प्रयासों की सराहना की.''
मंगलवार, 21 अप्रैल को ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ईरान पाकिस्तान में अमेरिका के साथ शांति वार्ता में शामिल होने पर विचार कर रहा है.
वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसीके मुताबिक़, मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने फ़ारसी भाषा में लिखा, "आईआरजीसी ने इसराइल और अमेरिका को थका दिया है, जिससे उन्हें मजबूर होकर युद्धविराम की मांग करनी पड़ी है."
उसके थोड़ी देर पहले ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा कि ईरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच बातचीत को स्वीकार नहीं करेगा.
सोमवार को ही ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान ने अभी तक अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने का कोई फ़ैसला नहीं किया है.














