लाइव, एलन मस्क ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगाने की बात मानी, सेवा बहाल

यूक्रेन का कहना है कि इस समस्या के कारण उसे एक सप्ताह से अधिक समय तक अपनी रक्षात्मक सैन्य गतिविधियां संचालित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

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  • ये घटना बहराइच ज़िले की है
  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
  • afghan family
  • रणबीर कपूर ने अपने वायरल बयान पर मांगी माफ़ी
  • आसमान से निकलते झरने जैसा नज़ारा
  • फ़्रांस हिंसा: आगजनी के बीच ड्रिंक इंजॉय करता दिखा कपल
  • भारत में हो रहे आंदलनों पर बोले मोहन भागवत
  • दशहरे पर दिल्ली में जलेगा कॉकरोच का पुतला

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. एलन मस्क ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगाने की बात मानी, सेवा बहाल

    एलन मस्क
    इमेज कैप्शन, टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क (फ़ाइल फ़ोटो)

    टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने बताया कि उनकी कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट सेवा के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाए थे.

    मस्क ने यूक्रेन पर स्टारलिंक की सेवा शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

    उनका कहना है कि यूक्रेन इस सेवा का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए कर रहा था. हालांकि, उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अमेरिका के सैन्य-ग्रेड नेटवर्क "स्टारशील्ड" में आई समस्या के लिए वे ज़िम्मेदार थे.

    मस्क के ताज़ा दावों पर यूक्रेन की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है. हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्तनोव ने मस्क की पोस्ट को "बहुत अजीब" बताया है.

    इससे पहले मस्क ने यह आरोप खारिज किया था कि उन्होंने जानबूझकर यूक्रेन के इंटरनेट कनेक्शन की स्पीड कम की थी.

    यूक्रेन का कहना है कि इस समस्या के कारण उसे एक सप्ताह से अधिक समय तक अपनी रक्षात्मक सैन्य गतिविधियां संचालित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

    स्टारलिंक और स्टारशील्ड इंटरनेट सेवा की स्पीड सही होने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने एक्स पर पोस्ट कर अमेरिका का शुक्रिया कहा.

    उन्होंने कहा, "यह हमारे फ्रंटलाइन पर तैनात लॉजिस्टिक्स सिस्टम के लिए बेहद अहम है. साथ ही, जेट इंजन से संचालित 'शाहेद' ड्रोन हमलों के ख़िलाफ़ यूक्रेन की रक्षा के लिए भी यह आवश्यक है."

    यह विवाद पिछले सप्ताह उस समय सामने आया था, जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच रूसी ऑयल इंफ़्रास्ट्रक्चर पर यूक्रेनी हमलों को लेकर तनाव बढ़ गया था.

  2. फ़्रांस में महंगाई और खराब स्कूल व्यवस्था के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

    बोर्दो
    इमेज कैप्शन, फ़्रांस के बोर्दो में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प

    फ़्रांस में शनिवार को एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए. अधिकारियों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में लाखों लोगों ने हिस्सा लिया और करीब एक हज़ार लोगों को गिरफ़्तार किया गया.

    शनिवार देर रात कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं.

    हालांकि, अधिकारियों ने अब तक पिछले सप्ताह के आख़िर में हुई हिंसा और लूटपाट जैसी घटनाओं को रोकने में कामयाबी हासिल की है.

    पिछले सप्ताह हुई हिंसा को फ़्रांस के आधुनिक इतिहास में अशांति की सबसे गंभीर घटनाओं में से एक माना गया था.

    फ़्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक़, शनिवार को करीब 4 लाख 10 हज़ार लोगों ने प्रदर्शन किया. वहीं, ट्रेड यूनियनों ने प्रदर्शनकारियों की संख्या करीब 8 लाख बताई है.

    प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 70 हज़ार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.

    कई शहरों में पाबंदियां भी लगाई गईं. इन कदमों का मक़सद महंगाई और स्कूलों की खराब स्थिति के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों को हिंसक होने से रोकना था.

