चालाकी से एक-दूजे का हुआ था ये समलैंगिक जोड़ा

- Author, क्लेयर बोएस
- पदनाम, बीबीसी वर्ल्ड सर्विस
अमरीका की सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ़्ते उस विवाह क़ानून को ख़ारिज कर दिया जिसके मुताबिक एक पुरुष और महिला की शादी को ही मान्यता दी जाती थी.
वैसे अमरीका के कुछ राज्यों में 2004 से ही <link type="page"><caption> समलैंगिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/05/130518_gay_homosexual_gallery_vr.shtml" platform="highweb"/></link> शादियों का मान्यता मिली हुई है लेकिन यहाँ के एक समलैंगिक जोड़े ने क़रीब 40 साल पहले ही शादी का प्रमाण पत्र हासिल कर लिया था.
<link type="page"><caption> समलैंगिक अधिकारों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/05/120504_russia_homosexuality_rn.shtml" platform="highweb"/></link> के पैरोकार जैक बाकर ने 1973 में देश भर में प्रसारित होने वाले डेविड सुसकिंड के शो में कहा था कि कुछ समय बाद <link type="page"><caption> समलैंगिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/11/121102_church_homosexuals_ac.shtml " platform="highweb"/></link> शादियों को भी क़ानूनी मान्यता मिलेगी.
जोड़े की चालाकी
इसके बाद जैक और उनके साथी माइकल मैक्कोनेल ने चालाकी से शादी का प्रमाण पत्र हासिल कर लिया था.
1970 में समलैंगिकता की प्रचलित छवि कार्टून की थी. अगर आपने अपनी <link type="page"><caption> यौन इच्छाओं</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/03/120311_gay_catholics_rn.shtml" platform="highweb"/></link> को सार्वजनिक किया तो आप अपने घर, नौकरी और अपने परिवार से हाथ धो सकते थे.
बेकर और मैक्कोनेल इस रुढ़िवादी व्यवस्था में फ़िट नहीं हुए. दोनों उस समय क़रीब 20 साल के नौजवान थे. बेकर क़ानून की पढ़ाई कर रहे थे तो मैक्कोनेल लाइब्रेरियन थे. चार साल का जीवन साथ में गुज़ारने के बाद उन्होंने 1970 में शादी के लाइसेंस के लिए आवेदन किया.
उनका आवेदन अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि वे पुरुष थे लेकिन इस जोड़े ने इसके ख़िलाफ़ लड़ने का फ़ैसला किया. इसके बाद उन्होंने फिर अपील की और तब तक अपील करते रहे जब तक कि उनका मामला सुप्रीम कोर्ट नहीं पहुँच गया.
पहली बार अदालत से समलैंगिक शादी के क़ानून के बारे में पूछा गया था लेकिन अदालत ने पर्याप्त संघीय सवाल के अभाव में मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया.
इसके बाद भी इस जोड़े ने हार नहीं मानी. इस बार उन्होंने आवेदन करने के लिए नई तरकीब अपनाई, बेकर ने लैंगिक रूप से तटस्थ नाम ‘पैट लिन’ रख लिया.
उनकी इस चालाकी ने अपना काम कर दिया. उन्हें लाइसेंस मिल गया. इसके बाद वे शादी की योजना बनाने लगे. उन्होंने इसके लिए मैथोडिस्ट चर्च के एक कार्यकर्ता से बात की और अपनी काउंसलिंग कराई लेकिन 24 घंटे बाद ही उस कार्यकर्ता ने अपना इरादा बदल दिया.
सामाजिक आयोजन
ऐसे में मिनियापोलिस में समलैंगिक जोड़ों को सहायता और सलाह देने वाले पादरी रोजर लिन ने उनकी मदद की.

लिन कहते हैं, ''यह केवल एक शादी भर नहीं थी. समलैंगिक समुदाय में यह सामाजिक आयोजन की तरह था.'' यह जोड़ा मीडिया में आने के लिए शादी की वीडियो फ़िल्म बनवाना चाहता था.
यह शादी मिनियोपिलिस की एक झील के किनारे बने एक पुराने विक्टोरियन घर में हुई. लिन ने बताया कि शादी के मंडप में केक था और दुलहा-दूल्हन की जगह दो दुलहे मौजूद थे.
उन्होंने बताया कि यह बहुत ही भावुक क्षण था, खासकर तब जब इस नवविवाहित जोड़े ने चुंबन किया. उन्होंने बताया कि समारोह के अंत में बहुत से लोग मेरे पास आए और कहा कि आपने अच्छा काम किया है.
शादी कराने के बाद लिन को लगा कि उनकी ही शादी ख़तरे में पड़ गई है. उनके इस काम से उनकी पत्नी खुश नहीं थीं. उन्हें डर था कि लोग क्या कहेंगे. रविवार को जब वे चर्च में गए तो वहाँ के प्रमुख उपदेशक ने समलैंगिक शादी कराने के लिए लिन को अपमानित किया.
दुनिया का समर्थन

मगर लिन अपने किए पर दृढ़ थे. वह कहते हैं, ''मुझे यह सब अजीब लगता था. मैं जानता था कि मंडली में से कुछ लोग मेरा समर्थन करते हैं. इससे मैं थोड़ा आत्मसंतुष्ट था.''
फिर कुछ दिन बाद लिन को देश भर से नफरत से भरी चिट्ठियां मिलने लगीं. एक चिट्ठी तो उनके पास ऐसी भी पहुँची जिसके पते की जगह लिखा था,'गे हिप्पी मिनिस्टर, मिनियापोलिस'
उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया लेकिन अपील करने के बाद उन्हें रख लिया गया. बाद में लिन की शादी भी टूट गई लेकिन केवल इसी वजह से नहीं.
शादी के बाद जैक बेकर और माइक मैक्कोनल को ब्राज़ील से लेकर भारत तक से समर्थन वाली चिट्ठियाँ मिलीं.
यह जोड़ा आज भी मिनियापोलिस में रहता है. वे अपनी शादी को आज भी क़ानूनी मानते हैं क्योंकि उनकी शादी का लाइसेंस रद्द नहीं हुआ है.
यह जोड़ा आज मीडिया को साक्षात्कार नहीं देता लेकिन डेविड सुसकिंड के 1973 में प्रसारित शो में ही बेकर ने समलैंगिक शादी को लेकर अपना नजरिए पेश कर दिया था.
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