लाइव, डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर दी यह अहम जानकारी, पाकिस्तान पर भी बोले
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर एक के बाद एक, कई पोस्ट कर अहम बातें कही हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर दी यह अहम जानकारी, पाकिस्तान पर भी बोले
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर को 'महान' और 'बेहतरीन' बताया है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर एक के बाद एक, कई पोस्ट कर अहम बातें कही हैं.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल में अपनी पोस्ट
में ईरान से तनाव के दौरान अमेरिका का सहयोग करने वाले देशों का
धन्यवाद दिया है, साथ ही अन्य देशों और संगठनों पर
निशाना भी साधा.
हम आपको बताते हैं अमेरिकी
राष्ट्रपति ने क्या कुछ कहा:
सबसे पहले तो ट्रंप ने ईरान के
होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के एलान के बाद ईरान का धन्यवाद किया. हालांकि इसकी अगली पोस्ट में उन्होंने कहा कि जब तक ईरान समझौता नहीं कर लेता, उसके लिए 'नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी'.
इसके बाद ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में नेटो पर निशाना साधा और उसे 'काग़ज़ी शेर' कहा. उन्होंने कहा, "अब जब होर्मुज़ स्ट्रेट से जुड़ा मामला ख़त्म हो
गया है, मुझे नेटो की ओर से फ़ोन आया और मदद
के लिए पूछा गया. मैंने उन्हें कहा कि दूर रहें, जब तक कि वे अपने जहाज़ों में तेल नहीं भरना चाहते हों. जब उनकी
ज़रूरत थी तब वे बेकार साबित हुए, काग़ज़ी
शेर."
ट्रंप ने इसकी अगली पोस्ट में सऊदी
अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और क़तर
को उनकी 'बहादुरी और मदद' के लिए धन्यवाद किया. मध्य-पूर्व संघर्ष के दौरान
ईरान ने इन देशों पर हमला किया था.
इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि ईरान, अमेरिका
की मदद से समंदर में मौजूद 'सभी
बारूदी सुरंगों को हटा चुका है या हटा रहा है'.
ट्रंप ने एक अलग पोस्ट में पाकिस्तान
और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर का धन्यवाद किया. साथ
ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और फ़ील्ड मार्शल को 'महान' और 'बेहतरीन' बताया.
इसके बाद ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान
'होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर कभी न बंद
करने पर सहमत हुआ' है. उन्होंने कहा, "इसे अब दुनिया के ख़िलाफ़ हथियार के तौर पर
इस्तेमाल नहीं किया जाएगा."
राजस्थान रॉयल्स टीम के मैनेजर पर इस वजह से लगा एक लाख रुपये का जुर्माना
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इमेज कैप्शन, यह मामला डगआउट में फ़ोन के इस्तेमाल से जुड़ा है (सांकेतिक तस्वीर)
राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर
रविंदर सिंह भिंडर पर बीसीसीआई आईपीएल पीएमओए प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर 1 लाख
रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
यह मामला 10 अप्रैल 2026 को गुवाहाटी
के एसीए स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए
मैच से जुड़ा है.
डगआउट में मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल
से जुड़े इस मामले में रविंदर सिंह भिंडर ने अपनी ग़लती मानते हुए बिना शर्त माफ़ी
मांग ली है.
डगआउट में मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल
करना बीसीसीआई आईपीएल पीएमओए प्रोटोकॉल के अनुच्छेद 4.1.1 का उल्लंघन है.
आईपीएल की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक़, यह रविंदर सिंह भिंडर की ओर से हुआ
पहला उल्लंघन था, इसलिए बीसीसीआई आईपीएल पीएमओए
प्रोटोकॉल के अनुच्छेद 7.42(ए) के अनुसार उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया
है.
इसके अलावा उन्हें भविष्य में अधिक
सावधानी बरतने और तय दिशानिर्देशों का सख़्ती से पालन करने की चेतावनी भी दी गई
है.
राहुल और प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण क़ानून से जुड़े बिल के लोकसभा से गिरने के बाद क्या कहा
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने 'संविधान पर हुए हमले को हरा दिया' है (फ़ाइल फ़ोटो)
लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण
क़ानून में संशोधन बिल वोटिंग के बाद गिर गया. एनडीए इस बिल के पक्ष में दो तिहाई
वोट हासिल करने में नाकाम रहा.
इसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने 'संविधान
पर हुए हमले को हरा दिया' है.
उन्होंने संसद के बाहर पत्रकारों से
बातचीत में कहा, "संविधान पर जो हमला था, हमने उसे हरा दिया है. हमने स्पष्ट तौर पर बोला
है कि यह महिला (आरक्षण) बिल नहीं है. ये हिन्दुस्तान के चुनावी ढांचे को बदलने की
कोशिश है. ये हमने रोक दिया है."
राहुल गांधी ने यह भी बताया कि
विपक्ष कब इस बिल का समर्थन करेगा.
उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से कह रहा हूं कि अगर आप महिला
बिल चाहते हैं तो 2023 का महिला बिल निकालिए, उसको आज से लागू करिए और पूरा का पूरा विपक्ष 100 प्रतिशत आपको समर्थन
देगा."
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "यह देश के लोकतंत्र की बात थी, देश की अखंडता की बात थी. हम कभी इससे सहमत नहीं
हो सकते कि आप महिला आरक्षण को इस तरह से परिसीमन से जोड़ें कि वह पुरानी जनगणना
से चले, जिसमें ओबीसी शामिल ही नहीं
है."
प्रियंका गांधी ने कहा,
"यह मुमकिन ही नहीं था कि यह बिल
पारित हो. हमारे देश के लोकतंत्र और अखंडता के लिए यह बहुत बड़ी जीत है."
प्रियंका गांधी ने सरकार के उन
आरोपों का भी जवाब दिया जिसमें विपक्ष के इस बिल का विरोध करने पर उन्हें 'महिला विरोधी' कहा गया.
उन्होंने कहा, "महिला विरोधी सोच की बात वे कह रहे हैं, जिन्होंने हाथरस में कुछ नहीं किया, उन्नाव में कुछ नहीं किया, मणिपुर की महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया, खिलाड़ियों के लिए कुछ नहीं कहा. ये कह रहे हैं कि हमारी महिला विरोधी
सोच है?"
होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की घोषणा के बाद तेल क़ीमतों में तेज़ गिरावट, शेयर बाज़ार में भी हलचल
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इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट बंद होने से ऊर्जा व्यापार प्रभावित हुआ था और तेल की क़ीमतों में भारी बढ़ोतरी देखी गई थी (सांकेतिक तस्वीर)
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची
की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट को "युद्धविराम की बाकी अवधि" तक व्यापार के
लिए पूरी तरह खुला रखने के एलान के बाद कच्चे तेल की क़ीमतों में तेज़ गिरावट आई
है.
वहीं, अमेरिका और यूरोप के शेयर बाज़ारों में बढ़त दर्ज की गई है.
घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड का दाम
गिरकर 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि दिन
में पहले यह 98 डॉलर से ऊपर था.
अमेरिकी मानक एनवाईएमईएक्स लाइट
स्वीट क्रूड में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई.
संघर्ष से पहले ब्रेंट क्रूड लगभग 70
डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था. मार्च की शुरुआत में यह 100 डॉलर से
ऊपर गया था और उसी महीने बाद में 119 डॉलर प्रति बैरल से ज़्यादा के स्तर पर
पहुंचा था.
शेयर बाज़ार की बात करें तो, पेरिस का सीएसी और फ़्रैंकफ़र्ट का डैक्स,
दोनों दो फ़ीसदी से ज़्यादा ऊपर गए हैं. लंदन में
एफ़टीएसई की बढ़त अपेक्षाकृत सीमित रही और यह 0.5 फ़ीसदी ऊपर है.
अमेरिका में कारोबार शुरू होने के
शुरुआती मिनटों में डॉव 1.3 फ़ीसदी और एसएंडपी 0.7 फ़ीसदी ऊपर है.
ब्रेकिंग न्यूज़, डोनाल्ड ट्रंप बोले, 'होर्मुज़ स्ट्रेट खुला, लेकिन अमेरिकी नाकाबंदी रहेगी जारी'
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा है कि ईरान को जल्द से जल्द अमेरिका से समझौता करना चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट कर होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को धन्यवाद दिया.
उन्होंने लिखा, "ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि 'स्ट्रेट ऑफ़ ईरान' पूरी तरह खुला है और आवाजाही के लिए तैयार है. धन्यवाद!"
