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लाइव, ट्रंप ने कहा- शुक्रवार तक ईरान के साथ हो सकती है बातचीत

पाकिस्तानी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि अगले “36 से 72 घंटे” के भीतर बातचीत हो सकती है.

सारांश

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, रौनक भैड़ा

  1. ट्रंप ने कहा- शुक्रवार तक ईरान के साथ हो सकती है बातचीत

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ शांति वार्ता का दूसरा दौर शुक्रवार तक शुरू होने की उम्मीद है.

    ये जानकारी न्यूयॉर्क पोस्ट के ज़रिए सामने आई है.

    पाकिस्तानी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि अगले “36 से 72 घंटे” के भीतर बातचीत हो सकती है.

    जब पोस्ट ने इस बारे में ट्रंप से पूछा, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने टेक्स्ट मैसेज में जवाब दिया, “यह संभव है! राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.”

    मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि वह ईरान के साथ युद्धविराम को बढ़ाएंगे ताकि ईरान को युद्ध खत्म करने के लिए कोई प्रस्ताव तैयार करने के लिए ज़्यादा समय मिल सके.

  2. सीज़फ़ायर के बीच लेबनान में इसराइली हमला, दो की मौत

    लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान के अल-तिरी गांव में एक कार पर हुए इसराइली हमले में दो लोगों की मौत हुई है.

    एक दिन पहले, इसराइली सेना ने लेबनान के लोगों को लितानी नदी, वादी अल-सलूकी और वादी अल-सलहानी से दूर रहने की चेतावनी दी थी. इसराइली सेना का कहना है कि वहां "हिज़्बुल्लाह की आतंकवादी गतिविधियां" चल रही हैं.

    इसराइल और लेबनान के बीच 16 अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की गई थी, जो 10 दिनों तक चलना है. गुरुवार को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में राजदूत स्तर की बातचीत भी होने वाली है.

    हिज़्बुल्लाह और इसराइल, दोनों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

    इसराइली सेना ने पहले कहा था कि हिज़्बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इसराइली सेना पर हमला किया.

  3. पीएम मोदी पर विवादित बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को चुनाव आयोग का नोटिस

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक विवादित बयान पर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक चुनाव आयोग ने खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “आतंकवादी” कहे जाने का संज्ञान लिया है और उन्हें 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है."

    इससे पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजु ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि, “भाजपा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज दुख और आक्रोश के साथ चुनाव आयोग से मुलाकात की.”

    उन्होंने आगे लिखा, “खड़गे जी द्वारा माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “आतंकवादी” कहना सिर्फ एक टिप्पणी नहीं है, बल्कि पूरे देश का गंभीर अपमान है. ऐसा शर्मनाक आचरण सामान्य नहीं माना जा सकता. हमने आयोग से तुरंत संज्ञान लेने का आग्रह किया है.”

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कल यानी मंगलवार को चेन्नई में कहा था, “ये एआईएडीएमके के लोग, जो खुद अन्नादुरई की तस्वीर लगाते हैं, वे मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं? वह एक टेररिस्ट हैं. उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती. ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं, इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमज़ोर कर रहे हैं.”

    खड़गे की सफ़ाई

    हालांकि बीजेपी नेताओं के विरोध के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ये झूठ है, "मैंने पीएम के ख़िलाफ़ नहीं बोला. प्रधानमंत्री नेताओं और उम्मीदवारों को डरा रहे हैं, और इसी संदर्भ में मैंने कहा था कि ‘टैक्स टेररिज़्म’ हो रहा है."

    "ईडी छापे मार रही है, आयकर विभाग छापे मार रहा है, सीबीआई छापे मार रही है. यह ‘टेररिज़्म’ प्रधानमंत्री ही करा रहे है. मैंने उन्हें आतंकवादी नहीं कहा, वह लोगों को डराने के लिए इस तरह का माहौल बना रहे हैं."

    "वह छापों के जरिए लोगों को चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं और चुनाव में उन्हें हराने की कोशिश कर रहे हैं. चेन्नई में मैंने यही कहा था.”

    वहीं कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बचाव किया है.

    उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “खड़गे साहब ने किसी भी कोड ऑफ़ कंडक्ट का उल्लंघन नहीं किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो ‘मन की बात’ के तहत राजनीतिक भाषण दिया, पहले चुनाव आयोग को उनके ख़िलाफ़ एक्शन लेना चाहिए. जहां तक खड़गे साहब के बयान की बात है, उन्होंने ‘टैक्स टेररिज़्म’ की बात की थी.”

