कार्टून: ऐसा भी होता है!

ममता बनर्जी से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई करने से पहले कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश गौरांग कांत ने अपने भाई के बीजेपी से संबंध की जानकारी साझा की.
रौनक भैड़ा, शिवांगी जायसवाल


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ममता बनर्जी से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई करने से पहले कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश गौरांग कांत ने अपने भाई के बीजेपी से संबंध की जानकारी साझा की. कोर्ट ने ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट के चुनावी रिज़ल्ट को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार कर लिया है.
कानूनी मामलों पर रिपोर्ट करने वाली समाचार वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक़, न्यायाधीश गौरांग कांत ने कहा, “मेरे बड़े भाई भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं. इस मामले से जुड़ी इस याचिका में इससे कुछ चिंता हो सकती है. इसलिए मैं पूरी जानकारी देने के बाद ही इस पर सुनवाई करूँगा, ताकि बाद में आपको कोई दिक्कत न हो.”
इस जानकारी के साथ जज ने दोनों पक्षों से आपत्ति के बारे में पूछा.
तब ममता बनर्जी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि उन्हें जस्टिस कांत द्वारा मामले की सुनवाई किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायाधीश पर पूरा भरोसा है.
यह मामला पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका से जुड़ा है. जिसमें उन्होंने भावनीपुर सीट के नतीजों को चुनौती दी है. इस सीट से शुभेंदु अधिकारी की जीत हुई थी.
मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश दिया है. जिसके तहत पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट में हुई वोटिंग के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा गया है. इसमें सीसीटीवी फुटेज, ईवीएम और वीवीपैट भी शामिल हैं.
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस गौरांग कांत ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया से जुड़े किसी भी रिकॉर्ड को नष्ट या बदला नहीं जाएगा. इसके लिए अदालत की अनुमति ज़रूरी होगी.
इस मामले की अगली सुनवाई अब दो महीने बाद होगी.

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डेटॉल कंपनी को अपने एक विज्ञापन के चलते चीन में आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. कंपनी ने माफ़ी मांगते हुए उस विवादास्पद विज्ञापन को वापस ले लिया है.
ब्रिटिश कंपनी डेटॉल ऐसे उत्पादों का एक ब्रांड है, जो कीटाणुनाशक और एंटीसेप्टिक के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं. कंपनी ने सोमवार को इसको लेकर एक बयान जारी किया.
डेटॉल का कहना है कि "यह विज्ञापन सेक्सिज़्म (लिंग आधारित भेदभाव) को उजागर करने के मक़सद से बनाया गया था. लेकिन इसका उल्टा असर हुआ."
दरअसल इस कंपनी ने क़रीब पांच मिनट लंबा विज्ञापन बनाया, इसमें एक पुरुष अपने लिए पार्टनर की तलाश करता दिखाया गया है जो “दूसरे मर्दों से प्रभावित न हो.”
इस विज्ञापन के अंत में कहानी में मोड़ आता है, जब उस पुरुष की नई साथी उसके स्त्री-विरोधी रवैये के चलते रिश्ता तोड़ लेती है.
इसके बाद विज्ञापन में डेटॉल को “ज़हरीले पुरुषों” के ख़िलाफ़ एक प्रतीकात्मक समाधान के रूप में दिखाया गया है.
चीन के सोशल मीडिया पर कुछ यूज़रों ने इस विज्ञापन को लेकर कहा कि यह महिलाओं को कमोडिटी (वस्तु) की तरह दर्शाता है. साथ ही कुछ ने इस ब्रांड के बहिष्कार की मांग की.
विवाद बढ़ने के बाद डेटॉल ने सफ़ाई में कहा कि इस विज्ञापन के कुछ हिस्से वायरल हुए जिससे इसके मूल संदेश को ग़लत तरीके से लिया गया.
कंपनी ने विशेष रूप से महिलाओं से माफ़ी मांगी.
ग़ौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब डेटॉल किसी विवाद में आई हो. पिछले साल भी इसे एक विज्ञापन को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा था.
उस विज्ञापन में कहा गया था कि “शादी से पहले लड़की को वापस भेज दिया गया क्योंकि वह 'साफ़' (वर्जिन) नहीं थी.”

