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अमेरिका को कनाडा ने दिया जवाब, 20 अरब डॉलर के सामान पर लगाया टैरिफ़
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इमेज कैप्शन, कनाडा के अमेरिका पर जवाबी टैरिफ़ 8 सितंबर की आधी रात से लागू होंगे
कनाडा ने अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ़ का जवाब देते हुए उसके सामान पर 20 अरब डॉलर का टैरिफ़ लगा दिया है.
कनाडा करीब 28 अरब कनाडाई डॉलर (लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर) मूल्य के अमेरिकी सामानों पर 15 से 50 फ़ीसदी तक का टैरिफ़ लगाएगा.
ये जवाबी टैरिफ़ 8 सितंबर की आधी रात से लागू होंगे.
कनाडा ने कहा था कि वह अमेरिका के टैरिफ़ का "डॉलर फॉर डॉलर" के हिसाब से जवाब देगा.
कनाडा अमेरिकी स्टील, डेयरी उत्पादों, घरेलू उपकरणों और कई अन्य सामानों पर जवाबी शुल्क लगाएगा.
कनाडा का यह कदम ट्रंप प्रशासन की ओर से शुक्रवार से कनाडा के कुछ सामान पर लगाए गए 50 फ़ीसदी टैरिफ़ के जवाब में है.
व्यापार वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने ये टैरिफ़ लगाए हैं.
इसके अलावा अमेरिका पहले से ही कनाडा के स्टील, एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल और लकड़ी पर टैरिफ़ लगा रखा है.
इमरान ख़ान के बेटे का दावा- 'मेरे पिता को लगता है जेल में उन्हें धीरे-धीरे मारने की कोशिश हो रही है', जुगल पुरोहित, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, इमरान ख़ान अगस्त 2023 से पाकिस्तान की एक जेल में बंद हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के वकील जारेड जेनसर ने एक ऑनलाइन प्रेस ब्रीफिंग की है. जेनसर के अलावा, इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इमरान ख़ान के बेटे सुलेमान और कासिम ने भी बात की.
इस दौरान सुलेमान ने कहा, "हमारी उनसे आख़िरी बार मार्च में फोन पर बात हुई थी. उसके बाद उन्हें फोन कॉल की अनुमति नहीं दी गई. जब हमने बात की थी, तब वे उत्साहित लग रहे थे, लेकिन लगातार अकेले रहने का असर अब उन पर पड़ रहा है."
सुलेमान ने आरोप लगाया, "जब हाल ही में मेरी बुआ उनसे मिलीं, तो उन्होंने हमें बताया कि इमरान ख़ान की बातें सुनकर वे बहुत परेशान हो गई थीं. इमरान ख़ान को यह भी लगता है कि जेल में उन्हें धीरे-धीरे मारने की कोशिश की जा रही है."
इमरान ख़ान के दूसरे पुत्र कासिम ने कहा, "हम चाहते हैं कि स्वतंत्र डॉक्टर उनका इलाज करें. हम चाहते हैं कि उनका इलाज किसी निष्पक्ष अस्पताल में कराया जाए. मुझे पता है कि सरकार कहेगी कि वह पूरी तरह ठीक हैं. अगर ऐसा है, तो मैं सरकार से कहता हूं कि इसका सबूत दिखाए."
18 अगस्त को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि इमरान खान को इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफ़ा अस्पताल ले जाया जाए.
इसके बाद सरकार ने उनकी जांच एक सरकारी अस्पताल में कराई और फिर उन्हें वापस जेल भेज दिया.
इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के वर्तमान अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर अली ख़ान ने कहा कि वे सरकार के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अदालत की अवमानना की याचिका दायर करवाने जा रहे हैं.
वहीं, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तर्रार ने कहा कि शिफ़ा अस्पताल के बाहर और आसपास पीटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा पैदा की गई सुरक्षा स्थिति के कारण इमरान ख़ान को सरकारी अस्पताल में ले जाना पड़ा.
उनके अनुसार, सरकार इमरान ख़ान को अपने मेडिकल सेंटर ले गई, जहां उनकी विस्तार से जांच की गई और उन्हें स्वस्थ पाया गया.