  4. लेबनान के राष्ट्रपति बोले- सीज़फ़ायर की समयसीमा बढ़ाने के लिए बातचीत जारी

    लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ़ औन ने कहा है कि इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम की समयसीमा बढ़ाने के लिए बातचीत जारी है.

    यह बयान गुरुवार को वॉशिंगटन में दोनों देशों के बीच होने वाली दूसरी दौर की बातचीत से पहले आया है.

    दोनों देशों के बीच फ़िलहाल 10 दिन के अस्थायी युद्धविराम लागू है. ये सीज़फ़ायर 16 अप्रैल को लागू हुआ था.

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में औन ने कहा कि जारी बातचीत, “इसराइली हमलों के पूरी तरह रोकने, लेबनानी क्षेत्रों से इसराइली सेना की वापसी, कैदियों की वापसी, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सेना की तैनाती और इस युद्ध में हुए नुक़सान के पुनर्निर्माण की शुरुआत पर आधारित है.”

    औन ने कहा कि, "बातचीत को लेकर लेबनान का रुख़ साफ है, कोई रियायत नहीं, कोई मोलभाव नहीं और कोई आत्मसमर्पण नहीं. हम वही करेंगे जो लेबनान की संप्रभुता और सभी लेबनानी नागरिकों के हितों को सुनिश्चित करे."

    उनके ऑफ़िस की ओर से जारी पोस्ट में कहा गया है कि अमेरिका का समर्थन लेबनान को एक ऐसा अवसर प्रदान करता है जिसे हमें गंवाना नहीं चाहिए.

  5. युद्धविराम को लेकर ईरान के विदेश मंत्रालय का अब आया ये बयान

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बढ़ाए गए युद्धविराम को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम के अनुरोध के बाद ईरान “राजनीतिक घटनाक्रम पर क़रीबी नज़र बनाए हुआ है.”

    ईरान के सरकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी यानी आईआरएनए ने ये जानकारी दी है.

    टेलीग्राम पर एक पोस्ट में आईआरएनए ने बक़ाई के हवाले से कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए ज़रूरी और उचित कदम उठाएगा.”

    मंगलवार रात, ट्रंप ने पाकिस्तान के अनुरोध पर युद्धविराम बढ़ाने की घोषणा की थी और ईरान की सरकार को “गंभीर रूप से घायल” बताया था.

    अमेरिका के साथ आगे की बातचीत की संभावना पर बक़ाई ने कहा, “कूटनीति, राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का एक साधन है, और जब भी हमें लगेगा कि इस साधन का उपयोग करने के लिए ज़रूरी और उचित परिस्थितियां मौजूद हैं, हम इसका इस्तेमाल करेंगे.”

  6. कार्टून: नारी और वीआईपी

  7. जहाज़ों पर हमले के बाद क्या अमेरिका-ईरान सीज़फ़ायर ख़तरे में है?, सेबेस्टियन अशर, मध्य पूर्व के विश्लेषक, बीबीसी

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम की समय सीमा बढ़ाने की घोषणा के कुछ घंटों बाद, ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपना कंट्रोल बढ़ाने में जुट गया.

    ये शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ने में एक प्रमुख रुकावट रहा है.

    इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की गनबोट्स द्वारा होर्मुज़ स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहे जहाज़ों को रोकने की ख़बर है.

    बुधवार को तीन कार्गो जहाज़ों पर हमले हुए और आईआरजीसी ने दो को अपने कब्ज़े में ले लिया है.

    हालांकि इसमें कोई हताहत या बड़ा नुकसान नहीं बताया गया है, लेकिन यह कदम नए सिरे से हुए युद्धविराम पर और दबाव डालेगा, साथ ही ऐसा लगता है कि मौजूदा गतिरोध, संघर्ष को फिर से भड़कने का ख़तरा पैदा कर सकता है.

    अपने ताज़ा बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने को, ईरान के लिए एक आर्थिक तौर पर आत्मघाती कदम बताया, लेकिन ऐसा लगता है कि तेहरान इससे अमेरिका पर पड़ने वाले राजनीतिक दबाव को और ज़्यादा करने की कोशिश कर रहा है.

  8. अमेरिकी राजदूत बोले- आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमेरिका भारत के लोगों के साथ

    पहलगाम हमले की पहली बरसी पर भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

    भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, “पहलगाम में हुए भयावह हमले की पहली बरसी पर हम निर्दोष पीड़ितों को याद करते हैं और उनके परिवारों के साथ शोक व्यक्त करते हैं. अमेरिका आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत के लोगों के साथ खड़ा है.”