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अमेरिका-ईरान के बीच हुए समझौते (एमओयू) को लेकर भारत ने प्रतिक्रिया दी है. भारत ने इसे आशावान बताया है. ब्रिक्स की बैठक में कहा गया कि होर्मुज़ का खुलना एक सकारात्मक क़दम है.
मध्य पूर्व को लेकर हुए हालिया घटनाक्रमों के बीच नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों की एक अहम बैठक आयोजित हुई. दो दिन के आयोजन में दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी.
ब्रिक्स समूह देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक की मेज़बानी करते हुए भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने प्रतिक्रिया दी.
पीटीआई के मुताबिक़ डोभाल ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का भारत स्वागत करता है. हम सावधानी भरे आशावाद के साथ आगे बढ़ रहे हैं. हमें उम्मीद है कि यह कामयाब रहेगा. इससे ऊर्जा सुरक्षा को मदद मिलेगी,”
उन्होंने कहा कि "होर्मुज़ स्ट्रेट का खुलना एक बहुत सकारात्मक क़दम है. इससे सप्लाई चेन की रुकावटें दूर होंगी. उर्वरक और रसायन जैसे क्षेत्रों में कमी की समस्या भी कम होगी.”
डोभाल ने दुनिया के अलग‑अलग हिस्सों में बढ़ते भू‑राजनीतिक तनाव और उसके अलग-अलग देशों पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा की.
डोभाल ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के रक्षा मामलों के उप सचिव ग़दीर नेज़ामीपूर से मुलाक़ात की. उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी बात की.
ब्राज़ील के बहुपक्षीय और राजनीतिक मामलों के सचिव कार्लोस कोज़ेंदे भी इस बैठक में शामिल हुए. इनके अलावा कई अन्य प्रतिनिधि भी नई दिल्ली पहुँचे हैं.
अभी भारत ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता कर रहा है. ब्रिक्स को पहले ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका के समूह के तौर पर जाना जाता था.
मगर साल 2024 में इसका विस्तार हुआ. इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए. इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें जुड़ा.

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आयरलैंड और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाली आगामी टी-20 सिरीज़ में युवा खिलाड़ी सूर्यांश शेडगे को भारतीय टीम में शामिल किया गया है.
23 साल के सूर्यांश शेडगे एक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ और पार्ट-टाइम गेंदबाज़ हैं.
वो घरेलू क्रिकेट में मुंबई का प्रतिनिधित्व करते हैं. आईपीएल-2026 में वो पंजाब किंग्स इलेवन की ओर से खेले थे.
बीसीसीआई ने इस बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी के चोटिल हो जाने के चलते यह बदलाव किया गया है.
इस तरह हरफ़नमौला खिलाड़ी नीतीश कुमार रेड्डी दोनों टी-20 सिरीज़ नहीं खेल सकेंगे.
पीटीआई के मुताबिक़, अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ हुई एकदिवसीय मैच सिरीज़ के दौरान उनकी बाईं जांघ की मांसपेशी में चोट लगी थी.
टीम इंडिया को आयरलैंड के ख़िलाफ़ आगामी 26 और 28 जून को दो मैचों की टी-20 सिरीज़ खेलनी है जबकि इंग्लैंड के साथ भारतीय टीम को टी-20 फॉर्मेट के पांच मैचों की सिरीज़ एक जुलाई से 11 जुलाई के बीच खेलना तय है.
बीसीसीआई के मुताबिक़, इंग्लैंड के साथ भारत की दो मैचों की एक दिवसीय सीरीज़ भी होनी है. इसके मैच 16 और 19 जुलाई को खेले जाएंगे.

