'हवा में झूलने वाला पुल' 61 साल बाद फिर खुला

    • Author, अमांदा रुगेरी
    • पदनाम, बीबीसी ट्रैवल
  • प्रकाशित

उत्तरी आयरलैंड के आइलैंडमैगी प्रायद्वीप का एक ख़ास आकर्षण है. बेलफास्ट से 20 मील उत्तरपूर्व में स्थित इस जगह की बड़ी ख़ासियत है 60 मीटर ऊंची चट्टानें, जिनसे गुज़रते हुए आप साफ़ दिन में स्कॉटलैंड तक देख सकते हैं.

वहाँ समुद्र के किनारे टहलने का आकर्षण इस अगस्त से कई गुना बढ़ गया है.

61 साल तक बंद रहने के बाद दर्शनीय गॉबिन्स क्लिफ़ पाथ को फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. गॉबिन्स क्लिफ़ पाथ चट्टानों के साथ-साथ और समुद्र के किनारे 1902 में बनाया गया रास्ता है जिसे चट्टानों को छेनी-हथोड़े से काटकर, चट्टानों के बीच कास्ट-आयरन पुल बनाकर पूरा किया गया था.

दशकों तक बंद पड़े इस रास्ते को खोलने के लिए करीब 75 लाख पाउंड की लागत से पूरे रास्ते की मरम्मत की गई है.

गॉबिन्स क्लिफ़ पाथ ब्रितानी राजा एडवर्ड सप्तम के दौर की इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण था. नॉर्दर्न काउंटीज रेलवे कंपनी ने ये रास्ता कंक्रीट और कास्ट-आयरन से बने पुलों से बनाया था.

यहां पुल समुद्र से 20 मीटर की ऊंचाई पर हैं. इन पुलों के दोनों तरफ रेलिंग लगाई गई है. अगस्त में इस रास्ते को आम पर्यटकों के लिए खोले जाने के बाद से, रास्ते पर चलने से पहले हर पर्यटक को सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए जाते हैं.

1930 के दशक की आर्थिक मंदी और ऑटोमोबाइल युग में इसके रख रखाव का खर्च काफ़ी ज़्यादा हो गया. द्वीतीय विश्व युद्ध के दौरान इसे बंद कर दिया गया. फिर 1951 में थोड़े समय के लिए इसे खोला गया और 1954 में इस रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया गया.

पहले गॉबिन्स क्लिफ़ पाथ को समुद्र से रस्सियों और पुली के ज़रिए उठाया गया होगा और फ़िक्स किया गया होगा, लेकिन अब इसे 60 मीटर की ऊँचाई से क्रेन के इस्तेमाल से एक निर्धारित ऊंचाई पर फिक्स किया गया लेकिन तूफ़ानी हवाओं के कारण इसमें काफ़ी देरी लगी.

करीब एक मील लंबे समुद्रतटीय रास्ते पर 20 मीटर लंबा गोलाकार ट्यूब जैसा पुल इस पूरे रास्ते का सबसे अदभुत पहलू है. 1902 में भी इसका आकार इसी तरह का था लेकिन इसके साथ सुरक्षा के कोई प्रावधान नहीं किए गए थे. केवल दोनों तरफ़ तीन लंबी रेल बार लगा दी गई थीं. उस समय चट्टानों के बीच झूलते हुए इस पुल से गुज़रने के दौरान कई बार नीचे बहता समुद्री पानी बस 10 मीटर की दूरी पर ही होता था.

शुरुआत में बना पुल देखरेख के अभाव में समुद्री तूफ़ानों की मार झेलता हुआ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. लेकिन नया ट्यूबुलर पुल नई तकनीक से करीब तीन लाख पाउंड की लागत में बनाया गया है. इसको बनाने में अब कहीं ज़्यादा टिकाऊ स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल किया गया है. अगर समुद्री तूफ़ान हर दिन भी इसे अपनी चपेट में ले, तो भी 50 साल तक इसके दुरुस्त रहने का दावा किया जा रहा है.

इस रास्ते में आधा मील दूर जाने पर ये चट्टानों में गायब होता नज़र आता है. लेकिन इसके आगे है 21 मीटर लंबी प्राकृतिक सुरंग जो पर्यटकों को समुद्र के नीचे कहीं ले जाती है.

रास्ते में कई जगहों पर चट्टानों के बीच लाल धारियां नज़र आती हैं. इसकी एक वजह ये भी है कि ये चट्टानें लाल सैंड स्टोन से बनी हैं. कई स्थानीय लोगों का मानना है कि ये लाल रंग मैगी परिवार के हत्याकांड के कारण है. इतिहासकारों के मुताबिक 1641 के कैथोलिक विरोध के दौरान प्रोटेस्टेंट लोगों ने कैथोलिक निवासियों की हत्याएं इसी इलाके में की थीं. इस धारणा के चलते स्थानीय लोग इधर नहीं आते हैं.

वैसे ये पुल कई नामों से मशहूर रहा है. झूलता हुआ पुल, लटकता हुआ पुल, हवा के झोंके के साथ हिलने वाला पुल.

बहरहाल, इंसानों ने इस इलाके में पाए जाने वाले समुद्री पक्षियों को 60 साल से नहीं देखा है. इन्हें देखने की भी पयर्टकों को ख़ासी जिज्ञासा रहती है.

<italic><bold>अंग्रेज़ी में <link type="page"><caption> मूल लेख</caption><url href="http://www.bbc.com/travel/story/20151013-the-spectacular-gobbins-cliff-path" platform="highweb"/></link> यहां पढ़ें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी ट्रैवल </caption><url href="http://www.bbc.com/travel" platform="highweb"/></link>पर उपलब्ध है.</bold></italic>

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