असांज मामले में स्वीडन का यू-टर्न

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विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज से स्वीडन के अभियोजक लंदन में पूछताछ करने को तैयार हो गए हैं.

असांज पर यौन उत्पीड़न और बलात्कार के आरोप हैं. अभियोजक पहले असांज से स्वीडन में पूछताछ करना चाहते थे.

लेकिन असांज ने आरोपों को खारिज करते हुए 2012 से लंदन स्थित इक्वेडोर के दूतावास में शरण ले रखी है.

स्वीडन 2010 से असांज को गिरफ़्तार कर अपने देश में पूछताछ करना चाह रहा है.

समय सीमा हो जाएगी ख़त्म

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असांज के वकील पेर सेमुयल्सन ने इस कदम का स्वाग़त किया है.

उन्होंने कहा कि वो पिछले चार साल से इसकी मांग कर रहे थे.

वहीं स्वीडन के अभियोजकों ने अपनी रणनीति में परिवर्तन के लिए कानूनी दांवपेंच को ज़िम्मेदार बताया.

उन्होंने कहा कि असांज के खिलाफ अगस्त में 'स्टैचू आॅफ लिमिटेशंस' कानून के तहत आरोपों की समय सीमा ख़त्म हो जाएगाी.

वहीं मुख्य अभियोजक मारियान नी ने कहा, ''मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि असांज से अगर लंदन स्थित इक्वेडोर के दूतावास में पूछताछ होती है तो उसका असर कम हो जाएगा.

वैसे भी अगर उनके ख़िलाफ भविष्य में कोई केस चलता भी है तो उन्हें वैसे भी इक्वेडोर आना ही पड़ेगा.''

मारियान ने कहा कि उन्होंने असांज के वकीलों से उनका डीएनए सैंपल लेने की भी गुज़ारिश की थी.

असांज करते रहे हैं खंडन

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जूलियन असांज पर अगस्त 2010 में दो महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

असांज इन सभी आरोपों का खंडन करते रहे हैं

हालांकि आसांज पर औपचारिक रूप से कोई आरोप नहीं है. लेकिन अभियोजक उनसे इस मुद्दे पर पूछताछ करना चाहते हैं.

वहीं अगस्त 2012 में असांज ने इक्वेडर से उन्हें शरण देने की अपील की थी.

उनकी अपील को स्वीकारते हुए इक्वेडर ने उन्हें अपने लंदन स्थित दूतावास में शरण दे दी थी.

क्यों डर रहे हैं असांज

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असांज को डर है कि अगर उन्हें प्रत्यर्पित किया जाता है तो स्वीडन पहुंचते ही उन्हें गिरफ़्तार कर अमरीका भेज दिया जाएगा.

जिसके बाद उन्हें मौत की सज़ा तक सुनाई जा सकती है.

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