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अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि ईरान परमाणु निरीक्षकों (न्यूक्लियर इंस्पेक्टर्स) को फिर से अपने देश में आने देगा. लेकिन ईरान ने जेडी वेंस के इस दावे को ख़ारिज किया है.
दरअसल, जेडी वेंस ने स्विट्ज़रलैंड में ईरान से हुई बातचीत के बाद यह दावा किया था. लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने सरकारी मीडिया को बताया कि अमेरिका से न्यूक्लियर इंस्पेक्टर्स पर कोई नया वादा नहीं किया गया है.
दरअसल, परमाणु निरीक्षक वे विशेषज्ञ होते हैं जो किसी देश की परमाणु गतिविधियों की जांच करते हैं. ये सुनिश्चित करते हैं कि परमाणु सामग्री और तकनीक का इस्तेमाल केवल शांति और ऊर्जा उत्पादन जैसे शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए हो रहा है, न कि हथियार बनाने के लिए.
स्विट्ज़रलैंड में हुई इस बैठक के बाद मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने कहा है कि कुछ मुद्दों पर काम पूरा करने के लिए 30 दिन दिए गए हैं, जबकि बड़ा समझौता 60 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है.
नमस्कार!
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लखनऊ सुपरजायंट्स (एलएसजी) के पूर्व कप्तान ऋषभ पंत अब दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) में वापस लौटेंगे. वहीं कुलदीप यादव एलएसजी से जुड़ेंगे.
ऋषभ पंत उस टीम में वापसी कर रहे हैं, जहां उन्होंने 2016 से 2024 तक नौ सीज़न खेले. उन्होंने डीसी के लिए 111 मैच खेले, जो किसी भी खिलाड़ी से सबसे ज़्यादा है. लगभग दस साल तक वह टीम का चेहरा रहे और 2021 से 2024 तक चार सीज़न में 43 मैचों में कप्तानी भी की.
2025 की नीलामी में पंत को एलएसजी ने 27 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बोली लगाकर खरीदा था. यह आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी. अब वह दिल्ली कैपिटल्स में 15 करोड़ रुपये की नई फ़ीस पर लौटेंगे.
दूसरी ओर, कुलदीप ने दिल्ली कैपिटल्स के साथ पाँच सीज़न खेले. 2022 से टीम में आने के बाद उन्होंने 65 मैचों में 72 विकेट लिए और टूर्नामेंट के सबसे असरदार गेंदबाज़ों में जगह बनाई. अब एलएसजी में उनकी एंट्री हो गई, उनकी फ़ीस 13.50 करोड़ रुपए रहेगी.

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अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही एसआईटी की तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार को अपर मुख्य सचिव (गृह और मुख्यमंत्री) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है.
हालांकि, पूरी जांच और अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में अभी सात दिन और लगेंगे.
एसआईटी की टीम को लखनऊ के डिविज़नल कमिश्नर विजय विश्वास पंत हेड कर रहे थे. उनके अलावा इसमें लखनऊ रेंज आईजी किरण एस और 2008 बैच के आईपीएस ऑफ़िसर नीलरतन कुमार भी शामिल हैं.
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है. एसआईटी की जारी जांच के बीच भी हर दिन नए दावे और आरोप सामने आ रहे हैं.
दरअसल, यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब बीती 7 जून को समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े करोड़ों रुपये ग़ायब होने का आरोप लगाया था.
मामला तूल पकड़ता देख उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में चंदा विवाद की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया.
राज्य सरकार के मुताबिक़, एसआईटी गठित करने की अनुशंसा ख़ुद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने की थी. यह वही ट्रस्ट है जिसका गठन साल 2019 में राम मंदिर से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद केंद्र सरकार ने किया था.
ट्रस्ट को राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी.
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस पर लग रहे इन आरोपों को ख़ारिज किया है, वहीं एसआईटी इन सभी आरोपों और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है.

