फ़र्गसन कांड: निशाने पर ग्रैंड ज्यूरी

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अमरीका में पुलिस की गोली में मारे गए काले युवक के वकील ने ग्रैंड ज्यूरी पर कड़ी आपत्ति ज़ाहिर करते हुए फैसले को 'अनुचित' बताया है.

ग्रैंड ज्यूरी ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए गोरे पुलिस अधिकारी के खिलाफ़ अभियोग न चालने का फैसला सुनाया था.

अटॉर्नी जनरल बेंजामिन क्रंप का कहना था कि ज्यूरी का फैसला अपेक्षित था. उन्होंने कहा कि काले युवक पुलिस अधिकारियों के हाथों मारे जाते हैं और ग्रैंड ज्यूरी इसी तरह का फैसला सुनाती है.

उन्होंने कहा कि वो इस फैसले का सार्वजनिक और जोरदार तरीके से खंडन करते हैं.

नागरिक अधिकारों के लिए काम करने वाले नेता अल शार्पटन का कहना था कि के फैसले ने उनके 'दिल तोड़ दिए' हैं, लेकिन उन्होंने 'देश में पुलिस की जवाबदेही के लिए नए स्तर की लड़ाई' जारी रखने की बात कही.

माइकल ब्राउन की मौत नौ अगस्त को पुलिस की गोली से हुई थी जिसके बाद मिज़ूरी में दंगे भड़क उठे थे.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने प्रदर्शनकारियों से हिंसा न करने और अमरीकी प्रशासन से लोगों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की है.

इन दंगों के दौरान सेंट लुई के कई इलाकों में 80 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई. फ़र्गसन में 61 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उन पर चोरी और घुसपैठ के आरोप लगाए गए.

इससे पहले राष्ट्रपति ओबामा ने ग्रैंड ज्यूरी के इस मामले में मुकदमा न चलाने के फैसले का शांतिपू्र्ण हल निकालने की अपील की थी.

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