हालांकि, इसके चंद मिनट बाद ही उन्होंने एक और पोस्ट कर कहा कि होर्मुज़ में 'अमेरिकी नाकाबंदी' जारी रहेगी.
उन्होंने लिखा, "होर्मुज़ स्ट्रेट व्यापार और आवाजाही के लिए पूरी
तरह खुला और तैयार है, लेकिन नौसैनिक नाकाबंदी ताक़त और
प्रभाव के साथ जारी रहेगी."
ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिकी
नाकाबंदी सिर्फ़ ईरान पर लागू रहेगी. उन्होंने कहा, "यह सिर्फ़ ईरान पर लागू होगी, जब तक कि
ईरान के साथ हमारा समझौता 100 फ़ीसदी पूरा नहीं हो जाता."
उन्होंने आगे कहा, "यह प्रक्रिया बहुत तेज़ी से पूरी होनी चाहिए,
क्योंकि ज़्यादातर बिंदुओं पर पहले ही बातचीत हो
चुकी है."
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिका के साथ
"युद्धविराम की बाकी अवधि तक" के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट को "पूरी
तरह खुला" रखने का एलान किया.
ब्रेकिंग न्यूज़, ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट 'पूरी तरह खुला' रखने का किया एलान
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इमेज कैप्शन, ईरान-अमेरिका के बीच दो हफ़्ते का युद्धविराम लागू है (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची
ने अमेरिका के साथ "युद्धविराम की बाकी अवधि तक" के लिए होर्मुज़
स्ट्रेट को "पूरी तरह खुला" रखने का एलान किया है.
एक्स पर जारी बयान में उन्होंने कहा,
"लेबनान में युद्धविराम के बाद सभी
व्यावसायिक जहाज़ों के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने का रास्ता युद्धविराम की
बाकी अवधि तक पूरी तरह खुला घोषित किया जाता है."
अमेरिका ने इस हफ़्ते की शुरुआत में
घोषणा की थी कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट की नौसैनिक नाकाबंदी शुरू करेगा.
इससे पहले ईरान ने फ़रवरी में
अमेरिका-इसराइल हमले के जवाब में दुनिया के सबसे व्यस्त तेल शिपिंग मार्ग यानी
होर्मुज़ को कई हफ़्तों तक प्रभावी रूप से बंद कर दिया था.
ईरान-अमेरिका के बीच दो हफ़्ते का
युद्धविराम लागू है, जो 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला
है.
ईरान ने अमेरिका से बातचीत से पहले
लेबनान सहित पूरे मध्य-पूर्व में युद्धविराम की शर्त रखी थी. हालांकि, इसराइल और अमेरिका ने कहा था कि युद्धविराम
समझौते में लेबनान शामिल नहीं है.
उस वक़्त ईरान और बातचीत में मध्यस्थ
पाकिस्तान ने भी कहा था कि युद्धविराम में लेबनान को भी शामिल किया जाना चाहिए.
डीलिमिटेशन बिल और जम्मू-कश्मीर से जुड़े पाकिस्तान के बयान पर भारत ने दी प्रतिक्रिया
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इमेज कैप्शन, रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस वार्ता की
भारत ने पाकिस्तान की ओर से
डीलिमिटेशन बिल पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने
इसे "आंतरिक मामला" बताया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर
जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पाकिस्तान की टिप्पणी से जुड़े
एक सवाल पर कहा, "भारत के आंतरिक मामले, भारत के आंतरिक मामले हैं. हम उनमें दखल देने या
इस तरह की कोई टिप्पणी करने की किसी भी कोशिश को ख़ारिज करते हैं."
दरअसल, गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर का ज़िक्र
करते हुए भारतीय संसद में पेश हुए डीलिमिटेशन बिल पर टिप्पणी की थी.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के
प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा था, "भारतीय
संसद में परिसीमन विधेयक 2024 पेश किया गया है. हम जम्मू-कश्मीर में भारत की
तथाकथित परिसीमन प्रक्रिया को पूरी तरह ख़ारिज करते हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर से जुड़े किसी भी प्रावधान को भी शामिल किया गया
है."