ट्रंप का दावा- 'होर्मुज़ स्ट्रेट में बिछाई गई सुरंगों को हटा दिया'
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में कथित तौर पर बिछाई गई सारी बारूदी सुंरगें हटा दी गई हैं.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ''मुझे अभी-अभी अमेरिकी नौसेना ने जानकारी दी है कि होर्मुज़ स्ट्रेट के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से सभी समुद्री बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं या उन्हें नष्ट कर दिया गया है.''
उन्होंने लिखा, ''ईरान को सूचित कर दिया गया है कि जो भी जहाज या नाव नई बारूदी सुरंगें बिछाएगी, उसे तुरंत और व्यवस्थित तरीके से तबाह किया जाएगा.''
ट्रंप ने दावा किया, ''स्पेस फोर्स के जरिए हम होर्मुज़ स्ट्रेट के एक-एक हिस्से पर नजर रख रहे हैं. इसी तरह हमारी नज़र पिकऐक्स माउंटेन और पहले ही नष्ट किए जा चुके तीन अन्य परमाणु ठिकानों पर भी है.''
''बारूदी सुरंगें बिछाने के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी तरह लागू है और प्रभावी है.''
छात्र की कथित आत्महत्या के मामले की जांच कराएगा आईआईटी दिल्ली
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आईआईटी दिल्ली ने हाल में एक छात्र की कथित आत्महत्या की जांच के लिए एक एक्सटर्नल पैनल बनाने का फ़ैसला किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि पैनल उन हालातों की जांच करेगा, जिनकी वजह से छात्र को कथित तौर आत्महत्या करनी पड़ी.
इस बीच आईआईटी दिल्ली के 31 वर्षीय एमएससी फिजिक्स छात्र ऋषिकेश कुमार के सुसाइड केस में स्टूडेंट का प्रदर्शन जारी है.
स्टूडेंट्स की मांग है कि ऋषिकेश के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और मामले की जांच बाहरी कमेटी से करवाई जाए.
(यदि आपको आत्महत्या के विचार आ रहे हैं या आपकी जानकारी में किसी और के साथ ऐसा होता है, तो आप भारत में आसरा वेबसाइट या वैश्विक स्तर पर बीफ्रेंडर्स वर्ल्डवाइड के ज़रिए सहयोग ले सकते हैं.
ब्रिटेन में आप 116 123 पर समारिटंस हेल्पलाइन पर फ़ोन कर सकते हैं या samaritans.org.पर जा सकते हैं.)
वांग यी से मिले अजीत डोभाल : क्या हुई बात? | 25 अगस्त, 2026 | दिनभर (बीबीसी हिन्दी )
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पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी बहुजन समाज पार्टी
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इमेज कैप्शन, बहुजन समाज पार्टी ने कहा है कि वो पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ में बीएसपी के केंद्रीय कार्यालय में हुई एक बैठक के दौरान यह घोषणा की.
बैठक में पंजाब में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिशों की समीक्षा की गई.
पार्टी की ओर से जारी बयान के मुताबिक़, मायावती ने कहा कि बीएसपी पंजाब विधानसभा चुनाव "किसी भी गठबंधन या किसी के साथ कोई समझौता किए बिना अकेले" लड़ेगी.
उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसा ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी कर चुकी है.
कार्टून: आज्ञा से ...
इमेज कैप्शन, स्कूलों में अव्यवस्थाओं के फोटो वीडियो लेने पर बैन के आदेश पर आज का कार्टून.
अमेरिका का एलान, आईआरजीसी अधिकारियों को पकड़वाने वालों को देगा एक करोड़ डॉलर
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्रालय का विज्ञापन
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के कई वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ़्तारी में मदद देने वाली जानकारी के एवज़ में एक करोड़ डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है
अमेरिकी विदेश मंत्रालय से जुड़े ''रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस' अकाउंट ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ये लोग रेवोल्यूशनरी गार्ड की उन इकाइयों का नेतृत्व करते हैं जिन्होंने सशस्त्र हमलों के ज़रिये अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाया है और विनाशकारी साइबर अभियानों के माध्यम से अहम ढांचे पर हमला किया है."
इस लिस्ट में रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर अहमद वाहिदी, अली अब्दुल्लाही और साइबर विभाग के कमांडर हामिदरेज़ा लश्गारियन शामिल हैं.