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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका से हुई बातचीत तभी कामयाब हो पाएगी जब वादे पूरे किए जाएंगे.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "बातचीत तभी कामयाब होगी जब किए गए वादे पूरे किए जाएं और सही तरीके से लागू हों."
उन्होंने कहा, "आगे बढ़ने का पता भी तभी चलेगा जब ज़िम्मेदारियां सच में निभाई जाएं. लिखित समझौते से बाहर की बातें बातचीत को आगे नहीं बढ़ाती हैं."
गौरलतब है कि मसूद पेज़ेश्कियान मंगलवार को पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे.
यहां वो पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से मुलाक़ात करेंगे.
संबंधित कहानी: ईरान से जंग छेड़कर आख़िर अमेरिका को क्या मिला?

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गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह को इमिग्रेशन चेकपॉइंट की सूची में शामिल किया है.
अब विदेशी नागरिकों, पर्यटकों, क्रू मेंबर्स और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को इस बंदरगाह के ज़रिए से भारत में वैध रूप से एंट्री करने और यहां से बाहर जाने की अनुमति होगी.
इस घोषणा के साथ हल्दिया भारत के समुद्री तट पर स्थित 41वां अधिकृत इमिग्रेशन चेक पोस्ट बन गया है.
इससे पहले मई 2026 में गुजरात के तीन बंदरगाहों (दहेज, सिक्का और टूना टेकरा) को भी यह दर्जा दिया गया था.

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार ने कहा है कि अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज़ पर लाने की कोशिशें लगभग नाकाम हो गई थीं, क्योंकि इसराइल ने लेबनान पर हमला किया था.
स्विट्ज़रलैंड के रिसॉर्ट में हुई अमेरिका-ईरान की बातचीत का ज़िक्र करते हुए इसहाक़ डार ने कहा कि ये बातचीत कुछ दिन पहले भी शुरू हो सकती थी, लेकिन लेबनान पर इसराइली हमले की वजह से सब रुक गया.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, अल अरेबिया न्यूज़ चैनल से बात करते हुए इसहाक़ डार ने बताया, "ईरान और अमेरिका के बीच जिन मुद्दों पर आगे चर्चा होगी, उनमें तीन वर्किंग ग्रुप होंगे- ईरान का परमाणु मुद्दा, पाबंदियां और फ़्रीज़ हुए फ़ंड और लेबनान."
इसहाक़ डार ने यह भी कहा कि बातचीत करने वालों को कुछ मुद्दों पर काम पूरा करने के लिए 30 दिन दिए गए हैं, जबकि बड़ा समझौता 60 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है.
गौरतलब है कि स्विट्ज़रलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत के दौरान पाकिस्तान और क़तर भी मध्यस्थ के तौर पर मौजूद था.

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नीट-यूजी (2026) के री-एग़्ज़ाम होने के बाद भारत में टेलीग्राम फिर से शुरू हो गया है.
हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दावा किया है कि उनका टेलीग्राम अकाउंट अब भी नहीं चल रहा.
दरअसल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत आदेश जारी कर 22 जून तक भारत में टेलीग्राम प्लेटफ़ॉर्म पर बैन लगा दिया था.
एक अन्य आदेश में प्लेटफ़ॉर्म को 30 जून तक पहले से पोस्ट किए गए संदेशों में बदलाव (एडिट) करने की सुविधा बंद करने के निर्देश दिए गए थे.
सरकार ने कहा था कि 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह क़दम ज़रूरी है.
अधिकारियों का तर्क था कि टेलीग्राम चैनलों का इस्तेमाल लीक या फ़र्ज़ी प्रश्न पत्र फैलाने, धोखाधड़ी की मिलीभगत और एडिट फ़ीचर के ज़रिए संदेशों के समय में हेरफेर करने के लिए किया जा रहा था.
दूसरी ओर, टेलीग्राम का कहना था कि 'पूरे ऐप को ब्लॉक करना न तो उचित है और न ही संवैधानिक.'
कंपनी ने यह भी दावा किया कि उसने नीट से जुड़ी गैरक़ानूनी सामग्री वाले 900 से अधिक लिंक हटा दिए थे और उल्लंघनों की पहचान के लिए एआई, मशीन लर्निंग टूल्स और मानवीय निगरानी का इस्तेमाल किया था.
टेलीग्राम ने इस प्रतिबंध को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया था.