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के
प्रवक्ता ने भारत की परिसीमन प्रक्रिया को 'ग़ैर-क़ानूनी और राजनीतिक दिखावा' बताते हुए कहा था, "हम ऐसे
क़दमों को उकसाने वाला, ग़ैर-ज़िम्मेदाराना और अंतरराष्ट्रीय
क़ानून का साफ़ उल्लंघन मानते हैं."
राहुल गांधी पर एफ़आईआर होगी दर्ज, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने किस मामले में दिया यह आदेश
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता रखने का आरोप है (फ़ाइल फ़ोटो)
क़ानूनी मामलों को रिपोर्ट करने
वालीं वेबसाइट 'लाइव लॉ' और 'बार एंड बेंच' के मुताबिक़, इलाहाबाद
हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ख़िलाफ़
एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दिया है.
यह आदेश राहुल गांधी की दोहरी
नागरिकता से जुड़े एक मामले में दिया गया है. राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता
होने और ब्रिटिश पासपोर्ट रखने का आरोप है.
जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने
लखनऊ की एक अदालत के उस आदेश को ख़ारिज कर दिया, जिसमें राहुल गांधी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर नहीं दर्ज करने को कहा गया था.
लाइव लॉ का कहना है कि राहुल गांधी
के ख़िलाफ़ कर्नाटक के एक बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने भारतीय न्याय संहिता
और पासपोर्ट एक्ट के तहत याचिका दायर की थी.
राहुल गांधी ने महिला आरक्षण से जुड़े बिल को बताया 'देश विरोधी', और क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा कि वह किसी का हक़ 'नहीं छिनने देंगे'
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल
गांधी ने महिला आरक्षण से जुड़े बिल पर टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि इस बिल का 'महिलाओं से कोई संबंध नहीं' है.
लोकसभा में अपने संबोधन के बाद राहुल
गांधी ने उसका वीडियो एक्स पर साझा किया और कहा कि यह बिल 'देश विरोधी' है.
उन्होंने एक्स पर लिखा,
"यह महिला आरक्षण बिल नहीं है. इसका
महिलाओं से कोई संबंध नहीं है. यह बिल ओबीसी विरोधी और एससी-एसटी विरोधी है. यह
बिल देश विरोधी है. दक्षिण, उत्तर-पूर्व,
उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के ख़िलाफ़
है."
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह किसी
का हक़ 'नहीं छिनने देंगे' और 'न ही देश
को बंटने देंगे'.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने
शुक्रवार को लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान
बिल के विरोध में अपनी बात रखी.
सरकार का तर्क है कि यह संशोधन
विधेयक देश में नारी शक्ति को 'मज़बूती'
देगा.
शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़े सवाल पर भारतीय विदेश मंत्रालय क्या बोला
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इमेज कैप्शन, शेख़ हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश
की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़े सवाल पर प्रतिक्रिया दी
है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर
जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत सरकार इससे जुड़े 'एक अनुरोध पर विचार कर रही' है.
रणधीर जायसवाल ने कहा, "एक अनुरोध पर विचार किया जा रहा है. यह जारी
न्यायिक और आंतरिक क़ानूनी प्रक्रियाओं का हिस्सा है. हम इस मुद्दे पर सभी पक्षों
के साथ सार्थक बातचीत जारी रखेंगे. हम सभी घटनाक्रमों पर बहुत क़रीब से नज़र रख
रहे हैं."
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने
बांग्लादेश के विदेश मंत्री की हाल में हुई भारत यात्रा का ज़िक्र किया और भारतीय
विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयानों पर ज़ोर दिया.
उन्होंने कहा, "मैं यह भी कहना चाहूंगा कि विदेश मंत्री ने
बांग्लादेश की नई सरकार के साथ सार्थक मेलजोल बढ़ाने और साझेदारी को और मज़बूत
करने की भारत की इच्छा दोहराई है."
"दोनों पक्षों ने साझेदारी को बढ़ाने
के प्रस्तावों पर विचार करने पर सहमति जताई है. दोनों पक्षों के साझा हितों से
जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत के लिए आधिकारिक बैठकें जल्द होने
की उम्मीद है."
साल 2024 में बांग्लादेश में हुए
सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बाद अगस्त महीने में शेख़ हसीना को अपनी सरकार
गंवानी पड़ी थी और तब से वह भारत में रह रही हैं.
इसके बाद की अंतरिम सरकार ने भी भारत
से शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की थी.