    इससे पहले भारत में इसराइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने भी संवेदना व्यक्त की.

    उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को याद किया और कहा कि 'इसराइल आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है.'

  9. नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने इस्तीफा दिया, बताई ये वजह

    नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने अपनी संपत्ति के स्रोत को लेकर उठे सवालों के बाद नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

    गुरुंग ने सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि वह खुद पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए और पद पर रहते हुए किसी भी प्रकार के हितों के टकराव को रोकने के लिए इस्तीफा दे रहे हैं.

    बीबीसी नेपाली के मुताबिक, प्रधानमंत्री की प्रेस सलाहकार दीपा दहल ने बताया कि गुरुंग ने बुधवार को प्रधानमंत्री बालेन शाह से मुलाक़ात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा.

    उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री शाह ने गृह मंत्रालय को फिलहाल अपने पास रखा है.

  10. ईरान ने 'मोसाद के लिए जासूसी करने' के आरोप में एक शख़्स को फांसी दी

    ईरान में एक शख़्स को 'इसराइल के लिए जासूसी' के आरोप में फांसी दी गई.

    ईरान की न्यायपालिका के मुताबिक़, 'मेहदी फ़रीद नाम के शख़्स ने देश की संवेदनशील जानकारी इसराइली एजेंसी मोसाद को दी थी.'

    ईरानी अदालत के अनुसार, "मेहदी फ़रीद पैसिव डिफ़ेंस कमेटी के मैनेजमेंट विभाग में काम करते थे, जो देश का एक अहम संगठन है. उन्होंने इंटरनेट के ज़रिए इसराइल से संपर्क किया और उनके पद की वजह से मोसाद के एक अधिकारी ने उन्हें चुना."

    दूसरी ओर, मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद फाँसी की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है.

    उनका कहना है कि मुक़दमे की प्रक्रिया और ऐसी सज़ा देना मानवाधिकारों का उल्लंघन है.

    बीबीसी फ़ारसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, युद्ध शुरू होने के बाद हुई फ़ांसी सिर्फ़ जासूसी के अभियुक्तों तक सीमित नहीं हैं. कुछ लोगों को जनवरी के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े होने के मामले में भी फांसी दी गई.

  11. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  12. राजनाथ सिंह बोले- 'मध्य पूर्व में शांति के लिए भारत ने कोशिश की, लेकिन...'

    भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए भारत ने कोशिशें की हैं.

    राजनाथ सिंह जर्मनी के दौरे पर हैं. यहां पर उनसे पूछा गया, 'क्या भारत का मध्य पूर्व संकट में शांति लाने में कोई रोल हो सकता है?'

    इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "भारत ने कोशिश की है, लेकिन हर चीज़ का एक समय होता है. हो सकता है कि कल ऐसा समय आए जब भारत इसमें अपनी भूमिका निभाए और सफलता भी पाए. इस संभावना को नकारा नहीं जा सकता."

    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों से युद्ध ख़त्म करने की अपील की है. हमारे प्रधानमंत्री का कूटनीतिक मामलों में बहुत संतुलित नज़रिया है."

    राजनाथ सिंह ने कहा, "भारत जिस तरह आगे बढ़ रहा है, आपने देखा होगा कि होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी देश का जहाज़ नहीं निकल पा रहा था. अगर किसी ने अपने 7-8 जहाज़ को निकाल लिए, तो वह भारत था. ऐसा नहीं है कि अमेरिका भारत को दुश्मन मानता है या ईरान भारत को दुश्मन मानता है. भारत का बहुत संतुलित नज़रिया है."

    गौरतलब है कि फ़िलहाल अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है. हालांकि, दूसरे दौर की वार्ता पर अभी संशय बरक़रार है.

  13. पहलगाम हमले को एक साल होने पर इसराइल ने क्या कहा?

    पहलगाम हमले के एक साल होने पर इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने बयान जारी किया है.

    उन्होंने कहा कि 'इसराइल आतंकवाद के हर रूप के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई में मज़बूत और अडिग' है.

    इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरा होने पर इसराइल की ओर से हम जान गंवाने वालों को याद करते हैं और दुख में उनके परिवारों के साथ खड़े हैं."