इस सूची में आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स के पूर्व कमांडर सईद अग़ाजानी और आईआरजीसी इंटेलिजेंस कमांडर माजिद खादेमी भी शामिल हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान की सेना को लेकर लगाए ये आरोप
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की सरकार अपनी सेना के बड़े हिस्से को वेतन नहीं दे रही है.
उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ''ढहता हुआ इस्लामिक गणराज्य अपनी सेना के बड़े हिस्से को वेतन नहीं दे रहा है.ईरान की सत्ता प्रदर्शनकारियों की भी हत्या कर रही है.वो प्रदर्शनकारियों को तब भी मार रही है जब वो प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं. उनकी इतनी बड़ी तादाद में हत्या पहले कभी नहीं हुई थी. यह बहुत बड़ा मानवीय संकट है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए .''
डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि ईरान सैन्य तौर पर पूरी तरह बरबाद हो चुका है और अब नए आर्थिक प्रतिबंधों से आर्थिक तौर पर भी तबाह हो जाएगा.
सोमवार को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध का दायरा बढ़ा दिया है.
दिल्ली में स्वाइन फ़्लू के 2300 से ज़्यादा मामले, सीएम ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
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इमेज कैप्शन, दिल्ली में स्वाइन फ़्लू के मामले बढ़ रहे हैं (सांकेतिक तस्वीर)
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में स्वाइन फ़्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आपात समीक्षा बैठक बुलाई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली में इस साल अब तक इंफ्लुएंज़ा के करीब 3,000 मामले सामने आए हैं, जिनमें 2,308 मामले एच1एन1 यानी स्वाइन फ़्लू के हैं.
उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था है.
पंकज सिंह ने स्वास्थ्य विभाग, एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी.
उन्होंने कहा, "डॉक्टरों, कर्मचारियों या दवाओं की कोई कमी नहीं है. मुख्यमंत्री ने आपात समीक्षा बैठक बुलाई है. मैं भरोसा दिलाता हूं कि कोई समस्या नहीं है और सब कुछ नियंत्रण में है."
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ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए सितंबर में भारत आएंगे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - रॉयटर्स
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इमेज कैप्शन, 2024 में रूस के कज़ान में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सितंबर महीने में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं.
रॉयटर्स को तीन सूत्रों ने बताया कि वह एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आ सकते हैं.
यह सात साल में उनकी पहली भारत यात्रा होगी. इसे दोनों भारत और चीन के बीच रिश्तों में सुधार के एक और संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
भारत 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है.
रॉयटर्स के मुताबिक़ इस सम्मेलन में शी की मौजूदगी पर ब्रिक्स के एजेंडे से ज्यादा इस बात को लेकर नज़र रहेगी कि यह 2020 के घातक सीमा संघर्ष के बाद चीन और भारत के रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशों के बारे में क्या संकेत देती है.
एक भारतीय सूत्र ने रॉयटर्स को बताया, "चीनी अधिकारी होटलों और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं."
दो अन्य भारतीय सूत्रों ने बताया कि शी के साथ करीब 400 अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल आने की संभावना है. 2019 में उनकी पिछली भारत यात्रा के दौरान 200 से कम अधिकारी उनके साथ आए थे.
रेप मामले में दोषी तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ़्ते में सरेंडर करने को कहा
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इमेज कैप्शन, तरुण तेजपाल को 2013 के रेप केस में दस साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है
सुप्रीम कोर्ट ने तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को दो हफ़्तों के भीतर सरेंडर करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट तरुण तेजपाल की अपील की मांग पर सुनवाई कर रहा था.
क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 22 सितंबर से पहले सरेंडर सर्टिफ़िकेट जमा करने को कहा. कोर्ट ने कहा कि इसके बाद ही उनकी अपील सुनी जाएगी.
तरुण तेजपाल को 2013 के रेप केस में 6 अगस्त को ही बॉम्बे हाई कोर्ट ने दस साल की जेल की सज़ा सुनाई थी.
इस सज़ा के ख़िलाफ़ तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. गोवा सरकार भी सज़ा बढ़ाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी.