ईरान ने लेबनान में युद्धविराम और हिज़्बुल्लाह पर ये कहा, सोरूश नेगहदरी, ईरान मामलों के जानकार, बीबीसी मॉनिटरिंग
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इमेज कैप्शन, ईरानी विदेश मंत्रालय ने लेबनान में हुए युद्धविराम को अमेरिका के साथ बनी व्यापक समझ का हिस्सा बताया है (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान ने लेबनान में युद्धविराम का
स्वागत किया है और इसे कूटनीतिक सफलता के साथ-साथ हिज़्बुल्लाह के 'प्रतिरोध' का नतीजा बताया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल
बक़ाई ने कहा कि ईरान इस युद्धविराम को अमेरिका के साथ व्यापक समझ का हिस्सा मानता
है, जो पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई
बातचीत के ज़रिए बनी.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान
लगातार पूरे क्षेत्र में व्यापक युद्धविराम की मांग करता रहा है.
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस
युद्धविराम के लिए हिज़्बुल्लाह की भूमिका का भी ज़िक्र किया.
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़िर
क़ालिबाफ़ ने एक्स पर अरबी में किए गए एक पोस्ट में कहा कि यह समझौता
"हिज़्बुल्लाह की मज़बूती और प्रतिरोध धुरी की एकता का नतीजा भर है."
'प्रतिरोध धुरी' एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल ईरान मध्य-पूर्व
में अपने सहयोगी समूहों के नेटवर्क के लिए करता है.
ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर की
विदेशी अभियानों से जुड़ी क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर इस्माइल क़ानी ने हिज़्बुल्लाह
को "विजेता" बताया. उन्होंने कहा कि यह समझौता लेबनान के प्रतिरोध की
मज़बूत दृढ़ता और इस्लामी गणराज्य ईरान के समर्थन का नतीजा है.
ईरान के सरकारी मीडिया ने भी बड़े
पैमाने पर वरिष्ठ अधिकारियों की इसी लाइन को दोहराया और लेबनान में युद्धविराम को
हिज़्बुल्लाह के "प्रतिरोध" और ईरान के कूटनीतिक दबाव का नतीजा बताया.
रोलिंग न्यूज़ चैनल आईआरआईएनएन ने
शुक्रवार सुबह कहा कि ईरान और हिज़्बुल्लाह के प्रतिरोध ने अमेरिका और इसराइल को
"लेबनान में 10 दिन के युद्धविराम को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया."
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर ऐसा क्या कहा कि राजनाथ सिंह ने की माफ़ी की मांग
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी के बयान को सदन की कार्यवाही से हटाने की भी मांग हुई
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल
गांधी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी को 'मैजिशियन' यानी 'जादूगर' कहा. इसके बाद सत्ता पक्ष ने उनके इस बयान का कड़ा विरोध किया और
माफ़ी की मांग की.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने
संबोधन के दौरान कहा, "सर
सच्चाई ये है कि जादूगर पकड़ा गया है. बालाकोट का जादूगर, नोटबंदी का जादूगर, (ऑपरेशन)
सिंदूर का जादूगर अचानक से पकड़ा गया. क्योंकि..."
इसके आगे राहुल गांधी कुछ बोलते कि
लोकसभा में हंगामा हो गया. सत्ता पक्ष ने उनके बयानों का कड़ा विरोध किया.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने
बीच में खड़े होकर कहा, "बार-बार
हमने राहुल गांधी जी से अनुरोध किया कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते आप बोलिए मगर
नियम से बोलिए. ये इस देश के 140 करोड़ लोगों के चुने हुए प्रधानमंत्री को
अनाप-शनाप बोलकर क्या साबित करना चाहते हैं?"
उन्होंने कहा, "हम लोग उम्मीद करते हैं कि राहुल
गांधी मेच्योर हो गए हैं. अफ़सोस की बात है कि नेता प्रतिपक्ष क्या भाषा का
इस्तेमाल कर रहे हैं."
इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
ने खड़े होकर राहुल गांधी के बयान का कड़ा विरोध किया.
राजनाथ सिंह ने कहा, "इस देश के प्रधानमंत्री के संबंध में जिस प्रकार
के शब्दों का प्रयोग नेता प्रतिपक्ष के द्वारा किया जा रहा है, मैं समझता हूं कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है."