    पिछले सप्ताह हुई हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों की संख्या प्रदर्शनकारियों के मुकाबले कम पड़ गई थी. उस दौरान सैकड़ों दुकानों में लूटपाट हुई और कई इमारतों में आग लगा दी गई थी.

    फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसी सप्ताह आदेश दिया था कि केवल मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों की ओर से आयोजित प्रदर्शनों की अनुमति दी जाएगी.

    वहीं, तेज़ सुनवाई के बाद तोड़फोड़, आगज़नी और लूटपाट के मामलों में सैकड़ों लोगों को जेल भेजा जा चुका है.

  3. ईरान पर फिर से हमले की आशंका के बीच डोनाल्ड ट्रंप ये बोले

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप
    इमेज कैप्शन, फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में मिडटर्म चुनाव के लिए अर्ली वोट डालने पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा, "हो सकता है कि मुझे काम पूरा करना पड़े, या हो सकता है कि वे कोई समझौता कर लें." हालांकि उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अभी यह तय नहीं है कि आगे क्या होगा.

    ट्रंप ने यह साफ़ नहीं किया कि 'काम पूरा करने' से उनका मतलब ईरान पर फिर से हमला करने से है या नहीं.

    ट्रंप ने 24 अक्तूबर, शनिवार को फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में मिडटर्म चुनाव के लिए अर्ली वोट डालने के बाद पत्रकारों से बात की थी. वह फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के साथ वोट डालने पहुंचे थे.

    वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान के साथ युद्ध की कड़ी आलोचना की.

    उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन ने कूटनीति के ज़रिए ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने में कामयाबी पाई थी और इसके लिए "एक भी मिसाइल दागने की ज़रूरत नहीं पड़ी."

    ओबामा ने अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत, ऊर्जा की बढ़ती क़ीमतों और होर्मुज़ स्ट्रेट से तेल की आवाजाही बाधित करने की ईरान की क्षमता का भी ज़िक्र किया.

  4. छह महीने में 23 दोषियों को मौत की सज़ा सुनाने वाले जज का हुआ ट्रांसफर

    रवि कुमार दिवाकर
    इमेज कैप्शन, रवि कुमार दिवाकर (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में छह महीने के भीतर 23 दोषियों को मौत की सज़ा सुनाने वाले एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन्स जज रवि कुमार दिवाकर का तबादला हो गया है.

    रवि कुमार दिवाकर का ट्रांसफ़र फ़ैमिली कोर्ट में कर दिया गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें मुज़फ़्फ़रनगर फ़ैमिली कोर्ट का एडिशनल प्रिंसिपल जज नियुक्त किया गया है.

    रवि दिवाकर ने इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच 11 मामलों में 23 दोषियों को मौत की सज़ा सुनाई थी.

    पिछले दिनों नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (एनडीपीएस) मामलों में पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर भी जज रवि दिवाकर ने कई आईपीएस अधिकारियों के ख़िलाफ़ आदेश पारित किए थे.

    उनके फ़ैसलों और न्यायिक कार्यवाही को लेकर भी चर्चाएं होती रही हैं.

    अब नई नियुक्ति के बाद रवि दिवाकर परिवार न्यायालय में वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे.

  5. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल दोपहर दो बजे से रात दस बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित प्रमुख ख़बरों को यहां पढ़ सकते हैं-

  6. नमो घाट पर भारतीय वायुसेना का एयर शो देख रहे पीएम मोदी, कांग्रेस ने क्या कहा?

    नरेंद्र मोदी
    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी इस कार्यक्रम में शामिल हैं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायुसेना का भव्य एयर शो देखने पहुंचे.

    भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित इस एयर शो का नाम 'विंग्स ओवर गंगा' रखा गया है.

    नमो घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी इस कार्यक्रम में शामिल हैं.