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आलोक अराधे ने इस मामले में तेजपाल के वकील कपिल सिब्बल की दलीलों को ख़ारिज कर दिया. सिब्बल ने कहा था कि तेजपाल की अपील पर सुनवाई के लिए उनका सरेंडर करना ज़रूरी नहीं है.
लेकिन कोर्ट ने इसे नहीं माना. 6 अगस्त को बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें सरेंडर के लिए छह हफ़्ते का समय दिया था.
सिब्बल ने कहा था कि छह महीने को छोड़कर तेजपाल पूरी सुनवाई के दौरान बेल पर रहे थे, साथ ही वो एक सीनियर सिटीज़न हैं.
ये भी पढ़ें : तरुण तेजपाल केस: फ़ैसले में सर्वाइवर के पक्ष में कही गईं ये तीन बातें
राहुल गांधी और खड़गे ने जाति जनगणना को लेकर पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, उठाए सवाल
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने जाति जनगणना को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में जाति जनगणना की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.
खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, ‘’लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को संयुक्त पत्र लिखकर जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई है.’’
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इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का पत्र
उन्होंने लिखा, ''हमारी मांग साफ़ है. मौजूदा प्रश्नावली रद्द हो, जातियों की प्रमाणित सूची के आधार पर नई प्रश्नावली बने और राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता से व्यापक परामर्श किया जाए.''
''तेलंगाना और बिहार के जाति सर्वेक्षणों की तरह, पहले से तैयार और प्रमाणित जाति सूची के आधार पर गणना इसका व्यावहारिक समाधान है.''
''जाति जनगणना सिर्फ़ होनी नहीं चाहिए, सही भी होनी चाहिए.''
तृणमूल कांग्रेस के 20 बाग़ी सांसदों को नोटिस जारी हुआ
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इमेज कैप्शन, सॉलिसिटर जनरल ऑफ़ इंडिया तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि स्पीकर ओम बिरला ने नोटिस जारी कर दिए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बाग़ी सांसदों के ख़िलाफ़ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नोटिस जारी कर दिए हैं. सॉलिसिटर जनरल ऑफ़ इंडिया तुषार मेहता ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता टीएमसी महासचिव और लोकसभा में पार्टी के नेता अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान पेश हुए.अभिषेक बनर्जी ने याचिका के ज़रिए लोकसभा स्पीकर से अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फ़ैसला लेने की मांग की है.
क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक़, इस मामले में मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की सुनवाई की, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बाग़ची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं.
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि स्पीकर ने अयोग्यता याचिकाओं पर 20 सांसदों को नोटिस जारी कर दिया है.
इस पर जस्टिस जॉयमाल्या बाग़ची ने कहा कि सवाल सिर्फ़ नोटिस जारी करने का नहीं, बल्कि तय समय-सीमा के भीतर पूरी कार्यवाही समाप्त करने का है.
दरअसल, टीएमसी ने अपने 20 सांसदों के ख़िलाफ़ दल-बदल क़ानून के तहत कार्रवाई की मांग की है.
विवाद तब शुरू हुआ जब इन सांसदों ने टीएमसी से अलग होने और नेशनलिस्ट सिटिज़ंस पार्टी ऑफ़ इंडिया (एनसीपीआई) के साथ जुड़ने की कोशिश की थी.
बाग़ी सांसदों के समूह ने लोकसभा में ख़ुद को एक अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग भी की है.
जबकि टीएमसी का कहना है कि सभी 20 सांसद पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुने गए हैं और इसके बाद किसी दूसरी पार्टी में जाने का फ़ैसला संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल क़ानून के दायरे में आता है.
अभिषेक बनर्जी ने इससे पहले लोकसभा स्पीकर के समक्ष अलग-अलग अयोग्यता याचिकाएं दायर कर उनके जल्द निपटारे की मांग की थी.
अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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पटना स्टूडेंट प्रदर्शन: पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, कुछ प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
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इमेज कैप्शन, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया
बीपीएससी परीक्षा समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में स्टूडेंट पटना में मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे हैं.
कई स्टूडेंट संगठन गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाल रहे हैं.
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए जेपी गोलंबर तक पहुंच गए और वहां से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़ने लगे.
