वो यूरोपीय देश जो दे सकते हैं पनाह

प्रवासी संकट
    • Author, जस्टिन पार्किंसन
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

यूरोप प्रवासी संकट से जूझ रहा है. काफ़ी ना नुकुर के बाद कई देशों ने प्रवासियों को अपने यहां पनाह देने का वादा किया है.

लेकिन सवाल उठता है कि अर्थव्यवस्था, मौजूदा आबादी का दबाव और सार्वजनिक सुविधाओं के मामले में कौन सा यूरोपीय देश प्रवासियों को अधिक से अधिक अपने यहां पनाह दे सकता है.

जब भी दूसरे देश के लोगों को पनाह देने की बात आती है तो हमेशा आबादी बढ़ने की आशंका जताई जाती है.

इस साल मार्च तक के आंकड़े देखें तो ब्रिटेन में रिकॉर्ड तीन लाख तीस हज़ार प्रवासियों ने पनाह ली.

यूरोपीय संघ का अनुमान है कि ब्रिटेन की आबादी 2015 से 2020 के बीच 20 लाख बढ़ेगी.

इसलिए यूरोपीय संघ में ब्रिटेन सबसे अधिक आबादी वाला देश बनने वाला है. इस समय सबसे अधिक आबादी जर्मनी की है.

आबादी

फ़्रांस की आबादी भी लगातार बढ़ रही है और 2080 तक इसकी आबादी सात करोड़ 88 लाख हो जाएगी.

हालांकि इटली में आबादी बढ़ने की दर धीमी है.

स्वीडन में आबादी बढ़ने की दर अधिक है और 2080 तक इसकी आबादी के डेढ़ करोड़ हो जाने का अनुमान है.

दूसरी तरफ़ जर्मनी में कमी का अनुमान लगाया गया है. यहां 2015 से 2020 के बीच 67 हज़ार आबादी कम होगी और 2050 तक यहां की आबादी, 2020 में आठ करोड़ के मुक़ाबले साढ़े सात करोड़ हो जाएगी.

जिन देशों में जन्मदर में गिरावट हो रही है वहां ये डर सता रहा है कि वे श्रमशक्ति की कमी के चलते अपने आर्थिक प्रतिद्वंद्वियों के सामने ठहर नहीं पाएंगे.

ऐसे देशों में ग्रीस, बाल्टिक के देश, हंगरी और रोमानिया शामिल हैं.

रोज़गार

रोज़गार अवसर के आंकड़े असल में कुल नौकरियों के मुक़ाबले खाली जगहों का प्रतिशत होता है. यह प्रतिशत दिखाता है कि आप्रवासियों की डिमांड कितनी है.

इस मामले में जर्मनी शीर्ष पर आता है. यूरोपीय संघ के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़ यहां नौकरी के अवसर की दर 2.9 प्रतिशत है. यह 28 देशों के समूह में सबसे अधिक है. यानी यहां सबसे अधिक पद खाली हैं.

ब्रिटेन दूसरे नंबर पर आता है, जबकि इटली और फ़्रांस में यह दर क्रमशः 0.7 और 0.6 प्रतिशत है.

सबसे कम रोज़गार के अवसर लात्विया और पुर्तगाल में हैं (0.5 प्रतिशत).

स्कूलिंग

प्रवासी संकट से निपटने का एक और पैमाना है शिक्षा व्यवस्था यानी प्रति शिक्षक पर स्टूडेंट्स की संख्या.

2012 के आंकड़ों के अनुसार यूरोपीय देशों में ब्रिटेन में यह संख्या सबसे ज़्यादा 21.1 है, जबकि जर्मनी में 16, फ्रांस में 18.9, इटली में यह संख्या 12.1 है.

लक्ज़मबर्ग में सबसे कम प्रति शिक्षक स्टूडेंट्स की संख्या 9.2 है.

स्वास्थ्य सेवाओं के मामलों में विश्व बैंक के अनुसार, यूरोपीय संघ में ग्रीस की सबसे अच्छी स्थिति है. यहां प्रति हज़ार आबादी पर 6.2 डॉक्टर हैं. ये आंकड़े 2010 के हैं.

2013 के आंकड़े में ब्रिटेन यूरोपीय संघ की सूची में नीचे (2.9) है. इसी तरह 2012 के आंकड़ों के मुताबिक़, जर्मनी (3.9), इटली (3.8) और फ़्रांस में प्रति हज़ार लोगों पर 3.2 डॉक्टर थे.

2012 के आंकड़ों के अनुसार, पोलैंड में सबसे कम संख्या 2.2 थी.

आबादी घनत्व

आबादी घनत्व की बात करें तो 2013 के आंकड़ों के अनुसार यूरोपी संघ में फ़िनलैंड 17.9, स्वीडन 23.6 के आंकड़े के साथ सबसे कम घनत्व वाले देश हैं.

लेकिन इन देशों में मुश्किल मौसम की वजह से बहुत सारी जगह रहने लायक नहीं हैं.

आबादी के लिहाज से यूरोपीय संघ के चार देशों में फ़्रांस में सबसे कम घनत्व (103.8 लोग प्रति वर्ग किमी) है, इसके बाद इटली (199.4), जर्मनी (230) और ब्रिटेन (684.5) का नंबर आता है.

हालांकि प्रवासियों को पनाह देने से दबाव तो बढ़ेगा, लेकिन कई अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अधिक प्रवासियों का मतलब है सरकारी खजाने में अधिक टैक्स आना, सार्वजनिक सेवाओं का विस्तार होना, मसलन स्वास्थ्य, शिक्षा आदि.

और इसका मतलब यह भी है कि सरकार को सेवाओं की बढ़ी मांग से निपटना होगा.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>