    विमान
    इमेज कैप्शन, भारतीय वायुसेन के इस आयोजन के दौरान 100 विमानों का प्रदर्शन हो रहा है

    इस तीन दिवसीय मेगा शो के आख़िरी दिन (ग्रैंड फिनाले) में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, जगुआर, मिराज-2000 और मिग-29 जैसे 52 आधुनिक लड़ाकू विमान कलाबाज़ियां दिखा रहे हैं.

    भारतीय वायुसेन के इस आयोजन में करीब 100 विमान शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक, इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक हेरिटेज विमान शामिल है.

    पीएम मोदी के एयर शो में शामिल होने पर कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा, "रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जो ख़ुद काशी क्षेत्र से आते हैं, उनका नाम कहीं भी निमंत्रण कार्डों पर नहीं है. ऐसा लगता है कि उन्हें किनारे कर दिया गया है; हो सकता है कि वे बस आएं, प्रधानमंत्री मोदी के साथ फ़ोटो खिंचवाएं और चले जाएं."

    उन्होंने कहा, "बनारस में रोज़गार लाएं. एक 'रोज़गार मेला' आयोजित करें ताकि लोगों को काम मिल सके. आखिर युवा कहां रोज़गार ढूंढें?"

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पीएम मोदी ने वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन भी किया है.

    एयर शो
    एयर शो
    एयर शो
  7. ईरान के परमाणु हथियार को लेकर ओबामा और ट्रंप के बीच नोक झोंक

    डोनाल्ड ट्रंप
    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने ओबामा को 'नाक़ाबिल' राष्ट्रपति करार देते हुए उनकी नीतियों की आलोचना की (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर आरोप लगाया है कि उनके कार्यकाल में ईरान को अरबों डॉलर दिए गए और उसे परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिला.

    ट्रंप ने ओबामा को 'नाक़ाबिल' राष्ट्रपति करार देते हुए उनकी नीतियों की आलोचना की.

    दरअसल, इससे पहले शनिवार को चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए बराक ओबामा ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों की आलोचना की थी. उन्होंने ईरान के साथ युद्ध समेत कई मुद्दों पर प्रशासन को घेरा.

    ओबामा ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में ईरान के साथ हुआ परमाणु समझौता उसको परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने में कारगर था.

    उन्होंने कहा कि इस समझौते के ज़रिए बिना मिसाइल दागे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाया गया था.

    इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "ओबामा बहुत ही नाक़ाबिल राष्ट्रपति थे! उन्होंने ईरान को अरबों डॉलर दिए और उसे परमाणु हथियार बनाने का रास्ता दिया."

    ट्रंप ने लिखा, "उन्होंने (ओबामा) हिलेरी क्लिंटन के लिए खूब प्रचार किया, लेकिन वह हर तरह से हार गईं. इसके बाद उन्होंने कमला के लिए भी पूरा ज़ोर लगाकर प्रचार किया और वह भी हार गईं."

    गौरतलब है कि अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के चलते रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों पार्टियों अपने-अपने उम्मीदवारों का प्रचार कर रही हैं. इसी दौरान ये बयानबाज़ी सामने आई है.

  8. मणिपुर में बढ़ी हिंसा के बीच पीएम मोदी से मिले सीएम खेमचंद्र ने बताया, शांति के लिए क्या करेंगे, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    युमनाम खेमचंद सिंह
    इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस समिति में राज्य के सभी 36 समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा

    मणिपुर में बढ़ती हिंसा के बीच मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने प्रदेश में स्थायी शांति कायम करने के उद्देश्य से एक राज्यव्यापी समिति (कमेटी) गठित करने का प्रस्ताव रखा है.

    उन्होंने कहा कि इस समिति में राज्य के सभी 36 समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा. इनमें आधिकारिक तौर पर 33 अनुसूचित जनजातियां भी शामिल हैं.

    खेमचंद सिंह ने शनिवार को इंफाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक में ऐसी शांति समिति की आवश्यकता पर चर्चा हुई थी.

