क्या पिरामिड अनाज के गोदाम थे?

मिस्र, पिरामिड
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अमरीकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बेन कार्सन ने पिछले हफ़्ते यह कहकर कि मिस्र के पिरामिड अनाज भंडार के लिए बनाए गए थे, ध्यान तो खींचा ही, मज़ाक के पात्र भी बने.

जैसा कि ज़्यादातर स्कूली छात्र जानते हैं कि पिरामिड दरअसल फ़ैरो की कब्रें हैं. लेकिन अन्न के भंडारण का विचार आया कहां से?

ओल्ड टेस्टामेंट के अनुसार जोसेफ़ को उसका भाई मिस्र में गुलामी के लिए बेच देता है, लेकिन बाद में वह फ़ैरो के एक सपने की व्याख्या करता है और अन्न का भंडारण कर मिस्रवासियों को सात साल लंबे सूखे से बचने में मदद करता है.

बेन कार्सन

बाइबल की इस कहानी के संस्करण में पिरामिडों का ज़िक्र नहीं है लेकिन मध्य युग में लोगों ने कहानी में उनके बारे में लिखना शुरू कर दिया.

येल विश्वविद्यालय में इजिप्टोलॉजी के प्रोफ़ेसर जॉन डार्नेल कहते हैं, "अगर आप वेनिस में सेंट मार्क के कैथेड्रल में जाएं तो वहां एक मध्ययुगीन चित्र दिखेगा जिसमें गीज़ा के तीन ग्रेट पिरामिडों को जोसेफ़ की कहानी में अन्न भंडारगृह के रूप में इस्तेमाल करते दिखाया गया है."

वे कहते हैं, "अगर आप मूल ढांचे तक गए हों तो पाएंगे इस विचार में कुछ दम है."

यह विचार छठी सदी में सेंट ग्रेगोरी ऑफ़ टूर्स के समय में प्रचलित हुआ. उन्होंने लिखा, "उनका तला चौड़ा है और ऊपर से संकरे हैं ताकि एक छोटे सी जगह से अनाज डाला जा सके. यह भंडारगृह आज भी देखे जा सकते हैं."

बेन कार्सन

14वीं शताब्दी के लोकप्रिय यात्रा वृतांत, जॉन मैन्डेविले की किताब में भी 'जोसेफ़ के भंडारगृहों, जिन्हें उसने मुश्किल वक्त में अनाज के भंडारण के लिए बनाया था', का ज़िक्र है.

डार्नेल कहते हैं कि पुनर्जागरण के दौरान यह विचार अपनी चमक खोने लगा जब लोगों ने पिरामिडों का अधिक विस्तार से अध्ययन किया.

वह कहते हैं, "बेशक अब हम जानते हैं कि पिरामिड कब्रगाह हैं. हालांकि इतनी ज़्यादा जटिलताओं वाले एकमात्र हैं. पिरामिडों के वास्तुशास्त्र से पहले और बाद के, उनके अंदरूनी रास्तों और उनके स्थानों के इस्तेमाल के निशान मिस्र के नए राज्यों तक मिलते हैं."

बेन कार्सन के पिरामिड संबंधी विचार पर इजिप्टोलॉजिस्ट सवाल उठाते हैं.

बेन कार्सन

उन्होंने अपने वर्ष 1998 के भाषण में कहा था कि जहां भी जोसेफ़ का अनाज रखा गया था, "उसे बहुत विशालकाय होना चाहिए था, आप ज़रा इस बारे में सोचें."

उन्होंने आगे कहा था, "अगर आप देखें कि पिरामिड किस तरह बनाए गए हैं, बहुत सारे कमरे ऐसे हैं जहां हवा नहीं पहुंच सकती. ऐसा कई कारणों से किया गया होगा."

उनकी बात से लगता है कि ये कमरे इसलिए ऐसे बनाए गए होंगे ताकि अनाज को सुरक्षित रखा जा सके लेकिन डार्नेल इस तर्क को ख़ारिज करते हैं.

वह कहते हैं, "पिरामिडों का मुख्य अंदरूनी तत्व पत्थर और ईंट है, वहां अनाज के लिए ज़्यादा जगह नहीं थी और यह श्रम के साथ-साथ इंजीनियरिंग की भारी बर्बादी होती."

गिज़ा के पिरामिड

वह कहते हैं, "इसके अलावा हम जानते हैं कि प्राचीन अनाज भंडारगृह छत्ते जैसे और काफ़ी छोटे होते थे. इस बात का कोई मतलब नहीं था कि विशाल भंडारगृह बनाए जाएं जिन्हें अनाज से भरने में युग लगेंगे और जब उसे बाहर निकाला जाएगा तो सब उसमें दब जाएंगे."

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