    उन्होंने आगे लिखा, "इसराइल आतंकवाद के हर रूप के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई में मज़बूत और अडिग है. भारत के साथ मिलकर हम इस ख़तरे का डटकर सामना करने और शांति, सुरक्षा और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपना सहयोग और मज़बूत करेंगे."

    इससे पहले भारत में इसराइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को याद किया और दोहराया कि इसराइल आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है.

  14. 'ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज़ पर फ़ायरिंग की', रिपोर्ट में दावा

    यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर (यूकेएमटीओ) के अनुसार ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने होर्मुज़ स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज़ पर फ़ायरिंग की है.

    ब्रिटिश रॉयल नेवी की अगुवाई वाले यूकेएमटीओ ने बताया कि यह घटना ओमान से 15 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई.

    रिपोर्ट में कहा गया है कि आईआरजीसी की एक गन बोट जहाज़ के पास आई, लेकिन कोई रेडियो चेतावनी नहीं दी गई.

    इसके बाद गन बोट ने जहाज़ पर गोली चलाई, जिससे जहाज़ के कंट्रोल सेंटर को भारी नुकसान पहुंचा.

    ईरानी न्यूज़ एजेंसियों ने कहा कि जहाज़ ने ईरानी सेना की चेतावनी को 'नज़रअंदाज़' किया.

  15. आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट, ये वजह सामने आई

    भारतीय शेयर बाज़ारों में बुधवार को एचसीएल टेक समेत कई आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई.

    बुधवार को शुरुआती कारोबार में एचसीएल टेक के शेयर क़रीब 10% गिर गए. वजह रही कंपनी के जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे. कंपनी ने अगले वित्तीय वर्ष की आय का आउटलुक 1 से 4 फ़ीसद दिया है. कई विश्लेषकों ने ये ग्रोथ 4 फ़ीसद तक होने की उम्मीद जताई थी.

    इस कारण निवेशकों ने नेगेटिव रिएक्शन दिया और शेयर में तेज़ गिरावट देखने को मिली.

    सुबह के कारोबार में एचसीएल टेक का शेयर 9.64% गिरकर ₹1,302 तक पहुंच गया. इसका असर बाक़ी आईटी कंपनियों पर भी पड़ा और उनके शेयर भी लुढ़क गए.

    शुरुआती कारोबार में इंफ़ोसिस का शेयर 2.8%, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज 1.9% और टेक महिंद्रा का शेयर 4.2% गिरा.

  16. ट्रंप ने जिन आठ महिलाओं को रिहा करने की अपील की थी उनके बारे में ईरान क्या बोला, बीबीसी मॉनिटरिंग

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ ईरानी महिलाओं को ''ईरान की क़ैद से रिहा'' करने की मांग की थी. अब ईरान की न्यायपालिका ने उन रिपोर्ट्स को ख़ारिज किया है, जिनमें इन्हें जल्द फ़ांसी देने का दावा किया जा रहा था.

    ईरान ने ऐसी ख़बरों को ‘दुश्मन मीडिया’ की फैलाई जा रही फ़ेक न्यूज़ क़रार दिया है.

    दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर करते हुए ईरानी अधिकारियों से मांग की थी कि इन महिलाओं को जल्द रिहा किया जाए.

    इस पोस्ट में इन महिलाओं की तस्वीरों के साथ लिखा गया था, "ईरान इन्हें जल्द सज़ा-ए-मौत देने की तैयारी कर रहा है." साथ ही पोस्ट में मानवाधिकार संगठनों की इस मामले में चुप्पी पर हैरानी जताई गई थी.

    ईरान में न्यायपालिका से जुड़े मामले रिपोर्ट करने वाली संस्था मिज़ान न्यूज़ ने कहा, "इन महिलाओं के मामलों की सावधानी से समीक्षा करने पर पता चला कि उनमें से कुछ पहले ही रिहा हो चुकी हैं."

    आगे कहा गया, "जबकि बाकी पर ऐसे आरोप हैं, जो अदालत में साबित होने पर भी उन्हें क़ैद होगी, फ़ांसी नहीं. किसी भी महिला को अब तक ऐसी सज़ा नहीं सुनाई गई है, जिससे उन्हें फ़ांसी का ख़तरा हो. ट्रंप एक बार फिर ‘फ़ेक न्यूज़’ के झांसे में आ गए."

  17. पहलगाम हमले का एक साल, पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह ने क्या कहा?

    पहलगाम हमले को आज एक साल हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 'आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे.'

