'चीन और रूस उत्तर कोरिया को अकेला नहीं छोड़ेंगे'

उत्तर कोरिया
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पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान का कहना है कि परमाणु टेक्नॉलॉजी के क्षेत्र में उत्तर कोरिया पाकिस्तान से बहुत आगे है और चीन और रूस उसे कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे.

बीबीसी उर्दू से बात करते हुए डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने कहा है कि रूस और चीन ने वियतनाम और अमरीका की लड़ाई में भी वियतनाम का साथ दिया था और अब वह उत्तर कोरिया को भी कभी अकेला नहीं छोड़ देंगे.

डॉक्टर ख़ान कहते हैं, "अगर ये सवाल किया कि क्या उत्तर कोरिया परमाणु टेक्नॉलॉजी बना सकता है या नहीं तो इसका जवाब है, हाँ, वे ऐसा कर सकते हैं."

मिसाइल कार्यक्रम

डॉक्टर ख़ान के मुताबिक़ इसका अनुमान उन्हें उत्तर कोरिया और पाकिस्तान के बीच मिसाइल कार्यक्रम को लेकर संपर्कों के दौरान उसके विशेषज्ञों से मुलाकात और साथ काम करते वक्त हुआ.

डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने बताया कि मिसाइल कार्यक्रम को लेकर उनका उत्तर कोरिया दो बार आना जाना हुआ. वे कहते हैं, "उनकी तकनीक पाकिस्तान से बहुत बेहतर है. उनके वैज्ञानिक बेहद समझदार हैं और अधिकांश रूस में ट्रेन्ड हैं."

ऑडियो कैप्शन, 'रूस और चीन उत्तर कोरिया को अकेला नहीं छोड़ेंगे'

हालांकि वे इस संभावना से इनकार करते हैं कि उत्तर कोरिया ने कभी पाकिस्तान की टेक्नॉलॉजी और अनुभव से कोई लाभ उठाया होगा.

वीडियो कैप्शन, परमाणु हमले की धमकियों के बीच जानिए उत्तर कोरिया और अमरीका की दुश्मनी कब शुरू हुई....

हाइड्रोजन बम का परीक्षण

वे कहते हैं, "सवाल ही पैदा नहीं होता, उनकी ओवर ऑल टेक्नॉलॉजी हमारी टेक्नॉलॉजी से बहुत बेहतर है. हमारी टेक्नॉलॉजी तो वही पुरानी तकनीक है जो अमरीकियों की थी, आम टेक्नॉलॉजी, हमने न कभी उनके परमाणु सेंटर्स नहीं देखे और न ही इस मुद्दे पर उनसे कभी बात ही की."

"हमने उनके साथ मिसाइल कार्यक्रम में भाग लिया था और ये बात सबको पता है और पाकिस्तानी सरकार ने खुद ये घोषणा की थी कि हमारा उनसे संपर्क था."

गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने दावा किया है कि उसने एक ऐसे हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया है जो एक परमाणु बम से कई गुना अधिक शक्तिशाली है.

वीडियो कैप्शन, जापान की नींद उड़ाने वाली मिसाइल

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