इस सोलर कार को टोस्टर जितनी ऊर्जा चाहिए

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क्या कोई कार उतनी ही ऊर्जा से चल सकती है, जितनी ऊर्जा से एक टोस्टर काम करता है?

इस कल्पना को स्टेनफ़र्ड सोलर कार प्रोजेक्ट्स के छात्रों ने मुमकिन कर दिखाया है.

स्टेनफ़र्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों का यह प्रोजेक्ट बेहतरीन डिज़ाइन तैयार करने, उसे बनाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के वर्ल्ड सोलर चैलेंज में टेस्ट करने का हिस्सा है.

<bold>(कार का <link type="page"><caption> वीडियो.</caption><url href="http://www.bbc.com/future/story/20150812-the-car-that-runs-on-sunshine" platform="highweb"/></link> इसे स्टेनफ़र्ड यूनिवर्सिटी के प्रीकोर्ट इंस्टीट्यूट फ़ॉर एनर्जी के मार्क श्वार्ज़ ने बनाया है)</bold>

इसका परीक्षण ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तान में क़रीब 3200 किलोमीटर के ट्रैक पर किया जाता है.

एक बार कार की बैटरी पूरी तरह चार्ज होने पर यह कार 89 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल सकती है.

इस दौरान सौर ऊर्जा से चलने वाले वाहनों को डार्विन से एडिलेड तक दूरी तय करनी होती है. वर्ल्ड सोलर चैलेंज हर दो साल में होता है.

प्रोजेक्ट का उद्देश्य कम ईंधन में चलने वाले हल्के और एयरोडायनेमिक लिहाज़ से बेहतरीन वाहन बनाना है.

यह कम वज़नी वाहन कार्बन फ़ाइबर से बना है और पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलता है. हालांकि इसका आकार थोड़ा बड़ा ज़रूर है और इसके बीच का हिस्सा एक बल्ब की तरह दिखता है.

ऐसा इसलिए ताकि इसका आकार सीमित और एयरोडायनेमिक लिहाज़ से सही रखा जा सके.

कार निर्माता टीम की सदस्य राचेल अब्रिल ने बीबीसी फ़्यूचर को बताया, “यह आम लोगों के लिए नहीं है. यह अत्याधुनिक इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए तैयार की गई है.”

हालांकि राचेल एक और दावा भी करती हैं, “इतनी कम ऊर्जा से चलने वाली यह सबसे तेज़ रफ़्तार कार है.”

वैसे इसे चलाना आरामदेह नहीं है, क्योंकि इसमें अभी एकमात्र चालक के ही बैठने की सीट है और वह भी इस तरीक़े से बनी है कि वहां देर तक बैठना सहज नहीं है.

राचेल ने बताया, “इसमें हवा के आने-जाने की गुंजाइश बेहद कम रखी गई है. गर्मी के दिनों में ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तानी इलाक़ों में कई बार अंदर बैठना मुश्किल भरा होता है.”

हालांकि राचेल बताती हैं कि अभी इसे यात्रियों के लिए इस्तेमाल करना ख़तरनाक हो सकता है.

सड़कों पर इसे चलाने के ख़तरों के बारे में उन्होंने कहा, “अभी इस कार की रफ़्तार धीर-धीरे बढ़ती है और इसमें ब्रेक भी धीरे-धीरे ही लगते हैं.”

<italic><bold>अंग्रेज़ी में मूल लेख <link type="page"><caption> यहाँ पढ़ें</caption><url href="http://www.bbc.com/future/story/20150812-the-car-that-runs-on-sunshine" platform="highweb"/></link> जो <link type="page"><caption> बीबीसी फ़्यूचर</caption><url href="http://www.bbc.com/future" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.</bold></italic>

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