उन्होंने कहा, "इस देश की जनता ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाया
है... ये बार-बार मैजिशियन कहकर किसी व्यक्ति का अपमान नहीं कर रहे हैं, ये देश की जनता का अपमान कर रहे हैं."
"मैं अनुरोध करता हूं कि जिन शब्दों
का इन्होंने इस्तेमाल किया उन्हें सदन की कार्यवाही से बाहर निकाला जाना चाहिए और
राहुल गांधी को देशवासियों से क्षमा मांगनी चाहिए."
प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक को लेकर सभी सांसदों से की यह अपील
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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन के सर्वसम्मति से पारित होने पर देश की नारी शक्ति 'और सशक्त होगी'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी
सांसदों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयकको सर्वसम्मति से पारित करने की अपील
की है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर
इसे 'बहुत बड़ा अवसर' बताया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा,
"मैं सभी सांसदों से कहूंगा... आप
अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए. देश
की नारी शक्ति की सेवा का, उनके
वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है. उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए"
उन्होंने कहा कि इस संशोधन के
सर्वसम्मति से पारित होने पर देश की नारी शक्ति 'और सशक्त होगी' और 'देश का लोकतंत्र और भी सशक्त होगा'.
पीएम मोदी ने आख़िर में कहा,
"आइए, हम मिलकर आज इतिहास रचें. भारत की नारी को, देश की आधी आबादी को उसका हक दें."
संसद को विशेष सत्र के दौरान नारी
शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन और डीलिमिटेशन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा हो रही है.
सरकार का कहना है कि ये विधेयक
महिलाओं को सशक्त बनाएंगे, जबकि
विपक्ष जनगणना से पहले इन विधेयकों को पेश किए जाने पर सवाल उठा रहा है.
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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साल 2023 में पास महिला आरक्षण विधेयक के लागू होने की तारीख़ और मौजूदा बहस पर विपक्ष ने ये कहा
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इमेज कैप्शन, निशिकांत दुबे झारखंड के गोड्डा लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद हैं, उन्होंने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया है (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को एक्स पर एक पोस्ट में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में जारी बहस पर हैरानी जताई है.
जयराम रमेश ने इस पोस्ट में लिखा था, "यह तो बिल्कुल ही अजीब है. सितंबर 2023 में पास हुआ 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' आज से लागू हो गया है, जबकि इसमें किए जाने वाले संशोधनों पर अभी भी बहस चल रही है और उन पर कल मतदान होगा. मैं तो पूरी तरह से हैरान हूँ."
साल 2023 में पास हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में कहा गया है कि लोकसभा, राज्यों की विधानसभाओं और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधानसभा में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.
लेकिन इसके लागू होने को भविष्य में होने वाली जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया था.
जयराम रमेश ने इसके समर्थन में लॉ एंड जस्टिस मिनिस्ट्री का एक नोटिफ़िकेशन साझा किया है, जिसमें महिला आरक्षण लागू होने की तारीख़ का ज़िक्र भी किया गया है.
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इमेज कैप्शन, जयराम रमेश ने यह नोटिफ़िकेशन साझा कर महिला आरक्षण विधेयक पर चल रही बहस पर हैरानी जताई
शिव सेना (उद्धव ठाकरे गुट) की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक गज़ट पेपर शेयर करते हुए लिखा, ''भारत के माननीय राष्ट्रपति के इस आदेश का सीधा सा मतलब यह है कि भारत सरकार ने आज से ही संसद की मौजूदा सीटों की संख्या के आधार पर महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को मंज़ूरी दे दी है.''
''लोकसभा में आज संवैधानिक संशोधन पर चर्चा हो रही है और जिसके लिए 2/3 बहुमत की ज़रूरत है और जिसका मक़सद आरक्षण लागू करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाना है. अगर वह पास नहीं हो पाता है, तब भी हम इस अधिसूचना की बदौलत यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि महिलाओं को भी निर्णय लेने की प्रक्रिया में जगह मिले.''
''हमें बस इतना करना है कि मौजूदा 543 सीटों पर ही आरक्षण तय कर दिया जाए.''
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इमेज कैप्शन, प्रियंका चतुर्वेदी ने यह गज़ट नोट शेयर किया है
महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में चल रही बहस को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विरोधी दलों पर निशाना साधा है. निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के एक सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में यह टिप्पणी की है.
