गैस हॉकर से लेकर टेलर तक हैं मैदान में

बिहार, गैस वितरक, उम्मीदवार
    • Author, सीटू तिवारी
    • पदनाम, पटना से, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

उनका दिन सुबह-सुबह शुरू हो जाता है. सुबह पांच बजे छोटे लाल महतो घर से अपनी साइकिल पर निकल जाते हैं और किशनगंज के छूरी पट्टी इलाके के आस-पास प्रचार करते हैं.

पेशे से गैस वेन्डर छोटे लाल तकरीबन सुबह साढ़े 9 बजे तक अपने घर लौट आते हैं और रसोई गैस बांटने का काम शुरू कर देते हैं. काम निपटाकर शाम पांच बजे से वह फिर प्रचार पर निकल पड़ते हैं.

38 साल के छोटे लाल महतो किशनगंज विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार हैं. वह वन-मैन आर्मी की तर्ज पर अकेले ही प्रचार में जुटे हुए हैं.

छोटे लाल महतो

छोटे लाल का कहना है, “चुनाव पांच साल में एक बार होता है. बड़े-बड़े नेता आते हैं और वायदे करके लौट जाते हैं. हमारी ज़िंदगी में क्या बदलाव होता है, कुछ भी नहीं? मैं इसी गरीब आदमी का जीवन बदलना चाहता हूं.”

अपने छूरी पट्टी इलाके में विधायक जी के नाम से मशहुर छोटे लाल महतो 2002 से ही चुनाव लड़ रहे हैं. 2002 में उन्होंने स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ा, जिसमें वह 189 वोट से हार गए.

बाद में उन्होंने विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी अपनी किस्मत आजमाई.

बार-बार चुनाव हारने के सवाल पर वह कहते है, “मैं बैठूंगा नहीं, लड़ता रहूंगा और मुझे उम्मीद है कि एक दिन मैं ऐतिहासिक जीत हासिल करूंगा.”

शनिचरी देवी

छोटे लाल महतो की तरह ही 34 साल की शनिचरी देवी दरभंगा ग्रामीण विधानसीट से चुनाव लड़ रही हैं. शनिचरी खेत मजदूर हैं.

शनिचरी देवी से जब हमने फोन पर पूछा कि आप खेत मजदूरी करती हैं क्या?

वह पहले तो हंसी, फिर कहा, “आजकल हम मजदूरी नहीं करते, अभी नेतागिरी में व्यस्त हैं.”

मुसहर समुदाय से आने वाली शनिचरी भाकपा माले की दरभंगा ग्रामीण से उम्मीदवार हैं. शनिचरी पहले भी वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ चुकी हैं.

वह कहती हैं, “ गांव से मज़दूर पलायन रोकना, आंगनबाड़ी की बहनों को उनका अधिकार, नौजवानों को रोज़गार का सवाल हम अपनी मीटिंग में उठा रहे है.”

शनिचरी और उनके पति ने अशोक कुमार ट्रेन, टेम्पो के सहारे चुनाव प्रचार किया है.

अशोक कहते हैं, “पैसा कहां है. कभी ट्रेन से जाते थे, कभी टैम्पो से और जब पैसे नहीं होते तो पैदल भी गांव-गांव घूमते.”

शिव नारायण तांती ने शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ा है.

शिव नारायण तांती

वह पेशे से दर्जी हैं और सुपर टेलर नाम की छोटी से दुकान शेखपुरा में चलाते हैं.

पेशे से मजदूर 35 साल के मनोहर मंडल ने नाथनगर से चुनाव लड़ा है. उन्होंने अपने मजदूर संगठन की महिला मज़दूरों से 50 रुपये और पुरुष मजदूरों से 100 रुपये चंदा लेकर चुनाव लड़ा है.

बिहार चुनाव जहां धनबल और बाहुबल पर चिंता जताई जा रही है, वहां इन उम्मीदवारों का चुनाव में खड़ा होना लोकतंत्र की ताकत को बताता है.

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