पहले देखें गाड़ी का नंबर फिर चलाएं गाड़ी

दिल्ली प्रदूषण
    • Author, सलमान रावी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, नई दिल्ली
  • प्रकाशित

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए अब केजरीवाल सरकार वाहनों पर शिकंजा कस रही है.

सरकार ने दिल्ली की सड़कों से लगभग 50 प्रतिशत वाहनों को कम करने की योजना बनायी है.

इसके अलावा शहर के बदरपुर इलाक़े में स्थित एक थर्मल पवार इकाई को भी बंद करने का फ़ैसला किया गया है.

हाल ही में प्रदूषण पर चिंता जताते हुए हाई कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में रहना गैस चेंबर में रहने जैसा है. अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों से वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों पर 21 दिसंबर तक रिपोर्ट माँगी है.

दिल्ली में प्रदूषण

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद शुक्रवार को दिल्ली सरकार की आपात बैठक बुलाई गयी जिसमें यह भी तय किया गया कि शहर में अब अलग-अलग दिन के हिसाब से सम और विषम नंबरों की गाड़ियां चलेंगी.

सरकार के फ़ैसले की जानकारी देते हुए दिल्ली के मुख्य सचिव एनएन शर्मा का कहना था कि अब सड़कों को भी वैक्यूम क्लीनर से साफ़ करने की योजना बनाई जा रही है.

दिल्ली में प्रदूषण

दिल्ली पुलिस ने भी प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अपनी अलग रणनीति बनाई है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के विशेष आयुक्त मुक्तेश्वर चंदर ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि अब दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी भारी और हल्के वाहनों के प्रदूषण की जांच ज़्यादा कड़ाई से की जायेगी.

पर्यावरण और प्रदूषण के लिए काम करने वाली ग़ैर सरकारी संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरनमेंट (सीएसई) ने अपनी हाल की रिपोर्ट में कहा है कि सिर्फ दो महीनों के अंदर ही दिल्ली में वायु प्रदूषण में सात गुना बढ़ोतरी हुई है.

संस्था का कहना है कि दिल्ली में बढ़ रहा प्रदूषण बच्चों और बूढ़ों के लिए ज़्यादा खतरनाक है. संस्था की शोधकर्ता अनुमिता रायचौधरी कहती हैं कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में दर्ज किए गए प्रदूषण के आंकड़े और दिसंबर में दर्ज किए गए आंकड़ों की समीक्षा से चौंका देने वाली बात सामने आई है.

दिल्ली में प्रदूषण

ग्रीन पीस इंडिया नाम की एक अन्य संस्था ने एक हालिया शोध के बाद बताया कि शहर के स्कूलों में भी वायु प्रदूषण का स्तर भयावह स्तर पर पहुँच चुका है.

ग्रीन पीस के सुनील दहिया का कहना था कि एक स्कूल में तो इसका स्तर 600 एमपीएम तक दर्ज किया जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जो पैमाना बनाया है वो सिर्फ 25 एमपीएम का है.

बढ़ रहे वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार राजधानी से लगे हुए दादरी के इलाक़े में स्थित एक और विद्युत ताप घर को बंद करवाना चाहती है. दिल्ली सरकार का कहना है कि वो इस बारे में उत्तर प्रदेश सरकार से बातचीत कर रही है.

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