थाईलैंड के युवराज माहा वाजीरालोंग्कोर्न नए राजा घोषित

During the ceremony the crown prince paid tribute to his late father
इमेज कैप्शन, राज्याभिषेक के दौरान युवराज ने अपने दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि दी
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थाईलैंड के युवराज माहा वाजीरालोंग्कोर्न को देश का नया राजा घोषित कर दिया गया है.

वे अपने दिवंगत पिता और परम सम्मानित राजा पूमीपोन अदून्यदेत के बाद वो गद्दी पर बैठ रहे हैं.

थाईलैंड के नए राजा

उन्हें औपचारिक रूप से गद्दी पर बैठने के लिए आमंत्रित किया गया और एक विशेष समारोह में उनका अभिषेक किया गया.

टेलीविज़न पर प्रसारित एक संदेश में मौजूदा प्रधानमंत्री जनरल प्रायुत चैन-ओ-चा ने एलान किया कि नए राजा ने शालीनतापूर्वक गद्दी स्वीकार कर ली है.

इसके बाद संसद ने उन्हें आमंत्रित किया जिसके बाद अभिषेक की औपचारिक घोषणा हुई

King Bhumibol Adulyadej
इमेज कैप्शन, राजा पूमीपोन अदून्यदेत

राजा पूमीपोन अदून्यदेत की मृत्यु 13 अक्टूबर को हुई थी.

वो दुनिया में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले राजा रहे.

थाइलैंड में सात दशकों के राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान दिवगंत राजा को एकीकरण करने वाली शक्ति के रूप में देखा जाता था.

पिता राजा पूमीपोन के निधन के बाद ऐसी उम्मीद थी कि युवराज दूसरे ही दिन राजा बन जाएंगे. लेकिन प्रधानमंत्री प्रायुत चैन-ओ-चा ने उस वक़्त कहा था कि युवराज ने आधिकारिक घोषणा में देरी करने को कहा था ताकि वे अपने पिता की मृत्यु का शोक मना सकें.

Vajiralongkorn
इमेज कैप्शन, पिता की मृत्यु का शोक मनाने के लिए युवराज माहा वाजीरालोंग्कोर्न ने राज्याभिषेक में देरी करने को कहा था

वे राजा माहा वाजीरालोंग्कोर्न बोदिंद्रादेबायेवरांगकुन, चकरी राजवंश के 10वें सम्राट बन गए हैं. लेकिन उन्हें रामा 10 के नाम से भी जाना जाएगा.

राज्याभिषेक समारोह में मौजूद उच्च सरकारी व्यक्तियों में प्रधानमंत्री प्रायुत भी थे. उन्होंने कहा कि नए राजा देश का "हृदय और आत्मा" बनेंगे.

लेकिन ऐसी चिंता जताई जा रही है कि उन्हें उनके पिता जितना सम्मान नहीं मिलेगा, जिन्होंने 70 साल तक राज किया.

माहा वाजीरालोंग्कोर्न को युवराज की पदवी 1972 में दे दी गई थी जिसके बाद वे आधिकारिक तौर पर उत्तराधिकारी बन गए थे.

King Vajiralongkorn was formally given the title of Crown Prince in 1972, making him the official heir
इमेज कैप्शन, माहा वाजीरालोंग्कोर्न को युवराज की पदवी 1972 में दी गई

उनकी ख़्याति अपने पिता जैसी नहीं है और वे अपना ज़्यादातर समय विदेश में बिताते हैं.

माहा वाजीरालोंग्कोर्न के अभिषेक के बाद अनिश्चितता का वो दौर ख़त्म हो गया है जिसमें 96 साल के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रिवी परिषद के अध्यक्ष प्रेम टिनासुलानोन संरक्षक की भूमिका में थे.

हालांकि माहा वाजीरालोंग्कोर्न की ताजपोशी तब तक नहीं होगी जब तक राजा पूमीपोन का अंतिम संस्कार नहीं हो जाता, जोकि अगले साल होने की उम्मीद है.

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