'और शरणार्थियों को पनाह दे यूरोपीय संघ'

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यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष ज्यौं क्लोद युंकर ने एक लाख बीस हज़ार अतिरिक्त शरणार्थियों को यूरोपीय देशों में जगह देने वाली योजना की घोषणा की है.

इस योजना में यूरोपीय संघ के देशों के लिए शरणार्थियों को लेने का कोटा निर्धारित किया गया है और ये कोटा बाध्यकारी है.

हाल के दिनों बड़ी संख्या में प्रवासी यूरोप पहुंचे हैं जिनमें बड़ी संख्या संकटग्रस्त सीरिया के लोगों की है.

यंकुर ने यूरोपीय संसद में कहा कि ये 'डरने का समय' नहीं है.

जर्मनी इस कोटे का समर्थक है जबकि यूरोप के कई देश शरणार्थियों को लेने की अनिवार्यता का विरोध कर रहे हैं.

फ्रांस में प्रवासियों का स्वागत

सबसे ज़्यादा प्रवासी जर्मनी में ही पहुंच रहे हैं और वहां के अधिकारी उनका स्वागत भी कर रहे हैं.

लेकिन हंगरी अपनी सीमा पर बाड़ लगाने की योजना बना रहा है ताकि प्रवासियों को आने से रोका जा सके.

सर्बिया से लगने वाली हंगरी की दक्षिणी सीमा पर उस समय बहुत अफ़रा-तफ़री देखने को मिली जब शरणार्थियों ने रोसज्के शिविर में पुलिस लाइनों को तोड़ दिया और इस वजह से वहां एक हाइवे को बंद करना पड़ा.

दूसरी तरफ़ फ्रांस ने एक हज़ार प्रवासियों के पहले जत्थे का अपने यहां स्वागत किया है. फ्रांस ने जर्मनी से इन प्रवासियों को लेने का वादा किया था.

फ्रांस ने कहा है कि वो अगले दो साल में 24 हज़ार प्रवासियों को अपने यहां जगह देगा.

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