वहीं, पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को हिरासत में भी लिया है.
प्रदर्शनकारियों की मांगों और प्रदर्शन को लेकर मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की लगभग सभी मांगें पूरी कर दी हैं.
उन्होंने कहा, "अगर स्टूडेंट को सरकार से कुछ और कहना है, तो बातचीत के लिए सभी दरवाज़े खुले हैं. वे आकर अपनी चिंताओं और समस्याओं पर चर्चा कर सकते हैं और उनका समाधान करा सकते हैं. सरकार उन्हीं की है."
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इमेज कैप्शन, प्रदर्शन करते हुए स्टूडेंट बस पर खड़े हो गए और नारेबाज़ी की
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इमेज कैप्शन, मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद है
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इमेज कैप्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है
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इमेज कैप्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को तितर- बितर करने की कोशिश की
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इमेज कैप्शन, पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारी स्टूडेंट को हिरासत में लिया है
स्कूल में हिजाब पहनने की मांग पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया ये फ़ैसला
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इमेज कैप्शन, याचिकाकर्ता छात्रा ने स्कूल यूनिफ़ॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी (फ़ाइल फ़ोटो)
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्कूल यूनिफ़ॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली एक मुस्लिम छात्रा की याचिका ख़ारिज कर दी है.
लाइव लॉ के अनुसार कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता पर्याप्त प्रमाण पेश नहीं कर सकी, जिससे यह साबित हो सके कि इस्लाम में हिजाब पहनना एक ज़रूरी धार्मिक प्रथा है.
जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की पीठ ने कहा, "यदि किसी शिक्षण संस्थान का ड्रेस कोड सभी छात्रों के लिए समान, सद्भावनापूर्ण, ग़ैर-भेदभावपूर्ण, अनुशासन और संस्थागत पहचान बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है, तो कोई छात्र उसमें बदलाव की मांग पर ज़ोर नहीं दे सकता."
कोर्ट ने इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के साल 2022 के फ़ैसले का ज़िक्र किया. कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा था कि मुस्लिम महिलाओं का हिजाब पहनना इस्लाम की आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के इस फ़ैसले को 'बहुत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली न्यायिक आधार' बताया. हालांकि, कोर्ट ने यह भी नोट किया कि इस फ़ैसले पर बाद में सुप्रीम कोर्ट ने ऐशत शिफ़ा मामले में विचार किया था, जिसमें शीर्ष अदालत की पीठ का फ़ैसला बँटा हुआ था.
क्या है पूरा मामला
याचिकाकर्ता प्रयागराज के निजी सीबीएसई स्कूल की छात्रा हैं.
छात्रा ने अपनी मां के ज़रिए हाईकोर्ट में याचिका दाख़िल कर निर्धारित यूनिफ़ॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी.
हालांकि, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका ख़ारिज कर दी.
कर्नाटक में अमेज़न, इंस्टामार्ट और बिग बास्केट के फ़ूड लाइसेंस सस्पेंड, ये है वजह, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, यह कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि ये ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म धतूरे के फल और बीजों को खाद्य उत्पाद के तौर पर बेच रहे थे (फ़ाइल फ़ोटो)
कर्नाटक फ़ूड सेफ़्टी और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने अमेज़न, स्विगी इंस्टामार्ट और बिग बास्केट के फ़ूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं.
यह कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि ये ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म धतूरे के फल और बीजों को खाद्य उत्पाद के तौर पर बेच रहे थे.
दरअसल, अधिकारियों ने पाया था कि अमेज़न, स्विगी इंस्टामार्ट और बिग बास्केट पर फल और उसके बीज भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफ़एसएसएआई) की ओर से जारी लाइसेंस नंबर के साथ बेचे जा रहे थे.
इसके बाद फ़ूड सेफ़्टी कमिश्नर के. श्रीनिवास की ओर से जारी आदेश में अमेज़न, स्विगी इंस्टामार्ट और बिग बास्केट से धतूरे को लिस्टिंग और विज्ञापन हटाने को कहा गया है.
आदेश में कहा गया, "धतूरे के पौधे के फल और बीज ज़हरीले होते हैं और इनके खाने से इंसानों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है, ऐसे सामान को खाने या इंसानों के इस्तेमाल के लिए बेचना, बांटना, बिक्री के लिए दिखाना या ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए उसका विज्ञापन करना लोगों की सेहत के लिहाज़ से गंभीर मामला है."