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया.
राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार कोजानकारी दी है कि इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है.
राष्ट्रपति भवन ने एक बयान में कहा, "भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है."
जॉर्ज कुरियन का छह साल का राज्यसभा कार्यकाल पूरा हो गया था.

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स्विट्ज़रलैंड में ईरान और अमेरिका की बातचीत ख़त्म हो गई है, जिसके बारे में ईरानी वार्ताकार मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने जानकारी दी है.
ग़ालिबाफ़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से नाराज़ होकर बैठक छोड़कर चले गए थे, जिसके बाद अमेरिकी पक्ष ने मध्यस्थों के ज़रिए एक और बैठक की मांग की.
ईरान के हैदराबाद कॉन्सुलेट ने ग़ालिबाफ़ की एक वीडियो क्लिप शेयर किया है, जिसमें वो मीडिया से बात कर रहे हैं. ग़ालिबाफ़ कहते हैं, "80 मिनट की बातचीत के बाद मुझे पता चला कि ट्रंप ने हमारे राष्ट्रपति, हमारी वार्ता टीम और हमारे इलाक़े पर हमले की धमकी दी है."
"मैंने अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी से कहा कि हम यहां बातचीत के लिए आए हैं. समझौते की पहली शर्त में साफ़ लिखा है कि कोई धमकी या दबाव नहीं होना चाहिए. लेकिन आज आपके राष्ट्रपति ने धमकी दी है. यह जान लो कि हम धमकी या दबाव में बातचीत नहीं करते."
ग़ालिबाफ़ ने आगे बताया, "हमने बातचीत ख़त्म की, मीटिंग से बाहर निकल गए और वापस नहीं गए. बाद में अमेरिकी पक्ष ने मध्यस्थों के ज़रिए एक और बैठक की मांग की, लेकिन हमने मना कर दिया. क़तरी और पाकिस्तानी मध्यस्थ हमारे पास आए, और हमने उनसे कहा कि हम उनसे बात करेंगे, लेकिन सीधे अमेरिकी पक्ष से नहीं."
उन्होंने बताया कि चर्चाओं का नतीजा वही निकला जिसके बारे में पाकिस्तान और क़तर ने साझा बयान जारी किया है.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव पर कहा है कि वह इस मुद्दे का हल निकाल लेंगे.
यह बयान तब आया जब इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि उनकी सेना लेबनान से नहीं निकलेगी.
दरअसल, ट्रंप से सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान एक रिपोर्टर ने पूछा कि नेतन्याहू को ऐसा करने से रोकने के लिए आप क्या करेंगे?
इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, "मैं आपको नहीं बताऊंगा कि मैं क्या करने वाला हूं, लेकिन यह मुद्दा सुलझ जाएगा. मैं प्रॉब्लम सॉल्वर हूं. मैं बहुत जल्दी समस्याएं हल कर देता हूं, बीबी (नेतन्याहू) के साथ भी."
इससे पहले यरूशलम में जेएनएस समिट को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा था कि वो हर उस काम को नहीं करते जो ट्रंप चाहते हैं. नेतन्याहू ने कहा था कि लोग समझते हैं कि वो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक-दूसरे के मुताबिक़ काम करते हैं, जबकि ऐसा नहीं है.
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में लेबनान में समेत सभी मोर्चों पर युद्ध रोकने की बात कही गई थी. लेकिन इसके बाद भी इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच झड़प जारी रही थी.

