भारतीय जो एफ़बीआई की मोस्ट वांटेड सूची में है शामिल

एफ़बीआई की ओर से जारी भद्रेशकुमार की फ़ोटो.
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अमरीकी जांच एजेंसी एफबीआई ने 10 भगोड़ों की सूची जारी की है. इसमें भारतीय मूल के 26 साल के भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल का नाम भी शामिल है.

एफ़बीआई को 2015 में मैरीलैंड में हुई उनकी पत्नी की हत्या के मामले उनकी तलाश है.

इस सूची में शामिल लोगों के बारे में सूचना देने वालों के लिए एक लाख डॉलर का इनाम घोषित किया गया है.

भद्रेश कुमार और उनकी 21 साल की पत्नी पलक पटेल हैनवर के एक डोनट शॉप की नाइट शिफ्ट में काम करते थे. दुकान के मालिक उनके एक रिश्तेदार थे.

पत्नी की हत्या

भद्रेश पर आरोप है कि बारह अप्रैल 2015 की आधी रात से पहले इस दुकान के सामने जब ग्राहकों की भीड़ थी, उसी समय भद्रेश ने पलक की दुकान के पीछे चाकू घोंपकर हत्या कर दी और फरार हो गए.

जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि पलक पटेल वापस भारत लौटना चाहती थीं. उनका वीज़ा कई महीने पहले ही खत्म हो गया था. लेकिन भद्रेश इस इसके खिलाफ थे.

एफ़बीआई का लोगो.

इस मामले की जांच एफबीआई के बाल्टीमोर डिविजन के स्पेशल एजेंट जोनाथन शाफ़र ने की.

हालांकि इस मामले में हत्या की वजह अभी भी साफ़ नहीं है.

जोनाथन ने लिखा, '' अपराध के बाद भद्रेश का घटनास्थल से भाग जाना यह दिखाता है कि वो कितने शांत थे और कितने सुनियोजित तरीके से इसकी योजना बनाई.''

एफ़बीआई की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक घटना के बाद भद्रेश सड़कों पर टहलते हुए अपने अपार्टमेंट में गए, जहां वो अपनी पत्नी के साथ रहते थे. वहां से उन्होंने कुछ सामान और पैसा लिया और टैक्सी लेकर न्यू जर्सी के नेवार्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित एक होटल में गए.

जांच अधिकारी के मुताबिक़, भद्रेश ने तड़के तीन बजे होटल में चेक इन किया. उस समय उनके पास कोई सामान नहीं था. उन्होंने सुबह करीब 10 बजे होटल से चेक आउट किया.

होटल से निकलकर वो होटल की शटल से नेवार्क पेन स्टेशन गए. इसके बाद से भद्रेश को किसी ने भी नहीं देखा.

घटनास्थल से फरार

पलक की हत्या वाली रात जब एक ग्राहक दुकान में गया तो उसे लगा कि कहीं कुछ ग़लत है, क्योंकि उसका आर्डर लेने कोई नहीं आया. इसके बाद उन्होंने नजदीकी पुलिस को बताया. पुलिस ने आकर पलक का शव बरामद किया.

एफ़बीआई का अधिकारी

जांच अधिकारी के मुताबिक पलक को बहुत बुरी तरह से मारा गया था.

पटेल के देश छोड़कर भाग जाने की आशंका के बाद स्थानीय पुलिस ने इस मामले में एफबीआई से मदद मांगी.

घटना के कुछ दिन बाद भद्रेश के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया. इसमें उनपर मुकदमे का सामना करने से बचने के लिए फरार होने और पत्नी की हत्या का आरोप लगाया गया.

जांचकर्ता तीन संभावनाओं पर गौर कर रहे हैं, भद्रेश अपने किसी दूर के रिश्तेदार के साथ अमरीका में ही रह रहे हों या भागकर कनाडा चले गए हों या कनाडा होते हुए भारत चले गए हों.

जोनाथन शाफ़र कहते हैं कि एक लाख डॉलर के इनाम की घोषणा भद्रेश की गिरफ्तारी में मदद करेगी.

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