पेरिस हमला : 'मोबाइल फ़ोन ने बचाई मेरी जान'

मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग के लिए ले जाए जा रहे हमले में बचे लोग.
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फ्रांस की राजधानी पेरिस में शुक्रवार तड़के हुए हमलों में कुछ लोग बाल-बल बच गए. इस हमले में कम से कम 129 लोग मारे गए हैं.

सबसे बड़ा हमला बैटाकलां कन्सर्ट हॉल में हुआ. वहां पर चार चरमपंथियों ने हमला किया. इसमें क़रीब 80 लोगों की मौत हो गई.

फ्रेंच भाषा के टीवी चैनल आईटेली ने एक ऐसे व्यक्ति का इंटरव्यू दिखाया जो स्टेट दी फ्रांस के बाहर हुए धमाके के समय उसके पास ही मौजूद था.

सिलवेस्टर नाम के इस व्यक्ति ने बताया कि उन्हें उनके मोबाइल फ़ोन ने बचा लिया, फ़ोन ने उन्हें बम के टुकड़े से घायल होने से बचा लिया.

उन्होंने बताया कि उनकी चमड़े की जैकेट ने बम के टुकड़ों की तिव्रता कम कर उनकी जान बचाई.

इस हमले में सुरक्षित बच गए लोगों को काउंसलिंग के लिए एक विशेष केंद्र ले जाया गया है, जहां मनोवैज्ञानिक उनकी काउंसलिंग करेंगे.

काउंसलिंग के बाद हमले में बचे हुए कुछ लोग टैक्सी से अपने घरों की ओर रवाना हो गए.

बैटाकलां कन्सर्ट हॉल की इमारत के बाहर आपातकालीन सेवा और रेडक्रास के सदस्य नारंगी रंग की अपनी ड्रेस पहनकर खड़े थे.

बैटाकलां कन्सर्ट हॉल में कार्यक्रम पेश करते रॉक बैंड दी ईगल ऑफ़ डेथ मेटल के कलाकार

बैटाकलां कन्सर्ट हॉल में कार्यक्रम पेश करने वाले बैंड दी ईगल ऑफ़ डेथ मेटल, वहां हुए हमले में बच गया.

बीबीसी संवाददाता गेविन ली को एक होटल के कुली ने बताया कि उनके यहां ठहरा एक व्यक्ति बैटाकलां कन्सर्ट में गया था, शायद उनकी इस हमले मौत हो गई.

इस कुली ने बताया कि उस व्यक्ति के परिवार ने रातभर फ़ोनकर उनसे यह पता लगाने को कहा कि वह वापस लौटे या नहीं, क्योंकि वो उनसे उनके फ़ोन पर संपर्क नहीं कर पा रहे थे.

बैटाकलां कन्सर्ट हॉल पर हुए हमले के एक प्रत्यक्षदर्शी ने फ्रेंच मीडिया को बताया कि कुछ बचे हुए लोगों ने घरों की अटारियों में छिपकर अपनी जान बचाई.

घटनास्थल से सबूत जुटाते फॉरेंसिंक विशेषज्ञ.

बीबीसी के यूरोप संवाददाता डेमियन ग्रेमेटिकस ने ट्विट किया है, "फ्रेंच रेडियो को एक महिला ने बताया कि बैटाकलां कन्सर्ट हॉल में हुए हमले में एक कुर्सी के नीचे छिपकर उन्होंने अपनी जान बचाई. मैं कुछ घंटे तक कुर्सी के नीचे छिपी रहीं."

ग्रेमेटिकस ने ट्वीट किया कि बैटाकलां कन्सर्ट हॉल में हुए हमले में बचे लोगों ने फ्रेंच मीडिया को बताया कि क़रीब 60 लोग वहां से निकलने में सफल हो गए. इन लोगों को खींचकर पड़ोस की छत पर ले जाया गया.

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