अमेज़न ने सुनवाई करने वाले अधिकारी के सामने जारी नोटिस का जवाब नहीं दिया. स्विगी इंस्टामार्ट ने जवाब देने के लिए समय मांगा, जबकि बिग बास्केट ने अधिकारी को बताया कि उसने धतूरे को खाने के सामान के तौर पर बेचना बंद कर दिया है.
बिग बास्केट ने यह भी कहा कि उन्होंने धतूरे को 'नोट फ़ॉर ह्यूमन कंजम्प्शन' वाले प्रोडक्ट के तौर पर चिन्हित कर दिया है.
बीमारियों के इलाज के लिए धतूरे का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन इसमें इसकी मात्रा को बेहद नियंत्रित रखा जाता है.
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इस विषय और कर्नाटक के औषधीय पौधों के विशेषज्ञ डॉ. एम.जे. प्रभु, ने बीबीसी न्यूज़ हिंदी को बताया कि धतूरे या उसके बीजों का सेवन जानलेवा हो सकता है.
उन्होंने कहा, "धतूरा एक जहरीला पौधा है, जो तंत्रिका तंत्र और हृदय-वाहिका तंत्र को प्रभावित करता है. करीब 50 से 100 बीज खाना संभावित रूप से जानलेवा हो सकता है. इसके सबसे गंभीर लक्षणों में सांस लेने में दिक्कत, दिल की तेज धड़कन, पुतलियों का बहुत ज्यादा फैलना और मतिभ्रम शामिल हैं."
डॉ. प्रभु ने बताया कि आयुर्वेद में धतूरे का इस्तेमाल गंभीर ब्रोंकाइटिस के इलाज में बलगम को पतला करने और सांस लेने में दिक्कत दूर करने के लिए किया जाता है. इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से बाहरी रूप से लगाने वाली दवाओं में किया जाता है.
इनमें कनक लेप और कनक तैल शामिल हैं. इसके अलावा दर्द से राहत देने और सूजन कम करने के लिए बेलाडोना से संबंधित कुछ बाहरी उत्पादों, जैसे एट्रोपा बेलाडोना प्लास्टर, में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.
उन्होंने कहा कि फार्मा कंपनियां भी कुछ बीमारियों के इलाज के लिए धतूरे का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन इसमें इसकी मात्रा को बेहद नियंत्रित रखा जाता है.
अमेरिका ने किसे 47 साल बाद 'आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों' की सूची से हटाया, टॉम बेटमैन और हेलेन लिविंगस्टोन
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी प्रशासन ने बताया कि इस फ़ैसले का मक़सद सीरिया में विदेशी निवेश की राह आसान करना है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका ने 47 साल बाद सीरिया को 'आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों की सूची' से हटा दिया है.
अमेरिकी प्रशासन ने बताया कि इस फ़ैसले का मक़सद सीरिया में विदेशी निवेश की राह आसान करना और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल करना है.
सीरिया के हटने के बाद अमेरिका की इस सूची में केवल तीन देश बचे हैं, जो ईरान, उत्तर कोरिया और क्यूबा हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह फ़ैसला सीरिया को आर्थिक समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता देगा. इसको लेकर पहली बार पिछले साल जुलाई में प्रस्ताव रखा गया था.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा, "यह क़दम सीरिया में ज़्यादा निवेश लाने में मदद करेगा, जिससे राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता मज़बूत होगी."
हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने सीरिया के नए राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के साथ भी संपर्क बढ़ाया है. अल-शरा पहले में एक उग्रवादी संगठन के नेता रहे हैं और कभी अमेरिका ने उनके ख़िलाफ़ इनाम की घोषणा की थी. वह अल-क़ायदा से जुड़े एक संगठन का नेतृत्व कर चुके हैं.
गौरतलब है कि पिछले साल अमेरिका ने अहमद अल-शरा के नेतृत्व वाले इस्लामी संगठन तहरीर अल-शाम को अपनी 'आतंकवादी संगठनों की सूची' से हटा दिया था.