    दरअसल, प्रदेश के मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने इसी महीने 10 अक्तूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी.

    संयोग से उसी दिन मणिपुर में सबसे अधिक हिंसा भी दर्ज की गई थी. कामजोंग, कांगपोकपी और उखरुल जिलों में 12 घंटे के भीतर हुई हिंसक घटनाओं में 9 लोगों की जान गई थी.

    3 मई 2023 से मैतेई समुदाय और कुकी जनजाति के बीच जारी हिंसा में इस वर्ष कुछ कमी देखने को मिली थी. हालांकि, फ़रवरी में उखरुल जिले में कुकी और नगा समुदाय के कुछ युवकों के बीच कहासुनी के बाद हालात फिर बिगड़ गए.

    करीब आठ महीने पहले शुरू हुए नगा-कुकी संघर्ष में अब तक कम से कम 22 नगा और 31 कुकी लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में मैतेई, कुकी और नगा समुदायों के बीच त्रिकोणीय तनाव ने राज्य सरकार की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है.

  9. सऊदी अरब ने दो हफ़्ते बाद खोला ख़ालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हूती विद्रोहियों ने दी ये चेतावनी

    किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
    इमेज कैप्शन, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने चेतावनी दी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    सऊदी अरब की राजधानी रियाद में धमाकों की आवाज़ सुनाई दी हैं. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब सऊदी अधिकारियों ने राजधानी के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रविवार से उड़ानें दोबारा शुरू करने का एलान किया था.

    दरअसल, हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बाद किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दो सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया था. दुनिया भर में विमानों की आवाज़ाही पर नज़र रखने वाली वेबसाइट फ़्लाइटरडार ने भी रविवार तड़के एक विमान के उड़ान भरने की जानकारी दी है.

    हालांकि, राजधानी रियाद में हुए ताज़ा धमाके की वजह को लेकर सऊदी अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

    इस बीच, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने चेतावनी दी है कि हवाई अड्डा अब भी 'असुरक्षित' है और उनके संगठन के लिए एक 'सैन्य निशाना' बना हुआ है.

    उन्होंने कहा, "एयरपोर्ट को दोबारा खोलने के फ़ैसले के परिणामों के लिए सऊदी अरब ज़िम्मेदार होगा."

    गौरतलब है कि युद्धविराम टूटने के बाद से हूती विद्रोहियों ने कई चरणों में हवाई अड्डे को निशाना बनाया है. इसी महीने की शुरुआत में हुए एक हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए थे.

    इसे एक दशक में सऊदी अरब में हुआ सबसे घातक हमला बताया गया है.

  10. अनंत सिंह ने जेडीयू से निकाले जाने के बाद नई पार्टी बनाने के सवाल पर ये कहा

    अनंत सिंह
    इमेज कैप्शन, अनंत सिंह ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि जेडीयू को अगले चुनाव में 10 सीटें जीतना भी मुश्किल होगा (फ़ाइल फ़ोटो)

    बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) से निष्कासित होने पर कहा है कि वो अपनी अलग पार्टी बनाएंगे.

    अनंत सिंह ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि जेडीयू को अगले चुनाव में 10 सीटें जीतना भी मुश्किल होगा.

    उन्होंने कहा, "जनता मालिक है. जो कार्रवाई हुई है, अच्छी हुई है. मुझे कोई दिक्कत नहीं है. पार्टी नीतीश कुमार की थी, वे नहीं हैं तो पार्टी में कौन है?"

    "अब नीतीश कुमार नहीं हैं तो पार्टी खत्म हो गई. इनको 10 सीट आने में भी आफ़त होगी. जो पार्टी के मालिक बने हुए हैं, उन्होंने ही मुझ पर ये कार्रवाई की है. मैं अपनी पार्टी बनाऊंगा."

    "मैं पार्टी के पास टिकट मांगने नहीं गया था, पार्टी ने बुलाकर मुझे टिकट दिया. जेडीयू का भविष्य ख़त्म है."

