पाकिस्तान: क़ादरी की सज़ा-ए-मौत बरक़रार

मुमताज़ क़ादरी,
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इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने मुमताज़ क़ादरी की मौत की सज़ा पर बरक़रार रखी है.

मुमताज़ क़ादरी को पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर की हत्या का दोषी क़रार दिया गया है. सलमान तासीर की वर्ष 2001 में हत्या कर दी गई थी.

क़ादरी तब गवर्नर तासीर के अंगरक्षक थे. क़ादरी ने अदालत में तासीर की हत्या का जुर्म स्वीकार करते हुए कहा था कि उन्होंने तासीर की हत्या इसलिए की क्योंकि तासीर ईशनिंदा के आरोप में जेल में बंद एक ईसाई महिला का समर्थन कर रहे थे.

इस्लामाबाद हाईकोर्ट से क़ादरी की याचिका ख़ारिज होने के बाद अब वे सुप्रीम कोर्ट में जा सकते हैं.

चरमपंथ के मामलों में मौत नहीं

सज़ा-ए-मौत पाने वाले अपराधी मुमताज़ क़ादरी की याचिका पर फ़ैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने चरमपंथ के प्रावधानों के तहत मौत की सज़ा पर रोक लगा दी है, जबकि धारा 302 के तहत दी गई मौत की सज़ा को बरक़रार रखा गया है.

क़ादरी समर्थक

जस्टिस नूरुलहक़ क़ुरैशी के नेतृत्व वाली दो सदस्यीय खंडपीठ ने सोमवार को इस याचिका पर फ़ैसला सुनाया.

इससे पहले 11 फ़रवरी को अदालत ने याचिका पर फैसला सुरक्षित किया था.

अदालत ने कहा कि चरमपंथ क़ानून के तहत गवर्नर तासीर की हत्या में दोषी मुमताज़ क़ादरी को दी जाने वाली मौत पर पाबंदी लगाई जाती है, हालाँकि

अदालत ने धारा 302 के तहत हत्या के मामले में दी जाने वाली मौत की सज़ा को बरक़रार रखा है.

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