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लखनऊ के अलीगंज इलाक़े में एक इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने सोमवार देर रात को चार लोगों को गिरफ़्तार किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया कि गिरफ़्तार किए गए लोगों की पहचान राम कृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषार कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू के रूप में हुई है.
अधिकारियों ने बताया कि अभियुक्त इमारत के संयुक्त मालिक हैं. पुलिस के मुताबिक़, अलीगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और उत्तर प्रदेश फ़ायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट से जुड़ी धाराओं के तहत छह नामज़द लोगों और अन्य के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है.
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार ने बयान जारी कर बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
आरोप है कि इमारत को रहने के लिहाज से मंज़ूरी मिली थी, लेकिन इसका ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से व्यावसायिक कामों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.
अलीगंज एसीपी शशि प्रकाश मिश्रा ने पीटीआई को बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी.

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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 में 22 जून का दिन एक बार फिर अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और फ़्रांस के सुपरस्टार किलियन एम्बापे के नाम रहा.
दोनों ने ज़बरदस्त प्रदर्शन करके अपनी-अपनी टीमों को जीत दिलाई. अर्जेंटीना और फ़्रांस दोनों ही अपने शुरुआती दो-दो मैच जीतकर अब अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर पहुंच गई हैं और अगले दौर में पहुंच गई हैं.
इंगलवुड के सोफ़ी स्टेडियम में ग्रुप जे के एक मैच में अर्जेंटीना और ऑस्ट्रिया की टीमें आमने-सामने थीं. सबकी नज़रें थी अर्जेंटीना के कप्तान और स्टार लियोनेल मेसी पर. वो मैच से पहले कुल वर्ल्ड कप मैचों में 16 गोल करके मिरोस्लाव क्लोसा के रिकॉर्ड की बराबरी कर चुके थे. ऑस्ट्रिया के ख़िलाफ़ भी उनका जलवा दिखा. हालांकि, वो एक पेनल्टी मिस कर गए और मैदान में मौजूद अर्जेंटीना के समर्थकों में निराशा फैल गई.
लेकिन जल्द ही टीम ने ज़बरदस्त वापसी की. मेसी ने मैच के 38वें मिनट में एक गोल किया और मैच के आख़िरी लम्हों में भी एक गोल करके अपनी टीम को 2-0 से जीत दिला दी. इन दो गोल के साथ ही वो वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. अब उनके नाम 18 गोल हैं.
दूसरी ओर फ़्रांस के सुपरस्टार किलियन एम्बापे भी उनसे ज़्यादा पीछे नहीं रहे. ग्रुप आई के एक मैच में फ़्रांस ने इराक़ को आसानी से 3-0 से हरा दिया और 6 अंकों के साथ अपने ग्रुप में टॉप पर पहुंच गई. एम्बापे ने 14वें और 54वें मिनट में गोल दागे जबकि फ़्रांस के लिए तीसरा गोल उस्मान डेंबले ने किया. फ़्रांस भी 6 अंकों के साथ अपने ग्रुप में टॉप पर पहुंच गई है.
एम्बापे के अब विश्व कप मैचों में कुल 16 गोल हो चुके हैं.

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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान मंगलवार को पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे. इसकी पुष्टि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने की है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, मसूद पेज़ेश्कियान अपने दौरे के दौरान पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से मुलाक़ात करेंगे.
इसके अलावा वह सीनेट के चेयरमैन, नेशनल असेंबली के स्पीकर और विदेश मंत्री इस्हाक़ डार से भी मिलेंगे.
बतौर राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान का यह दूसरा पाकिस्तान दौरा होगा.
मंत्रालय ने जानकारी दी, "इस दौरे में पाकिस्तान और ईरान द्विपक्षीय संबंधों की पूरी समीक्षा करेंगे. व्यापार, ऊर्जा, सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय जुड़ाव के नए रास्तों पर चर्चा करेंगे."
यह दौरा इसलिए भी अहम है, क्योंकि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर दस्तख़त हुए हैं और स्विट्ज़रलैंड में दोनों पक्षों की बैठक भी हुई. इस दौरान पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है.
नमस्कार!
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