    अनंत सिंह ने कहा, "मेरी नीतीश कुमार से कोई दूरी नहीं है. वे बीमार रहते हैं. कभी जाकर उनसे मुलाक़ात भी करूंगा. जो जैसा करेगा, जनता उसको जवाब देगी."

    गौरतलब है कि अनंत सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए शनिवार को छह साल के लिए जेडीयू से निकाल दिया गया.

  11. राहुल गांधी ने बीजेपी का धन्यवाद करते हुए कहा- बस सात दिन यही जोश बनाए रखें

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, एक नवंबर को दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं को लेकर इंडिया गठबंधन के दलों की महारैली है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक नवंबर को प्रस्तावित रैली में शामिल होने की अपील की है.

    दरअसल, एक नवंबर को दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं को लेकर इंडिया गठबंधन के दलों की महारैली है.

    इसको लेकर राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हमारा वोट चुराया जा रहा है और ये हम किसी हाल में चुपचाप नहीं सहेंगे. मतदाता सूचियों से नाम काटे गए. नियम-क़ानून तोड़े गए. और सवाल पूछने वालों पर लाठियां चलीं."

    "छात्र, किसान, मज़दूर, महिलाएं, नौजवान और व्यापारी - जिस-जिस को लोकतंत्र की फ़िक्र है, वो एक नवंबर की रैली में ज़रूर आएं. वोट आपका है. लड़ाई भी आपकी है."

    राहुल ने लिखा, "बीजेपी और उसके साथियों का दिल से धन्यवाद, जो इस कार्यक्रम का इतना ज़ोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं और इसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचा रहे हैं. बस अगले सात दिन भी यही जोश और लगन बनाए रखिए!"

    दूसरी ओर, चैंबर ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने राहुल गांधी से 10 नवंबर के बाद इस रैली को आयोजित करने की अपील की है.

    व्यापार संगठन ने आशंका जताई है कि रैली के चलते दिवाली के व्यस्त खरीदारी सीज़न में दिल्ली के कारोबार को हज़ारों करोड़ रुपये का नुक़सान हो सकता है.

  12. सऊदी अरब की राजधानी रियाद में सुनाई दी धमाकों की आवाज़

    सऊदी अरब की राजधानी रियाद
    इमेज कैप्शन, धमाकों से पहले शहर के लोगों को हवाई ख़तरे को लेकर अलर्ट मैसेज भेजे गए थे (फ़ाइल फ़ोटो: रियाद)

    सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रविवार की सुबह तीन धमाकों की आवाज़ सुनी गई.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, धमाकों से पहले शहर के लोगों को हवाई ख़तरे को लेकर अलर्ट मैसेज भेजे गए थे. इन संदेशों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई थी.

    इस बीच, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया कि उसके एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने हूती विद्रोहियों की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया.

    हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रियाद में सुने गए धमाकों का संबंध मिसाइल को गिराए जाने से था या नहीं. घटना में किसी तरह के नुकसान या हताहतों की भी फ़िलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

    यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब यमन के हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल ठिकानों पर हमले तेज़ कर दिए हैं. हूती विद्रोहियों ने इन हमलों को जारी रखने की चेतावनी भी दी है.

  13. चीन से लौटने के बाद नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने क्या कहा

    किम जोंग उन
    इमेज कैप्शन, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग ने चीन के लोगों का आभार जताया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन चीन का दौरा पूरा करने के बाद अपने देश लौट आए हैं. उन्होंने डांडोंग में कोरियाई युद्ध स्मारक का दौरा किया और चीन-कोरिया को जोड़ने वाले नवनिर्मित पुल का उद्घाटन किया.

    उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक़, किम जोंग ने लौटकर कहा कि उनका देश कोरियाई युद्ध के दौरान चीनी लोगों के साथ मिलकर लड़े गए गौरवशाली वर्षों को हमेशा याद रखेगा.

    उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान उत्तर कोरिया की मदद करने वाले चीनी लोगों के प्रति आभार की भावना आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचनी चाहिए.

    दोनों देशों को जोड़ने वाले नए पुल का उद्घाटन कई वर्षों की देरी के बाद हुआ है. इसे चीन और उत्तर कोरिया के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. चीन, उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है.

    इससे पहले सितंबर 2025 में किम जोंग उन ने बीजिंग में आयोजित सैन्य परेड में हिस्सा लिया था. वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इसी साल जून में उत्तर कोरिया का दौरा किया था.

  14. इसराइल में चुनाव से ठीक पहले नेतन्याहू सरकार के ख़िलाफ़ हज़ारों लोग सड़क पर क्यों उतरे

    बिन्यामिन नेतन्याहू
    इमेज कैप्शन, नेतन्याहू की सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन का आयोजन ‘अक्तूबर काउंसिल’ नामक समूह ने किया

    इसराइल में संसदीय चुनाव से तीन दिन पहले यानी 24 अक्तूबर को हज़ारों लोगों ने राजधानी तेल अवीव में प्रदर्शन किया.

    प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की सरकार से सात अक्तूबर 2023 को हुए हमास हमले से जुड़ी सुरक्षा चूक की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, इस प्रदर्शन में इसराइल के चार प्रमुख विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए. इनमें पूर्व सेना प्रमुख और नेतन्याहू के प्रमुख चुनावी प्रतिद्वंद्वी गादी आइज़ेनकोट भी मौजूद रहे.

    प्रदर्शन का आयोजन ‘अक्तूबर काउंसिल’ नामक समूह ने किया था. इस समूह में 7 अक्तूबर 2023 को हुए हमास हमले में मारे गए लोगों और बंधक बनाए गए लोगों के परिजन शामिल हैं.

    इस्राइल
    इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की सरकार से सात अक्तूबर 2023 को हुए हमास हमले से जुड़ी सुरक्षा चूक की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की

    समूह की मांग है कि हमले से पहले हुई सुरक्षा चूक की जांच के लिए एक स्वतंत्र सरकारी आयोग का गठन किया जाए. साथ ही, इन सुरक्षा चूकों के लिए ज़िम्मेदार इसराइली अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए.

    दूसरी ओर, नेतन्याहू सरकार ने 7 अक्तूबर के हमले से जुड़ी सुरक्षा चूकों की जांच के लिए स्वतंत्र सरकारी आयोग गठित करने की मांग का विरोध किया है.

    इसके बजाय, सरकार ने ऐसे आयोग का प्रस्ताव रखा है, जिसके आधे सदस्यों की नियुक्ति सत्तारूढ़ गठबंधन और बाक़ी आधे सदस्यों की नियुक्ति विपक्षी प्रतिनिधियों की ओर से की जाए.

    गौरतलब है कि इसराइल में संसदीय चुनाव 27 अक्तूबर को होंगे. ताज़ा जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़, चुनाव में नेतन्याहू समर्थक खेमे और विपक्षी दलों के बीच कड़ा मुक़ाबला होने के संकेत हैं.

  15. दलेर मेहंदी से जुड़े विवाद और माफ़ी के सवाल पर क्या बोले उत्तराखंड के मंत्री

    दलेर मेहंदी और सुबोध उनियाल
    इमेज कैप्शन, उत्तराखंड सरकार में मंत्री सुबोध उनियाल ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दलेर मेहंदी बड़े कलाकार हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    दलेर मेहंदी विवाद में उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की प्रतिक्रिया सामने आई है.

    सुबोध उनियाल ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "अगर दलेर मेहंदी बड़े कलाकार न होते तो उनको बुलाया क्यों जाता और 36 लाख रुपये क्यों दिए जाते."

