कश्मीरी प्रवासियों को 3000 नौकरियां, 6000 घर

कश्मीरी प्रवासी
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कश्मीरी प्रवासियों को 3,000 नौकरियां देने और घाटी में 6,000 अस्थाई निवास बनाने के प्रस्ताव को मंज़ूर किया है.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जम्मू के पहाड़ी क्षेत्रों से विस्थापित लोगों के लिए सहायता राशि को भी बढ़ाया गया है.

इस प्रस्ताव के अनुसार कश्मीरी प्रवासियों पर किया जाने वाला कुल ख़र्च 2,000 करोड़ का होगा.

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीरी प्रवासियों को राज्य सरकार की अतिरिक्त 3,000 नौकरियां दी जाएंगी, जिस पर होने वाला ख़र्च केंद्र वहन करेगा.

जिन कश्मीरी प्रवासियों को राज्य सरकार की नौकरी दी जाएगी, उन्हें घाटी में अस्थाई निवास भी दिए जाएंगे. इस पर होने वाला ख़र्च भी केंद्र सरकार वहन करेगी.

बड़गाम, अस्थाई निवास

सरकारी नौकरियां देने से सरकारी ख़ज़ाने पर 1080 करोड़ रुपए और अस्थाई निवास पर 920 करोड़ रुपए का ख़र्च आएगा जिसमें से 200 करोड़ ज़मीन ख़रीदने और 720 करोड़ निर्माण पर लगेंगे.

सरकार के पास कश्मीरी पंडितों के 62,000 परिवार पंजीकृत हैं जिनमें से 39,000 जम्मू, 19,000 दिल्ली और बाकी देश के अन्य स्थानों में रहते हैं.

इससे पहले 2008 में कश्मीरी प्रवासियों की घाटी में वापसी सुनिश्चित करने के लिए 1618.40 करोड़ के पैकेज की घोषणा की गई थी.

कश्मीरी प्रवासियों को दी जाने वाली राज्य सरकार की 3,000 नौकरियों में से 1963 पहले ही दी जा चुकी हैं और बाकी के लिए प्रक्रिया जारी है.

कश्मीर घाटी में करीब 470 अस्थाई स्कूल बनाए जा चुके हैं जो हाल ही में नौकरी पाने वाले प्रवासियों के परिवारों को आवंटित किए जा चुके हैं.

कश्मीरी पंडितों के उजड़े हुए मकान
इमेज कैप्शन, घाटी के 62,000 विस्थापित कश्मीरी पंडित परिवार सरकार के पास पंजीकृत हैं.

मंत्रिमंडल ने जम्मू के पहाड़ी इलाक़ों के प्रवासियों के लिए आर्थिक सहायता को 400 प्रतिशत बढ़ाकर उसे कश्मीरी प्रवासियों के बराबर करने का फ़ैसला भी किया है.

अब 1,054 परिवारों को (हर महीने) 2,500 रुपए प्रति व्यक्ति मिलेगा जिससे सरकार पर 13.45 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष का ख़र्च पड़ेगा. हालांकि प्रति परिवार अधिकतम 10,000 रुपए मिलने की सीमा भी लागू रहेगी.

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