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "पिछले साल आज ही के दिन पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद कर रहा हूं. उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा. एक राष्ट्र के तौर पर, हम दुख और संकल्प में एकजुट हैं."

    उन्होंने कहा, "भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा. आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे."

    गृह मंत्री अमित शाह ने भी पहलगाम हमले के एक साल होने पर एक्स पर पोस्ट किया.

    अमित शाह ने लिखा, "आज के दिन हम पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले में खोई गई मासूम ज़िंदगियों को गंभीरता से याद करते हैं. अपने लोगों को खोने का दुख और पीड़ा हर भारतीय के दिल में आज भी है."

    उन्होंने आगे लिखा, "आतंकवाद इंसानियत का सबसे बड़ा दुश्मन है, जिसके ख़िलाफ़ हमें एकजुट होकर लड़ना और उसे हराना है. भारत आतंकवाद और उसे पनाह देने वालों के ख़िलाफ़ अपनी सख़्त नीति जारी रखेगा."

  18. अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने के लिए किया ये अहम फ़ैसला

    अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरान, तुर्की और यूएई में मौजूद 14 लोगों, कंपनियों और विमानों पर पाबंदी लगाई है.

    इन पर आरोप है कि ये ईरान सरकार के लिए हथियार या हथियारों के पुर्ज़े ख़रीदने और पहुंचाने का काम कर रहे थे.

    अमेरिका की ओर से ये कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने के एलान से पहले हुई. इसके तहत अमेरिका ने ईरानी शासन पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की कोशिश की है.

    जिन लोगों या कंपनियों पर पाबंदी लगाई गई है, उनकी जो भी संपत्ति या कारोबार अमेरिका में है या किसी अमेरिकी के पास है, वो अब रोक दिए जाएंगे.

    अगर कोई कंपनी इन पर आधा (50%) या उससे ज़्यादा मालिकाना हक़ रखती है, तो उस पर भी यही नियम लागू होगा.

  19. ग़ालिबाफ़ के सलाहकार ने कहा- 'ट्रंप का युद्धविराम बढ़ाना किसी काम का नहीं'

    ईरानी संसद के स्पीकर के एडवाइज़र ने ट्रंप के युद्धविराम से जुड़े नए एलान पर संदेह जताया है.

    मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने कहा है कि ट्रंप का युद्धविराम बढ़ाना 'किसी काम का नहीं' है.

    महदी मोहम्मदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हारने वाला पक्ष शर्तें नहीं तय कर सकता. घेराबंदी जारी रखना बमबारी से अलग नहीं है और इसका जवाब सैन्य कार्रवाई से देना होगा."

    उन्होंने लिखा, "ट्रंप ने युद्धविराम इसलिए बढ़ाया है ताकि अचानक से हमला करने की तैयारी कर सकें. अब समय आ गया है कि ईरान इसकी पहल करे."

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 अप्रैल को युद्धविराम की मियाद को अनिश्चित समय के लिए बढ़ा दी है.

    ट्रंप का कहना है कि उनसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने इसकी मांग की थी.

  20. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए कहा- वो बस अपनी इज़्ज़त बचाना चाहते हैं

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने का कहना है कि ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट को खुला रखना चाहता है. ट्रंप का दावा है कि ईरान इसे बंद रखने की बात इसलिए कहता है क्योंकि वह अपनी 'इज़्ज़त बचाना' चाहता है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने यह बयान तब दिया है, जब उन्होंने ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चित समय के लिए बढ़ा दिया है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "ईरान नहीं चाहता कि होर्मुज़ स्ट्रेट बंद हो, बल्कि वो चाहते हैं कि यह खुला रहे ताकि रोज़ 500 मिलियन डॉलर कमा सकें (अगर यह बंद है तो उतना ही नुकसान हो रहा है)."

    ट्रंप ने लिखा, "वो सिर्फ़ कहते हैं कि इसे बंद करना चाहिए क्योंकि मैंने इसे पूरी तरह से रोक दिया है. वो बस अपनी इज़्ज़त बचाना चाहते हैं."

    उन्होंने आगे लिखा, "चार दिन पहले लोग मेरे पास आए और बोले- 'सर, ईरान तुरंत होर्मुज़ स्ट्रेट खोलना चाहता है.' लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं, तो ईरान के साथ कभी कोई समझौता नहीं हो सकता."

    गौरतलब है कि ट्रंप ने युद्धविराम भले आगे बढ़ा दिया हो लेकिन ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखने की बात भी कही है. दूसरी ओर, ईरान इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताता रहा है.