    उन्होंने कहा, "मैं भी मानता हूं कि वो बड़े कलाकार हैं, लेकिन दो बातें हैं, वो प्रोग्राम के लिए मना भी कर सकते थे और मंच से जनता को या मुझे भी तबीयत के बारे में बता सकते थे. ये किसी के चेहरे पर तो लिखा नहीं रहता कि स्वास्थ्य ख़राब है."

    जब सुबोध उनियाल से पूछा गया कि रैपर मीका सिंह माफ़ी की मांग कर रहे हैं, आप माफ़ी मांगेंगे? इसके जवाब में उनियाल ने इतना कहा, "देखिए... ठीक है."

    गौरतलब है कि उत्तराखंड के नई टिहरी में आयोजित सिद्धिपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान मशहूर गायक दलेर मेहंदी की परफ़ॉर्मेंस के समय उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने उन पर शराब पीकर गाने और लिप्सिंग करने का आरोप लगाया था.

    इसके बाद दलेर मेहंदी के भाई रैपर मीका सिंह ने सुबोध उनियाल से माफ़ी की मांग की और दावा किया कि दलेर शराब नहीं पीते हैं.

  16. आंध्र प्रदेश-ओडिशा की ओर तूफ़ान ‘अर्नब’ के आने का ख़तरा, भारी बारिश का अलर्ट

    ओडिशा तूफान
    इमेज कैप्शन, संभावित ख़तरे को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और समय रहते ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं (फ़ाईल फ़ोटो)

    बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित ख़तरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं.

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 अक्तूबर की सुबह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफ़ान बन सकता है, जो 28 अक्तूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश तट के पास पहुंचने का अनुमान है.

    संभावित ख़तरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने भी सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और समय रहते ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

    सरकार ने इस दौरान जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए ‘ज़ीरो कैज़ुअल्टी’ का लक्ष्य निर्धारित किया है.

    मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा, “हमने चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव और उससे निपटने के उपायों को लेकर समीक्षा बैठक की है. मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्तूबर की दोपहर उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के बीच कहीं चक्रवात के तट से टकराने की आशंका है. इसके कारण दोनों राज्यों के विभिन्न ज़िलों में भारी बारिश हो सकती है."

    "सभी विभागों को उनकी ज़िम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और उन्हें पहले से पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. राज्य सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. हमारा प्राथमिक लक्ष्य हमेशा की तरह शून्य जनहानि सुनिश्चित करना है.”

    मौसम विभाग ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में अर्नब तूफ़ान के कारण भारी बारिश की आशंका जताई है.

    इस बीच, तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून एक्टिव बना हुआ है. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश स्थानों के साथ-साथ पुदुचेरी और कराईकल में भी हल्की बारिश दर्ज की गई.

  17. सऊदी अरब की ईस्ट वेस्ट पाइप लाइन पर हूती विद्रोहियों ने हमले का दावा किया

    हूती विद्रोही
    इमेज कैप्शन, हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने अपने ताज़ा बयान में कहा कि समूह ने सऊदी अरब के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है (फ़ाइल फ़ोटो: हूती विद्रोही)

    यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन और हवाई अड्डों को निशाना बनाने का दावा किया है.

    हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने अपने ताज़ा बयान में कहा कि समूह ने सऊदी अरब के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है.

    इनमें यानबू स्थित सऊदी अरामको फ़ैसिलिटी, राबिग तेल रिफ़ाइनरी और रियाद का किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल हैं.

    हूती प्रवक्ता के मुताबिक़, दम्माम स्थित किंग फ़हद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नज़रान हवाई अड्डे और ख़मिस मुशैत के एक एयरबेस को भी निशाना बनाया गया है.

    हालांकि, सऊदी अरब की ओर से हूती विद्रोहियों के इन हमलों के दावों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

    इस बीच, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गईं और बीच में ही रोक दी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों का मलबा मक्का के वादी अल-मुगमास इलाक़े में गिरा है.

    मंत्रालय के अनुसार, इन मिसाइलों के टुकड़े जेद्दा, ताइफ़ और राबिग में भी मिले हैं.