निशिकांत दुबे ने एक एक्स पोस्ट में कहा, ''नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) कांग्रेस और डीएमके ने मिलकर साल 2023 में पास किया था. इसके मुताबिक़ महिलाओं को जनसंख्या और साल 2026 की जनगणना के आधार पर 33% आरक्षण मिलेगा.''
निशिकांत दुबे ने आगे लिखा, "अब उदयनिधि स्टालिन, रेवंत रेड्डी को यह जवाब देना होगा कि जब लोकसभा सीटें जनसंख्या के अनुपात में कम होंगी तो क्या कांग्रेस इसके लिए ज़िम्मेदार होगी या नहीं."
फ्रांस ने कहा, 'यूरोपीय देशों के पास होर्मुज़ स्ट्रेट में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने की क्षमता'
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इमेज कैप्शन, फ्रांस और ब्रिटेन आज क़रीब 40 देशों की एक बैठक की मेजबानी करने वाले हैं (सांकेतिक तस्वीर)
फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वोत्खां ने कहा है कि बेल्जियम, नीदरलैंड और फ्रांस जैसे यूरोपीय देशों के पास बारूदी सुरंगों को हटाने की क्षमता है.
उन्होंने कहा है कि इससे होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है.
उन्होंने कहा, "होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह रक्षात्मक और गैरआक्रामक तरीके से जहाज़ों को एस्कॉर्ट करने और उनकी सुरक्षा करने की क्षमताएं मौजूद हैं, और इस पर आज पेरिस में चर्चा की जाएगी."
फ्रांस और ब्रिटेन आज लगभग 40 देशों की एक बैठक की मेजबानी करने वाले हैं.
इसका मक़सद यह ज़ाहिर करना है कि ये देश होर्मुज़ स्ट्रेट में शिपिंग की स्वतंत्रता को बहाल करने में भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं.
अमेरिका और इसराइल के हमलों के जवाब में ईरान ने प्रभावी रूप से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद कर दिया है. इसके बदले में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के ख़िलाफ़ नाकाबंदी शुरू कर दी है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ी हैं.
ईरान युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया भर की तेल और गैस सप्लाई का क़रीब 20 फ़ीसदी होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर गुज़रता रहा है.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसराइल और लेबनान से की ये अपील
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इमेज कैप्शन, इमैनुएल मैक्रों ने हिज़्बुल्लाह से हथियार छोड़ने की अपील की है (फ़ाइल फ़ोटो)
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने लेबनान में दस दिनों के संघर्षविराम का समर्थन किया है, लेकिन उन्होंने कुछ सावधानी बरतने की भी अपील की है.
मैक्रों ने कहा, "मैं इस बात पर भी अपनी चिंता ज़ाहिर करता हूँ कि सैन्य अभियानों के जारी रहने से यह संघर्षविराम पहले ही कमज़ोर पड़ सकता है."
"मैं लेबनान और इसराइल की सीमा के दोनों ओर रहने वाली आम जनता की सुरक्षा की अपील करता हूँ. हिज़्बुल्लाह को अपने हथियार छोड़ देने चाहिए. इसराइल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए और जंग रोक देना चाहिए."
आज यानी शुक्रवार को पेरिस में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टारमर और इमैनुएल मैक्रों लगभग 40 देशों की एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करेंगे.
इस बैठक का मक़सद होर्मुज़ होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के लिए एक बहुपक्षीय मिशन स्थापित करना है.
इसराइल-लेबनान युद्धविराम के बाद विस्थापितों की वापसी, लेकिन इसराइल ने इस जगह न जाने को कहा
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इमेज कैप्शन, इसराइल के साथ संघर्षविराम के बाद खुशी ज़ाहिर करते लेबनान के लोग
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसराइल और लेबनान के बीच हुए संघर्षविराम समझौते का स्वागत किया है.
गुटेरेस ने एक बयान में कहा, "मुझे उम्मीद है कि इससे संघर्ष के दीर्घकालिक समाधान की दिशा में बातचीत का रास्ता खुलेगा और इस क्षेत्र में स्थायी और व्यापक शांति की दिशा में चल रहे प्रयासों में मदद मिलेगी."
उन्होंने सभी पक्षों से संघर्ष-विराम का सम्मान करने और "अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने" का भी आग्रह किया.
इस बीच लेबनान में बीते छह हफ़्तों से इसराइल के साथ युद्ध की वजह से विस्थापित हुए लोग अपने घर वापस आ रहे हैं.
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इमेज कैप्शन, लेबनान में विस्थापित लोग शुक्रवार को अपनी ज़रूरत के सामान लेकर वापस लौटते दिख रहे हैं
संघर्षविराम के बाद लेबनान में कई लोगों ने जश्न भी मनाया है. लेकिन इसराइली सेना ने लेबनानी निवासियों को लिटानी नदी के दक्षिण में न जाने की चेतावनी दी है, क्योंकि उसकी सेना अभी भी उस क्षेत्र में तैनात है.
संयुक्त राष्ट्र के रिफ़्यूजी चीफ़ ने लेबनान में दस लाख लोगों के विस्थापित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ‘फौरन मदद’ की अपील की है.
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इमेज कैप्शन, गाड़ियों पर अपना सामान लोड करते हुए लोग
हिज़्बुल्लाह पर हमले के दौरान इसराइल ने लगातार लेबनान के लोगों से अपील की कि वो ख़ुद की सुरक्षा के लिए अपने ठिकानों को छोड़ दें.
इस तरह हमले के डर से बड़ी संख्या में लेबनान में इसराइल के पड़ोसी इलाक़ों में बसे लोगों ने अपने घर खाली कर दिए थे.
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लेबनान में इसराइल के हमलों से प्रभावित इलाक़ों में आम ज़िंदगी पटरी पर लौटती दिख रही है. हालाँकि यह संघर्षविराम कितना टिकाऊ होगा, इसे लेकर आशंका भी बनी हुई है.
लेबनानी सेना ने आरोप लगाया है कि संघर्षविराम की घोषणा के बाद भी कुछ गांवों में इसराइल ने हमले किए हैं. सेना ने इलाक़े में लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.
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इमेज कैप्शन, लेबनान में प्रभावित इलाक़ों में आम लोगों की ज़िंदगी पटरी पर लौटने के संकेत मिल रहे हैं
हरिवंश सिंह को निर्विरोध चुना गया राज्यसभा का उप सभापति, पीएम मोदी ने ये कहा
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इमेज कैप्शन, हरिवंश को राज्यसभा के लिए नामित किया गया था, इससे पहले वो जेडीयू के राज्यसभा सांसद थे (फ़ाइल फ़ोटो)
नॉमिनेटेड राज्यसभा सांसद हरिवंश सिंह को निर्विरोध राज्यसभा का उप सभापति चुन लिया गया है. हरिवंश के राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन चुने जाने के बाद पीएम मोदी ने उन्हें बधाई दी है.
उन्होंने कहा, "हरिवंश जी का सार्वजनिक जीवन केवल संसदीय कार्यों तक ही सीमित नहीं रहा है. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने जो उच्च मापदंड स्थापित किए हैं, उन्हें आज भी आदर्श के रूप में याद किया जाता है."
"हम सभी जानते हैं कि उनकी लेखनी में तीखापन है, लेकिन उनकी वाणी और व्यवहार में हमेशा सौम्यता और शालीनता झलकती है."
हरिवंश का पूरा नाम हरिवंश नारायण सिंह है लेकिन कहा जाता है कि जयप्रकाश नारायण से प्रेरित होकर उन्होंने उपनाम छोड़ दिया. वे अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं और पत्रकारिता में डिप्लोमा रखते हैं.
राजनीति की दुनिया में आने से पहले वे कई सालों तक पत्रकार रहे और उन्होंने धर्मयुग में एक उप-संपादक के रूप में शुरुआत की और रविवार और प्रभात खबर जैसे प्रकाशनों में काम किया.
हरिवंश ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के सलाहकार के रूप में कुछ समय के लिए काम किया था लेकिन उस सरकार के गिरने के बाद पत्रकारिता में वापस चले गए थे.
साल 2014 में हरिवंश को पहली बार जेडीयू की ओर से राज्यसभा के लिए चुना गया और 2018 में वे राज्यसभा के उप सभापति चुने गए.
साल 2022 में नीतीश कुमार की जेडीयू के एनडीए से अलग होने के बाद भी हरिवंश राज्यसभा के उप सभापति के पद पर बने रहे.